NCERT Class 7 Social Science Chapter 7 गुप्त काल – अथक सृजनशीलता का युग Solutions in Hindi Medium As Per CBSE New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters NCERT Class 7 Social Science Chapter 7 गुप्त काल – अथक सृजनशीलता का युग Question Answer and select need one. NCERT Class 7 Social Science Chapter 7 गुप्त काल – अथक सृजनशीलता का युग Notes Download PDF. CBSE Class 7 Solutions for Social Science in Hindi.
NCERT Class 7 Social Science Chapter 7 गुप्त काल – अथक सृजनशीलता का युग
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गुप्त काल – अथक सृजनशीलता का युग
Chapter: 7
| प्रश्न और क्रियाकलाप |
1. कल्पना कीजिए कि आपको गुप्त साम्राज्य में रहने वाले किसी व्यक्ति से एक पत्र मिलता है। पत्र का आरंभ इस प्रकार होता है- “पाटलिपुत्र से अभिवादन। यहाँ का जीवन सुखमय और उत्साह से भरा है। कल ही मैंने देखा…” गुप्त साम्राज्य में जीवन का वर्णन करते हुए एक संक्षिप्त लेख (250-300) के साथ पत्र को पूरा कीजिए।
उत्तर: पाटलिपुत्र से अभिवादन। यहाँ का जीवन सुखमय और उत्साह से भरा है। कल ही मैंने देखा कि सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय की राजधानी कितनी भव्य और व्यवस्थित है। यहाँ की गलियाँ चौड़ी हैं और सुंदर भवनों से सजी हुई हैं। नगर में समृद्ध व्यापारी और विदेशी लोग रहते हैं। गलियों में स्वच्छता है और निर्धनों के लिए दानशालाएँ तथा औषधालय बने हैं।
व्यापार बहुत फला-फूला है। हिंद महासागर के तटीय नगरों से लेकर भूमध्यसागर तक भारतीय वस्तुएँ भेजी जाती हैं। कपड़े, मसाले, हाथीदाँत और रत्न प्रमुख व्यापारिक वस्तुएँ हैं। नगर में आयोजित बाजारों में विदेशी व्यापारी भी आते हैं।
यहाँ की कला और साहित्य अद्वितीय हैं। अजंता गुफाओं की चित्रकला, उदयगिरि की मूर्तियाँ और सारनाथ की बुद्ध प्रतिमाएँ अद्भुत सौंदर्य प्रस्तुत करती हैं। संस्कृत साहित्य अपने उत्कर्ष पर है। महाकवि कालिदास की रचनाएँ सबको मोहित करती हैं। विद्वानों और वैज्ञानिकों का बड़ा सम्मान है। आर्यभट और वराहमिहिर जैसे महान विद्वान गणित और खगोल विज्ञान में अद्भुत कार्य कर रहे हैं।
राजा प्रजा के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। निर्धनों को भोजन और औषधि मिलती है। वैद्य नि:शुल्क इलाज करते हैं। धर्म और दर्शन को भी संरक्षण प्राप्त है। बौद्ध विहार और नालंदा विश्वविद्यालय शिक्षा के केंद्र बने हुए हैं।
निस्संदेह, गुप्त युग एक उत्कृष्ट और सृजनशीलता से भरपूर युग है, जिसने भारत को गौरवशाली पहचान दी है।”
2. किस गुप्तकालीन शासक को ‘विक्रमादित्य’ के नाम से भी जाना जाता है?
