UP Board Class 12 Computer Chapter 8 ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters UP Board Class 12 Computer Chapter 8 ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग Notes and select need one. UP Board Class 12 Computer Chapter 8 ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग Question Answers Download PDF. UP Board Study Material of Class 12 Computer.
UP Board Class 12 Computer Chapter 8 ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग
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ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग
Chapter: 8
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंकः)
1. OOP को समझाइए।
उत्तर: यह ऑब्जेक्ट पर आधारित है, जिसकी सहायता से हम किसी क्लास के डाटा को क्लास के बाहर भी एक्सेस कर सकते हैं।
2. ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग भाषा के कोई दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर: C++ तथा JAVA.
3. ऑब्जेक्ट की एक वाक्य में व्याख्या कीजिए।
उत्तर: किसी भी क्लास के डाटा तथा फंक्शन्स को एक्सेस करने के लिए ऑब्जेक्ट का प्रयोग किया जाता है।
4. क्लास की व्याख्या केवल एक वाक्य में कीजिए।
उत्तर: क्लास, डाटा तथा फंक्शन्स का संयोजन रूप है। क्लास एक यूजर डिफाइन डेटा टाइप है।
5. इनहेरिटेन्स क्या है?
उत्तर: वह प्रक्रिया, जिसके द्वारा एक क्लास के ऑब्जेक्ट, दूसरी क्लास के ऑब्जेक्ट को प्राप्त कर सकते हैं, इनहेरिटेन्स कहलाता है।
6. ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग भाषा के कोई दो उपयोग लिखिए।
उत्तर: ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग भाषा के निम्न दो उपयोग हैं-
(i) एक्सपर्ट सिस्टम में।
(ii) रियल टाइम सिस्टम में।
लघु उत्तरीय प्रश्न I (2 अंक)
1. उदाहरण सहित ऑब्जेक्ट का अर्थ समझाइए।
उत्तर: कोई ऑब्जेक्ट, ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग का मुख्य आधार होता है। किसी भी क्लास में डाटा व फंक्शन को घोषित करने के लिए ऑब्जेक्ट को ध्यान में रखा जाता है। वास्तव में, ऑब्जेक्ट क्लास के वैरिएबल होते हैं। ऑब्जेक्ट के बिना क्लास में किसी भी डाटा का कोई मान नहीं होता। ऑब्जेक्ट मेमोरी में स्थान घेरते हैं, जिनका मेमोरी में एक निश्चित एड्रेस होता है। उदाहरण-टी.वी., कम्प्यूटर आदि सभी ऑब्जेक्ट्स हैं।
2. क्लास से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: डाटा तथा उससे सम्बन्धित फंक्शनों के समूह को क्लास कहते हैं। क्लास एक यूजर-डिफाइण्ड डाटा टाइप है। एक बार क्लास बनाने के पश्चात् हम उस क्लास के अनेक ऑब्जेक्ट्स बना सकते हैं। समान गुणों के आधार पर ऑब्जेक्ट को समान वर्ग में रखा जा सकता है तथा यह वर्ग ऑब्जेक्ट क्लास कहलाता है। एक क्लास अपने अन्तर्गत विभिन्न क्लासेस को रख सकती है।
3. एब्सट्रैक्शन तथा एनकैप्सूलेशन में अन्तर बताइए।
उत्तर: एब्सट्रेक्शन तथा एनकैप्सूलेशन में अन्तर इस प्रकार हैं-
| एब्सट्रैक्शन | एनकैप्सूलेशन |
| यह डिजाइन लेवल में प्रॉब्लम को हल करता है। | यह इम्पलीमेण्टेशन लेवल में प्रॉब्लम को हल करता है। |
