NIOS Class 10 Social Science Chapter 23 जनता की सहभागिता तथा लोकतान्त्रिक प्रक्रिया

NIOS Class 10 Social Science Chapter 23 जनता की सहभागिता तथा लोकतान्त्रिक प्रक्रिया Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 10 Social Science Chapter 23 जनता की सहभागिता तथा लोकतान्त्रिक प्रक्रिया Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 10 Social Science Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 10 Social Science Notes Paper Code: 213.

NIOS Class 10 Social Science Chapter 23 जनता की सहभागिता तथा लोकतान्त्रिक प्रक्रिया

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Chapter: 23

मॉड्यूल – 3 लोकतन्त्र की कार्यप्रणाली

पाठगत प्रश्न 23.1

1. लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जन सहभागिता से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: जन सहभागिता में चुनाव में मतदान करना शामिल है। पर जन सहभागिता आम बहस, समाचार पत्रों के सम्पादकीय, विरोध प्रदर्शन तथा सरकारी योजनाओं में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से अभिव्यक्त होती है। चुनाव प्रक्रिया के संदर्भ में भी इसमें, प्रचार में भागीदारी, राजनीतिक बहस, राजनीतिक दलों के लिए काम करना तथा प्रत्याशी के रूप में खड़ा होना, शामिल है।

2. क्या “जनमत” और लोगों की आवाज दोनों समान है? अपने उत्तर का कारण बताइये।

उत्तर: जनता की आवाज और जनमत का समान अर्थ नहीं है। जनमत न तो लोगों की आम सहमति है न ही यह बहुमत की राय है। जनमत जनता से जुड़े हुए किसी मुद्दे पर संगठित और सोच विचार कर ली गई जनता के राय है। जनमत को विभिन्न लोगों के विचारों का जटिल संग्रह तथा उनकी राय के संकलन के रूप में भी परिभाषित किया जा सकता है।

3. लोकतंत्र में जनमत के महत्व की व्याख्या कीजिए।

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उत्तर: जनमत लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक लोकतांत्रिक सरकार अपनी सत्ता लोगों से प्राप्त करती है तथा अपना औचित्य शासितों की सहमति से हासिल करती है। आम लोगों के समर्थन के बिना कोई सरकार काम नहीं कर सकती। जनमत के निर्माण की प्रक्रिया सोच को जन्म देती है, जागरूकता को बढ़ावा देती है तथा आम मुद्दे पर जनता के विचार आमंत्रित करती है। एक सतर्क और स्वतंत्र जनमत निरंकुश सत्ता पर नियंत्रण रखता है और लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी होने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है। यह लोगों के हित में कानून बनाने के लिए सरकार को भी प्रभावित करता है।

4. ऐसी दो ऐजेंसियो/अधिकरणों को सूचीबद्ध कीजिए जो जनमत के निर्माण में सहायता करते हैं। आपके अनुसार कौन सी एजेंसी अभिकरण जनमत पर प्रभावशाली असर डालती है।

उत्तर: जनमत निर्माण में सहायक दो एजेंसी हैं प्रिंट मीडिया तथा इलेक्ट्रानिक मीडिया।

पाठगत प्रश्न 23.2

1. भारत में चुनावों के महत्व का परीक्षण कीजिए।

उत्तर: चुनाव, लोकतांत्रिक सरकार की कारवाईयों में जनता को सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान करता है। वे जनमत की सबसे महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति है। क्योंकि ये लोगों को अपनी इच्छा व्यक्त करने का अवसर देते हैं। चुनाव लोगों में राजनीतिक जागरूकता पैदा करते हैं तथा जन हित के मुद्दों से अवगत कराकर उन्हें शिक्षित करते हैं। वे एक राजनीतिक दल या दलों के समूह से दूसरे राजनीतिक दल या समूहों को सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण को सुगम बनाते है। और जन प्रतिनिधियों की सत्ता को न्यायोचित टहराकर सरकार को औचित्य प्रदान करते है।

2. प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष चुनावों से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: प्रत्यक्ष चुनाव में लोग अपने मतपत्रों द्वारा विद्यावी निकायों, लोकसभा तथा राज्यों की विधान सभाओं तथा स्थानीय सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को चुनाव करते हैं। अप्रत्यक्ष चुनाव से जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि कुछ विशेष पदों के लिए मत डालकर लोगों का निर्वाचन करते हैं। भारत के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होते हैं। राज्यसभा के भी सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं।

