NCERT Class 9 Science Important Chapter 9 द्रव्य का परमाण्विक आधार

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NCERT Class 9 Science Important Chapter 9 द्रव्य का परमाण्विक आधार

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द्रव्य का परमाण्विक आधार

Chapter – 9

IMPORTANT SOLUTIONS

लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर:

1. द्रव्यमान संरक्षण का नियम क्या है और इसे किसने प्रतिपादित किया?

उत्तर: द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार, किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्य का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही उसे नष्ट किया जा सकता है। इसे 1789 में आन्त्वॉ लवाइजिए ने प्रतिपादित किया था।

2. स्थिर अनुपात का नियम क्या है?

उत्तर: स्थिर अनुपात के नियम के अनुसार, किसी भी यौगिक में तत्व सदैव द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में विद्यमान होते हैं, चाहे वह यौगिक किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो।

3. जल (H₂O) में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के द्रव्यमान का अनुपात क्या होता है?

उत्तर: जल में सदैव हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान 1:8 के अनुपात में होता है।

4. अणु किसे कहते हैं?

उत्तर: अणु को विद्युत रूप से उदासीन किसी कण के रूप में परिभाषित कर सकते हैं जिसमें एक से अधिक परमाणु होते हैं, जो स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सकता है तथा उस पदार्थ के सभी गुणधर्मों को प्रदर्शित करता है।

5. सहसंयोजी आबंध (Covalent bond) कैसे बनता है?

उत्तर: परमाणुओं के मध्य इलेक्ट्रॉनों के सहभाजित युग्म (साझेदारी) की परस्पर क्रिया से सहसंयोजी आबंध बनता है।

6. आयनिक आबंध (Ionic bond) कैसे बनता है?

उत्तर: परमाणुओं के मध्य इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से आयनिक आबंध बनता है, जहाँ एक परमाणु इलेक्ट्रॉन त्यागता है और दूसरा ग्रहण करता है। विपरीत आवेश वाले आयनों के मध्य का स्थिर वैद्युत आकर्षण बल उन्हें बाँधे रखता है जिसे आयनिक आबंध कहते हैं।

7. धनायन और ऋणायन में क्या अंतर है?

उत्तर: जब कोई परमाणु अपना इलेक्ट्रॉन त्यागता है तो वह धनावेशित हो जाता है जिसे धनायन कहते हैं (जैसे Na⁺)। जब कोई परमाणु इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है तो उस पर ऋण आवेश आ जाता है जिसे ऋणायन कहते हैं (जैसे Cl⁻)।

8. बहुपरमाण्विक आयन किसे कहते हैं? 

उत्तर: जो आयन दो या दो से अधिक तत्वों के परमाणुओं के संयोजन से बनते हैं, उन्हें बहुपरमाण्विक आयन कहते हैं, जैसे सल्फेट (SO₄²⁻) या कार्बोनेट (CO₃²⁻)।

9. एकल आबंध और द्वि-आबंध का एक-एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर: हाइड्रोजन अणु (H-H) और क्लोरीन (Cl-Cl) एकल आबंध के उदाहरण हैं, जबकि ऑक्सीजन अणु (O=O) द्वि-आबंध का उदाहरण है।

10. कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का आण्विक द्रव्यमान क्या होता है?

उत्तर: CO₂ का आण्विक द्रव्यमान 44 u होता है, जिसकी गणना (12 u × 1) + (16 u × 2) = 44 u के रूप में की जाती है।

11. सहसंयोजी यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक कैसे होते हैं?

उत्तर: सहसंयोजी यौगिकों के गलनांक एवं क्वथनांक प्रायः निम्न (कम) होते हैं।

12. क्या ठोस अवस्था में आयनिक यौगिक विद्युत का चालन करते हैं?

उत्तर: नहीं, आयनिक यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत का चालन नहीं करते हैं क्योंकि उनके आयन प्रबल बलों द्वारा नियत स्थितियों में बँधे रहते हैं और गति करने के लिए मुक्त नहीं होते हैं।

13. जल में घुलनशीलता के आधार पर आयनिक और सहसंयोजी यौगिकों में क्या अंतर है?

उत्तर: आयनिक यौगिक (जैसे साधारण नमक) जल में घुलनशील होते हैं, जबकि अधिकांश सहसंयोजी यौगिक (जैसे कपूर या नैफ्थिलीन) जल में अघुलनशील होते हैं।

14. डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के अनुसार रासायनिक अभिक्रिया में परमाणुओं का क्या होता है?

उत्तर: डाल्टन के अनुसार, किसी रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु अविभाज्य रहते हैं और केवल पुनर्व्यवस्थित होते हैं, न तो उनका सृजन होता है और न ही वे नष्ट होते हैं।

15. सूत्र इकाई द्रव्यमान किसे कहते हैं?

उत्तर: किसी आयनिक यौगिक का सूत्र इकाई द्रव्यमान उसकी सूत्र इकाई में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग होता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर:

1. डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के मुख्य अभिगृहीत क्या हैं?

