🪔 Diwali Maha Offer Class 10 & 12 Bundles @ ₹299 ₹599
Ends in:
03d
14h
35m
40s

NIOS Class 12 Home Science Chapter 9 खाद्य परिरक्षण

NIOS Class 12 Home Science Chapter 9 खाद्य परिरक्षण Solutions Hindi Medium to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Home Science Chapter 9 खाद्य परिरक्षण Notes and select need one. NIOS Class 12 Home Science Chapter 9 खाद्य परिरक्षण Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Home Science Notes Paper 321.

NIOS Class 12 Home Science Chapter 9 खाद्य परिरक्षण

Also, you can read the NIOS book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per National Institute of Open Schooling (NIOS) Book guidelines. These solutions are part of NIOS All Subject Solutions. Here we have given NIOS Class 12 Home Science Chapter 9 खाद्य परिरक्षण, NIOS Senior Secondary Course Home Science Solutions in Hindi Medium for All Chapter, You can practice these here.

Chapter: 9

मॉड्यूल – 2 खाद्य व पोषण

पाठगत प्रश्न 9.1

1. टमाटर पर सूक्ष्म जीवाणुओं के प्रभाव को रोकने में निम्न में से कौन सा सहायक नहीं होगा?

(i) उबलते पानी में रखना।

(ii) फ्रीजर में रखना।

(iii) आलमारी में रखना।

उत्तर: (iii) आलमारी में रखना।

2. सूक्ष्म जीवाणुओं के प्रभाव को विलम्बित करने के चार तरीके बताएं।

उत्तर: (i) छिलका नहीं उतारें।

(ii) सेबों को पॉलीथीन/एल्युमिनियम की पन्नी में पैक करें।

(iii) रेफ्रीजरेटर में रखें।

(iv) जैम बना लें।

3. परिरक्षण और शेल्फ लाईफ को परिभाषित करें।

उत्तर: परिरक्षण (Preservation): खाद्य परिरक्षण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा खाद्य पदार्थों को उनकी सही तथा अच्छी अवस्था में ही काफी लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। खाद्य परिरक्षण खाद्य पदार्थ को संसाधित (process) करने का एक तरीका है ताकि उसे खराब होने से बचाया जा सके और भविष्य में उसे उपभोग के लिए ठीक स्थिति में रखा जा सके। खाद्य पदार्थों को खराब होने से बचाने के लिए उनका परिरक्षण (Preservation) किया जाता है। दूध को उबालना एक सरल परिरक्षण कार्य हो सकता है, या आम या नीबू का अचार बनाना एक जटिल कार्य हो सकता है।

शेल्फ लाईफ (Shelf life): खाद्य पदार्थ की ‘शेल्फ लाईफ’ (shelf life) का अर्थ उस समयावधि से है जिसमें भोजन को दोबारा मनुष्य के उपभोग के लिए सही रखा जा सकता है। खाद्य को परिरक्षित करके, उस खाद्य पदार्थ की ‘शेल्फ लाईफ’ बढ़ा दी जाती है। खाद्य पदार्थों की ‘शेल्फ लाईफ’ को बढ़ाना परिरक्षण की आवश्यकताओं में से एक है।

पाठगत प्रश्न 9.2

1. शर्बत बनाने में सामान्यतया प्रयुक्त परिरक्षक है-

(i) (KS) के.एस.।

(ii) (KSM) के.एस.एम.।

(iii) (KMS) के.एम.एस।

उत्तर: (iii) (KMS) के.एम.एस।

2. अचार में तेल का कार्य है-

(i) सूक्ष्म जीवाणुओं के प्रभाव को विलम्बित करना।

(ii) सूक्ष्म जीवाणुओं को मारना।

(iii) सूक्ष्म जीवाणुओं के प्रभाव को रोकना।

(iv) एन्जाइम के प्रभाव को रोकना।

उत्तर: (iii) सूक्ष्म जीवाणुओं के प्रभाव को रोकना।

3. परिरक्षण में जमाने का कार्य होता है-

(i) सूक्ष्म जीवाणुओं का प्रभाव विलम्बित करना।

(ii) सूक्ष्म जीवाणुओं को मारना।

(iii) सूक्ष्म जीवाणुओं का प्रभाव रोकना।

(iv) एन्जाइम के प्रभाव को रोकना।

उत्तर: (iii) सूक्ष्म जीवाणुओं का प्रभाव रोकना।

4. आम का अचार तैयार करने की विधि लिखें।

उत्तर: आम को धो लें, साफ कपड़े से पोंछ लें, टुकड़ों में काट लें, नमक और मसाले मिलायें, साफ मर्तबान में रखें; तेल से ढक लें, मर्तबान बंद करके रखें।

5. मेथी के पत्ते को जमाने की विधि लिखें।

उत्तर: मेथी को अच्छे से धो लें, पत्तियाँ और मुलायम डंठल तोड़ लें, छोटे पॉलीथीन बैगों में पैक करें और सील कर दें, फ्रीजर में रख दें।

पाठान्त प्रश्न

1. खाद्य परिरक्षण क्या है?

