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NCERT Class 12 Home Science Important Chapter 10 संस्थाओं में वस्त्रों की देखभाल और रखरखाव

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NCERT Class 12 Home Science Important Chapter 10 संस्थाओं में वस्त्रों की देखभाल और रखरखाव

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Chapter: 10

Part – 2: मानव पारिस्थितिकी एवं परिवार विज्ञान
IMPORTANT SOLUTIONS

लघु उत्तरीय प्रश्न:

1. वस्त्रों की देखभाल और रखरखाव के दो मुख्य पहलू क्या हैं?

उत्तर: वस्त्रों की देखभाल के दो मुख्य पहलू हैं – पहला, सामग्री को भौतिक क्षति से मुक्त रखना या कोई क्षति होने पर उसमें सुधार करना, और दूसरा, धब्बों और धूल को हटाते हुए उनके रूप-रंग, चमक और बुनावट को बनाए रखना।

2. वस्त्रों की धुलाई (लॉन्ड्री) को विज्ञान और कला दोनों क्यों कहा जाता है?

उत्तर: यह विज्ञान है क्योंकि यह वैज्ञानिक सिद्धांतों और तकनीकों पर आधारित है, और यह एक कला भी है क्योंकि सौंदर्यपरक और रुचिकर परिणाम प्राप्त करने के लिए कौशल व निपुणता की आवश्यकता होती है।

3. धुलाई की प्रक्रिया मुख्य रूप से किन कारकों पर निर्भर करती है?

उत्तर: विभिन्न वस्त्रों की देखभाल और रखरखाव उनके रेशों की मात्रा, धागे के प्रकार, वस्त्र निर्माण तकनीकों, वस्त्रों को दी गई सुसज्जा और उन्हें कहाँ उपयोग में लाना है, इन सब कारकों पर निर्भर करता है।

4. सामान्यतः उपयोग में लाए जाने वाले कपड़े धोने के तीन मुख्य उपकरण कौन से हैं?

उत्तर: धुलाई के तीन मुख्य उपकरण हैं— धुलाई के उपकरण (Washing machines), सुखाने के उपकरण (Dryers), और इस्त्री/गर्म प्रेस करने के उपकरण (Irons)।

5. पूर्णतया स्वचालित धुलाई मशीनों (Fully automatic machines) की क्या विशेषता है?

उत्तर: इन मशीनों में प्रत्येक बार उपयोग करते समय पानी भरने, तापमान सेट करने, धुलाई चक्र और खंगालने की संख्या के लिए एक बार नियंत्रण सेट करना पड़ता है, जिसके बाद मशीन को किसी व्यक्ति के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती है।

6. धुलाई मशीनों में कपड़ों से गंदगी हटाने के लिए ‘आलोड़न’ (Agitation) विधि कैसे काम करती है?

उत्तर: यह ऊपर से कपड़े डालने वाली मशीनों में प्रयोग की जाती है, जिसमें आलोड़क के ब्लेड एक दिशा में घूमते हैं या दो दिशाओं में दोलन करते हैं, जिससे पानी का वेग कपड़ों को साफ करता है।

7. सामने से भराई वाली (Front-load) मशीनों में धुलाई की कौन सी विधि प्रयोग की जाती है?

उत्तर: इन मशीनों में ‘अवपातन’ (Tumbling) विधि का प्रयोग किया जाता है, जिसमें छिद्रयुक्त बेलन घूमता है और कपड़े पानी के ऊपर जाकर वापस पानी में गिरते हैं।

8. धुलाई मशीनों में आलोड़क (Agitators) किन पदार्थों से बनाए जाते हैं और क्यों?

उत्तर: आलोड़क प्लास्टिक, धातु (ऐलुमिनियम) अथवा बैकेलाइट से बनाए जाते हैं ताकि वे अपमार्जकों (detergents), विरंजकों और मृदुकारकों से प्रभावित और खराब न हों।

9. धुलाई चक्र में ‘खंगालना’ (Rinsing) प्रक्रिया क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: धुलाई चक्र में खंगालना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि कपड़ों को अच्छी तरह न खंगाला जाए, तो वे मटमैले दिखने लगते हैं और उनकी बुनावट कड़ी हो सकती है।

10. चक्रण (Spinning) के दौरान जल निकालने के लिए कौन सा बल कार्य करता है?

उत्तर: 300 rpm (चक्कर प्रति मिनट) से अधिक गति से चक्रण होने पर एक अपकेंद्रीय बल (Centrifugal force) उत्पन्न होता है, जो जल को ऊपर और बाहर नाली में फेंकता है।

11. चक्रण (Spinning) की उपयुक्त गति कितनी होनी चाहिए?

उत्तर: चक्रण की उपयुक्त गति 600–620 rpm होनी चाहिए; कपड़ों को बिल्कुल सूखने तक चक्रण नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे कपड़ों में सिलवटें पड़ जाती हैं जो इस्त्री से आसानी से नहीं हटतीं।

12. अस्पतालों के धुलाईघरों में मुख्य रूप से किस बात पर ध्यान दिया जाता है?

उत्तर: अस्पतालों के धुलाईघर में मुख्य रूप से स्वास्थ्य, स्वच्छता और विसंक्रमण (Disinfection) पर विशेष ध्यान दिया जाता है तथा पक्के धब्बों या स्टार्च लगाने जैसी सुसज्जा पर अधिक बल नहीं दिया जाता है।

13. आतिथ्य-सत्कार (Hotels) क्षेत्र के धुलाईघरों में किस बात पर सबसे अधिक बल दिया जाता है?

