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NIOS Class 12 Geography Chapter 5 जल चक्र और महासागर
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जल चक्र और महासागर
Chapter: 5
| TEXTUAL QUESTION ANSWER |
पाठगत प्रश्न 5.1
1. सरंध्रता क्या है?
उत्तर: सरंध्रता चट्टानों के भीतर खुले स्थान का माप है। यह स्थान चट्टान कणों के बीच या चट्टान की दरारों या गुहाओं के भीतर हो सकता है।
2. जल बजट को परिभाषित कीजिए
उत्तर: जल बजट पानी की आपूर्ति की उपलब्धता और स्थिरता का मूल्यांकन करने के लिए एक आधार प्रदान करता है।
3. जल चक्र में शामिल प्रक्रियाओं के नाम लिखिए।
उत्तर: वाष्पीकरण, संघनन, वर्षा, अवरोधन, अंत: स्पंदन, अंतः स्रवण, वाष्पोत्सर्जन, अपवाह और भंडारण।
4. जलभृत किन्हें कहते हैं?
उत्तर: भू-जल पारगम्य चट्टान, चट्टान के बीच दरारों या असमेकित सामग्री की भूमिगत परत को जलभृत के रूप में जाना जाता है। पानी का अच्छी तरह से उपयोग करके भूजल निकाला जा सकता है। जलभृतों के प्रवाह के अध्ययन से संबंधित अध्ययन को जल भू विज्ञान (हाइड्रोजियोलॉजी) के रूप में जाना जाता है।
पाठगत प्रश्न 5.2
1. महाद्वीपीय ढाल क्या है?
उत्तर: महाद्वीपीय ढला महाद्वीपीय किनारा और महाद्वीपीय उभार के बीच संयोजन है।
2. सागर की गौण उच्चावच विशेषताओं के नाम लिखिए।
उत्तर: सागर की गौण उच्चावच विशेषताओं के नाम है:
पहाड़ी उभार, सी माउंट, गहरी खाइयाँ, गयोट, कोरल रीफ, एटोल।
3. महासागरीय उच्चावच की प्रमुख विशेषताएं क्या है?
उत्तर: महासागरीय उच्चावच की प्रमुख विशेषताएं है:
महाद्वीपीय किनारा, महाद्वीपीय ढाल, महाद्वीपीय उभार, गहरे समुद्र का मैदान या रसातल मैदान
4. महासागरीय उच्चावच की प्रमुख विशेषताएं क्या है?
उत्तर: खाई अपेक्षाकृत लंबी, खड़े ढाल वाली संकीर्ण बेसिन हैं। ये सभी आकृतियाँ मिलकर महासागरों के तल को असमतल और विविध रूपों से युक्त बनाती हैं। खाइयाँ (Trenches) पृथ्वी के सबसे गहरे स्थल हैं, जहाँ सूर्य का प्रकाश नहीं पहुँचता और दबाव अत्यंत अधिक होता है।
5. भारत में कौन-सा द्वीप प्रवाल भित्तियों पर बना हुआ है?
उत्तर: लक्षद्वीप द्वीप समूह।
पाठगत प्रश्न 5.3
1. सागर के तापमान के मुख्य निर्धारक क्या है?
उत्तर: अक्षांश, प्रचलित हवाएं, भूमि और जल का असमान वितरण, वाष्पीकरण की मात्रा, पानी का धनत्व और महासागरीय धाराएं सागर के तापमान के मुख्य निर्धारक है।
2. प्रचलित हवाएं किस प्रकार सागरीय जल के तापमान को निर्धारित करती हैं।
उत्तर: प्रचलित हवाओं की दिशा जैसे कि व्यापारिक पवने, पछुवा पवन आदि, एक बिंदु पर समुद्र के पानी की सतह के तापमान को निर्धारित करती हैं।
3. सागरीय तापमान का औसत वार्षिक तापमान का क्षेत्र क्या है?