3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।

1. विधाविका की पूरी अवधि के पश्चात जो चुनाव कराये जाते हैं उन्हें ____________ कहा जाता है।

उत्तर: विधाविका की पूरी अवधि के पश्चात जो चुनाव कराये जाते हैं उन्हें आम चुनाव कहा जाता है।

2. विधायिका के भंग होने के परिणामस्वरूप उसकी सामान्य अवधि से पूर्व जो चुनाव कराये जाते हैं उन्हें ____________ कहा जाता है।

उत्तर: विधायिका के भंग होने के परिणामस्वरूप उसकी सामान्य अवधि से पूर्व जो चुनाव कराये जाते हैं उन्हें मध्यावधि चुनाव कहा जाता है।

3. किसी निर्वाचन क्षेत्र विशेष में वहां के प्रतिनिधि के द्वारा त्यागपत्र देने अथवा मृत्यु या न्यायालय द्वारा रद्द किये गये चुनाव के कारण रिक्त हुये पद को भरने के लिये जो चुनाव कराये जाते हैं; उसे _____________ कहा जाता है।

उत्तर: किसी निर्वाचन क्षेत्र विशेष में वहां के प्रतिनिधि के द्वारा त्यागपत्र देने अथवा मृत्यु या न्यायालय द्वारा रद्द किये गये चुनाव के कारण रिक्त हुये पद को भरने के लिये जो चुनाव कराये जाते हैं; उसे उपचुनाव कहा जाता है।

पाठगत प्रश्न 23.3

1. निर्वाचन आयोग का गठन कैसे किया गया है?

उत्तर: निर्वाचन आयोग में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और कुछ चुनाव आयुक्त होते हैं। जिनकी संख्या राष्ट्रपति कानून के अनुसार तय करते हैं। वर्तमान में भारत के निर्वाचन आयोग में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त है।

2. आप के अनुसार निर्वाचन आयोग के दो महत्वपूर्ण कार्य क्या हैं?

उत्तर: निर्वाचन आयोग के दो प्रमुख कार्य हैं:

(क) देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव निश्चित करना।

(ख) संपूर्ण चुनाव तंत्र का निरीक्षण, निर्देशन तथा नियंत्रण।

3. राज्य स्तर से लेकर चुनाव केन्द्र तक मुख्य चुनाव अधिकारी कौन हैं?

उत्तर: चुनाव संचालन के लिए निर्वाचन आयोग को मदद करने के लिए कई अधिकारी होते हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी हैं: राज्य में मुख्य चुनाव अधिकारी; जिला चुनाव अधिकारी; मतदाता पंजीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी तथा मतदान अधिकारी।

4. यदि आपको चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो आप कौन से मुख्य कार्य करेंगे तथा किस प्रकार आप चुनाव क्षेत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करेंगे?

उत्तर: निर्वाचन अधिकारी के मुख्य कार्य निम्न हैं:

(क) चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के नामांकन प्राप्त करना और उनकी जांच करना।

(ख) निवांचन आयोग की ओर से चिन्ह आवंटित करना।

(ग) चुनाव क्षेत्र में सुचारू रूप से चुनाव का संचालन।

(घ) मतों की गिनती सुनिश्चित करना।

(ङ) तथा चुनाव परिणामों की घोषणा।

5. भारत में चुनाव प्रक्रिया के पांच महत्वपूर्ण चरण क्या हैं?

उत्तर: भारत में चुनाव प्रक्रिया के पांच मुख्य चरण हैं:

(i) पहला कदम है चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन जो परिसीमन आयोग करता है।

(ii) समय समय पर निर्वाचन आयोग की देख रेख में मतदाता सूची की तैयारी और उसका संशोधन दूसरा कदम है।

(iii) राष्ट्रपति और राज्यपाल की अधिसूचना के बाद निर्वाचन आयोग देश में चुनाव संचालन का कार्य करता है।

(iv) चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाती है जिसके अंतर्गत नामांकन पत्र भरने की तिथि, उनकी जांच, वापसी, मतों की गिनती तथा चुनाव परिणामों की घोषणा शामिल होती है।

(v) प्रत्याशियों तथा राजनीतिक दलों को चुनाव चिन्ह का आवंटन निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है।

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