NIOS Class 10 Economics Chapter 6 मूल आर्थिक गतिविधियां Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 10 Economics Chapter 6 मूल आर्थिक गतिविधियां Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 10 Economics Chapter 6 मूल आर्थिक गतिविधियां Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 10 Economics Notes Paper Code: 214.
NIOS Class 10 Economics Chapter 6 मूल आर्थिक गतिविधियां
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मूल आर्थिक गतिविधियां
Chapter: 6
| मॉड्यूल – 2 अर्थव्यवस्था के विषय में |
पाठगत प्रश्न 6.1
1. नीचे कुछ साधनों की सूची दी गई है जिन्हें कमीजों के उत्पादन में प्रयोग किया जाता है। इन्हें प्राकृतिक संसाधन, मानवीय संसाधन, अचल पूंजी तथा कार्यशली पूंजी में समूहीकृत कीजियेः
| सूत, मशीनें, दर्जी, फैक्टरी की भूमि, लकड़ी के दरवाजे, रंग, रंगने का पदार्थ, भवन, सिलाई की मशीन, टेलीफोन, क्रय-विक्रय प्रबंधक, विज्ञापन प्रबंधक, पैकिंग करने वाली मशीन, कैंची, बटन, बैंक ऋण, नकद मुद्रा। |
उत्तर:
| प्राकृतिक संसाधन | मानवीय संसाधन | अचल पूंजी | कार्यशली पूंजी |
| फैक्टरी की भूमि | दर्जी, क्रय-विक्रय प्रबंधक, विज्ञापन प्रबंधक | मशीने, लकड़ी के दरवाजे, भवन, सिलाई की मशीन, टेलीफोन, पैकिंग करने वाली मशीन तथा कैंची | सूत, रंगने का पदार्थ, बटन, बैंक ऋण, नकद मुद्रा |
2. निम्नलिखित में से कौन सी भूमि की विशेषता नहीं हैः
(क) गतिशील।
(ख) प्रकृति का उपहार।
(ग) मात्रा में सीमित।
(घ) अविनाशी।
उत्तर: (क) गतिशील।
पाठगत प्रश्न 6.2
राम सिंह हरियाणा के एक गांव में कृषक है जिसके पास 2 हेक्टेयर भूमि है। वह और उसकी पत्नी रानी दोनों खेत में काम करते हैं। पहले इन्होंने अपनी भूमि पर केवल चावल उगाया था। अब वे बेहतर किस्म के बीज तथा सिंचाई का उपयोग कर दो फसलें उगाकर अपनी भूमि की उत्पादकता में वृद्धि करना चाहते हैं। वे दो फसलों चावल तथा आलू का उत्पादन करना चाहते हैं। इसके लिये उन्हें अच्छी किस्म के बीज तथा उर्वरक खरीदने के लिये धन की आवश्यकता है। चूंकि उनके पास पर्याप्त धन नहीं है, वे दोनों किसी अन्य के खेतों में श्रमिकों की भांति कार्य करते हैं। वे कुछ धन उर्वरक, बीज, पम्प सैट आदि पर व्यय करते हैं। कठिन परिश्रम करके वे किसी प्रकार चावल और आलू दोनों की अच्छी फसल उगाने में सफल हो जाते हैं। वे अपने खेतों में उगाये गये चावल तथा आलू में से कुछ अपने उपयोग के लिये रख लेते हैं तथा शेष को बेच देते हैं। अपनी फसलों को बेचने से उन्होंने 12000 रु. कमाये।
(i) इस कहानी में उत्पादन के साधनों को पहचानिये।
उत्तर: इस कहानी में उत्पादन के साधनों को निम्नलिखित रूप से पहचाना जा सकता है:
(i) भूमि।
(ii) श्रम।
(iii) पूंजी।
(iv) कार्यशील पूंजी।
(v) स्थिर पूंजी।
(ii) इस उदाहरण में प्रयोग की गई पूंजीगत वस्तुएं क्या हैं?