उत्तर: 12 डिग्री सेल्सियस।
4. तापमान के आधार महासागर को विभाजित करने वाले तीन क्षेत्रों के नाम लिखिए।
उत्तर: तापमान के आधार महासागर को विभाजन सतह क्षेत्र या मिश्रित क्षेत्र, थर्मोक्लाइन और गंभीर क्षेत्र ।
5. ताप प्रणवता को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: ताप प्रवणता (Thermocline) महासागर की वह मध्य परत है जो सतही गर्म पानी और गहरे ठंडे पानी के बीच लगभग 100 मीटर से 1000 मीटर की गहराई पर पाई जाती है। इस परत में गहराई बढ़ने के साथ तापमान बहुत तेजी से घटता है, जबकि ऊपर और नीचे की परतों में तापमान अपेक्षाकृत स्थिर रहता है।
पाठगत प्रश्न 5.4
1. महासागरों की लवणता के निर्धारक क्या है?
उत्तर: वाष्पीकरण, तापमान, वर्षा, महासागर धाराएं, अलवणीय जल का मिश्रण।
2. महासागरीय धाराएं महासागर की लवणता को कैसे निर्धारित करती है?
उत्तर: महासागरीय धाराएँ महासागरीय जल में घुले लवणों के स्थानिक वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
3. उच्च अक्षांशों पर लवणता और गहराई में क्या सम्बन्ध होता है।
उत्तर: उच्च अक्षांशों पर, लवणता बढ़ती गहराई के साथ बढ़ती हुई पाई जाती है।
पाठगत प्रश्न 5.5
1. दैनिक ज्वार क्या है?
उत्तर: दैनिक ज्वार वह ज्वार है जो प्रत्येक दिन एक उच्च ज्वार और एक निम्न ज्वार के साथ होता है। क्रमिक उच्च और निम्न ज्वार लगभग समान ऊंचाई वाले होते हैं।
2. अपसौर स्थिति को परिभाषित कीजिये।
उत्तर: यह वह स्थिति है जब पृथ्वी सूर्य से सबसे दूर होती है (4 जुलाई के आसपास)। इस अवधि के दौरान ज्वारीय रेंज औसत ऊंचाई से बहुत कम होगी।
3. किस स्थिति में पृथ्वी सूर्य के सबसे करीब होती है तथा ये स्थिति असामान्य रूप से उच्च और निम्न ज्वार का कारण बनती है। नाम बताइए।
उत्तर: पृथ्वी जब सूर्य के सबसे करीब होती है, उस स्थिति को उपसौर (पेरिहेलियन) कहते हैं, और यह आमतौर पर 3 जनवरी को होती है. यह स्थिति ऊँचे और निम्न ज्वार (वसंत और उपसौर ज्वार) दोनों में योगदान देती है क्योंकि सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल प्रभावी होता है.
4. हिन्द महासागरीय धाराओं के नाम लिखिए।
उत्तर: हिन्द महासागरीय धाराओं के नाम उत्तर-पूर्व मानसून ड्रिफ्ट और दक्षिण पश्चिम मानसून डिफ्ट।
5. अटलांटिक महासागर की गर्म धाराओं के नाम लिखिए।
उत्तर: अटलांटिक महासागर की गर्म धाराएँ:
(i) उत्तर भूमध्यरेखीय धारा (North Equatorial Current)
(ii) दक्षिण भूमध्यरेखीय धारा (South Equatorial Current)
(iii) भूमध्यरेखीय प्रति धारा (Equatorial Counter Current)
(iv) गल्फ स्ट्रीम (Gulf Stream)
(v) फ्लोरिडा धारा (Florida Current)
(vi) ब्राजील धारा (Brazil Current)
6. प्रशांत महासागर की ठंडी धाराओं के नाम लिखिए।
उत्तर: प्रशांत महासागर की ठंडी धाराओं के नाम निम्नलिखित हैं:
(i) प्रमुख ठंडी धाराए धारा।
(ii) क्यूराइल या ओयाशिवो धारा।
(iii) कैलिफोर्निया धारा।
(iv) अंटार्कटिक परिध्रुवीय धारा है।
| पाठांत प्रश्न |
1. जल चक्र क्या है? जल चक्र की प्रक्रिया को चित्रात्मक रूप से समझाएं।
उत्तर: जल चक्र पृथ्वी पर जल के चक्रीय प्रवाह को दर्शाता है, जिसमें जल विभिन्न रूपों में परिवर्तित होता है और विभिन्न स्थानों पर जमा होता है। जल चक्र की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
(i) वाष्पीकरण: सूर्य की ऊर्जा से जल वाष्प में परिवर्तित होता है।