उत्तर: गुप्तकालीन शासक चंद्रगुप्त द्वितीय को ‘विक्रमादित्य’ के नाम से भी जाना जाता है।
3. “शांतिकाल सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन, साहित्य तथा विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास लाने में सहायक होते हैं।” गुप्त साम्राज्य के संदर्भ में इस कथन का परीक्षण कीजिए।
उत्तर: गुप्त काल में लंबे समय तक शांति और राजनीतिक स्थिरता बनी रही, जिसने समाज को समृद्ध और व्यवस्थित बनने का अवसर दिया। इसी अनुकूल वातावरण में कला और साहित्य का उत्कर्ष हुआ—महाकवि कालिदास जैसी प्रतिभाओं ने अमर कृतियाँ रचीं—और विज्ञान–प्रौद्योगिकी में उल्लेखनीय प्रगति हुई; आर्यभट और वराहमिहिर ने गणित व खगोल विज्ञान में नवीन सिद्धांत प्रस्तुत किए। चिकित्सा के क्षेत्र में आयुर्वेद के प्रमुख ग्रंथों का संहिताकरण हुआ, जबकि धातु विज्ञान में दिल्ली का लौह-स्तंभ जंग-रोधी तकनीक का अद्भुत प्रमाण बनकर उभरा। इस प्रकार गुप्त युग की शांति और स्थिरता ने सामाजिक, सांस्कृतिक तथा वैज्ञानिक विकास के लिए ठोस आधार प्रदान किया।
4. किसी गुप्तकालीन शासक की राजसभा के एक दृश्य का नाटकीय रूपांतरण कीजिए, जिसमें राजा, मंत्री और विद्वानों जैसी भूमिकाएँ हों। इस प्रकार आप गुप्त युग को पुनर्जीवित कर सकते हैं।
उत्तर: नाटकीय रूपांतरण: समुद्रगुप्त की राजसभा।
स्थान: प्रयागराज का भव्य राजमहल।
पात्र: समुद्रगुप्त (राजा), राजकवि हरिषेण, मंत्री सोमदेव, वैद्य धन्वंतरि, सेनापति वीरसेन।
दृश्य: (राजा समुद्रगुप्त सिंहासन पर आसीन हैं। राजसभा में विद्वान, मंत्री और सैनिक अधिकारी उपस्थित हैं।)
समुद्रगुप्त: स्वागत है, मेरे प्रिय सभासदों! आज हम अपने साम्राज्य की उपलब्धियों और जनता के कल्याण पर विचार करेंगे। सोमदेव, राज्य की स्थिति कैसी है?
सोमदेव (मंत्री): महाराज, आपके न्यायपूर्ण शासन से जनता सुखी है। कर व्यवस्था सुव्यवस्थित है और प्रजा प्रसन्न है। किसान दो फसलें उगा रहे हैं, जिससे अन्न का भंडार भरा है।
हरिषेण (राजकवि): महाराज, मैंने आपकी विजयगाथाओं को प्रयाग प्रशस्ति में अंकित किया है। आपकी वीरता और उदारता का वर्णन युगों-युगों तक किया जाएगा।
समुद्रगुप्त (मुस्कुराते हुए): उत्तम! कवि की लेखनी से ही इतिहास जीवित रहता है।
धन्वंतरि (वैद्य): महाराज, मैंने आयुर्वेदिक ग्रंथों का संकलन प्रारंभ किया है। इसमें रोगों के निदान और उपचार की नई विधियाँ सम्मिलित होंगी, जिससे जनता स्वस्थ रहेगी।
वीरसेन (सैन्य कमांडर): महाराज, सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पराजित राजाओं ने आपकी अधीनता स्वीकार कर भेंट दी है। आपकी शक्ति से कोई शत्रु मुकाबला करने का साहस नहीं करता।
समुद्रगुप्त: यह सब मेरे साम्राज्य की शक्ति और विद्या का प्रमाण है। हम केवल विजय के लिए नहीं, बल्कि जनता की समृद्धि और संस्कृति के संरक्षण के लिए शासन करते हैं। यही गुप्त युग की महानता है।
(सभा में सब ‘जय समुद्रगुप्त’ का नारा लगाते हैं और हरिषेण अपनी रचना का पाठ आरंभ करता है।)
5. मिलान कीजिए-
| अ | ब |
| (1) कांचीपुरम | (क) जातक कथाओं को दशनि वाले जीवंत गुफा चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। |
| (2) उज्जयिनी | (ख) यह स्थान चट्टान काटकर बनाई गई गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें हिंदू देवी-देवताओं, विशेषकर भगवान विष्णु की उत्कृष्ट प्रतिमाएँ उत्कीर्ण की गई हैं। |
| (3) उदयगिरि | (ग) गुप्त शासकों की राजधानी |
| (4) अजंता | (घ) ‘एक हजार मंदिरों का शहर के रूप में प्रसिद्ध है। |
| (5) पाटलिपुत्र | (ङ) प्राचीन भारत में शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र |
उत्तर:
| अ | ब |
| (1) कांचीपुरम | (घ) ‘एक हजार मंदिरों का शहर के रूप में प्रसिद्ध है। |
| (2) उज्जयिनी | (ङ) प्राचीन भारत में शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र |
| (3) उदयगिरि | (ख) यह स्थान चट्टान काटकर बनाई गई गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें हिंदू देवी-देवताओं, विशेषकर भगवान विष्णु की उत्कृष्ट प्रतिमाएँ उत्कीर्ण की गई हैं। |
| (4) अजंता | (क) जातक कथाओं को दशनि वाले जीवंत गुफा चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। |
| (5) पाटलिपुत्र | (ग) गुप्त शासकों की राजधानी |
6. पल्लव कौन थे और उन्होंने कहाँ शासन किया?
