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UP Board Class 12 Computer Chapter 5 प्रोग्रामिंग भाषाएँ
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प्रोग्रामिंग भाषाएँ
Chapter: 5
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंकः)
1. लो लेवल लैंग्वेज को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: लो लेवल लैंग्वेज कम्प्यूटर की आन्तरिक कार्यप्रणाली के अनुसार बनाई जाती है, जिसके निर्देशों का पालन कम्प्यूटर सीधे कर सकता है।
2. मशीनी भाषा का अर्थ समझाइए।
उत्तर: मशीनी भाषा कम्प्यूटर की पहली तथा मूल भाषा है। मशीनी भाषा में लिखे गए कोड बाइनरी अंकों 0 तथा 1 की श्रृंखला के रूप में होते हैं।
3. असेम्बलर की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: असेम्बलर, असेम्बली भाषा को पढ़कर उसे मशीनी भाषा में परिवर्तित करने का कार्य करता है।
4. कम्पाइलर के एक ‘फेज’ (Phase) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: कम्पाइलर के एक ‘फेज’ से तात्पर्य है कि यह सम्पूर्ण प्रोग्राम के सोर्स कोड को एक ही बार में मशीनी भाषा में बदल देता है।
5. कम्पाइलर की उपयोगिता बताइए।
अथवा
कम्पाइलर का अर्थ समझाइए।
उत्तर: कम्पाइलर किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है।
6. इण्टरप्रेटर की परिभाषा दीजिए।
अथवा
इण्टरप्रेटर की व्याख्या एक वाक्य में कीजिए।
उत्तर: यह किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय भाषा को मशीनी भाषा में परिवर्तित करने का कार्य करता है।
7. 4 जी.एल. का उदाहरण दीजिए।
अथवा
किन्हीं पाँच 4जी एल भाषाओं के नाम लिखिए।
उत्तर: 4 जी.एल. (चतुर्थ जनरेशन लैंग्वेज) के उदाहरण-SQL, .NET, C#, FOCUS, सन स्टूडियो वन, ऑथरिंग एन्वायरमेण्ट आदि हैं।
8. 4GL की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: 4GL की प्रमुख विशेषताएँ हैं:
(i) यह भाषा सीखने एवं प्रयोग करने में अत्यधिक सरल है।
(ii) यह भाषा किसी मशीन पर निर्भर नहीं करती।
लघु उत्तरीय प्रश्न I (2 अंक)
1. प्रोग्रामिंग भाषा के उद्देश्य बताइए।
उत्तर: प्रोग्रामिंग भाषाएँ विकसित करने के निम्न उद्देश्य थे-
(i) मशीनी भाषा में निर्देश देना सरल नहीं था, इसलिए प्रोग्रामिंग भाषा का विकास किया गया।
(ii) प्रोग्रामिंग भाषा प्रचलन में आने से प्रोग्रामर के साथ-साथ सामान्य व्यक्ति एवं छात्र आदि कार्य कर सकते हैं।
(iii) यदि प्रोग्रामिंग भाषा द्वारा कम्प्यूटर पर कार्य करना हो, तो अन्य कम्प्यूटर पाट्र्स के विस्तृत ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती।
(iv) प्रत्येक कम्प्यूटर पर कोडिंग के लिए अलग-अलग विधियाँ होती हैं। अतः प्रोग्रामिंग भाषा को इस प्रकार बनाया गया कि वह सभी कम्प्यूटर पर चल सके।
2. असेम्बली लैंग्वेज की व्याख्या कीजिए।
अथवा
असेम्बली भाषा का वर्णन कीजिए।
उत्तर: असेम्बली भाषा द्वितीय पीढ़ी की भाषा है। इस भाषा में मशीनी भाषा के बाइनरी अंकों के स्थान पर कुछ याद रखने योग्य सिम्बल का प्रयोग किया जाता है, जिन्हें निमॉनिक (Mnemonic) कहा जाता है। यह भाषा मैक्रो बनाने व उसका प्रयोग करने की सुविधा प्रदान करती है। असेम्बली भाषा को कम्प्यूटर द्वारा समझना सम्भव नहीं है, इसलिए असेम्बलर द्वारा इस भाषा को मशीनी भाषा में बदला जाता है। एक बार मशीनी भाषा में परिवर्तित होने के पश्चात् ही प्रोग्राम का क्रियान्वयन सम्भव होता है। असेम्बली भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को सोर्स प्रोग्राम कहते हैं तथा मशीनी भाषा में परिवर्तित होने के बाद जो कोड प्राप्त होता है, उसे ऑब्जेक्ट प्रोग्राम कहा जाता है।
3. उच्चस्तरीय भाषाएँ और निम्नस्तरीय भाषाओं के बीच भेद बताइए।
उत्तर: उच्चस्तरीय तथा निम्नस्तरीय भाषाओं के बीच भेद निम्न हैं-
| उच्चस्तरीय भाषाएँ | निम्नस्तरीय भाषाएँ |
| यह सीखने में सरल है। | यह सीखने में कठिन है। |
| इस भाषा में सरलता से परिवर्तन किया जा सकता है। | इस भाषा में परिवर्तन करना सरल नहीं होता है। |
| इसमें हार्डवेयर की सम्पूर्ण जानकारी होना आवश्यक नहीं है। | इसमें हार्डवेयर की सम्पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है। |
| इस भाषा में अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग होता है। | इस भाषा में 0 तथा 1 के रूप में निर्देश दिए जाते हैं। |
| उच्चस्तरीय भाषाएँ सीखने में कम समय लगता है। | निम्नस्तरीय भाषाएँ सीखने में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है। |
4. हाई लेवल लैंग्वेज के लाभों का वर्णन कीजिए।
अथवा
हाई लेवल लैंग्वेज की प्रमुख विशेषताओं की विवेचना कीजिए।
उत्तर: हाई लेवल लैंग्वेज की विशेषताएँ इस प्रकार हैं-
(i) इस लैंग्वेज में इनपुट तथा आउटपुट आदि को अंग्रेजी भाषा में संचालित किया जाता है।
(ii) हाई लेवल लैंग्वेज मशीन पर आधारित नहीं होती।
(iii) इस लैंग्वेज में प्रोग्राम की त्रुटि को खोजना व उसमें परिवर्तन करना सरल होता है।
(iv) यह कोडिंग लिखने के लिए लाइब्रेरी प्रदान करता है।
(v) लो लेवल लैंग्वेज की तुलना में प्रोग्रामिंग करने में कम समय लगता है।
5. कम्पाइलर का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर: कम्पाइलर एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा (High level programming language) में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है। कम्पाइलर सोर्स प्रोग्राम के प्रत्येक कथन या निर्देश का अनुवाद करके उसे एक या अधिक मशीनी भाषा के निर्देशों में बदल देता है। प्रत्येक उच्चस्तरीय भाषा के लिए। एक अलग कम्पाइलर की आवश्यकता होती है।

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