(ii) संघनन: वायुमंडल में जल वाष्प ठंडा होकर संघनित होता है और बादल बनाता है।
(iii) वर्षा: बादलों से जल वर्षा के रूप में पृथ्वी पर गिरता है।
(iv) अवक्षेपण: वर्षा का जल पृथ्वी की सतह पर जमा होता है और नदियों, झीलों और महासागरों में बहता है।
(v) भूमिगत जल: वर्षा का जल भूमि में रिसकर भूमिगत जल का हिस्सा बनता है।

जल चक्र की प्रक्रिया को चित्रात्मक रूप से समझाने के लिए एक चित्र बनाया जा सकता है जिसमें इन चरणों को दर्शाया जा सकता है:
(i) सूर्य की ऊर्जा से जल वाष्पीकरण।
(ii) वायुमंडल में जल वाष्प का संघनन और बादल निर्माण।
(iii) वर्षा के रूप में जल का पृथ्वी पर गिरना।
(iv) अवक्षेपण और जल का नदियों, झीलों और महासागरों में बहना।
(v) भूमिगत जल का निर्माण।
2. समुद्र तल की प्रमुख उच्चावच विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर: समुद्र तल की प्रमुख उच्चावच विशेषताएं महाद्वीपीय शेल्फ, महाद्वीपीय ढलान, गहरे समुद्र के मैदान, मध्य-महासागरीय कटक, समुद्री पर्वत, गयोट, खाइयां, और घाटियां हैं। ये विशेषताएं टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि, ज्वालामुखी विस्फोट, कटाव और तलछट के जमाव जैसी प्रक्रियाओं के कारण बनती हैं।
समुद्र तल की प्रमुख उच्चावच विशेषताओं का वर्णन निम्नलिखित है:
(i) महाद्वीपीय शेल्फ: यह महाद्वीप का एक उथला, सपाट किनारा है जो समुद्र के किनारे से शुरू होता है और धीरे-धीरे समुद्र की ओर ढलान वाला होता है।
(ii) महाद्वीपीय ढलान: यह महाद्वीपीय शेल्फ से गहरे समुद्र के मैदान की ओर एक तेज ढलान वाला क्षेत्र है।
(iii) गहरे समुद्र के मैदान: ये महासागरों के सबसे गहरे और सबसे समतल क्षेत्र हैं।
(iv) मध्य-महासागरीय कटक: ये समुद्र तल में लंबी, उभरी हुई पर्वत श्रृंखलाएं हैं जो टेक्टोनिक प्लेटों के अलग होने के कारण बनती हैं।
(v) समुद्री पर्वत: ये ज्वालामुखी गतिविधि से बने पहाड़ हैं जो समुद्र तल से ऊपर उठते हैं।
(vi) गयोट: ये सपाट शीर्ष वाले समुद्री पर्वत हैं जो कटाव के कारण बनते हैं।
(vii) खाइयां: ये समुद्र तल में सबसे गहरी, संकीर्ण घाटियां हैं जो टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने के कारण बनती हैं।
(viii) घाटियां: ये समुद्र तल में लंबी, संकीर्ण घाटियां हैं जो नदियों या अन्य कटाव प्रक्रियाओं द्वारा बनाई जाती हैं।
3. ज्वार क्या है? ज्वार निर्माण के तंत्र का वर्णन कीजिए।
उत्तर: ज्वार समुद्र के जल स्तर में एक नियमित और चक्रीय परिवर्तन है, जो पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बलों के कारण होता है।
ज्वार निर्माण के तंत्र का वर्णन निम्नलिखित है:
ज्वार के कारण:
(i) चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल: चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी के जल को अपनी ओर आकर्षित करता है, जिससे जल स्तर में उभार आता है।
(ii) सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल: सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल भी पृथ्वी के जल को आकर्षित करता है, लेकिन चंद्रमा की तुलना में इसका प्रभाव कम होता है।
ज्वार के प्रकार:
(i) उच्च ज्वार: जब चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल एक ही दिशा में कार्य करते हैं, तो जल स्तर अधिक ऊंचा होता है।
