🪔 Diwali Maha Offer Class 10 & 12 Bundles @ ₹299 ₹599
Ends in:
03d
14h
35m
40s

NCERT Class 7 Social Science Chapter 20 बैंक एवं वित्तीय सेवाएँ

NCERT Class 7 Social Science Chapter 20 बैंक एवं वित्तीय सेवाएँ Solutions in Hindi Medium As Per CBSE New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters NCERT Class 7 Social Science Chapter 20 बैंक एवं वित्तीय सेवाएँ Question Answer and select need one. NCERT Class 7 Social Science Chapter 20 बैंक एवं वित्तीय सेवाएँ Notes Download PDF. CBSE Class 7 Solutions for Social Science in Hindi.

NCERT Class 7 Social Science Chapter 20 बैंक एवं वित्तीय सेवाएँ

Also, you can read the NCERT book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per Central Board of Secondary Education (CBSE) Book guidelines. NCERT Class 7 Social Science Chapter 20 बैंक एवं वित्तीय सेवाएँ Textual Solutions are part of All Subject Solutions. Here we have given CBSE Class 7 Social Science Textbook Solutions Hindi Medium for All Chapters, You can practice these here.

Chapter: 20

Part – 2

महत्वपूर्ण प्रश्न 

1. वित्तीय अवसंरचना क्या है और इसमें किन-किन घटकों का समावेश होता है? 

उत्तर: वित्तीय अवसंरचना बैंकों, भुगतान-प्रणालियों, शेयर बाजारों तथा अन्य वित्तीय संस्थानों का एक व्यवस्थित जाल (नेटवर्क) है जो देश में धन के प्रभावी प्रबंधन में मदद करता है। इसमें मुख्य रूप से बैंक, डाकघर, भारतीय औद्योगिक वित्त निगम, नाबार्ड, स्टॉक एक्सचेंज और विभिन्न डिजिटल भुगतान प्रणालियाँ जैसे घटक शामिल होते हैं जो देश में धन के प्रवाह को सुगम बनाते हैं।

2. बैंकों के प्रमुख कार्य कौन-कौन से हैं और वे लोगों के जीवन को किस प्रकार प्रभावित करते हैं? 

उत्तर: बैंकों का प्रमुख कार्य लोगों से उनकी बचत को जमा के रूप में स्वीकार करना, सुरक्षित रखना और आवश्यकता पड़ने पर ऋण (लोन) प्रदान करना है। यह लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित करता है क्योंकि इसके माध्यम से लोग सुरक्षित बचत कर पाते हैं, अपने व्यवसाय को बढ़ाने या घर-वाहन खरीदने के लिए आसानी से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं और ऑनलाइन माध्यमों से तुरंत भुगतान कर सकते हैं।

3. वित्तीय अवसंरचना राष्ट्र की प्रगति में किस प्रकार योगदान देती है? 

उत्तर: वित्तीय अवसंरचना देश में बचत, ऋण और निवेश को अत्यधिक प्रोत्साहित करती है जिससे विभिन्न प्रकार की आर्थिक गतिविधियों में तेजी से वृद्धि होती है। जब व्यवसायों को आसानी से पूँजी मिलती है और लोग सुरक्षित लेन-देन करते हैं, तो नए उद्योगों का विकास होता है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और अंततः पूरा राष्ट्र आर्थिक रूप से समृद्ध और प्रगतिशील बनता है।

प्रश्न एवं क्रियाकलाप

1. वित्तीय अवसंरचना क्या है? यह किस प्रकार भौतिक अवसंरचना की पूरक है? 

उत्तर: वित्तीय अवसंरचना बैंकों, भुगतान प्रणालियों, शेयर बाजारों और अन्य वित्तीय संस्थानों का एक सुव्यवस्थित नेटवर्क है जो लोगों, व्यवसायों और सरकार के बीच वित्तीय लेन-देन को आसान बनाता है। यह सड़कों, रेलवे और दूरसंचार जैसी भौतिक अवसंरचना की पूरक है क्योंकि भौतिक अवसंरचना के विकास और रख-रखाव के लिए बहुत अधिक धन की आवश्यकता होती है, और इस धन की उचित व्यवस्था व कुशल प्रबंधन वित्तीय अवसंरचना के माध्यम से ही संभव होता है।

2. बैंक-खाता व्यक्तियों की किस प्रकार सहायता करता है? क्या सभी के लिए बैंक-खाता होना अनिवार्य होना चाहिए? 

उत्तर: बैंक-खाता लोगों को उनकी अतिरिक्त धनराशि को सुरक्षित रखने में मदद करता है और इस जमा पर उन्हें ब्याज भी मिलता है जिससे उनका पैसा समय के साथ बढ़ता है। इसके साथ ही उन्हें आवश्यकता पड़ने पर ऋण, डेबिट कार्ड और ऑनलाइन भुगतान जैसी महत्वपूर्ण सेवाएँ मिलती हैं। समाज के सभी लोगों के पास बैंक-खाता होना बहुत आवश्यक है क्योंकि इससे सरकारी योजनाओं और छात्रवृत्तियों का लाभ सीधा बिना किसी बिचौलिये के सुरक्षित रूप से खाते में पहुँचता है और लोगों की नकद पर निर्भरता कम होती है।

3. बचतकर्ताओं और ऋणधारकों के लिए चक्रवृद्धि ब्याज के संभावित लाभ और हानियाँ क्या हो सकती हैं? 

