NCERT Class 7 Social Science Chapter 2 मौसम को समझना Solutions in Hindi Medium As Per CBSE New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters NCERT Class 7 Social Science Chapter 2 मौसम को समझना Question Answer and select need one. NCERT Class 7 Social Science Chapter 2 मौसम को समझना Notes Download PDF. CBSE Class 7 Solutions for Social Science in Hindi.
NCERT Class 7 Social Science Chapter 2 मौसम को समझना
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मौसम को समझना
Chapter: 2
| प्रश्न और क्रियाकलाप |
1. मौसम के तत्वों का उनको मापने वाले उपकरणों के साथ मिलान कीजिए।
| प्रयुक्त उपकरण | मौसम के तत्व |
| (1) आर्द्रतामापी (हाइग्रोमीटर) | (क) वर्षण (प्रेसिपिटेशन) |
| (2) पवन वेगमापी (एनीमोमीटर) | (ख) वायुमंडलीय दबाव |
| (3) वायुदाबमापी (बैरोमीटर) | (ग) वायु की दिशा और गति |
| (4) तापमापी (थर्मामीटर) | (घ) आर्द्रता |
| (5) वर्षामापी (रेन गेज) | (ङ) तापमान |
उत्तर:
| प्रयुक्त उपकरण | मौसम के तत्व |
| (1) आर्द्रतामापी (हाइग्रोमीटर) | (घ) आर्द्रता |
| (2) पवन वेगमापी (एनीमोमीटर) | (ग) वायु की दिशा और गति |
| (3) वायुदाबमापी (बैरोमीटर) | (ख) वायुमंडलीय दबाव |
| (4) तापमापी (थर्मामीटर) | (ङ) तापमान |
| (5) वर्षामापी (रेन गेज) | (क) वर्षण (प्रेसिपिटेशन) |
2. ज्योत्सना यह सोच रही है कि जून में मुंबई में अपनी विद्यालय यात्रा के समय कौन-से कपड़े साथ ले जाए। वह मौसम के पूर्वानुमान को देखती है, जो 29 डिग्री सेल्सियस और 84 प्रतिशत आर्द्रता की भविष्यवाणी करता है। आप उसको क्या सलाह देंगे?
उत्तर: ज्योत्सना को परामर्श-
(i) मुंबई में जून का महीना मानसून का प्रारंभ होता है। इस समय–
(ii) औसत तापमान लगभग 29°C होता है।
(iii) आर्द्रता बहुत अधिक (लगभग 84%) रहती है।
(iv) लगातार बारिश और उमस भरा मौसम रहता है।
इसलिए ज्योत्सना को यह सामान रखना चाहिए—
(i) हल्के और सूती कपड़े – ताकि पसीना आसानी से सूख सके और शरीर को ठंडक लगे।
(ii) रेनकोट या छतरी – क्योंकि अचानक तेज वर्षा हो सकती है।
(iii) आरामदायक जूते/सैंडल – जो पानी में जल्दी खराब न हों।
(iv) अतिरिक्त कपड़े – गीले हो जाने पर बदलने के लिए।
(v) टोपी या कैप – धूप और गर्मी से बचने के लिए।
सलाह: उसे भारी ऊनी कपड़े या सिंथेटिक कपड़े साथ नहीं रखने चाहिए, क्योंकि वे उमस में असुविधाजनक होंगे।
3. कल्पना कीजिए कि आपका एक छोटा समूह वर्षामापी यंत्र स्थापित कर रहा है। यहाँ उसे स्थापित करने के स्थान के कुछ विकल्प दिए गए हैं-
1. विद्यालय का सब्जी उद्यान।
2. विद्यालय भवन की छत।
3. ऊँचे चबूतरे के साथ खुला मैदान।
4. विद्यालय परिसर की दीवार।
5. विद्यालय प्रयोगशाला का बरामदा।
अपने समूह के साथ चर्चा कीजिए और सर्वाधिक उपयुक्त स्थान का निर्धारण कीजिए। अपने निर्णय के कारणों को लिखिए।
उत्तर: दिए गए विकल्प:
1. विद्यालय का सब्जी उद्यान।
2. विद्यालय भवन की छत।
3. ऊँचे चबूतरे के साथ खुला मैदान।
4. विद्यालय परिसर की दीवार।
5. विद्यालय प्रयोगशाला का बरामदा।
सर्वाधिक उपयुक्त स्थान: “ऊँचे चबूतरे के साथ खुला मैदान” (विकल्प 3)
कारण:
(i) वर्षामापी को हमेशा खुले स्थान पर रखना चाहिए, ताकि वर्षा जल सीधा उसमें गिरे।
(ii) पेड़ों, भवनों, दीवारों आदि की छाया या अवरोध से जल की मात्रा प्रभावित न हो।
(iii) ऊँचे चबूतरे पर रखने से आसपास कीचड़ या जलभराव से बचाव होता है।
(iv) खुले मैदान में वर्षा की सही और सटीक माप प्राप्त होती है।
निष्कर्ष: वर्षामापी को विद्यालय के खुले मैदान में ऊँचे चबूतरे पर स्थापित करना सबसे उचित है।

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