उत्तर: खाद्य परिरक्षण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा खाद्य पदार्थों को उनकी सही तथा अच्छी अवस्था में ही काफी लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। खाद्य परिरक्षण खाद्य पदार्थ को संसाधित (process) करने का एक तरीका है ताकि उसे खराब होने से बचाया जा सके और भविष्य में उसे उपभोग के लिए ठीक स्थिति में रखा जा सके। यह दूध को उबालने जैसा सरल काम हो सकता है, या आम या नींबू का अचार बनाने जैसा जटिल काम हो सकता है।

2. खाद्य परिरक्षित करने के चार कारण बताएं।

उत्तर: खाद्य पदार्थों को परिरक्षित करने की आवश्यकता या कारण निम्नलिखित हैं-

(i) खाद्य पदार्थों की ‘शेल्फ लाईफ’ को बढ़ाना।

(ii) नए उत्पाद जैसे जैम, पापड़, अचार आदि बनाना। (ये खाद्य पदार्थ वर्ष भर सभी पसंद करते हैं।)

(iii) परिरक्षण करने के उपरांत खाद्य पदार्थ का आयतन घट जाता है जिससे उसे भंडारित करना और आवागमन सरल हो जाता है। (उदाहरण के लिए, 1 कि.ग्रा. गाजर 1 कि.ग्रा. गाजर के मुरब्बे से कहीं अधिक स्थान घेरती है।)

(iv) मौसमी फल या सब्जी जब स्वादिष्ट और सस्ती हो, उस समय ही उसे भंडारित कर लेना चाहिए।

3. निम्न खाद्य पदार्थों के परिरक्षण के लिए सर्वाधिक उचित विधि बताएं और उसका औचित्य बताएं।

(क) संतरे का रस।

उत्तर: सर्वाधिक उचित विधि: शरबत बनाना।

औचित्य: शरबत तैयार करने के लिए, फल के रस को चीनी के घोल में मिलाया जाता है। इसमें पोटैशियम मेटा-बाइ-सल्फाइट (KMS) जैसे रसायन मिलाए जाते हैं। यह विधि सूक्ष्म जीवाणुओं की वृद्धि को रोकने में सहायक होती है। शरबत को जीवाणु रहित (Sterilization) बोतल में ऊपर से थोड़ी जगह छोड़कर भरकर, कसकर बंद कर दिया जाता है।

(ख) कच्चा आम।

उत्तर: सर्वाधिक उचित विधि: नमक, मसाले और/या तेल के साथ अचार डालना।

औचित्य: अचार डालने की विधि में नमक और मसाले मिलाए जाते हैं, जो खाद्य पदार्थ से पानी सोख लेते हैं, जिससे सूक्ष्म जीवाणु पनप नहीं सकते। इसके अतिरिक्त, अचार को तेल की एक परत से ढका जाता है, जो खाद्य पदार्थ को हवा के संपर्क में आने से रोकती है और इस प्रकार सूक्ष्म जीवाणुओं के प्रवेश को रोकती है।

(ग) सेब।

उत्तर: सर्वाधिक उचित विधि: जैम बनाना।

औचित्य: जैम बनाने के लिए फल के गूदेदार भाग को पर्याप्त मात्रा में चीनी के साथ उबाला जाता है। उबालने से यह गाढ़ा मिश्रण बनता है। यह प्रक्रिया ऊष्मा के माध्यम से उसमें उपस्थित सूक्ष्म जीवाणुओं को मारती है।

(घ) आलू।

उत्तर: सर्वाधिक उचित विधि: सुखाना या निर्जलीकरण (जैसे आलू के चिप्स बनाना)।

औचित्य: सुखाने या निर्जलीकरण से खाद्य पदार्थ में उपस्थित आर्द्रता का स्तर कम हो जाता है, जिससे सूक्ष्म जीवाणु पनप नहीं पाते हैं और एंजाइम की क्रियाशीलता रुक जाती है। इसके अलावा, सूखे भोज्य पदार्थ ज्यादा आसानी से इधर-उधर भेजे और भंडारित किए जा सकते हैं। आलू के चिप्स को धूप में सुखाकर संरक्षित किया जाता है

(ङ) गाजर।

उत्तर: सर्वाधिक उचित विधि: जमना (Freezing) या मुरब्बा बनाना।

औचित्य (जमना): जब गाजर को फ्रीजर में रखा जाता है, तो हम वास्तव में सूक्ष्म जीवाणुओं को वृद्धि करने से रोकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सूक्ष्म जीवाणु कम तापमान पर क्रियाशील नहीं होते हैं। गाजर को पहले ब्लांचिंग (गर्म पानी में डुबोना) करके फिर जमाया जा सकता है।

(औचित्य के लिए वैकल्पिक विधि: मुरब्बा बनाना): गाजर का मुरब्बा बनाने के लिए फल को चीनी के घोल में उबाला जाता है जब तक वह नरम न हो जाए। यह विधि सूक्ष्म जीवाणुओं को मारकर और चीनी के सांद्रण (concentration) द्वारा परिरक्षण करती है।

NEW VIDEO CLASS

Subject Ka Complete Video Solution Dekhein

Step-by-step easy concept explanation aur full questions Answer ke liye watch karein ya app download karein:

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll to Top