NIOS Class 12 Tourism Chapter 15 पर्यटन प्रबंधन Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Tourism Chapter 15 पर्यटन प्रबंधन Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 12 Tourism Solutions Hindi Medium Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Tourism Notes Paper Code: 337.
NIOS Class 12 Tourism Chapter 15 पर्यटन प्रबंधन
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पर्यटन प्रबंधन
Chapter: 15
| पाठगत प्रश्न 15.1 |
1. प्रबंधन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: प्रबंधन दूसरों से काम करवाने की प्रक्रिया है। प्रबंधन का अभिप्राय है पूर्वानुमान लगाना, योजना बनाना, व्यवस्था बनाना, नेतृत्व करना, सहयोग और नियंत्रण करना।
2. किसी पर्यटन प्रबंधक द्वारा किए जाने वाले मूल कार्यों को सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर: पर्यटन प्रबंधक द्वारा किए जोन वाले मुख्य प्रबंधन कार्यों में योजना बनाना, व्यवस्था बनाना, निर्देशन देना, स्टाफ पूरा करना, समन्वय बनाना, प्रेरित करना तथा मानवीय और भौतिक संसाधनों को नियन्त्रित करना शामिल होते हैं।
3. नियोजन प्रक्रिया में कौन से कदम शामिल होते हैं?
उत्तर: योजना निर्माण कार्य में लक्ष्यों को परिभाषित करना, इने लक्ष्यों को प्रापत करने की रणनीति बनाना तथा गतिविधियों में सहयोग देना तथा उन्हें आपस में जोड़ना शामिल होता है।
4. नियंत्रण प्रक्रिया का क्या अर्थ है?
उत्तर: नियंत्रण करना अधीनस्थों के कार्यों का परीक्षण और मूल्यांकन करने की प्रक्रिया है तथा यह सुनिश्चित करना होता है कि सभी गतिविधियाँ मूल योजना के अनुसार चल रही हैं। इसमें अधीनस्थों की गतिविधियों को ठीक करके सुनिश्चित किया जाता है कि घटना क्रम मूल योजना के अनुरूप है। यह लक्ष्यों और योजनाओं के सामने प्रदर्शन को मापता है और जानने की कोशिश करता है कि कोई विचलन तो नहीं हुआ तथा तुरंत कारवाई करके योजना को पूरा करने को सुनिश्चित बनाने के लिए विचलन को दुरूस्त करता है।
पाठ्गत प्रश्न 15.2
1. विभिन्न प्रबंधकीय भूमिकाओं को सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर: एक विशिष्ट प्रबंधक की भूमिकाओं को निम्न समूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है। अंतर्वैयक्तिक भूमिकाएँ (मुखिया की भूमिका, नेतृत्व की भूमिका, तालमेल बनाने की भूमिका); सूचनात्मक भूमिकाएँ निगरानी, सूचनाएँ प्रदानकर्ता, प्रवक्ता), निर्णयात्मक भूमिकाएँ (उद्यमी, परेशानी से निपटना, संसाधन आबंटनकर्ता, वार्ताकार)।
2. तीन प्रकार के प्रबंधकीय कौशलों के नाम लिखिए।
उत्तर: प्रबंधकों द्वारा अपने कार्य करने के लिए आवश्यक कौशलों को तकनीकी कौशल, मानवीय संबंध कौशल, सैद्धान्तिक कौशलों में समूहीकृत किया जा सकता है। इस प्रकार के कौशल अंतः संबंधित होते हैं और उनके सापेक्ष महत्व में प्रबंधकीय दायित्व के स्तर में परिवर्तन के साथ परिवर्तन आता रहता है।
3. व्यावसायिक प्रबंधक द्वारा मुख्य रूप से कौन से कार्य किए जाते हैं।
उत्तर: व्यावसायिक प्रबंधक द्वारा किए गए मुख्य कार्य में संगठन को अर्थपूर्ण दिशा प्रदान करना, लाभ अर्जन के लिए फर्म की क्षमता बनाए रखना, बढ़ती प्रतिस्पर्धा की चुनौतियों का मुकाबला करना, टीम भावना और टीम कार्य का सृजन करना, नवोन्मेष का प्रबंध करना, कर्मचारियों के हितों एवं कल्याण की रक्षा करना, प्रतिभा को बनाए रखना तथा कौशल बढ़ाना, अपने आप को सूचित रखना तथा समाज के विभिन्न वर्गों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना।
पाठ्गत प्रश्न 15.3
1. एक कामगार को काम करने के लिए क्या प्रेरित करता है?
