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NCERT Class 7 Social Science Chapter 19 अवसंरचना: भारत के विकास की नींव
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अवसंरचना: भारत के विकास की नींव
Chapter: 19
| Part – 2 |
महत्वपूर्ण प्रश्न
1. भौतिक अवसंरचना क्या है और भारत में समय के साथ यह किस प्रकार परिवर्तित हुई है?
उत्तर: भौतिक अवसंरचना उन मूर्त संरचनाओं का एक व्यापक और व्यवस्थित तंत्र है जो हमारे शहरों और गाँवों के सुचारू संचालन के लिए बनाया जाता है, जिसमें सड़कें, रेल, बिजली-आपूर्ति, जल की पाइपलाइन, संचार टावर और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। भारत में समय के साथ इसमें क्रांतिकारी परिवर्तन आए हैं; जहाँ प्राचीन काल में केवल पारंपरिक व्यापार-मार्गों का जाल था, वहीं आज भारत में संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क-तंत्र, चौथी सबसे बड़ी रेल प्रणाली और देश के 23 शहरों में विस्तृत आधुनिक मेट्रो नेटवर्क विकसित हो चुका है जो स्वच्छ और डिजिटल तकनीकों का उपयोग करता है।
2. अवसंरचना के विस्तार ने किस प्रकार व्यक्तियों और समुदायों के जीवन को प्रभावित किया है?
उत्तर: अवसंरचना के विस्तार ने लोगों और समुदायों के दैनिक जीवन को अत्यधिक सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध बना दिया है। पक्की सड़कों, जल-पंपों, सिंचाई नहरों और इंटरनेट कनेक्टिविटी के माध्यम से किसानों की फसलों को समय पर शहर के बाजारों और कोल्ड स्टोरेज तक पहुँचाना संभव हुआ है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी है। इसके अलावा, ढोला सदिया जैसे मजबूत सेतुओं के निर्माण से यात्रा के समय में घंटों की कमी आई है, जिससे लोग बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय भी स्वास्थ्य और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं तक तुरंत पहुँच पा रहे हैं।
प्रश्न 3: देश के विकास और आर्थिक समृद्धि में अवसंरचना की क्या भूमिका है?
उत्तर: अवसंरचना देश के समग्र आर्थिक विकास और समृद्धि की रीढ़ होती है, जो सभी प्रकार की आर्थिक गतिविधियों की आधारशिला है। यह परिवहन और संचार प्रणालियों के माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन केंद्रों को सीधे बाजारों से जोड़ती है जिससे देश के भीतर तथा बाहर व्यापार को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा, यह पर्यटन को आकर्षित करती है, राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करती है और रेलवे तथा विमानन जैसे विशाल क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करके देश की आर्थिक समृद्धि को गति प्रदान करती है।
प्रश्न एवं क्रियाकलाप
1. पिछले एक दशक में आपके क्षेत्र में कौन-सी भौतिक अवसंरचना विकसित की गई? आपके या आपके परिवार के सदस्यों को इससे किस प्रकार लाभ हुआ है? यदि आपको समुदाय के लिए कुछ निर्माण करने का अवसर प्राप्त हो, तो आप क्या बनाना चाहेंगे?
उत्तर: पिछले एक दशक में हमारे क्षेत्र में नई चौड़ी सड़कों, एक्सप्रेसवे, फ्लाईओवरों और पर्यावरण-अनुकूल मेट्रो रेल प्रणालियों जैसी भौतिक अवसंरचनाओं का तेज़ी से विकास हुआ है। इससे हमारे परिवार के सदस्यों को काम और शिक्षा के लिए यात्रा करने में लगने वाले समय की भारी बचत हुई है और प्रदूषण रहित आरामदायक आवागमन की सुविधा मिली है। यदि मुझे समुदाय के लिए कुछ निर्माण करने का अवसर मिले, तो मैं बच्चों, वृद्धजनों और दिव्यांगों की आवश्यकताओं के अनुकूल एक हरित सामुदायिक उद्यान और आधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली का निर्माण करना चाहूँगा जिससे समाज का कल्याण और विकास हो सके।
2. पत्तनों, राजमार्गों और विमानपत्तनों जैसी भौतिक अवसंरचनाएं किस प्रकार देश के विभिन्न भागों में रोजगार के अवसर सृजित करती हैं? क्या आप इनके द्वारा व्यक्तियों को हुए अप्रत्यक्ष लाभों के विषय में विचार कर सकते हैं?
