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NCERT Class 12 Home Science Important Chapter 8 वस्त्र एवं परिधान के लिए डिज़ाइन

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NCERT Class 12 Home Science Important Chapter 8 वस्त्र एवं परिधान के लिए डिज़ाइन

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Chapter: 8

Part – 2: मानव पारिस्थितिकी एवं परिवार विज्ञान
IMPORTANT SOLUTIONS

लघु उत्तरीय प्रश्न:

1. संरचनात्मक डिजाइन क्या है?

उत्तर: संरचनात्मक डिजाइन वह है जो रूप पर निर्भर करता है, न कि ऊपरी सजावट पर। वस्त्र उत्पादन में, इसमें रेशों का मूल संसाधन, धागों के प्रकार, बुनाई और परिधान में कपड़े की मूल कटाई या आकार सम्मिलित होते हैं।

2. अनुप्रयुक्त (एप्लाइड) डिजाइन किसे कहते हैं?

उत्तर: अनुप्रयुक्त डिजाइन मुख्य डिजाइन का एक भाग होता है, जो मूल संरचना के ऊपर सजावट के लिए बनाया जाता है। वस्त्रों में छपाई, कसीदाकारी और रँगाई द्वारा अनुप्रयुक्त डिजाइन तैयार किया जाता है।

3. डिजाइन के मुख्य तत्व कौन-कौन से हैं?

उत्तर: डिजाइन के मुख्य तत्व कला के उपकरण हैं, जिनमें रंग, बनावट (बुनावट), रेखा, और आकृति अथवा रूप शामिल हैं।

4. डिजाइन के प्रमुख सिद्धांत क्या हैं?

उत्तर: डिजाइन के सिद्धांतों में सामंजस्य, संतुलन, आवर्तन (लय), अनुपात और महत्व शामिल हैं।

5. वर्णक्रम (Spectrum) के सात रंग कौन-से हैं?

उत्तर: वर्णक्रम के सात रंगों को अंग्रेजी में संक्षेप में VIBGYOR कहा जाता है, जिसमें बैंगनी, इंडिगो, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल रंग शामिल होते हैं।

6. रंगों का ‘मान’ (Value) क्या दर्शाता है?

उत्तर: रंग का मान उसके हल्केपन या गहरेपन को बताता है। किसी रंग में सफेद मिलाने पर उसकी ‘आभा’ (Tint) बनती है, और काला मिलाने पर उसका ‘शेड’ (Shade) बनता है।

7. क्रोमा या तीव्रता (Intensity) का क्या अर्थ है?

उत्तर: क्रोमा या तीव्रता रंग की चमक या विशुद्धता होती है। जब किसी रंग को उसके विपरीत रंग के साथ मिलाया जाता है, तो रंग की तीव्रता में मंदता आ जाती है।

8. एक वर्णी (Monochromatic) रंग योजना क्या है?

उत्तर: यह एक संबंधित वर्ण योजना है जो केवल एक ही रंग (ह्यू) पर आधारित होती है। इसमें केवल एक ही रंग के मान (हल्केपन/गहरेपन) और तीव्रता में विविधता लाई जाती है।

9. बुनावट (Texture) से क्या तात्पर्य है?

उत्तर: बुनावट दिखने और छूने की एक संवेदी अनुभूति है जो वस्त्र की स्पर्शी तथा दृश्य गुणवत्ता को बताती है, जैसे—चमकदार, खुरदरा, मुलायम या कड़क होना।

10. रेखाएं मुख्य रूप से कितने प्रकार की होती हैं?

उत्तर: मूल रूप से रेखाएं दो प्रकार की होती हैं:

(i) सरल रेखा (सीधी रेखा)

(ii) वक्र रेखा (घुमावदार रेखा)

11. ऊर्ध्वाधर (खड़ी) रेखाएँ कैसा प्रभाव उत्पन्न करती हैं?

उत्तर: ऊर्ध्वाधर रेखाएँ ऊपर और नीचे गति पर बल देती हैं, ऊँचाई का महत्व बढ़ाती हैं तथा तीव्र, सम्मानजनक और सुरक्षित प्रभाव देती हैं।

12. ज्यामितीय आकृतियाँ कैसे तैयार की जाती हैं?

उत्तर: ज्यामितीय आकृतियाँ गणितीय रूप से बनाई जाती हैं। इन्हें बनाने के लिए पैमाना, कंपास अथवा अन्य मापक उपकरणों का उपयोग किया जाता है।

13. अमूर्त आकृतियाँ (Abstract Shapes) क्या होती हैं?

उत्तर: अमूर्त आकृतियाँ मुक्त-रूप होती हैं और किसी विशिष्ट वस्तु जैसी नहीं दिखतीं। वैयक्तिक संबंधों के कारण विभिन्न लोगों के लिए इनके अर्थ अलग-अलग हो सकते हैं।

14. पोशाक में ‘महत्व’ (Emphasis) का क्या कार्य है?

