NCERT Class 7 Social Science Chapter 1 भारत की भौगोलिक विविधता

NCERT Class 7 Social Science Chapter 1 भारत की भौगोलिक विविधता Solutions in Hindi Medium As Per CBSE New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters NCERT Class 7 Social Science Chapter 1 भारत की भौगोलिक विविधता Question Answer and select need one. NCERT Class 7 Social Science Chapter 1 भारत की भौगोलिक विविधता Notes Download PDF. CBSE Class 7 Solutions for Social Science in Hindi.

NCERT Class 7 Social Science Chapter 1 भारत की भौगोलिक विविधता

Join Telegram channel
Follow us:
facebook sharing button
whatsappp sharing button
instagram sharing button

Also, you can read the NCERT book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per Central Board of Secondary Education (CBSE) Book guidelines. NCERT Class 7 Social Science Chapter 1 भारत की भौगोलिक विविधता Textual Solutions are part of All Subject Solutions. Here we have given CBSE Class 7 Social Science Textbook Solutions Hindi Medium for All Chapters, You can practice these here.

Chapter: 1

प्रश्न और क्रियाकलाप

1. आपकी राय में भारत की दो महत्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताएँ क्या हैं? आपके विचार में वे क्यों महत्वपूर्ण हैं?

उत्तर: भारत की दो प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ हैं–

(i) हिमालय पर्वत शृंखला: यह भारत की उत्तरी सीमा पर एक विशाल प्राकृतिक प्राचीर है। यह न केवल शत्रुओं से रक्षा करती है बल्कि ठंडी हवाओं को भी रोकती है, जिससे भारत की जलवायु संतुलित रहती है। यह गंगा, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी महान नदियों का उद्गम स्थल भी है, जो करोड़ों लोगों को जीवनदायी जल प्रदान करती हैं।

(ii) गंगा का मैदान: यह मैदान अत्यंत उपजाऊ है और भारत की कृषि का आधार है। यहाँ घनी जनसंख्या रहती है और यह भारत के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को आकार देता है।

मेरे विचार में ये दोनों भौगोलिक विशेषताएँ इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि हिमालय पर्वत श्रृंखला भारत की सुरक्षा, जलवायु संतुलन और नदियों के उद्गम का आधार है, जिससे जीवन और कृषि दोनों संभव होते हैं। वहीं गंगा का मैदान अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के कारण भारत की अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और जनजीवन का प्रमुख सहारा है। इस प्रकार ये दोनों विशेषताएँ भारत के प्राकृतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अहम भूमिका निभाती हैं।

2. आपके विचार में यदि हिमालय नहीं होता तो भारत का स्वरूप कैसा होता? अपनी कल्पना को व्यक्त करने के लिए एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए अथवा चित्र द्वारा अभिव्यक्त कीजिए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Join Now

उत्तर: यदि हिमालय पर्वत शृंखला न होता तो भारत का स्वरूप बिल्कुल अलग होता। उत्तरी ठंडी हवाएँ सीधे भारत में प्रवेश करतीं और यहाँ की जलवायु अत्यधिक ठंडी और शुष्क हो जाती। गंगा, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी महान नदियाँ न होतीं, जिसके कारण मैदान उपजाऊ न होते। भारत की सभ्यता और संस्कृति उतनी समृद्ध न हो पाती और यहाँ के जीवन पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता।

3. अध्याय में दी गई जानकारी के आधार पर बताइए कि भारत को ‘लघु महाद्वीप’ क्यों कहा जाता है?

उत्तर: भारत को ‘लघु महाद्वीप’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ लगभग हर प्रकार की भौगोलिक संरचना मिलती है। उत्तर में हिमालय पर्वत, दक्षिण में प्रायद्वीपीय पठार, पश्चिम में थार का मरुस्थल, पूर्व में उपजाऊ मैदान और समुद्री तट तथा द्वीप समूह इसकी विविधता को दर्शाते हैं। इतनी भौगोलिक विविधता और जलवायु परिस्थितियाँ किसी छोटे भूभाग में बहुत कम देखने को मिलती हैं।

4. भारत की किसी प्रमुख नदी को मानचित्र में देखिए। इसका उद्गम कहाँ है और यह समुद्र में कहाँ मिलती है? इसकी यात्रा के दौरान लोग इस नदी का विभिन्न प्रकार से कैसे उपयोग करते हैं? अपनी कक्षा में इस पर चर्चा कीजिए।

उत्तर: गंगा नदी-

(i) उद्गम: गंगा नदी उत्तराखंड के गोमुख (गंगोत्री हिमनद) से निकलती है।

(ii) समुद्र में मिलन: यह बंगाल की खाड़ी में सुंदरवन डेल्टा के पास मिलती है।

(iii) उपयोग: गंगा के जल का उपयोग लोग पीने, सिंचाई, कृषि कार्य, उद्योगों और जलविद्युत उत्पादन के लिए करते हैं।

(iv) धार्मिक महत्व: गंगा को पवित्र माना जाता है। करोड़ों लोग तीर्थ यात्राएँ करते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में गंगा जल का प्रयोग करते हैं।

(v) विशेषता: गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता और संस्कृति की जीवन रेखा है।

5. भारत के दक्षिणी भाग को प्रायद्वीपीय पठार क्यों कहा जाता है?

