NIOS Class 12 Geography Chapter 24 सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी)

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NIOS Class 12 Geography Chapter 24 सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी)

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Chapter: 24

TEXTUAL QUESTION ANSWER

पाठगत प्रश्न 24.1

1. आर्थिक विकास कब विकास का मुख्य उद्देश्य था?

उत्तर: द्वितीय विश्व युद्ध से पहले।

2. ब्रंटलैंड आयोग की रिपोर्ट किस प्रकार के विकास पर आधारित थी?

उत्तर: सतत विकास।

3. ग्रो हार्लेम बुन्डलैंड कौन थे?

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उत्तर: ग्रो हार्लेम बुन्डलैंड पर्यावरण और विकास पर विश्व आयोग के अध्यक्ष थे।

4. सतत विकास के मुख्य दृष्टिकोण क्या है?

उत्तर: आर्थिक विकास, सामाजिक समानता और पर्यावरण संरक्षण।

पाठगत प्रश्न 24.2

1. सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों को कब अपनाया गया था?

उत्तर: सितंबर 2000 में।

2. MDG में प्रगति को मापने का आधार वर्ष क्या था?

उत्तर: 1990

3. MDG में सफल रहने वाले तीन सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र कौन से थे?

उत्तर: अत्यधिक गरीबी, प्राथमिक शिक्षा और बाल मृत्यु दर।

4. MDG के किन लक्ष्यों में भारत ने निश्चित लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया है?

उत्तर: गरीबी में कमी, प्राथमिक शिक्षा और मातृ स्वास्थ्य में नामांकन।

पाठगत प्रश्न 24.3

(I) सतत विकास लक्ष्यों को किस सत्र में अपनाया गया था?

उत्तर: संयुक्त राष्ट्र संघ का 70वां सत्र।

(Il) सतत विकास में महत्वपूर्ण पी कौन से हैं?

उत्तर: लोग, ग्रह, शांति, समृद्धि और साझेदारी।

(Ill) भारत में कौन-सा सरकारी निकाय SDG के बीच समन्वय स्थापित कर रहा है?

उत्तर: नीति आयोग।

पाठगत प्रश्न 24.4

1. एमडीजी को पूरा करने की समय अवधि क्या थी?

उत्तर: 2000-2015

2. एसडीजी का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर:स्थिरता और विकास दोनों को प्राप्त करने के लिए।

3. एसडीजी में कितने लक्ष्य हैं?

उत्तर:17 लक्ष्य और 169 उप-लक्ष्य।

4. एसडीजी के लक्ष्यों को कब तक पूरा कर लिया जाएगा?

उत्तर: 2030 तक।

5. भारत के SDG इंडेक्स में किन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों का स्कोर सबसे अधिक है?

उत्तर: केरल।

पाठांत प्रश्न

1. सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्यों पर सक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्य (MDGs) संयुक्त राष्ट्र द्वारा सन् 2000 में तय किए गए आठ ऐसे वैश्विक लक्ष्य थे, जिनका उद्देश्य वर्ष 2015 तक दुनिया भर से गरीबी, भुखमरी, अशिक्षा, महिला असमानता, शिशु और मातृ मृत्यु दर, बीमारियाँ, और पर्यावरणीय समस्याओं को दूर करना था। इन लक्ष्यों के तहत, सभी देशों ने मिलकर प्रयास किया कि हर इंसान को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और समानता मिले। इन प्रयासों के कारण कई क्षेत्रों में सुधार हुआ, जैसे—कई देशों में गरीबी घटी, बच्चों का स्कूल जाना बढ़ा, बीमारियों पर नियंत्रण हुआ, और महिलाओं को आगे बढ़ने के मौके मिले। हालांकि कुछ लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सका, लेकिन इन लक्ष्यों ने पूरी दुनिया में विकास की दिशा को नई गति दी। वर्ष 2015 के बाद, सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्यों की जगह ज्यादा व्यापक और विस्तृत सतत् विकास लक्ष्यों (SDGs) ने ले ली, जिनका उद्देश्य हर व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुँचाना है।

2. एमडीजी की प्रमुख उपलब्धियां क्या है?

उत्तर: एमडीजी (सहस्राब्दी विकास लक्ष्य) की प्रमुख उपलब्धियां:

(i) गरीबी में कमी: दुनिया भर में गरीबी में रहने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है।

(ii) प्राथमिक शिक्षा में वृद्धि: प्राथमिक शिक्षा में नामांकन और पूरा करने की दर में वृद्धि हुई है।

(iii) लक्षित बीमारियों में कमी: एचआईवी/एड्स, मलेरिया जैसी बीमारियों के प्रसार में कमी आई है।

(iv)  पेयजल और स्वच्छता में सुधार: पेयजल और स्वच्छता तक पहुंच में सुधार हुआ है।

एमडीजी ने विकासशील देशों में विकास को बढ़ावा देने और गरीबी कम करने के लिए महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए थे। इन लक्ष्यों की प्राप्ति में कुछ सफलता मिली है।

3. संपोषणीय विकास के लक्ष्यों को उनके लक्ष्यों सहित संक्षेप में वर्णन कीजिए।

उत्तर: संपोषणीय विकास के 17 लक्ष्य हैं, जिनका उद्देश्य 2030 तक गरीबी, भूख, असमानता और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक समस्याओं का समाधान करना है, साथ ही सभी के लिए शांति और समृद्धि सुनिश्चित करना है।

संपोषणीय विकास के 17 लक्ष्य इस प्रकार हैं:

(i) गरीबी नहीं: सभी रूपों में गरीबी को समाप्त करना।

(ii) शून्य भूख: भूख को समाप्त करना, खाद्य सुरक्षा प्राप्त करना और पोषण में सुधार करना, और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना। 

(iii) अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण: सभी उम्र के लोगों के लिए स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करना और कल्याण को बढ़ावा देना।

(iv) गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: सभी के लिए समावेशी और समान गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करना और आजीवन सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना।

(v) लैंगिक समानता: लैंगिक समानता प्राप्त करना और सभी महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाना।

(vi) लक्ष्यों के लिए साझेदारी: सतत विकास के लिए कार्यान्वयन के साधनों को मजबूत करना और वैश्विक भागीदारी को पुनर्जीवित करना।

(vii) स्वच्छ जल और स्वच्छता: सभी के लिए पानी और स्वच्छता की उपलब्धता और टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित करना।

(viii) सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा: सभी के लिए सस्ती, विश्वसनीय, टिकाऊ और आधुनिक ऊर्जा तक पहुंच सुनिश्चित करना। 

(ix) सभ्य कार्य और आर्थिक विकास: सभी के लिए निरंतर, समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास, पूर्ण और उत्पादक रोजगार और सभ्य कार्य को बढ़ावा देना। 

(x) उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा: लचीला बुनियादी ढांचे का निर्माण, समावेशी और टिकाऊ औद्योगीकरण को बढ़ावा देना और नवाचार को प्रोत्साहित करना।

(xi) कम असमानताएं: देशों के भीतर और बीच असमानताओं को कम करना।

(xii) टिकाऊ शहर और समुदाय: शहरों और मानव बस्तियों को समावेशी, सुरक्षित, लचीला और टिकाऊ बनाना।

(xiii) जिम्मेदार उपभोग और उत्पादन: टिकाऊ उपभोग और उत्पादन पैटर्न सुनिश्चित करना।

(xiv) जलवायु कार्रवाई: जलवायु परिवर्तन और इसके प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई करना।

(xv) पानी के नीचे जीवन: महासागरों, समुद्रों और समुद्री संसाधनों का संरक्षण और स्थायी उपयोग।

(xvi) भूमि पर जीवन: पृथ्वी के पारिस्थितिकी प्रणालियों का संरक्षण, पुनर्स्थापन और स्थायी उपयोग को बढ़ावा देना, स्थायी वानिकी, मरुस्थलीकरण का मुकाबला करना, भूमि क्षरण को रोकना और जैव विविधता के नुकसान को रोकना। 

(xvii) शांति, न्याय और मजबूत संस्थान: शांतिपूर्ण और समावेशी समाजों को बढ़ावा देना, सभी के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना और सभी स्तरों पर प्रभावी, जवाबदेह और समावेशी संस्थानों का निर्माण करना।

4. नीति आयोग क्या है और एसडीजी में इसकी क्या भूमिका है।

उत्तर: नीति आयोग (NITI Aayog) भारत सरकार का प्रमुख थिंक टैंक है, जिसकी स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश के विकास के लिए नीतियों, रणनीतियों और योजनाओं का निर्माण करना तथा केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोगात्मक संघवाद को बढ़ावा देना है। नीति आयोग, भारत के आर्थिक, सामाजिक और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सलाह देता है।

एसडीजी में नीति आयोग की भूमिका:

(i) एसडीजी को अपनाना और कार्यान्वयन: नीति आयोग ने भारत में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को अपनाने और कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

(ii) राज्यों के साथ समन्वय: आयोग राज्यों के साथ मिलकर एसडीजी के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए काम करता है।

(iii) निगरानी और मूल्यांकन: नीति आयोग एसडीजी की प्रगति की निगरानी और मूल्यांकन में शामिल है।

5. धारणीय विकास के स्तंभों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर: धारणीय विकास  के तीन मुख्य स्तंभ हैं: 

(i) आर्थिक विकास: आर्थिक विकास का अर्थ है, संसाधनों का कुशल उपयोग करके, उत्पादकता बढ़ाकर और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना। 

इसमें गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन, और उचित वेतन सुनिश्चित करना शामिल है। 

(ii) सामाजिक विकास: सामाजिक विकास का अर्थ है, समानता, न्याय, और समावेश को बढ़ावा देना, और सभी लोगों को समान अवसर प्रदान करना। 

(iii) पर्यावरणीय संरक्षण: पर्यावरणीय संरक्षण का अर्थ है, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना, प्रदूषण को कम करना, और जैव विविधता को बनाए रखना। 

6. भारत में सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति का वर्णन कीजिए।

उत्तर: भारत ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। यहाँ कुछ प्रमुख क्षेत्र हैं जहाँ भारत ने प्रगति दिखाई है:

(i) गरीबी उन्मूलन: प्रधानमंत्री आवास योजना और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम जैसी पहलों के माध्यम से गरीबी कम करने में पर्याप्त प्रगति हुई है।

(ii) नवीकरणीय ऊर्जा: भारत ने अक्षय ऊर्जा परिनियोजन में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसमें 2022 तक 40 गीगावाट से अधिक सौर क्षमता स्थापित की गई है।

(iii) शिक्षा और स्वास्थ्य: शिक्षा में सुधार और स्वास्थ्य सेवा में वृद्धि के लिए विभिन्न पहल की गई हैं।

(iv) स्वच्छ भारत मिशन: स्वच्छता और स्वच्छ पानी तक पहुंच बढ़ाने के लिए यह मिशन महत्वपूर्ण रहा है।

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