NIOS Class 12 Geography Chapter 25 पर्यावरण, स्वास्थ्य और स्वच्छता

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NIOS Class 12 Geography Chapter 25 पर्यावरण, स्वास्थ्य और स्वच्छता

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Chapter: 25

TEXTUAL QUESTION ANSWER

पाठगत प्रश्न 25.1

1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

(i) किसी व्यक्ति के दिमाग और शरीर की कार्यात्मक स्थिति का स्तर ____________ है?

उत्तर: स्वास्थ्य।

(ii) विश्व स्वास्थ्य दिवस ___________ को मनाया जाता है।

उत्तर: 7 अप्रैल

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(iii)  _________ एजेंट व्यक्ति और पर्यावरण के बीच अंतः क्रिया का परिणाम है।

उत्तर: रोग।

(iv) ____________व्यक्तिगत स्वच्छता, घरेलू स्वच्छता और सामुदायिक स्वच्छता जैसे स्वास्थ्य के संरक्षण से जुड़ी प्रथाओं के समूह को दर्शाती हैं।

उत्तर: स्वच्छता।

(v) मानव स्वास्थ्य घनिष्ठ रूप से _____________ की स्थिति से जुड़ा हुआ है।

उत्तर: पर्यावरण।

पाठगत प्रश्न 25.2

1. सही कथन के सामने T और गलत कथन के सामने F लिखिए।

(i) अच्छे स्वास्थ्य के बिना, जीवन का कोई अर्थ नहीं है।

उत्तर: असत्य।

(ii) कीटनाशकों का पृथ्वी के घटकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

उत्तर: असत्य।

(iii) वायु प्रदूषण मानव स्वास्थ्य के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है।

उत्तर: सत्य।

(iv) भूमंडलीय तापन मानव स्वास्थ्य, पशु, वन तथा वन्य जीवन पर हानिकारक प्रभाव बनाए हुए है।

उत्तर: सत्य।

पाठगत प्रश्न 25.3

1. नमामि गंगे कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी

(a) 2012 में।

(b) 2013 में।

(c) 2014 में।

(d) 2015 में।

उत्तर: 2014 में।

2. स्वच्छ भारत अभियान किस अवसर पर शुरू किया गया था?

(a) बुद्ध जयंती।

(b) गांधी जयंती।

(c) महावीर जयंती।

(d) अम्बेडकर जयंती।

उत्तर: गांधी जयंती।

3. उज्ज्वला योजना जैसी पहल किसके लिए है?

(a) बच्चे।

(b) पुरुष।

(c) महिला।

d) कोई नहीं।

उत्तर: (c) महिला।

पाठगत प्रश्न 25.4

निम्नलिखित का मिलान कीजिए:

(a) अश्वगंधा(i) आयुर्वेद
(b) ब्राह्मी।(ii) पेट विकार
(c) पारंपरिक स्वास्थ्यचर्या प्रणाली।(iii) तनाव कम करें
(d) बहेड़ा।(iv) ब्रेन टॉनिक

उत्तर:                    

(a) अश्वगंधा(iii) तनाव कम करें
(b) ब्राह्मी।(iv) ब्रेन टॉनिक
(c) पारंपरिक स्वास्थ्यचर्या प्रणाली।(i) आयुर्वेद
(d) बहेड़ा।(ii) पेट विकार
पाठांत प्रश्न

1. कौन-सा सही सुमेलित है?

(i) स्वच्छता स्वतंत्रता से अधिक महत्वपूर्ण है; गांधी।

उत्तर: गांधी जी ने स्वच्छता को बहुत महत्व दिया था। उनका मानना था कि स्वच्छता न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज की स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। गांधी जी ने स्वच्छता को एक नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा।

(ii) स्वच्छता जीवन का एक तरीका है।’____________ डॉ. मार्गरेट चैन, महानिदेशक, डब्ल्यूएचओ। 

उत्तर: डॉ. मार्गरेट चैन (डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक के रूप में कार्यरत थीं) के संदर्भ में:

डॉ. मार्गरेट चैन ने अपने कार्यकाल के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व पर जोर दिया था। उनका मानना था कि स्वच्छता स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