उत्तर: भारत का दक्षिणी भाग तीन ओर से समुद्र (अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर) से घिरा है, इसलिए इसे प्रायद्वीप कहा जाता है। यह भूभाग प्राचीन चट्टानों से बना है और इसमें पश्चिमी घाट तथा पूर्वी घाट पर्वतमालाएँ स्थित हैं। इस क्षेत्र में अनेक नदियाँ बहती हैं और यहाँ खनिज संपदा तथा घने वन पाए जाते हैं। यही कारण है कि दक्षिणी भाग को प्रायद्वीपीय पठार कहा जाता है।

6. इस अध्याय में वर्णित यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त कौन-से धरोहर स्थल आपको अधिक रूचिकर लगे? इसके रोचक तथ्यों का संक्षिप्त में वर्णन कीजिए।

उत्तर: मुझे सुंदरवन डेल्टा अत्यंत रोचक लगा। यह विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा है और यहाँ रॉयल बंगाल टाइगर, मगरमच्छ तथा अनेक अद्वितीय जीव-जंतु पाए जाते हैं। यहाँ नदियाँ, सागर और भूमि का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक विविधता और मानव जीवन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त पश्चिमी घाट और हिमालय का ग्रेट नेशनल पार्क भी यूनेस्को धरोहर स्थल हैं, जिनमें जैव विविधता अत्यधिक पाई जाती है।

7. इस पुस्तक के अंत में दिए गए भारत के भौतिक और राजनीतिक मानचित्रों को देखिए। आप अभी जिस क्षेत्र में हैं, उसकी पहचान कीजिए। आप भारत की किस भौतिक विशेषता का उपयोग इस स्थान का वर्णन करने के लिए करेंगे?

उत्तर: (छात्र अपने क्षेत्र का नाम लिखेगा)–

उदाहरण के लिए, यदि कोई छात्र उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग में रहता है तो वह कह सकता है–

मेरा क्षेत्र गंगा के मैदान का हिस्सा है। यह क्षेत्र अत्यंत उपजाऊ मिट्टी, नदियों और कृषि के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ धान, गेहूँ, गन्ना आदि प्रमुख फसलें होती हैं। यह मैदान भारत की जनसंख्या का सबसे घना क्षेत्र है और इसकी पहचान समतल भूमि और उपजाऊ मिट्टी से होती है।

8. भारत में खाद्य संरक्षण के उपाय जगह-जगह पर भिन्न हैं, जो स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप होते हैं। ‘कक्षा परियोजना’ के अंतर्गत खाद्य संरक्षण के विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी एकत्रित कीजिए। (संकेत – मोसमी (ऋतु विशेष में उपलब्ध) सब्जियों को सुखाकर उन्हें अन्य ऋतुओं में उपयोग हेतु सुरक्षित रखना।)

उत्तर: भारत के विभिन्न भागों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग खाद्य संरक्षण के उपाय अपनाए जाते हैं। जैसे–

(i) सब्जियों और फलों को सुखाकर रखना ताकि वे लंबे समय तक सुरक्षित रहें।

(ii) अचार, पापड़, मुरब्बा और बड़ी बनाना।

(iii) अनाज और मसालों को धूप में सुखाकर संग्रह करना।

(iv) आधुनिक उपायों में शीतगृह (Cold Storage) और रेफ्रिजरेशन का प्रयोग करना।

(v) ये सभी उपाय भोजन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।

9. इतने अलग-अलग भौतिक स्वरूपों (पर्वतीय, मरुस्थलीय, मैदानी, तटीय इत्यादि) के साथ भारत एक विशाल देश है। भारत की भौगोलिक स्थिति ने लोगों को एकजुट रहने में किस प्रकार सहायता की है। इसके बारे में आपका क्या विचार है?

उत्तर: भारत की भौगोलिक स्थिति ने लोगों को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हिमालय से लेकर समुद्र तक, मरुस्थल से लेकर उपजाऊ मैदान तक, हर प्रकार की भौगोलिक परिस्थितियाँ यहाँ पाई जाती हैं। इन विविधताओं के बीच लोगों ने अपनी जीवन-शैली, भाषा, संस्कृति और परंपराओं को विकसित किया, लेकिन सभी में एकता की भावना बनी रही। इस भौगोलिक विविधता ने भारत को एक बहुरंगी किन्तु एकजुट राष्ट्र बनाया है।

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This will close in 0 seconds

Scroll to Top