उत्तर: पूंजीगत वस्तुएं (जिन्हें स्थिर पूंजी भी कहा जाता है) वे उपकरण या मशीनरी होती हैं जिनका उपयोग उत्पादन की प्रक्रिया में बार-बार किया जाता है। इस उदाहरण में स्पष्ट रूप से उल्लिखित पूंजीगत वस्तु पम्प सैट है।
पाठगत प्रश्न 6.3
1. दीर्धीपयोगी वस्तुओं, एकल उपयोगी वस्तुओं तथा सेवाओं के दो-दो उदाहरण दो।
उत्तर: दीर्धीपयोगी वस्तुओं, एकल उपयोगी वस्तुओं तथा सेवाओं के दो-दो है—
(i) दीर्घोपयोगी वस्तुएं: टेलीविजन, फ्रिज, कपड़े धोने की मशीन आदि।
(ii) एकल उपयोगी वस्तुएं: डबल रोटी, मक्खन, दूध, आटा
(iii) सेवाएं: नाई (हज्जाम) की सेवाएं, अध्यापक की सेवाएं, डाक्टर की सेवाएं।
2. एक वर्ष में उत्पादन का उपभोग पर आधिक्य है। यह कहाँ जाता है?
उत्तर: ये पूंजी निर्माण में चला जाता है।
3. उत्पादन, उपभोग तथा पूंजी निर्माण को कैसे सुगम बनाता है?
उत्तर: वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन में वृद्धि से उपभोग तथा पूंजी निर्माण के स्तर में वृद्धि होती है। अधिक उपभोग केवल तभी संभव है जब अधिक उत्पादन हो तथा अधिक पूंजी निर्माण तभी संभव है जब उत्पादन उपभोग से अधिक हो।
पाठान्त प्रश्न
1. कृषि भूमि एक अचल संसाधन है। उसकी उत्पादिता को कैसे बढ़ाया जा सकता है?
उत्तर: कृषि भूमि की उत्पादिता (कार्यक्षमता) को बेहतर सिंचाई की सुविधाओं तथा मशीनों के प्रयोग द्वारा बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, बेहतर किस्म के बीज तथा उर्वरक (खाद) का उपयोग करके भी भूमि पर उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है।
2. श्रम की उत्पादिता में वृद्धि कैसे की जा सकती है?
उत्तर: श्रम की उत्पादिता में वृद्धि मुख्य रूप से शिक्षा और प्रशिक्षण के द्वारा की जा सकती है, जिससे श्रमिकों में कुशलता आती है। साथ ही, पूंजी (जैसे मशीनें और औजार) का उपयोग करके भी श्रम की कार्यक्षमता और उत्पादिता को बढ़ाया जाता है।
3. उद्यमी के मुख्य कार्य क्या हैं?
उत्तर: उद्यमी के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
(i) उत्पादन प्रक्रिया के बारे में निर्णय लेना और उस पर नियंत्रण रखना।
(ii) भूमि, श्रम और पूंजी का उचित अनुपात में चयन करना और उन्हें उत्पादन के लिए जुटाना।
(iii) उत्पादन में निहित जोखिम तथा अनिश्चितताओं को वहन करना।
(iv) उत्पादन के अन्य साधनों (भूमि, श्रम, पूंजी) को उनके भुगतान (लगान, मजदूरी, ब्याज) देना।
4. पूंजी श्रम की उत्पादिता में कैसे वृद्धि करती है?
उत्तर: पूंजी (जैसे- मशीनें, औजार, भवन) का उपयोग करके श्रम की कार्यक्षमता को बढ़ाया जाता है। उदाहरण के लिए, बिना औजारों या मशीनों के काम करने की तुलना में पूंजीगत वस्तुओं के साथ श्रम अधिक तेजी से और बेहतर उत्पादन कर सकता है। स्रोतों के अनुसार, पूंजी का उपयोग उत्पादन के अन्य साधनों जैसे श्रम की कार्यक्षमता में वृद्धि करने के लिए किया जाता है।

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