(iii) स्वच्छता सार्वजनिक स्वास्थ्य की आधारशिला है ___________संयुक्त राज्य अमेरिका।

उत्तर: स्वच्छता सार्वजनिक स्वास्थ्य की आधारशिला है, यह बात विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य स्वास्थ्य संगठनों द्वारा कही गई है। हालांकि, आपके प्रश्न में राष्ट्रीय स्वच्छता फाउंडेशन और संयुक्त राज्य अमेरिका का उल्लेख है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वच्छता फाउंडेशन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिली।

2. स्वास्थ्य को परिभाषित कीजिए तथा इसके तीन विशिष्ट आयामों को व्याख्या कीजिए।

उत्तर: स्वास्थ्य, जैसा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा परिभाषित किया गया है, पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण की स्थिति है, न कि केवल बीमारी या दुर्बलता की अनुपस्थिति। स्वास्थ्य के तीन मुख्य आयाम हैं: शारीरिक, मानसिक और सामाजिक, जो आपस में जुड़े हुए हैं और एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। 

स्वास्थ्य के तीन आयाम:

(i) शारीरिक स्वास्थ्य: यह शरीर के सामान्य कामकाज से संबंधित है। इसमें बीमारी या चोट की अनुपस्थिति, उचित पोषण, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम शामिल हैं। 

(ii) मानसिक स्वास्थ्य: यह भावनाओं, विचारों और व्यवहारों से संबंधित है। इसमें तनाव का प्रबंधन, सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन और मानसिक कल्याण शामिल हैं। 

(iii) सामाजिक स्वास्थ्य: यह दूसरों के साथ संबंध, सामाजिक कौशल और सामाजिक समर्थन से संबंधित है। इसमें दूसरों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करने, सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने और सामाजिक रूप से स्वीकार्य व्यवहार करने की क्षमता शामिल है। 

3. पर्यावरण के पांच तत्वों के बारे में लिखिए और स्पष्ट कीजिए कि यह हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है।

उत्तर: पर्यावरण के प्रमुख पांच तत्व निम्नलिखित हैं:

(i) वायु (हवा): हम जो हवा सांस लेते हैं, वह जीवन के लिए आवश्यक है।

(ii) जल (पानी): पानी जीवन के लिए आवश्यक है और सभी जीवों के लिए महत्वपूर्ण है।

(iii) मृदा (जमीन/मिट्टी): मिट्टी पौधों की वृद्धि के लिए आधार प्रदान करती है।

(iv) वनस्पति (पौधे): पौधे ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

(v) जंतु (प्राणी): प्राणी पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं और संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।

महत्व:

(i) जीवन के लिए आवश्यक: ये तत्व जीवन के लिए आवश्यक हैं और पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखते हैं।

(ii) संतुलन और स्वास्थ्य: पर्यावरण के इन तत्वों का संतुलन हमारे स्वास्थ्य और जीवन को प्रभावित करता है।

(iii) पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता: ये तत्व पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता और संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

4. विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के लिए आधुनिक कृषि पद्धतियाँ किस प्रकार उत्तरदायी हैं।

उत्तर: आधुनिक कृषि पद्धतियाँ, जैसे कि कीटनाशकों और उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग, मिट्टी और पानी के प्रदूषण, और मोनोक्रॉपिंग (एक ही फसल को बार-बार उगाना) से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त, कृषि में मशीनीकरण के कारण दुर्घटनाएँ और चोटें भी बढ़ सकती हैं। 

विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के लिए आधुनिक कृषि पद्धतियों का योगदान:

रासायनिक प्रदूषण:

कीटनाशकों और उर्वरकों का उपयोग: आधुनिक कृषि में, कीटनाशकों और उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी और पानी को प्रदूषित कर सकता है। ये रसायन मनुष्यों और जानवरों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं, और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा सकते हैं। 

(i) जलीय कृषि: जलीय कृषि में रसायनों का उपयोग जलीय जीवों और मनुष्यों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। 

(ii) पारिस्थितिकी में बदलाव: मोनोक्रॉपिंग: मोनोक्रॉपिंग से मिट्टी की उर्वरता कम हो सकती है, और कीटों और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। 