उत्तर: पत्तनों, राजमार्गों और विमानपत्तनों के निर्माण और संचालन के लिए बड़ी संख्या में इंजीनियरों, तकनीशियनों, सुरक्षाकर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होता है। इसके साथ ही, इनके विकसित होने से आसपास के क्षेत्रों में परिवहन, टैक्सी सेवाओं, होटलों, रेस्टोरेंटों, स्थानीय खाद्य सामग्रियों की दुकानों और फेरी-विक्रय जैसे व्यवसायों में भारी बढ़ोतरी होती है, जो लाखों स्थानीय लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका और रोजगार के बेहतरीन अवसर प्रदान करती है।
3. सड़कों या विमानपत्तनों जैसी नई अवसंरचनाओं का निर्माण करते समय पर्यावरण के विषय में विचार करना क्यों आवश्यक है? क्या अवसंरचनाओं का विकास और पर्यावरण-संरक्षण दोनों साथ-साथ हो सकते हैं? यदि हाँ, तो कैसे?
उत्तर: अवसंरचना निर्माण के दौरान वनों की कटाई, प्रदूषण और जैव-विविधता की क्षति जैसे गंभीर संकट पैदा होते हैं, जिन्हें न्यूनतम करने के लिए पर्यावरण पर विचार करना बेहद आवश्यक है। विकास और पर्यावरण-संरक्षण बिल्कुल साथ-साथ हो सकते हैं; इसके लिए हमें निर्माण में पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का उपयोग करना चाहिए, बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा हवाई अड्डे की तरह बाँस और हरियाली से सुसज्जित हरित डिज़ाइन अपनाने चाहिए और रेलवे पटरियों पर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आधुनिक चेतावनी प्रणालियों का उपयोग करना चाहिए।
4. सड़कों, विमानपत्तनों और संचार प्रणालियों जैसी उत्तम अवसंरचनाओं से बाढ़ या भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय किस प्रकार सहायता प्राप्त हो सकती है?
उत्तर: प्राकृतिक आपदाओं के समय सुदृढ़ सड़कों और विमानपत्तनों के माध्यम से आपातकालीन राहत सामग्री, दवाइयाँ और बचाव दलों को दुर्गम तथा प्रभावित क्षेत्रों तक बेहद कम समय में पहुँचाया जा सकता है। साथ ही, उन्नत संचार प्रणालियों की मदद से मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट के माध्यम से लोगों को समय पर तुरंत एसएमएस अलर्ट और महत्वपूर्ण सूचनाएं भेजी जा सकती हैं, जिससे आपदा के दौरान समन्वय स्थापित करने और लोगों की जान बचाने में बड़ी मदद मिलती है।
5. क्या आपने कभी सार्वजनिक स्थानों के दुरुपयोग देखे हैं, जैसे— दीवारों पर लिखना, स्ट्रीट लाइट तोड़ना या बेंचों को क्षतिग्रस्त करना? इसके क्या दुष्परिणाम होते हैं? अपने अवलोकन को लिखिए और इन्हें रोकने के लिए उपयुक्त समाधान सुझाइए।
उत्तर: हाँ, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना, दीवारों पर लिखना और स्ट्रीट लाइटों या बेंचों को नष्ट करना जैसी घटनाएँ अक्सर देखी जाती हैं। इसके दुष्परिणामस्वरूप आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है और सरकारी संपत्ति के जीर्णोद्धार के लिए करदाताओं तथा नागरिकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है। इसे रोकने के लिए कौटिल्य के अर्थशास्त्र के ऐतिहासिक नियमों की तरह कड़ी निगरानी, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने पर कड़े अर्थदंड का प्रावधान और समाज में सार्वजनिक संपत्तियों के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना का प्रचार किया जाना चाहिए।
6. निम्नलिखित परिस्थितियों के लिए ‘परिदृश्य पोस्टर’ तैयार कीजिए—
→ किसी क्षेत्र में एक नया कारखाना स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। उसके सुचारु संचालन के लिए किस प्रकार की अवसंरचना की आवश्यकता होगी?