| यह अनचाहे डाटा को छिपाने तथा जरूरी डाटा को देने के लिए प्रयोग होता है। | यह कोड तथा डाटा को एक सिंगल यूनिट में बाँधता है तथा उसे प्रोटेक्ट करने के लिए छिपाता है। |
| यह एक बाहरी लेआउट प्रदान करता है | यह एक आन्तरिक ले-आउट प्रदान करता है। |
| उदाहरण: मोबाइल का डिजाइन। | उदाहरण: मोबाइल की आन्तरिक कार्यविधि। |
4. कोड के पुनः प्रयोग से आप क्या समझते हैं? OOPs में इसे किस प्रकार किया जा सकता है? समझाइए।
उत्तर: कोड को पुनः प्रयोग करने से समय की बचत होती है OOPs में यह सुविधा इनहेरिटेन्स उपलब्ध कराता है, जिसके प्रयोग से कोड को बार-बार लिखने की आवश्यकता नहीं होती। कोड को एक बार लिखने के बाद उसे आवश्यकतानुसार पूरे प्रोग्राम में कहीं भी प्रयोग कर सकते हैं। इसमें जिस क्लास के गुणों को इनहेरिट किया जाता है, उसे बेस या पेरे! क्लास कहा जाता है और जिसमें इनहेरिट किया जाता है, उसे डिराइव या चाइल्ड क्लास कहा जाता है।
5. ऑपरेटर ओवरलोडिंग को उदाहरण सहित संक्षेप में लिखिए।
उत्तर: ऑपरेटर ओवरलोडिंग ऑपरेटर को पॉलीमॉरफिज्म का गुण प्रदान करना अर्थात् एक ही ऑपरेटर का विभिन्न प्रकार से प्रयोग करना ही ‘ऑपरेटर ओवरलोडिंग’ कहलाता है। जब किसी ऑपरेटर को ओवरलोड किया जाता है, तब उसका वास्तविक अर्थ एवं कार्य नष्ट नहीं होता है, वे ओवरलोडिंग के कारण छिप जाते हैं।

6. स्ट्रक्चर्ड प्रोग्रामिंग व ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग में तुलना?
उत्तर: स्ट्रक्चर्ड प्रोग्रामिंग और ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग में अन्तर निम्न हैं-
| स्ट्रक्चर्ड प्रोग्रामिंग | ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग |
| यह top-down प्रक्रिया पर आधारित है। | यह bottom-up प्रक्रिया पर आधारित है। |
| इसम बड़े प्रोग्रामों को बनाना कठिन होता है। | इसमें बड़े प्रोग्राम क्लास की सहायता से आसानी से बनाए जा सकते हैं। |
| इसका मुख्य आधार फंक्शन होता है। | इसका मुख्य आधार ऑब्जेक्ट होता है। |
| इसमें डाटा ग्लोबल घोषित होता है। | इसमें डाटा अपनी क्लास के अन्दर ही परिभाषित होता है। |
लघु उत्तरीय प्रश्न II (3 अंक)
1. ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर: ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग तकनीक को संक्षिप्त में OOP भी कहा जाता है। इस तकनीक का मुख्य तत्त्व ऑब्जेक्ट होता है। C++, JAVA आदि भाषाओं के द्वारा इस तकनीक पर आधारित प्रोग्राम तैयार किए जाते हैं। ऑब्जेक्ट ओरिएण्टेड प्रोग्रामिंग में विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं के सभी उत्तम गुणों का समावेश किया जाता है। इसके अतिरिक्त इसमें अनेक नए गुणों का समावेश भी किया जाता है। पुरानी सभी भाषाओं में फंक्शन की क्रियाविधि पर विशेष महत्त्व दिया जाता था। 00P में ऑब्जेक्ट्स को विशेष महत्त्व दिया जाता है। इस प्रोग्रामिंग में डाटा को सीधे प्रयोग नहीं किया जाता है और न ही बाह्य फंक्शनों द्वारा बदला जा सकता है। 00P में समस्या के हल के लिए ऑब्जेक्ट का निर्माण करते हैं तथा इन्हीं ऑब्जेक्ट के अनुरूप डाटा व फंक्शन बनाए जाते हैं।

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