NCERT Class 9 Science Important Chapter 3 क्रियाशील ऊतक

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NCERT Class 9 Science Important Chapter 3 क्रियाशील ऊतक

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क्रियाशील ऊतक

Chapter – 3

IMPORTANT SOLUTIONS

लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर:

1. ऊतक (Tissue) किसे कहते हैं?

उत्तर: समान संरचना वाली कोशिकाएं जो समान कार्य करती हैं, मिलकर ऊतक (tissue) बनाती हैं। एक से अधिक प्रकार के ऊतक मिलकर अंग (organs) बनाते हैं।

2. पौधों में लंबाई में वृद्धि के लिए कौन-सा ऊतक उत्तरदायी है?

उत्तर: पौधों की जड़ों और प्ररोह के अग्रभाग पर शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical meristem) पाया जाता है, जो पौधों की लंबाई में वृद्धि करने में सहायता करता है।

3. तने की परिधि या मोटाई में वृद्धि किस कारण होती है?

उत्तर: तने की परिधि (मोटाई) में वृद्धि के लिए पार्श्व विभज्योतक (Lateral meristem) उत्तरदायी होता है।

4. अंतर्वेशी विभज्योतक (Intercalary meristem) कहाँ पाया जाता है?

उत्तर: यह तने की पर्वसंधि (node) या पर्ण के आधार पर स्थित होता है और यह काटे जाने के बाद पौधों के पुनरुद्भवन (जैसे घास का फिर से उगना) में सहायता करता है।

5. विभज्योतकी ऊतक की कोशिकाओं में रसधानियाँ (vacuoles) क्यों नहीं होतीं?

उत्तर: विभज्योतकी ऊतक की कोशिकाओं में निरंतर और तीव्रता से कोशिका विभाजन होता है, इनमें सघन कोशिकाद्रव्य और बड़ा केंद्रक होता है; अतः इन्हें भंडारण के लिए रसधानियों की आवश्यकता नहीं होती।

6. मरुस्थलीय पौधों में जल हानि को रोकने के लिए बाह्यत्वचा पर क्या पाया जाता है?

उत्तर: मरुस्थलीय पौधों की बाह्यत्वचा पर क्यूटिन (cutin) नामक मोमी परत से बनी एक मोटी उपत्वचा (cuticle) होती है जो रंध्रों द्वारा वाष्पोत्सर्जन को कम करती है।

7. पौधों को लचीलापन कौन-सा ऊतक प्रदान करता है?

उत्तर: पौधों के तने और पत्तियों को बिना टूटे मोड़ने की क्षमता और लचीलापन श्लेषोतक (Collenchyma) ऊतक प्रदान करता है।

8. नारियल के रेशे (husk) किस ऊतक के बने होते हैं?

उत्तर: नारियल के रेशे दृढ़ोतक (Sclerenchyma) कोशिकाओं से बने होते हैं, जिनकी भित्ति लिग्निन के निक्षेपण के कारण मोटी, कठोर और मृत होती है।

9. पौधों में जल तथा खनिजों का परिवहन कौन करता है?

उत्तर: जाइलम (Xylem) एक जटिल संवहन ऊतक है जो जड़ों से जल और खनिजों का पौधों के अन्य भागों तक परिवहन करता है।

10. फ्लोएम (Phloem) का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर: फ्लोएम पत्तियों से पादप के अन्य भागों तक भोजन का परिवहन करता है।

11. रक्त (Blood) किस प्रकार का ऊतक है?

उत्तर: रक्त एक संयोजी ऊतक (Connective tissue) है, जिसकी आधात्री (matrix) जलीय और तरल (प्लाज्मा) होती है।

12. कंडरा (Tendon) और स्नायु (Ligament) में क्या अंतर है?

उत्तर: कंडराएं मांसपेशियों को अस्थियों (हड्डियों) से जोड़ती हैं, जबकि स्नायु एक अस्थि को दूसरी अस्थि से जोड़ते हैं।

13. ऐच्छिक और अनैच्छिक गतियाँ किन पेशियों द्वारा होती हैं?