उत्तर: डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के मुख्य अभिगृहीत निम्नलिखित हैं:

(i) संपूर्ण द्रव्य अत्यंत सूक्ष्म कणों से मिलकर बना होता है जिन्हें परमाणु कहते हैं और वे रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं।

(ii) परमाणु अविभाज्य कण होते हैं जिन्हें किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में न तो सृजित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।

(iii) किसी तत्व के सभी परमाणुओं के द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं।

(iv) विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म भिन्न-भिन्न होते हैं।

(v) परमाणु सरल पूर्णांकों के अनुपात में संयोजित होकर यौगिक बनाते हैं।

(vi) किसी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं उनके प्रकार निश्चित होते हैं।

2. इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी (सहसंयोजी आबंध) द्वारा हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के अणुओं का निर्माण कैसे होता है?

उत्तर: हाइड्रोजन अणु (H₂): हाइड्रोजन के K-कोश में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है। इसे स्थायी होने के लिए एक और इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। अतः दो हाइड्रोजन परमाणु परस्पर एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा कर H₂ अणु बनाते हैं, जो एक एकल आबंध (H-H) द्वारा जुड़े होते हैं। ऑक्सीजन अणु (O₂): ऑक्सीजन परमाणु के संयोजकता कोश में 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं और इसे अपना अष्टक पूर्ण करने के लिए 2 अन्य इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। अतः दो ऑक्सीजन परमाणु दो-दो इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं और एक ऑक्सीजन अणु (O₂) का निर्माण करते हैं, जो एक द्वि-आबंध (O=O) द्वारा परस्पर बंधे रहते हैं।

3. आयनिक और सहसंयोजी यौगिकों के गुणधर्मों में मुख्य अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: आयनिक और सहसंयोजी यौगिकों के गुणधर्मों में मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:

(i) विलेयता: आयनिक यौगिक जल में प्रायः घुलनशील होते हैं परंतु केरोसिन और पेट्रोल में अघुलनशील होते हैं। इसके विपरीत, अधिकांश सहसंयोजी यौगिक जल में अघुलनशील होते हैं परंतु केरोसिन और पेट्रोल में घुलनशील होते हैं।

(ii) विद्युत चालकता: आयनिक यौगिक जल में घुलने पर या गलित अवस्था में विद्युत का चालन करते हैं क्योंकि आयन गति करने के लिए मुक्त हो जाते हैं, लेकिन ठोस अवस्था में नहीं। अधिकांश सहसंयोजी यौगिक (जैसे कपूर, चीनी) विलयन में आयन नहीं बनाते, इसलिए विद्युत का चालन नहीं करते हैं।

(iii) गलनांक और क्वथनांक: प्रबल अंतर-आयनिक आकर्षण बलों के कारण आयनिक यौगिकों के गलनांक एवं क्वथनांक उच्च होते हैं, जबकि सहसंयोजी यौगिकों के गलनांक एवं क्वथनांक निम्न होते हैं।

4. सोडियम क्लोराइड (NaCl) का निर्माण कैसे होता है? आयनिक आबंध के संदर्भ में समझाइए।

उत्तर: सोडियम (Na) का परमाणु क्रमांक 11 है, जिसके संयोजकता कोश में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है। यह अपना एक इलेक्ट्रॉन त्यागकर स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करता है और धनावेशित सोडियम धनायन (Na⁺) बन जाता है। दूसरी ओर, क्लोरीन (Cl) के संयोजकता कोश में सात इलेक्ट्रॉन होते हैं। यह सोडियम द्वारा त्यागे गए एक इलेक्ट्रॉन को ग्रहण करके अपना अष्टक पूर्ण करता है और ऋण आवेशित क्लोरीन ऋणायन (Cl⁻) बन जाता है। जब ये आयन बन जाते हैं, तो अपने विपरीत आवेशों के कारण वे स्थिर वैद्युत आकर्षण बल द्वारा परस्पर जुड़े रहते हैं। इसी आकर्षण बल को आयनिक आबंध कहते हैं, जिससे सोडियम क्लोराइड (NaCl) का निर्माण होता है।

5. रासायनिक सूत्रों को लिखने के नियम क्या हैं? कैल्शियम क्लोराइड और मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड के सूत्र लिखकर समझाइए।

उत्तर: रासायनिक सूत्र लिखने के नियम निम्नलिखित हैं:

(i) सर्वप्रथम धनायन का प्रतीक लिखें तत्पश्चात ऋणायन का प्रतीक लिखें।

(ii) इन तत्वों या आयनों की संयोजकता या आवेशों को प्रतीकों के नीचे लिखें।

(iii) आवेशों (केवल संख्या) का तिर्यक (criss-cross) करें और उन्हें पादांक (subscripts) के रूप में लिखें।

(iv) यदि किसी सूत्र में बहुपरमाण्विक आयन एक से अधिक हैं, तो उन्हें कोष्ठक में रखकर पादांक का उपयोग करते हैं। कैल्शियम क्लोराइड (CaCl₂): कैल्सियम (Ca) का आवेश 2+ और क्लोराइड (Cl) का आवेश 1- होता है। तिर्यक करने पर एक Ca के साथ दो Cl जुड़ते हैं, अतः सूत्र CaCl₂ बनता है। मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (Mg(OH)₂): मैग्नीशियम (Mg) का आवेश 2+ और हाइड्रॉक्साइड (OH) का आवेश 1- होता है। चूँकि OH एक बहुपरमाण्विक आयन है, इसलिए तिर्यक करने पर इसे कोष्ठक में रखकर सूत्र Mg(OH)₂ लिखा जाता है।

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