(iii) मच्छरों का प्रजनन: चावल की खेती जैसे कुछ आधुनिक कृषि पद्धतियों से पारिस्थितिकी में बदलाव हो सकता है, जिससे मच्छरों के प्रजनन को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियाँ फैल सकती हैं। 

अन्य स्वास्थ्य जोखिम:

(i) मशीनीकरण: कृषि में मशीनीकरण के कारण दुर्घटनाएँ और चोटें हो सकती हैं।

(ii) आहार पैटर्न में बदलाव: आधुनिक कृषि पद्धतियों के कारण आहार पैटर्न में बदलाव हो सकता है, जिससे मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। 

(iii) जलवायु परिवर्तन: जलवायु परिवर्तन के कारण, खाद्य उत्पादन में अनिश्चितता आ सकती है, जिससे कुपोषण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। 

स्वास्थ्य पर आधुनिक कृषि के प्रभाव को कम करने के उपाय:

(i) टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना: टिकाऊ कृषि पद्धतियों, जैसे कि जैविक खेती, फसल चक्रण, और एकीकृत कीट प्रबंधन को बढ़ावा देना, रसायनों के उपयोग को कम करने और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद कर सकता है। 

(ii) कृषि में मशीनीकरण को कम करना: कृषि में मशीनीकरण के उपयोग को कम करना और पारंपरिक तरीकों को अपनाना, दुर्घटनाओं और चोटों को कम करने में मदद कर सकता है। 

(iii) आहार पैटर्न में बदलाव: स्वस्थ आहार पैटर्न को बढ़ावा देना, जैसे कि फल और सब्जियों का अधिक सेवन, मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है। 

5. पर्यावरणीय स्वच्छता क्या है?

उत्तर: पर्यावरणीय स्वच्छता का अर्थ है, स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना। इसमें हवा, पानी, मिट्टी और अन्य प्राकृतिक संसाधनों को प्रदूषण से मुक्त रखना शामिल है, ताकि मानव स्वास्थ्य और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। 

पर्यावरणीय स्वच्छता एक व्यापक अवधारणा है जो विभिन्न कारकों को शामिल करती है, जैसे: 

(i) जल स्वच्छता: पीने योग्य पानी की उपलब्धता और स्वच्छता सुनिश्चित करना, साथ ही जल निकायों को प्रदूषित होने से बचाना।

(ii) अपशिष्ट प्रबंधन: ठोस और तरल अपशिष्ट का उचित निपटान करना, पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना और प्रदूषण को कम करना।

(iii) वायु स्वच्छता: वायु प्रदूषण को कम करना, जिसमें औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों से निकलने वाले धुएं और अन्य स्रोतों से होने वाले प्रदूषण शामिल हैं।

(iv) मृदा स्वच्छता: मिट्टी को दूषित होने से बचाना, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग को कम करना, और मृदा अपरदन को रोकना।

(v) ध्वनि स्वच्छता: ध्वनि प्रदूषण को कम करना, जो मानव स्वास्थ्य और वन्य जीवन को प्रभावित करता है।

6. रोगों के कारकों के बारे में आप क्या समझते हैं?

उत्तर: रोगों के कारक:रोगों के कारक वे तत्व या परिस्थितियाँ होती हैं जो किसी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या को उत्पन्न करने में भूमिका निभाते हैं। इन कारकों में शामिल हैं:

(i) जीवाणु और वायरस: कई रोग जीवाणु, वायरस, फंगी, या अन्य रोगजनकों के कारण होते हैं।

(ii) आहार और जीवनशैली: असंतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान, और शराब का सेवन जैसे कारक रोगों को बढ़ावा दे सकते हैं।

(iii) पर्यावरणीय कारक: प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, और अन्य पर्यावरणीय कारक स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकते हैं।

(iv) आनुवंशिक कारक: कुछ रोगों में आनुवंशिक कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

(v) तनाव और मानसिक स्वास्थ्य: तनाव और मानसिक स्वास्थ्य भी रोगों के विकास में योगदान कर सकते हैं।

महत्व:

(i) रोगों की रोकथाम: रोगों के कारकों को समझना उनकी रोकथाम और प्रबंधन में मदद करता है।

