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NIOS Class 12 History Chapter 25 शीतयुद्ध युग और इसकी राजनीति

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NIOS Class 12 History Chapter 25 शीतयुद्ध युग और इसकी राजनीति

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Chapter: 25

मॉड्यूल – 5 20वीं शताब्दी का विश्व

पाठगत प्रश्न 25.1

1. शीतयुद्ध में किन दो विचारधाराओं में टकराव था?

उत्तर: शीतयुद्ध में राजनीतिक एवं आर्थिक उदारीकरण और मार्क्सवाद-लेनिनवाद में टकराव था।

2. अमेरिका तथा रूस द्वारा कौन-कौन सी समाचार सेवाओं की स्थापना की गई?

उत्तर: अमेरिका तथा रूस द्वारा वॉइस ऑफ अमेरिका और रेडियो मॉस्को समाचार सेवाओं की स्थापना की गई।

पाठगत प्रश्न 25.2

1. कौन से देश धुरी शक्तियों के अंग थे?

उत्तर: जर्मनी, इटली और जापान धुरी शक्तियों के मुख्य अंग थे। इन देशों ने द्वितीय विश्वयुद्ध के समय एक सैन्य गठबंधन बनाया था।

2. कौन से देश मित्र शक्तियों के अंग थे?

उत्तर: ब्रिटेन, फ्रांस, अमेरिका और सोवियत संघ मित्र शक्तियों में शामिल थे। इन्होंने धुरी शक्तियों के विरुद्ध युद्ध लड़ा।

3. यूरोप के कौन से क्षेत्र अमेरिका तथा रूस से प्रभावित थे?

उत्तर: द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यूरोप दो अलग-अलग प्रभाव क्षेत्रों में बँट गया। पूर्वी यूरोप के देश जैसे पोलैंड, हंगरी, रोमानिया, बुल्गारिया आदि सोवियत संघ (रूस) के राजनीतिक और वैचारिक प्रभाव में आ गए। यहाँ समाजवाद और साम्यवादी शासन प्रणाली को अपनाया गया। इसके विपरीत, पश्चिमी यूरोप जैसे ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और पश्चिम जर्मनी अमेरिका के प्रभाव में रहा, जहाँ लोकतंत्र और पूँजीवादी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला। इस प्रकार यूरोप शीतयुद्ध के दौरान दो महाशक्तियों के प्रभाव क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से विभाजित हो गया।

पाठगत प्रश्न 25.3

1. याल्टा सम्मेलन में किस देश के भविष्य को लेकर चर्चा हुई?

उत्तर: पोलैंड के भविष्य को लेकर चर्चा हुई।

2. ‘लोहे का आवरण’ नामक प्रसिद्ध शब्दावली किस नेता ने गढ़ी थी?

उत्तर: विंस्टन चर्चिल ने ‘लोहे का आवरण’ शब्द का प्रयोग किया।

3. ट्रूमैन सिद्धांत का क्या उद्देश्य था?

उत्तर: ट्रूमैन सिद्धांत का उद्देश्य था:

 कम्युनिज़्म के प्रसार को रोकना और उन देशों को आर्थिक-सैन्य सहायता देना जो सोवियत दबाव का सामना कर रहे थे।

4. नाटो का पूरा नाम क्या है?

उत्तर: नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन (North Atlantic Treaty Organization)

पाठगत प्रश्न 25.4

1. किस सोवियत नेता ने यूरोप को लेकर तनाव घटाने और साथ ही सोवियत विरोधी नेताओं और विचारों का दमन भी करने की नीति अपनाई?

उत्तर: निकिता ख्रुश्चेव (Nikita Khrushchev)

2. पीआरसी का पूरा नाम क्या है? 

उत्तर: पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (People’s Republic of China)

3. बर्लिन की दीवार कब गिरी? पाठगत प्रश्न 

उत्तर: बर्लिन की दीवार 1989 में गिरी थीI

पाठगत प्रश्न 25.5 

1. डेटांट क्या था? इसका जनक कौन था? 

उत्तर: डेटांट शीतयुद्ध के दौरान अमेरिका और सोवियत संघ के बीच तनाव कम करने की एक महत्वपूर्ण नीति थी। इसका प्रमुख जनक: सोवियत नेता लियोनिड ब्रेज़नेव।

2. एनपीटी क्या थी? 

उत्तर: परमाणु अप्रसार संधि (Nuclear Non-Proliferation Treaty) इसका उद्देश्य परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना था।

3. साल्ट-I क्या था? 