उत्तर: चक्रवृद्धि ब्याज बचतकर्ताओं के लिए एक बड़ा लाभ है क्योंकि इसमें मूल धन के साथ-साथ पहले अर्जित किए गए ब्याज पर भी ब्याज मिलता है, जिससे उनकी बचत समय के साथ बहुत तेजी से बढ़ती है। इसके विपरीत, ऋणधारकों के लिए यह एक बड़ी हानि साबित हो सकता है क्योंकि यदि वे समय पर ऋण नहीं चुका पाते हैं, तो उन पर ब्याज का बोझ भी चक्रवृद्धि दर से बढ़ता जाता है जिससे उन पर कर्ज का भारी संकट खड़ा हो सकता है।

4. परिवारों और व्यवसायों के मध्य वित्तीय अवसंरचना धन के प्रवाह को किस प्रकार सक्षम बनाती है? क्या आप सोच सकते हैं कि सरकार इस प्रवाह को कैसे सुगम बना सकती है? 

उत्तर: वित्तीय अवसंरचना परिवारों की अतिरिक्त बचत को बैंकों में जमा कराती है और इसी जमा धन को ऋण के रूप में उन व्यवसायों को देती है जिन्हें नया काम शुरू करने या मशीनरी खरीदने के लिए धन की आवश्यकता होती है। सरकार ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ जैसी नीतियां लागू करके और डिजिटल भुगतान प्रणालियों (जैसे यूपीआई) को बढ़ावा देकर इस प्रवाह को और अधिक सुगम तथा सुरक्षित बना सकती है ताकि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस वित्तीय चक्र का हिस्सा बन सके।

5. बचत खाते की तुलना में सावधि जमा पर अधिक ब्याज दर प्राप्त होने का क्या कारण हो सकता है? 

उत्तर: सावधि जमा खाते में जमाकर्ता अपनी धनराशि को एक निश्चित अवधि (जैसे 3 या 5 वर्ष) के लिए बैंक में जमा रखता है और बैंक को पता होता है कि यह पैसा तय समय से पहले नहीं निकाला जाएगा, जिससे बैंक इस धन का उपयोग लंबे समय तक दूसरों को ऋण देने के लिए निश्चिंत होकर कर पाता है। इसके विपरीत, बचत खाते के जमाकर्ता कभी भी अपनी आवश्यकतानुसार पैसा निकाल सकते हैं, इसलिए बैंक को वह राशि हमेशा तैयार रखनी पड़ती है; इसी कारण सावधि जमा पर बचत खाते की तुलना में अधिक ब्याज दर मिलती है।

6. साहिल को पोस्टर-निर्माण प्रतियोगिता में ₹10,000 का पुरस्कार प्राप्त हुआ। साहिल के पिताजी उसे वचन देते हैं कि यदि वह इस राशि को व्यय नहीं करेगा, तब वे साहिल को उस पर प्रतिवर्ष 12 प्रतिशत ब्याज देंगे। बताइए तीन वर्ष के बाद साहिल के पास कुल कितनी राशि होगी? 

उत्तर: यदि हम साधारण ब्याज (Simple Interest) के नियम से गणना करें, तो साहिल को हर वर्ष ₹1,200 का ब्याज मिलेगा और तीन वर्ष में कुल ₹3,600 का ब्याज मिलकर उसके पास कुल ₹13,600 की राशि हो जाएगी। परंतु यदि हम इस अध्याय में सीखे गए चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) के सिद्धांत को अपनाते हैं, तो पहले वर्ष के अंत में उसकी राशि ₹11,200 होगी, दूसरे वर्ष के अंत में ब्याज सहित ₹12,544 होगी, और तीसरे वर्ष के अंत में उसके पास कुल ₹14,049.28 की राशि हो जाएगी।

7. शेयर बाजार व्यक्तियों की बचत को संगठित करने में किस प्रकार सहायता करता है? कंपनियाँ लोगों को शेयर निर्गमित कर के किस प्रकार से लाभान्वित होती हैं?

उत्तर: शेयर बाजार लोगों को अपनी छोटी-छोटी बचतों को देश की बड़ी और सफल कंपनियों के शेयर खरीदकर निवेश करने का अवसर देता है, जिससे कंपनियों की तरक्की के साथ निवेशकों के पैसे का मूल्य भी बढ़ता है। दूसरी ओर, कंपनियाँ सीधे लोगों को शेयर जारी करके अपने व्यवसाय के विस्तार और नए कार्यों के संचालन के लिए बहुत आसानी से बड़ी मात्रा में पूँजी (धन) जुटा पाती हैं जिससे वे तेजी से प्रगति करती हैं।

8. डिजिटल भुगतानों की सुविधा और साइबर धोखाधड़ी के संकट के मध्य संतुलन कैसे स्थापित किया जा सकता है? 

उत्तर: इसके लिए डिजिटल सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक रहना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। लोगों को कभी भी अपनी संवेदनशील जानकारी जैसे पासवर्ड, डेबिट कार्ड पिन या ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करनी चाहिए और अज्ञात लिंकों से दूर रहना चाहिए। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि डिजिटल भुगतानों का सुरक्षित लाभ उठाया जा सके।

NEW VIDEO CLASS

Subject Ka Complete Video Solution Dekhein

Step-by-step easy concept explanation aur full questions Answer ke liye watch karein ya app download karein:

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll to Top