उत्तर: महत्व या केंद्र बिंदु वह स्थान होता है, जो देखने वालों की आँखों को सबसे पहले आकर्षित करता है। यह पोशाक में रुचि बढ़ाता है और दर्शकों का ध्यान विशिष्ट क्षेत्र पर केंद्रित करता है।

15. बाटिक (Batik) छपाई में अवरोध (Resist) उत्पन्न करने के लिए किसका प्रयोग किया जाता है?

उत्तर: बाटिक छपाई में अवरोध प्राप्त करने के लिए मोम (Wax) का प्रयोग किया जाता है, जिससे रँगाई करते समय मोम वाले भाग पर रंग नहीं चढ़ता।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:

1. वस्त्रों में रंग का महत्व क्या है और रंग के तीन मुख्य रूप (आयाम) कौन-से हैं? समझाइए।

उत्तर: वस्त्रों और परिधानों में रंग एक बहुत महत्वपूर्ण पहलू है जो उत्पाद की पहचान बनाता है। रंग मौसम, समारोह और लोगों की भावनाओं को प्रतिबिंबित करता है तथा रंग की पसंद संस्कृति, जलवायु और व्यक्तिगत कारणों से प्रभावित होती है।

रंग को मुख्य रूप से तीन रूपों में उल्लिखित किया जाता है:

(i) रंग (Hue): यह रंग का सामान्य नाम है, जैसे वर्णक्रम (VIBGYOR) के सात रंग (बैंगनी, इंडिगो, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल)।

(ii) मान (Value): यह रंग के हल्केपन या गहरेपन को बताता है। किसी रंग में सफेद मिलाने पर उसकी ‘आभा’ (Tint) बनती है और काला मिलाने पर उसका ‘शेड’ (Shade) बनता है।

(iii) क्रोमा या तीव्रता (Intensity): यह रंग की चमक या विशुद्धता होती है। जब किसी रंग को रंग चक्र पर उसके विपरीत रंग के साथ मिलाया जाता है, तो रंग की तीव्रता में मंदता आ जाती है।

2. संरचनात्मक डिजाइन (Structural Design) और अनुप्रयुक्त डिजाइन (Applied Design) में क्या अंतर है?

उत्तर: (i) संरचनात्मक डिजाइन: यह वह डिजाइन है जो रूप पर निर्भर करता है, न कि ऊपरी सजावट पर। वस्त्र उत्पादन में, इसमें रेशों का मूल संसाधन, धागों के प्रकार और बुनाई की तकनीकें शामिल होती हैं। परिधान (पोशाक) में, यह कपड़े की मूल कटाई या उसके आकार से संबंधित होता है।

(ii) अनुप्रयुक्त डिजाइन: यह मुख्य डिजाइन का एक भाग होता है, जिसे मूल संरचना के ऊपर सजावट के लिए बनाया जाता है। वस्त्रों की सज्जा में रंगाई, छपाई और कसीदाकारी (एम्ब्रॉयडरी) द्वारा अनुप्रयुक्त डिजाइन तैयार किया जाता है। पोशाक में, इसमें सजाने तथा बाँधने की युक्तियां शामिल होती हैं जो अंतिम उत्पाद के महत्व को बढ़ाती हैं।

3. डिजाइन के सिद्धांत ‘संतुलन’ (Balance) से आप क्या समझते हैं और पोशाक में यह कितने प्रकार का होता है?

उत्तर: संतुलन को पोशाक के केंद्र बिंदु से भार के एक समान वितरण के रूप में परिभाषित किया जाता है। पोशाक को ऊर्ध्वाधर रूप से (केंद्रीय रेखा से ऊपर से नीचे) और क्षैतिज रूप से दोनों प्रकार से संतुलित करने की आवश्यकता होती है। 

संतुलन मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है:

(i) औपचारिक संतुलन (Formal Balance): इसमें केंद्रीय ऊर्ध्वाधर रेखा के दोनों ओर पोशाक बिल्कुल समान (सममित) होती है। यह संतुलन स्थायित्व, गरिमा और औपचारिकता देता है, लेकिन इसमें नीरस होने की प्रवृत्ति भी होती है।

(ii) अनौपचारिक या क्षैतिज संतुलन (Informal Balance): यह मूल रूप से डिजाइन के विभिन्न तत्वों का उपयोग करके बनाया जाता है, जैसे बड़े साइज के लिए गहरी वर्ण आभा का उपयोग करके आकृतियों की समस्याओं का समाधान करना। इसके अतिरिक्त एक रेडियल संतुलन भी होता है।

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