उत्तर: Strategic Arms Limitation Talks – I (1972) अमेरिका व सोवियत संघ के बीच परमाणु हथियारों की संख्या सीमित करने का समझौता। 

4. ऑस्टोपोलिटिक की नीति क्या थी? 

उत्तर: जर्मनी के चांसलर विली ब्रांट की नीति जिसके द्वारा पूर्वी यूरोप के समाजवादी देशों से मैत्री संबंध स्थापित किए गए।

पाठगत प्रश्न 25.6 

1. एसडीआई क्या थी? 

उत्तर: Strategic Defense Initiative,अमेरिका की मिसाइल रक्षा योजना, जिसे स्टार वॉर्स कार्यक्रम भी कहा जाता है।

2. ग्लासनॉस्त एवं पेरेस्ट्रोइका क्या थे? 

उत्तर: ग्लासनॉस्त: यह नीति अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सरकारी पारदर्शिता और जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए शुरू की गई थी।

पेरेस्ट्रोइका: यह नीति सोवियत संघ की आर्थिक व्यवस्था को सुधारने और इसे अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के लिए अपनाई गई थी।

3. शीतयुद्ध की समाप्ति का प्रतीक कौन-सा था? 

पाठात प्रश्न 

1. शीतयुद्ध से आप क्या समझते हैं? यह खुले युद्ध से किस प्रकार अलग था? 

उत्तर: शीतयुद्ध महाशक्तियों के बीच ऐसा संघर्ष था जिसमें बिना हथियारों के प्रयोग के, शांति के समय में ही युद्ध जैसी स्थिति बनी रहती थी। यह युद्धक्षेत्र में लड़ी जाने वाली लड़ाई नहीं थी, बल्कि वैचारिक घृणा, राजनीतिक अविश्वास, मानसिक दबाव और प्रचार–युद्ध पर आधारित था। इसमें एक महाशक्ति दूसरी महाशक्ति के मनोबल को तोड़ने का प्रयास करती थी और अपने समर्थकों की संख्या बढ़ाने का प्रयास करती थी। शीतयुद्ध में कभी भी औपचारिक युद्ध की घोषणा नहीं हुई, न ही सेनाओं के बीच खुली लड़ाई लड़ी गई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच निरंतर कूटनीतिक तनाव और प्रतिस्पर्धा बनी रही।

खुले युद्ध में हथियारों का प्रयोग होता है और दोनों सेनाएँ युद्धभूमि में आमने-सामने लड़ती हैं, जबकि शीतयुद्ध में संघर्ष राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर चलता है। इसमें हथियारों की जगह प्रचार, गठबंधन, दबाव, आर्थिक सहायता और वैचारिक प्रभाव का उपयोग किया जाता है। इसी कारण शीतयुद्ध वास्तविक युद्ध से बिल्कुल अलग था  यह बिना लड़ाई के लड़ा जाने वाला संघर्ष था।

2. शीतयुद्ध के लिए जिम्मेदार कुछ कारकों का उल्लेख कीजिए। 

उत्तर: शीतयुद्ध के लिए जिम्मेदार कुछ कारकों का उल्लेख:

(i) दो महाशक्तियों का उदय: द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद अमेरिका और सोवियत संघ महाशक्तियाँ बन गए।

(ii) विचारधाराओं का टकराव: अमेरिका पूँजीवादी एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था का समर्थक था, जबकि सोवियत संघ साम्यवादी विचारधारा का।

(iii) अविश्वास और संदेह: युद्ध से पहले और बाद में दोनों गुटों के बीच अविश्वास बढ़ता गया।

(iv) परमाणु हथियारों की प्रतिस्पर्धा: अमेरिका और रूस दोनों ने परमाणु हथियार बनाए, जिससे तनाव बढ़ा।

(v) प्रभाव क्षेत्र का विस्तार: अमेरिका ने पश्चिमी यूरोप में और रूस ने पूर्वी यूरोप में अपना प्रभाव बढ़ाया।

(vi) यूरोपीय देशों में हस्तक्षेप: इटली, ग्रीस, पोलैंड आदि देशों में राजनीतिक हस्तक्षेप ने शीतयुद्ध को और बढ़ाया।

(vii) सैन्य एवं आर्थिक गठबंधन: नाटो और वारसा संधि जैसे सैन्य गठबंधनों ने प्रतिद्वंद्विता को तेज किया।

(viii) जर्मनी का मुद्दा: जर्मनी के पूँजीवादी (पश्चिम) और साम्यवादी (पूर्व) भागों में विभाजन ने तनाव बढ़ाया।

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