उत्तर: कर्मचारियों को विभिन्न आर्थिक और गैर आर्थिक प्रलोभनों द्वारा कार्य करने के लिए अभिप्रेरित किया जाता है। आर्थिक प्रलोभनों में वेतन, बोनस, अतिरिक्त समय, आर्थिक प्रलोभनों में वेतन, बोनस, अतिरिक्त समय, आर्थिक ईनाम इत्यादि शामिल होते हैं जिनका कर्मचारियों पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि ये उनकी मूल आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होते हैं। गैर आर्थिक प्रलोभनों में आदर की इच्छा, अहंकार, संतुष्टि, पदोन्नति, पुरस्कार, सम्मान, अवकाश, अधिकारों का प्रत्यायोजन इत्यादि शामिल होते हैं जो उनके कार्य करने के उत्साह को बढ़ाने में समान रूप से लाभकारी होते हैं।
2. अभिप्रेरण के मुख्य सिद्धांतों की सूची बनाइए।
उत्तर: अभिप्रेरण के मुख्य सिद्धांतों में मास्लों का आवश्यकता क्रम सिद्धांत, हर्जबर्ग द्विकारक सिद्धांत, मैक्ग्रेगर का X और Y ‘सिद्धांत, एल्डर्फर का ईआरजी सिद्धांत, मैक्लैण्ड का सिद्धांत, न्यायसंगत सिद्धांत, वरूम का प्रत्याशा सिद्धांत तथा पोर्टर और लालर मॉडल शामिल होत हैं।
3. सिद्धांत Y की प्रमुख मान्यताओं को रेखांकित कीजिए।
उत्तर: सिद्धांत Y इस मान्यता पर आधारित है कि शारीरिक और मानसिक प्रयत्न प्राकृतिक होते हैं, लोग आत्मदिशा और आत्मनियंत्रण का पालन करते हैं, उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्धता अपनी उपलब्धियों और पुरस्कारों से जुड़ी हुई है, औसत सामान्य लोग उचित परिस्थितियों में सीखते हैं, लोगों में कल्पना करने की क्षमता, सरलता और रचनाधर्मिता का व्यापक वितरण होता है और सामान्य मानव की बौद्धिक शक्ति की केवल आशिक प्रयोग ही हो पाता है।
4. मेक्कलेन्ड आवश्यकताओं को किस प्रकार वर्गीकृत करता है?
उत्तर: मैक्लेण्ड के अभिप्रेरण सिद्धांत ने कार्य जीवन में तीन प्रकार की आवश्यकताओं को प्रस्तावित किया है : उपलब्धि की आवश्यकता, शक्ति (सत्ता) की आवश्यकता, संबद्धता की आवश्यकता। उदय पारिख ने इस सूची में विस्तार की आवश्यकता को जोड़ा है।
5. मास्लो आवश्यकता क्रम में क्लेटन अल्ड्रफर द्वारा प्रस्तावित सुधार क्या है?
उत्तर: क्लेटन एल्डर्फर ने मास्लो के आवश्यकता क्रम का सुधरा हुआ रूप प्रस्तावित किया है और उसने मानवीय आवश्यकताओं का पुनः वर्गीरकण किया है जैसे विस्तार अथवा उत्तरजीविता की आवश्यकता, संबंधित होना अथवा सामाजिक आवश्यकताएँ और वैयक्तिक प्रगति की आवश्यकताएँ।

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