उत्तर: पल्लव एक शक्तिशाली राजवंश थे, जिन्होंने चौथी से नौवीं शताब्दी तक दक्षिण भारत (तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ भागों) पर शासन किया। उनकी राजधानी कांचीपुरम थी। वे कला और वास्तुकला के महान संरक्षक थे और अनेक भव्य मंदिरों तथा शैलकृत गुफाओं का निर्माण कराया।
7. अपने शिक्षकों के साथ निकट के किसी ऐतिहासिक स्थल, संग्रहालय या विरासत भवन की यात्रा का आयोजन कीजिए। यात्रा के बाद अपने अनुभव का वर्णन करते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट लिखिए। रिपोर्ट में इस स्थल के ऐतिहासिक महत्व, वास्तुकला, कलाकृतियों और यात्रा के दौरान आपके द्वारा सीखे गए किसी भी रोचक तथ्य के बारे में अपने महत्वपूर्ण अवलोकनों को सम्मिलित कीजिए। इस यात्रा ने इतिहास के बारे में आपकी समझ को कैसे विकसित किया?
उत्तर: रिपोर्ट: अजंता गुफाओं की यात्रा
स्थान: अजंता गुफाएँ, औरंगाबाद, महाराष्ट्र
तारीख: ……
विवरण:
पिछले महीने हमारी कक्षा ने शिक्षकों के साथ महाराष्ट्र स्थित अजंता गुफाओं की शैक्षिक यात्रा की। यह अनुभव बेहद रोचक और यादगार रहा। अजंता गुफाएँ प्राचीन भारत की कला और संस्कृति का अद्भुत उदाहरण हैं। इन्हें बौद्ध भिक्षुओं द्वारा दूसरी शताब्दी ईसा-पूर्व से लेकर गुप्त काल तक विभिन्न चरणों में बनाया गया था।
ऐतिहासिक महत्व: अजंता गुफाएँ यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। यहाँ बनी भित्ति-चित्र और मूर्तियाँ बौद्ध धर्म के जीवन-दर्शन और जातक कथाओं को दर्शाती हैं। हमारे गाइड ने बताया कि गुप्त युग में यहाँ की कला और स्थापत्य अपने उत्कर्ष पर था।
वास्तुकला|: गुफाओं को पहाड़ों को काटकर बनाया गया है। इनमें सुंदर स्तूप, चैत्य (प्रार्थना-गृह) और विहार (आवास-गृह) हैं। दीवारों पर बनी चित्रकला बेहद जीवंत है, जिनमें राजाओं, रानियों, साधुओं और आम जनता का जीवन बारीकी से दर्शाया गया है।
कलाकृतियाँ: हमने बोधिसत्व पद्मपाणि और अवलोकितेश्वर की अद्भुत चित्रकारी देखी। गाइड ने बताया कि इन चित्रों में प्राकृतिक रंगों का प्रयोग हुआ है, जो सदियों बाद भी अपनी चमक बनाए हुए हैं।
रोचक तथ्य: यात्रा का सबसे रोचक तथ्य यह था कि इन गुफाओं की चित्रकला में परछाई और गहराई (शेडिंग) की तकनीक का प्रयोग किया गया है, जो आधुनिक कला का पूर्वरूप मानी जाती है।

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