उत्तर: ऐच्छिक गतियाँ (जैसे दौड़ना) कंकाल पेशियों द्वारा होती हैं, जबकि अनैच्छिक गतियाँ (जैसे हृदय स्पंदन या आँत में भोजन की गति) चिकनी पेशियों और हृदय पेशियों द्वारा होती हैं।

14. न्यूरॉन (Neuron) के तीन मुख्य भाग कौन-से हैं?

उत्तर: प्रत्येक न्यूरॉन के तीन मुख्य भाग होते हैं — कोशिका-काय (Cell body), द्रुमिका (Dendrites), और तंत्रिकाक्ष (Axon)।

15. घुटने और कोहनी में कौन-सी संधि पाई जाती है?

उत्तर: घुटने और कोहनी में कोर संधि (Hinge joint) पाई जाती है जो दरवाजे के कब्ज़े की तरह केवल एक दिशा में मुड़ती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर:

1. पादपों में पाए जाने वाले विभज्योतकी (Meristematic) ऊतकों के प्रकार और उनके कार्यों का सविस्तार वर्णन कीजिए।

उत्तर: पौधों में वृद्धि कुछ विशिष्ट क्षेत्रों तक ही सीमित होती है, जहाँ सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाएं पाई जाती हैं।

स्थिति के आधार पर विभज्योतक तीन प्रकार के होते हैं:

(i) शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem): यह पौधों की जड़ों और प्ररोहों (तनों) के अग्रभाग (शीर्ष) पर पाया जाता है। इसका मुख्य कार्य पौधों की लंबाई में वृद्धि करना है।

(ii) पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem): यह तने की परिधि के अनुदिश स्थित होता है। यह तने की मोटाई (परिधि और व्यास) में वृद्धि के लिए उत्तरदायी है और वृक्षों में वार्षिक वलयों का निर्माण करता है।

(iii) अंतर्वेशी विभज्योतक (Intercalary Meristem): यह तने की पर्वसंधियों (nodes) के आधार पर पाया जाता है। यह तने की शाखाओं को बढ़ाने और जानवरों द्वारा घास चर लिए जाने या काटे जाने के बाद नई वृद्धि (पुनरुद्भवन) के लिए उत्तरदायी होता है। इन कोशिकाओं की विशेषता यह है कि इनमें पतली कोशिका भित्ति, बड़ा केंद्रक और सघन कोशिकाद्रव्य होता है, लेकिन इनमें रसधानियाँ नहीं होतीं।

2. पादपों में पाए जाने वाले सरल स्थायी ऊतकों (Simple Permanent Tissues) का वर्णन करें।

उत्तर: जब विभज्योतकी ऊतक विभाजन की क्षमता खो देते हैं, तो वे विशिष्ट कार्य करने के लिए स्थायी ऊतक बन जाते हैं।

सरल स्थायी ऊतक केवल एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं और तीन प्रकार के होते हैं:

(i) मृदूतक (Parenchyma): यह पतली भित्तियों वाली सजीव कोशिकाओं से बना होता है, जिनमें अंतरकोशिकीय अवकाश होता है। यह भोजन का भंडारण करता है, प्रकाश-संश्लेषण में सहायता करता है, और जलीय पौधों में तैरने के लिए वायु गुहिकाएं बनाता है।

(ii) श्लेषोतक (Collenchyma): इसकी सजीव कोशिकाओं के कोनों पर पेक्टिन का निक्षेपण होता है जिससे वे मोटी हो जाती हैं। यह पौधों (जैसे तने और पत्तियों के पर्णवृंत) को सहारा और लचीलापन प्रदान करता है जिससे वे बिना टूटे मुड़ सकते हैं।

(iii) दृढ़ोतक (Sclerenchyma): इसकी कोशिकाएं लिग्निन के जमाव के कारण मोटी और मृत होती हैं। यह पौधे को अत्यधिक कठोरता और सुदृढ़ता प्रदान करता है, जैसे नारियल के छिलके और बीजों के कठोर आवरण।

3. जटिल स्थायी ऊतक क्या हैं? जाइलम और फ्लोएम की संरचना और कार्यों में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: जटिल स्थायी ऊतक एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं जो एक इकाई की तरह कार्य करते हैं।

पौधों में दो मुख्य जटिल संवहन ऊतक होते हैं:

(i) जाइलम (Xylem): यह जड़ों से जल और खनिजों का पौधे के ऊपरी भागों (पत्तियों तक) परिवहन करता है। यह वाष्पोत्सर्जन अभिकर्षण के माध्यम से गुरुत्वाकर्षण के विपरीत कार्य करता है। जाइलम में मुख्य रूप से मृत कोशिकाएं होती हैं (जैसे वाहिनिकाएं, वाहिकाएं और जाइलम तंतु)। केवल जाइलम मृदूतक सजीव होता है।

(ii) फ्लोएम (Phloem): यह पत्तियों द्वारा बनाए गए भोजन को पादप के अन्य सभी भागों तक पहुँचाता है। जाइलम के विपरीत, फ्लोएम मुख्य रूप से सजीव कोशिकाओं (जैसे चालनी नलिकाएं, सहचर कोशिकाएं और फ्लोएम मृदूतक) से बना होता है। केवल फ्लोएम तंतु मृत होते हैं। चालनी नलिकाएं भोजन परिवहन का मुख्य मार्ग होती हैं।

4. कंकाल तंत्र क्या है? मानव शरीर में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की संधियों (Joints) का वर्णन करें।

उत्तर: कंकाल तंत्र अस्थियों का एक ऐसा ढाँचा होता है जो शरीर को दृढ़ता प्रदान करता है और कोमल आंतरिक अंगों (जैसे हृदय, मस्तिष्क) की रक्षा करता है। संधियाँ (Joints) दो या अधिक अस्थियों के बीच का जोड़ हैं जो गति को संभव बनाती हैं।

(i) कंदुक-खल्लिका संधि (Ball and Socket Joint): इसमें एक अस्थि का गोल सिरा दूसरी अस्थि के गड्ढे में फिट होता है। यह कंधे और कूल्हे में पाई जाती है और सभी दिशाओं (अग्र, पश्च, पार्श्व, गोलाकार) में मुक्त गति संभव बनाती है।

(ii) कोर संधि (Hinge Joint): यह दरवाजे के कब्ज़े की तरह होती है। यह कोहनी और घुटने में पाई जाती है और केवल एक ही दिशा में गति करने की अनुमति देती है।

(iii) धुराग्र संधि (Pivot Joint): यह खोपड़ी और मेरुदंड के जोड़ (गर्दन) पर पाई जाती है। यह सिर को ऊपर-नीचे और दाएं-बाएं घुमाने में मदद करती है।

(iv) अचल संधि (Fixed Joint): यह खोपड़ी की चपटी अस्थियों के बीच पाई जाती है। ये संधियाँ बिल्कुल भी गति नहीं करतीं और मस्तिष्क की रक्षा करती हैं।

5. जंतुओं में तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) की संरचना और इसके कार्य का सविस्तार वर्णन करें।

उत्तर: तंत्रिका ऊतक जंतुओं के शरीर में संवेदनाओं को ग्रहण करने, संदेशों को संचारित करने और शरीर का नियंत्रण व समन्वय करने का कार्य करता है।

(क) संरचना: तंत्रिका ऊतक की कोशिकाओं को न्यूरॉन (Neuron) कहते हैं। प्रत्येक न्यूरॉन के तीन मुख्य भाग होते हैं:

(i) कोशिका-काय (Cell body): इसमें केंद्रक और कोशिकाद्रव्य होता है जो कोशिका की गतिविधियों को नियंत्रित करता है।

(ii) द्रुमिका (Dendrites): ये धागे जैसी संरचनाएं होती हैं जो अन्य न्यूरॉन्स से संकेत (संदेश) प्राप्त करती हैं।

(iii) तंत्रिकाक्ष (Axon): यह एक लंबा तंतु है जो कोशिका-काय से संदेश को दूर ले जाता है और एक्सॉन टर्मिनल पर समाप्त होता है।

(ख) कार्य: न्यूरॉन संदेशों (आवेगों) को शरीर के एक भाग से मस्तिष्क तक और मस्तिष्क से माँसपेशियों तक पहुँचाते हैं। इसी ऊतक के कारण हम किसी गर्म वस्तु को छूने पर तुरंत हाथ हटा लेते हैं और हमारे शरीर की ऐच्छिक व अनैच्छिक दोनों पेशियां मस्तिष्क के निर्देशानुसार काम कर पाती हैं।

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