NIOS Class 10 Social Science Chapter 26 सामाजिक आर्थिक विकास तथा अभावग्रस्त समूहों का सशक्तिकरण

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NIOS Class 10 Social Science Chapter 26 सामाजिक आर्थिक विकास तथा अभावग्रस्त समूहों का सशक्तिकरण

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Chapter: 26

मॉड्यूल – 4 समसामयिक भारत : मुद्दे एवं चुनौतियाँ

पाठगत प्रश्न 26.1

1. सकल घरेलू उत्पाद और प्रतिव्यक्ति आय लोगों के जीवन के स्तर व गुणवत्ता का आकलन सही प्रकार से क्यों नहीं कर पाते।

उत्तर: सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और प्रतिव्यक्ति आय लोगों के जीवन स्तर का सही आकलन इसलिए नहीं कर पाते क्योंकि:

(i) सकल घरेलू उत्पाद (GDP): यह केवल आर्थिक उत्पादन का माप है। यह लोगों के अवकाश के समय (आराम), पर्यावरणीय गुणवत्ता, स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय या लैंगिक समानता जैसे जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान नहीं देता है।

(ii) प्रतिव्यक्ति आय: यह केवल एक औसत है और यह नहीं दर्शाती कि लोगों के बीच आय का वितरण कैसा है। इससे यह पता नहीं चलता कि आय समान रूप से वितरित है या नहीं, और क्या विकास का लाभ समाज के वंचित वर्गों तक पहुँच रहा है।

2. मानव विकास की अवधारणा पारम्परिक सामाजिक-आर्थिक विकास की अवधारणा से किस प्रकार भिन्न है?

उत्तर: मानव विकास की अवधारणा पारंपरिक अवधारणा से निम्न प्रकार भिन्न है:

(i) पारंपरिक विकास: पारंपरिक रूप से विकास का ध्यान केवल आय या धन के संचय और आर्थिक संपत्ति बढ़ाने पर केंद्रित था।

(ii) मानव विकास: यह अवधारणा आय से आगे बढ़कर ‘लोगों के विकल्पों के विस्तार’ पर जोर देती है। यह विकास के केंद्र में ‘लोगों’ को रखती है और इसमें मानव जीवन के लगभग सभी पहलू (आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक, भौतिक, आदि) शामिल हैं। यह जीवन की गुणवत्ता और अवसरों की स्वतंत्रता पर केंद्रित है, न कि केवल आय वृद्धि पर।

3. सतत् पोषीय/संधारणीय विकास को परिभाषित कीजिए।

उत्तर: संधारणीय (सतत् पोषीय) विकास एक ऐसा विकास का प्रतिरूप है जो हमारी वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करता है, लेकिन साथ ही यह ध्यान रखता है कि भविष्य की पीढ़ियाँ भी अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। यह इस बात को सुनिश्चित करता है कि भविष्य की पीढ़ियों की क्षमता से कोई समझौता न हो।

4. ऐसा क्यों कहा जाता है कि भारत में विकास और अल्पविकास का सहअस्तित्व है? मुख्य कारणों की पहचान कीजिए।

उत्तर: भारत में विकास और अल्पविकास का सहअस्तित्व इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ आर्थिक शक्ति और सामाजिक पिछड़ेपन के विरोधाभासी आँकड़े एक साथ मौजूद हैं।

इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं-

(i) विशाल अर्थव्यवस्था: बाजार विनिमय के आधार पर भारत विश्व की 12वीं और ‘खरीद शक्ति समता’ (PPP) के आधार पर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जो ‘विकास’ को दर्शाता है।

(ii) निम्न मानव विकास सूचकांक: दूसरी ओर, मानव विकास रिपोर्ट (2007-08) में 177 देशों में भारत का स्थान 128वां था, जो ‘अल्पविकास’ का सूचक है।

(iii) गरीबी: आधिकारिक गणनाओं के अनुसार लगभग 27.5 प्रतिशत भारतीय अभी भी गरीबी रेखा के नीचे जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

(iv) कुपोषण और निम्न आय: देश की लगभग 80 प्रतिशत जनसंख्या 2 डॉलर प्रतिदिन से कम पर गुजारा करती है और 3 वर्ष तक की आयु के 40 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार हैं।

पाठगत प्रश्न 26.2

1. विषमता और विविधता में उपयुक्त उदाहरण देकर अन्तर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: विविधता और विषमता में मुख्य अंतर यह है कि विविधता प्राकृतिक होती है, जबकि विषमता मानव निर्मित होती है।

विविधता: प्रकृति द्वारा पैदा की गई भिन्नताओं को विविधता कहा जाता है। उदाहरण के लिए, कुछ क्षेत्रों का धरातल उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी से बना है (जैसे सिंधु-गंगा का मैदान), जबकि कुछ क्षेत्रों में पर्वत, पहाड़ियाँ और घने जंगल हैं।

विषमता (असमानता): जो भिन्नताएँ मनुष्यकृत (मानव निर्मित) होती हैं, उन्हें विषमता कहा जाता है। उदाहरण के लिए, प्रतिव्यक्ति आय, कृषि और औद्योगिक विकास में अंतर, या परिवहन और संचार के साधनों का असमान विस्तार।

2. भारत में उपनिवेशवाद किस प्रकार क्षेत्रीय विषमताओं को पैदा करने वाला कारक रहा है?

उत्तर: उपनिवेशवाद भारत में क्षेत्रीय विषमताओं का एक प्रमुख कारण रहा है क्योंकि औपनिवेशिक शासन (ब्रिटिश शासन) के दौरान विकास उन्हीं क्षेत्रों तक सीमित था जो अंग्रेजों के लिए वाणिज्यिक दृष्टि से लाभकारी थे। जिन राज्यों और क्षेत्रों का वाणिज्यिक महत्त्व नहीं था, उनके विकास को नजरअंदाज किया गया और वे पिछड़े रह गए। इसके अतिरिक्त, भारत में प्रारम्भिक औद्योगीकरण ब्रिटिश सरकार के हितों के अनुरूप किया गया, जिसके परिणामस्वरूप उद्योग देश के कुछ ही स्थानों पर केंद्रित हो गए, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन पैदा हुआ।

3. निम्न में से कौन-से राज्य को आर्थिक रूप से विकसित राज्यों के समूह में रखा जा सकता है?

(क) बिहार।

(ख) उड़ीसा।

(ग) अरूणाचल प्रदेश।

(घ) हरियाणा।

उत्तर: (घ) हरियाणा।

4. मध्य भारत के आदिवासी क्षेत्र देश के अन्य भागों की तुलना में पिछड़े हुए क्यों हैं? निम्न में से सही विकल्प को छाँटकर उत्तर दीजिए।

(क) इन क्षेत्रों में पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन नहीं है।

(ख) इन क्षेत्रों में कोई प्रमुख उद्योग नहीं है।

(ग) स्थानीय लोगों का निम्नस्तरीय आर्थिक और विकास स्तर।

(घ) उपरोक्त में से कोई नहीं।

उत्तर: (ग) स्थानीय लोगों का निम्नस्तरीय आर्थिक और विकास स्तर।

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