→ एक ऐसी भविष्य की नगरी की कल्पना कीजिए जिसमें स्वयं साफ होने वाली सड़कें, भूमिगत राजमार्ग तथा उच्च-गति की बुलेट ट्रेनें हों। ऐसी भविष्यगत अवसंरचना कैसी होगी, जो आपके नगर, कस्बे और गाँव में व्यक्तियों तथा समाज के दैनिक जीवन को अधिक सरल और सुविधाजनक बना सके?
क्षेत्रों तथा
→ अपने क्षेत्र के भूभागों, जैसे- तटीय क्षेत्रों, पर्वतीय क्षेत्रों और मैदानी क्षेत्रों तथा संभावित प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए अपने आस-पास की अवसंरचनाओं में सुधार के विषय में विचार कीजिए।
→ यदि आपको एक नया रेलवे स्टेशन या मेट्रो स्टेशन डिजाइन करने का अवसर प्राप्त हो, तो वह कैसा होगा? यात्रियों के लिए उसे अधिक आनंददायक और सुखद बनाने हेतु आप उसमें कौन-कौन सी विशेषताएँ जोड़ेंगे?
उत्तर: कारखाने के सुचारू संचालन के लिए बिजली आपूर्ति, पक्की सड़कों, जल निकासी और संचार नेटवर्क से जुड़े पोस्टर की आवश्यकता होगी। भविष्य की नगरी के लिए स्वयं साफ होने वाली सड़कें, भूमिगत एक्सप्रेसवे और पर्यावरण-अनुकूल बुलेट ट्रेनों की कल्पना की जा सकती है। पर्वतीय व तटीय क्षेत्रों के लिए आपदा-रोधी पुल, समुद्र तट सुरक्षात्मक दीवारें और स्थायी मार्ग दर्शाए जाने चाहिए। नए रेलवे या मेट्रो स्टेशन के डिज़ाइन में सौर पैनल, दिव्यांगों व बुजुर्गों के लिए अनुकूल रैंप और हरित आंतरिक सज्जा वाली सुविधाओं को मुख्य रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए।
7. वर्तमान आधुनिक अवसंरचना के लिए निरंतर प्रौद्योगिकीय नवाचार आवश्यक हैं… ऐसे अन्य नवाचारों के विषय में सूचनाएं एकत्रित कीजिए जो समाज के लिए जीवन को अधिक सुगम बनाने या आवागमन की सुविधा को उत्तम करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
उत्तर: आधुनिक अवसंरचना को बेहतर बनाने के लिए जीवाश्म ईंधनों के विकल्प के रूप में विद्युत वाहनों (EV) का बढ़ता उपयोग और उनके लिए चार्जिंग स्टेशनों का विकास एक क्रांतिकारी नवाचार है। इसके अतिरिक्त, स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नलिंग प्रणालियाँ जो स्वचालित रूप से भीड़ को नियंत्रित करती हैं, सौर ऊर्जा से संचालित होने वाली सार्वजनिक स्ट्रीट लाइटें, जल संचयन तकनीक से युक्त सड़कें और एक्सप्रेसवे पर पशुओं के आवागमन के समय सुरक्षा चेतावनी देने वाली अलार्म प्रणालियाँ ऐसे महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार हैं जो हमारे आवागमन को सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाते हैं।
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