(ii) स्वास्थ्य में सुधार: इन कारकों को नियंत्रित करके स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।

(iii) सार्वजनिक स्वास्थ्य: रोगों के कारकों को समझना सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों और कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण है।

7. पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं के बीच संबंधों को विस्तार से लिखें

उत्तर: पर्यावरण के विभिन्न पहलू एक दूसरे से जटिल रूप से जुड़े हुए हैं और एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। इनमें प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पहलू शामिल हैं, और इन सभी का मानव जीवन और कल्याण पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। 

पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं के बीच संबंध:

(i) प्राकृतिक पर्यावरण: इसमें वायु, जल, भूमि, पौधे, जानवर और जलवायु शामिल हैं। ये सभी एक दूसरे पर निर्भर हैं और एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। उदाहरण के लिए, वनों की कटाई से मिट्टी का कटाव, जल प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन हो सकता है।

(ii) सामाजिक पर्यावरण: इसमें मानव समाज, संस्कृति, रीति-रिवाज और मूल्य शामिल हैं। सामाजिक कारक पर्यावरण को प्रभावित करते हैं, जैसे कि जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियां।

(iii) आर्थिक पर्यावरण: इसमें उत्पादन, वितरण और खपत शामिल हैं। आर्थिक गतिविधियां पर्यावरण पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती हैं, जैसे कि संसाधनों का अत्यधिक उपयोग और प्रदूषण।

(iv) सांस्कृतिक पर्यावरण: इसमें कला, साहित्य, संगीत और धर्म शामिल हैं। सांस्कृतिक कारक पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण और व्यवहार को प्रभावित करते हैं। 

पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं के बीच संबंध के कुछ उदाहरण:

(i) पारिस्थितिकी तंत्र: एक पारिस्थितिकी तंत्र में, सभी जीव और निर्जीव वस्तुएं एक दूसरे से जुड़ी होती हैं। उदाहरण के लिए, एक जंगल में, पेड़, जानवर, मिट्टी, पानी और हवा सभी एक दूसरे पर निर्भर हैं।

(ii) जलवायु परिवर्तन: जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक समस्या है जो प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारकों से प्रभावित होती है। जलवायु परिवर्तन के कारण, तापमान बढ़ रहा है, समुद्र का स्तर बढ़ रहा है, और चरम मौसम की घटनाएं अधिक बार हो रही हैं।

8. स्वास्थ्य के लिए हानिकारक विभिन्न प्रकार के प्रदूषकों की सूची बनाइए।

उत्तर: स्वास्थ्य के लिए हानिकारक विभिन्न प्रकार के प्रदूषकों की सूची :

(i) वायु प्रदूषक: जैसे कि पार्टिकुलेट मैटर (PM), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2), सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO)।

(ii) जल प्रदूषक: जैसे कि रासायनिक पदार्थ, भारी धातुएं, और बैक्टीरिया जो पानी को दूषित करते हैं।

(iii) मृदा प्रदूषक: जैसे कि भारी धातुएं, कीटनाशक, और औद्योगिक रसायन जो मिट्टी को प्रदूषित करते हैं।

(iv) ध्वनि प्रदूषण: अत्यधिक शोर जो सुनवाई और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

5. रेडियोधर्मी प्रदूषण: रेडियोधर्मी पदार्थ जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।

उत्तर: रेडियोधर्मी प्रदूषण वह प्रदूषण है जिसमें रेडियोधर्मी पदार्थ वातावरण में मिल जाते हैं, जो जीवों के लिए अत्यंत हानिकारक होते हैं। यह परमाणु परीक्षण, परमाणु संयंत्रों से रिसाव, औद्योगिक अपशिष्ट, तथा चिकित्सा उपकरणों से हो सकता है।

प्रभाव:

(i) श्वसन संबंधी समस्याएं: वायु प्रदूषण से श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

(ii) जलजनित बीमारियां: जल प्रदूषण से जलजनित बीमारियां फैल सकती हैं।

(iii) दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभाव: प्रदूषकों के संपर्क में आने से दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभाव हो सकते हैं।

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