(ii) निम्न ज्वार: जब चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल विपरीत दिशाओं में कार्य करते हैं, तो जल स्तर कम होता है।
ज्वार चक्र:
(i) ज्वार चक्र: ज्वार चक्र लगभग 12 घंटे और 25 मिनट का होता है, जिसमें दो उच्च ज्वार और दो निम्न ज्वार होते हैं।
4. तापमान के ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज वितरण को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: तापमान का ऊर्ध्वाधर वितरण ऊंचाई के साथ तापमान में परिवर्तन को संदर्भित करता है, जबकि क्षैतिज वितरण किसी क्षेत्र में तापमान के स्थानिक वितरण को संदर्भित करता है।
ऊर्ध्वाधर वितरण: सामान्य तौर पर, ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान घटता है।
इसे सामान्य ह्रास दर कहा जाता है, जो क्षोभमंडल में लगभग 6.5 डिग्री सेल्सियस प्रति किलोमीटर होती है।
यह कमी मुख्य रूप से पृथ्वी की सतह से दूर जाने पर सौर विकिरण की मात्रा में कमी के कारण होती है।
हालांकि, यह दर मौसम, अक्षांश और अन्य कारकों के आधार पर बदल सकती है।
क्षैतिज वितरण: क्षैतिज वितरण अक्षांश, महासागर धाराओं, हवाओं, और भूमि और जल के वितरण जैसे कारकों से प्रभावित होता है।
भूमध्य रेखा के पास तापमान अधिक होता है और ध्रुवों की ओर घटता जाता है।
महासागरों का तापमान महाद्वीपों की तुलना में अधिक समान होता है।
महासागरीय धाराएं तापमान के क्षैतिज वितरण को प्रभावित करती हैं, गर्म धाराएं तटों को गर्म करती हैं और ठंडी धाराएं तटों को ठंडा करती हैं।
भूमि की सतह पानी की सतह की तुलना में तेजी से गर्म होती है, जिससे तटीय क्षेत्रों में तापमान का दैनिक परिसर कम होता है।
5. लवणता के निर्धारण कारक क्या हैं?
उत्तर: लवणता के निर्धारण कारक निम्नलिखित हैं:
(i) वाष्पीकरण: अधिक वाष्पीकरण वाले क्षेत्रों में लवणता अधिक होती है, क्योंकि जल वाष्प में परिवर्तित हो जाता है और लवण पीछे रह जाता है।
(ii) नदी जल का प्रवाह: नदी जल के प्रवाह से लवणता कम हो सकती है, क्योंकि नदी जल में लवण की मात्रा कम होती है।
(iii) हिमनदों का पिघलना: हिमनदों के पिघलने से लवणता कम हो सकती है, क्योंकि हिमनदों में लवण की मात्रा कम होती है।
(iv) वर्षा: अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में लवणता कम हो सकती है, क्योंकि वर्षा जल में लवण की मात्रा कम होती है।
(v) महासागरीय धाराएं: महासागरीय धाराएं लवणता को प्रभावित कर सकती हैं, क्योंकि वे विभिन्न लवणता वाले जल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा सकती हैं।
6. विभिन्न प्रकार के ज्वार-भाटे का वर्णन कीजिए।
उत्तर: ज्वार-भाटे के प्रकार निम्नलिखित हैं:
(i) उच्च ज्वार (स्प्रिंग टाइड): जब चंद्रमा और सूर्य एक ही दिशा में होते हैं और उनके गुरुत्वाकर्षण बल एक साथ कार्य करते हैं, तो उच्च ज्वार आता है।
(ii) निम्न ज्वार (नीप टाइड): जब चंद्रमा और सूर्य विपरीत दिशाओं में होते हैं और उनके गुरुत्वाकर्षण बल एक दूसरे को कम कर देते हैं, तो निम्न ज्वार आता है।
(iii) दैनिक ज्वार (डायर्नल टाइड): जब एक दिन में एक उच्च ज्वार और एक निम्न ज्वार आता है, तो इसे दैनिक ज्वार कहते हैं।
(iv) अर्ध-दैनिक ज्वार (सेमीडायर्नल टाइड): जब एक दिन में दो उच्च ज्वार और दो निम्न ज्वार आते हैं, तो इसे अर्ध-दैनिक ज्वार कहते हैं।

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