NIOS Class 12 Tourism Chapter 9 भारत में संस्कृति और धरोहर – I: हिंदू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म

NIOS Class 12 Tourism Chapter 9 भारत में संस्कृति और धरोहर – I: हिंदू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Tourism Chapter 9 भारत में संस्कृति और धरोहर – I: हिंदू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 12 Tourism Solutions Hindi Medium Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Tourism Notes Paper Code: 337.

NIOS Class 12 Tourism Chapter 9 भारत में संस्कृति और धरोहर – I: हिंदू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म

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Also, you can read the NIOS book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per National Institute of Open Schooling (NIOS) Book guidelines. These solutions are part of NIOS All Subject Solutions. Here we have given NIOS Class 12 Tourism Notes, NIOS Senior Secondary Course Tourism Solutions in Hindi for All Chapter, You can practice these here.

Chapter: 9

पाठगत प्रश्न 9.1

(i) हिंदुओं के लिए बनारस के महत्व का वर्णन संक्षेप में कीजिए।

उत्तर: यह वह स्थान है जहाँ हिंदू मोक्ष प्राप्त करने के लिए मृत्यु को प्राप्त करना चाहते हैं। यह भगवान विश्वनाथ (शिव) के मंदिर तथा शिक्षा के केंद्र के रूप में जाना जाता है।

(ii) मथुरा के धार्मिक महत्व का वर्णन संक्षेप में कीजिए।

उत्तर: मथुरा भगवान कृष्ण का जन्मस्थान है।

(iii) द्वारका, पुरी और सोमनाथ के धार्मिक पारंपरिक मूल्यों का वर्णन संक्षेप में कीजिए।

उत्तर: (i) द्वारका: भगवान कृष्ण का पवित्र स्थल, जहाँ भक्ति और धार्मिक उत्सव जैसे जन्माष्टमी मनाए जाते हैं।

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(ii) पुरी: भगवान जगन्नाथ का तीर्थस्थल, प्रसिद्ध रथ यात्रा और सामूहिक भक्ति के लिए जाना जाता है।

(iii) सोमनाथ: भगवान शिव का प्राचीन मंदिर, जहाँ श्रद्धा और तपस्या की परंपरा है।

पाठगत प्रश्न 9.2

1. जैनियों के मुख्य संप्रदाय कौन-कौन से हैं?

उत्तर: जैनियों के मुख्य संप्रदाय है — दिगंबर और श्वेतांबर।

2. बिहार में पार्श्वनाथ के जैन धरोहरों की महत्ता के बारे में लिखिए।

उत्तर: बिहार में पार्श्वनाथ के जैन धरोहरों की महत्ता बिहार जैन धर्म के लिए महत्वपूर्ण राज्य है और यहाँ पार्श्वनाथ, जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर, से जुड़े कई तीर्थस्थल और स्मारक स्थित हैं। ये धरोहरें धार्मिक आस्था, तीर्थयात्रा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती हैं।

इनमें प्राचीन मंदिर, पत्थर की मूर्तियाँ और कलात्मक संरचनाएँ शामिल हैं, जो जैन धर्म की आध्यात्मिक और कलात्मक परंपरा को उजागर करती हैं। इसलिए, बिहार के पार्श्वनाथ स्थल धार्मिक, सांस्कृतिक और कलात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

3. राजस्थान में माउंट आबू स्थित जैन मंदिर क्यों लोकप्रिय है?

उत्तर: माउंट आबू, राजस्थान दिलावाड़ा के जैन मंदिर के लिए प्रसिद्ध हैं जो जैन वास्तुकला की उत्तम रचना हैं।

पाठगत प्रश्न 9.3

1. बौद्ध दर्शन के चार महान सत्यों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: बौद्ध दर्शन के चार महान सत्य है-

(i) दुःख (दुःख का सत्य) – जीवन में जन्म, बुढ़ापा, रोग और मृत्यु जैसी दुःखद घटनाएँ होती हैं।

(ii) दुःख का कारण (समुदय का सत्य) – दुःख का मुख्य कारण है तृष्णा और मोह।

(iii) दुःख का निरोध (निरोध का सत्य) – तृष्णा और मोह त्यागकर दुःख से मुक्ति संभव है।

(iv) दुःख निवारण का मार्ग (मार्ग का सत्य) – दुःख से मुक्ति के लिए अष्टांगिक मार्ग अपनाना चाहिए।

2. बौद्ध धर्म के अनुसार कोई व्यक्ति निर्वाण कैसे प्राप्त कर सकता है?

उत्तर: अष्टांग मार्ग का अनुसरण करके कोई व्यक्ति मोक्ष प्राप्ति के अंतिम लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।

पाठांत अभ्यास

1. जैन और बौद्ध धर्म में प्रमुख अंतर को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: 

जेन धर्म बौद्ध धर्म 
संस्थापक – जैन धर्म की स्थापना महावीर स्वामी ने की थी।संस्थापक – बौद्ध धर्म की स्थापना गौतम बुद्ध ने की थी।
मुख्य उद्देश्य – जैन धर्म का मुख्य लक्ष्य आत्मा की शुद्धि और मोक्ष प्राप्त करना है।मुख्य उद्देश्य – बौद्ध धर्म का लक्ष्य जीवन के दुःख को समझना और उससे मुक्ति (निर्वाण) प्राप्त करना है।
अहिंसा – जैन धर्म में अहिंसा का पालन चरम सीमा तक किया जाता है; सभी जीवों की रक्षा सर्वोपरि मानी जाती है।अहिंसा – बौद्ध धर्म में अहिंसा का पालन व्यावहारिक रूप से किया जाता है, और इसका मुख्य उद्देश्य मानसिक और सामाजिक शांति है।
पूजा और आचार – जैन धर्म में तीर्थंकरों की मूर्तियों की पूजा की जाती है और धार्मिक अनुष्ठानों का पालन होता है।पूजा और आचार – बौद्ध धर्म में मूर्ति पूजा का महत्व कम है; ध्यान, ज्ञान और नैतिक आचरण पर अधिक जोर दिया जाता है।
कर्म और जीवन दर्शन – जैन धर्म में कर्म आत्मा पर स्थायी प्रभाव डालता है और मोक्ष पाने में सहायक होता है।कर्म और जीवन दर्शन – बौद्ध धर्म में कर्म मानसिक विकास और मोक्ष की ओर मार्गदर्शक है; ध्यान और नैतिक जीवन से दुःख से मुक्ति संभव है।

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