उत्तर: होटलों और रेस्टोरेंट में सौंदर्यबोध और अंतिम परिसज्जा पर बल दिया जाता है, जैसे कपड़ों में स्टार्च लगाना, बेहतरीन ढंग से प्रेस करना और उनकी सही तह लगाना।

14. व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (धुलाईघरों) में रिकॉर्ड रखने की क्या पद्धति होती है?

उत्तर: कपड़े प्राप्त करते समय उनकी जांच की जाती है, और ग्राहक को एक रसीद दी जाती है जिसमें वस्त्रों की संख्या, प्रकार और तैयार होने पर वापस देने की तारीख लिखी होती है।

15. ताजे रक्त (Blood) के धब्बे को सूती कपड़े से कैसे हटाया जाता है?

उत्तर: ताजे रक्त के धब्बे को सूती कपड़े से हटाने के लिए उसे ठंडे जल में भिगोया जाता है और फिर अमोनिया के घोल में धोया जाता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:

1. व्यावसायिक या औद्योगिक धुलाईघर में विभिन्न विभागों की व्यवस्था कैसे की जाती है? विस्तार से समझाइए।

उत्तर: एक व्यावसायिक धुलाईघर को विभिन्न विभागों में व्यवस्थित किया जाता है, जहाँ प्रत्येक भाग एक विशिष्ट कार्य से संबंधित होता है। इनमें धुलाई, जल निष्कासन, सुखाना, और प्रेस करने के अलग-अलग अनुभाग होते हैं। कुछ धुलाईघरों में अस्पतालों और संस्थाओं के लिए अलग खंड तथा व्यक्तिगत/निजी कार्यों के लिए अलग खंड हो सकता है। विशिष्ट वस्तुओं जैसे ऊनी वस्त्र, रेशमी वस्त्र, सिंथेटिक वस्त्र और कालीनों के लिए ‘निर्जल-धुलाई’ (Dry Cleaning) का अलग खंड होता है। इसके अतिरिक्त, रंगाई और जरी पॉलिश जैसी विशिष्ट परिसज्जा तथा कपड़ों के निरीक्षण, छंटाई और पूर्व-उपचार (जैसे रफू करना, मरम्मत करना और धब्बे हटाना) के लिए भी विशेष इकाइयां मौजूद होती हैं। इन धुलाईघरों में बड़े उपकरण होते हैं जो एक बार में 100 किलोग्राम या उससे अधिक भार के कपड़े धो सकते हैं।

2. धुलाई मशीनों में जल निष्कासन (Water Extraction) की विभिन्न विधियों का वर्णन करें।

उत्तर: धुलाई और खंगालने की प्रक्रिया के बाद जल निकालने के लिए धुलाई मशीनों में मुख्य रूप से तीन तरीके इस्तेमाल किए जाते हैं:

(i) चक्रण (Spinning): जब मशीन 300 rpm से अधिक गति से घूमती है, तो अपकेंद्रीय बल उत्पन्न होता है, जो जल को कपड़ों से बाहर निकालकर पंप द्वारा नाली में बहा देता है।

(ii) तली-निकास (Bottom Drain): इसमें धुलाई या खंगालने की प्रक्रिया समाप्त होने पर मशीन रुक जाती है और जल मशीन की तली से नाली द्वारा बाहर निकल जाता है। अंत में टब हल्का चक्रण करता है ताकि बचा हुआ जल भी निकल जाए।

(iii) तली-निकास और चक्रण का संयोजन: इसमें मशीन बिना रुके तली से जल निकास करती है (अर्थात तली से निकास चक्रण की अवधि में ही होता है)। यह सबसे श्रेष्ठ पद्धति मानी जाती है क्योंकि यह भारी गंदगी और पानी में निलंबित गंदगी को आसानी से निकाल देती है। 

3. धुलाई मशीनों में कपड़ों से गंदगी हटाने के लिए गति (Agitation/Pulsation/Tumbling) की कौन-कौन सी विधियाँ प्रयोग की जाती हैं?

उत्तर: कपड़े धोने की मशीनों में कपड़े साफ करने के लिए मुख्य रूप से तीन प्रकार की गति विधियाँ अपनाई जाती हैं:

(i) आलोड़न (Agitation): यह ऊपर से कपड़े डालने वाली मशीनों में होता है। इसमें एक आलोड़क (Agitator) लगा होता है जिसके ब्लेड एक दिशा में घूमते हैं या दो दिशाओं में दोलन करते हैं। इससे जल का वेग उत्पन्न होता है जो कपड़ों को साफ करता है।

(ii) स्पंदन (Pulsation): यह भी ऊपर से भरने वाली मशीनों में उपयोग में लाया जाता है। इसमें मशीन बहुत तेज़ ऊर्ध्वाधर (ऊपर-नीचे) गति करती है।

(iii) अवपातन (Tumbling): यह सामने से भरने वाली (Front-load) मशीनों में प्रयोग होता है। इसमें एक छिद्रयुक्त बेलन होता है। प्रत्येक चक्कर के साथ कपड़े पानी के साथ ऊपर जाते हैं और फिर धुलाई वाले जल में गिरते हैं, जिससे जल कपड़ों के बीच से गुजरता है और वे साफ हो जाते हैं।

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