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NCERT Class 12 Home Science Chapter 7 बच्चों, युवाओं और वृद्धजनों के लिए सहायक सेवाओं, संस्थानों और कार्यक्रमों का प्रबंधन

NCERT Class 12 Home Science Chapter 7 बच्चों, युवाओं और वृद्धजनों के लिए सहायक सेवाओं, संस्थानों और कार्यक्रमों का प्रबंधन Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus. to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters NCERT Class 12 Home Science Chapter 7 बच्चों, युवाओं और वृद्धजनों के लिए सहायक सेवाओं, संस्थानों और कार्यक्रमों का प्रबंधन Notes and select need one. NCERT Class 12 Home Science Question Answers Hindi Medium Download PDF. NCERT Class 12 Home Science Textual Solutions in Hindi.

NCERT Class 12 Home Science Chapter 7 बच्चों, युवाओं और वृद्धजनों के लिए सहायक सेवाओं, संस्थानों और कार्यक्रमों का प्रबंधन

Also, you can read the NCERT book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per Central Board of Secondary Education (CBSE) Book guidelines. CBSE Class 12 Home Science Textbook Solutions in Hindi Medium are part of All Subject Solutions. Here we have given NCERT Solutions For Class 12 Home Science in Hindi, CBSE Solutions For Class 12 Home Science Hindi Medium for All Chapters, You can practice these here.

Chapter: 7

Part – 1: मानव परिस्थितिकी एवं परिवार विज्ञान
TEXTUAL SOLUTIONS

पुनरावलोकन प्रश्न:

1. बच्चे, युवा और वृद्धजन क्यों संवेदनशील होते हैं?

उत्तर: बच्चे, युवा और वृद्धजन इसलिए संवेदनशील होते हैं क्योंकि ये समाज के वे समूह हैं जिनकी प्रतिकूल परिस्थितियों द्वारा अधिक प्रभावित होने की संभावना होती है। यदि किसी व्यक्ति की आवश्यकताएं दैनिक जीवन के क्रम में पूरी नहीं होती हैं, तो वह संवेदनशील बन जाता है। बच्चों में बाल्यावस्था तीव्र विकास की अवधि होती है, और यदि उन्हें भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य देखभाल और प्रोत्साहन नहीं मिलता, तो उनका समग्र विकास प्रभावित होता है। युवा इसलिए संवेदनशील होते हैं क्योंकि वे इस अवधि में अनेक शारीरिक, जैविक और भावनात्मक परिवर्तनों से गुज़रते हैं, आजीविका और पारिवारिक जीवन की तैयारी करते हैं, और प्रतिस्पर्धा की दुनिया में साथियों के दबाव या तनाव का सामना करते हैं। वृद्धजन घटती शारीरिक शक्ति, बीमारियों (जैसे मोतियाबिंद, बहरापन, गठिया), अकेलेपन और आर्थिक रूप से दूसरों (विशेषकर बच्चों) पर निर्भर होने के कारण संवेदनशील होते हैं।

2. युवाओं के लिए किस प्रकार के कार्यक्रम उपयुक्त होते हैं?

उत्तर: युवाओं के लिए वे कार्यक्रम उपयुक्त होते हैं जो उन्हें राष्ट्रीय प्रगति और सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित और सक्षम बनाएं। इनमें ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ (NSS) शामिल है, जो छात्रों को समाज सेवा (जैसे सड़क निर्माण, पर्यावरण सुधार, साक्षरता) में लगाती है। इसके अलावा, ‘राष्ट्रीय सेवा स्वयंसेवक योजना’ युवाओं को प्रौढ़ क्लबों, व्यावसायिक प्रशिक्षण और खेलकूद में शामिल करती है। पर्वतारोहण, ट्रेकिंग और नौकायन जैसे ‘साहसिक कार्यों को प्रोत्साहन’ देने वाले कार्यक्रम युवाओं में साहस, जोखिम लेने और टीम में काम करने की क्षमता विकसित करते हैं। ‘स्काउट और गाइड’ जैसे कार्यक्रम भी बहुत उपयुक्त हैं, जो युवाओं में चरित्र, निष्ठा और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देते हैं।

3. वृद्धजनों के संदर्भ में कुछ सरोकार क्या हैं?

उत्तर: वृद्धजनों के संदर्भ में कई प्रमुख सरोकार हैं। पहला, स्वास्थ्य संबंधी सरोकार; क्योंकि कम शारीरिक शक्ति के कारण वे बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं और उम्र बढ़ने के साथ अंधापन, बहरापन या गठिया जैसी अपंगताओं का शिकार हो सकते हैं। दूसरा, भावनात्मक और सामाजिक सरोकार; शहरीकरण और एकल परिवारों के कारण बुजुर्गों की देखभाल के लिए समय की कमी होती है, जिससे वे अकेलापन और अलगाव महसूस करते हैं। तीसरा, आर्थिक निर्भरता; कई वृद्धजन आर्थिक रूप से अपने बच्चों पर निर्भर हो जाते हैं जिससे वे खुद को बोझ समझने लगते हैं और तनाव में रहते हैं। इसके अतिरिक्त, भारत में 80 प्रतिशत वृद्धजन ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं, जिससे उन तक सुविधाओं और सेवाओं का वितरण एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

4. बच्चों, युवाओं और वृद्धजनों में से प्रत्येक के लिए दो कार्यक्रमों के बारे में बताइए।

उत्तर: बच्चों के लिए दो कार्यक्रम:

(i) समेकित बाल विकास सेवाएँ (ICDS): यह 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और आरंभिक शिक्षा की आवश्यकताओं को पूरा करने का विश्व का सबसे बड़ा कार्यक्रम है।

(ii) एस.ओ.एस. (SOS) बाल गाँव: यह अनाथ और परित्यक्त बच्चों को परिवार-आधारित दीर्घावधि देखभाल प्रदान करता है जहाँ एक ‘माँ’ 10-15 बच्चों की देखभाल करती है।

युवाओं के लिए दो कार्यक्रम:

(i) राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS): यह छात्रों को राष्ट्रीय विकास और समाज सेवा के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल करती है।

(ii) साहसिक कार्यों को प्रोत्साहन: यह युवाओं में साहस और टीम वर्क विकसित करने के लिए पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, और राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों का आयोजन करता है।

वृद्धजनों के लिए दो कार्यक्रम:

(i) वृद्धाश्रम (Old Age Homes): यह कार्यक्रम निराश्रित और परित्यक्त बुजुर्गों को भोजन, देखभाल और आश्रय प्रदान करने के लिए चलाए जाते हैं।

(ii) राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (NOAPS): यह योजना 65 वर्ष से अधिक उम्र के उन निराश्रित बुजुर्गों को पेंशन (वित्तीय सहायता) प्रदान करती है, जिनके पास आजीविका का अपना कोई साधन नहीं होता।

5. बच्चों/युवाओं/वृद्धजनों के लिए अपना निजी संस्थान खोलने की योजना बनाने वाले किसी व्यक्ति को आप क्या सलाह देंगे?

उत्तर: जो व्यक्ति अपना निजी संस्थान खोलने की योजना बना रहा है, उसे मेरी सलाह होगी कि उसके पास इस बात की स्पष्ट संकल्पना होनी चाहिए कि उसका लक्ष्य क्या है और उसका संगठन लक्षित समूह की आवश्यकताओं को कैसे पूरा करेगा। एक उद्यमी के रूप में, उसे उपयुक्त स्थान, लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ, दी जाने वाली सेवाओं के संयोजन और वित्तीय सहायता पर विचार करना चाहिए। इसके अलावा, संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक कर्मचारियों की भर्ती, संगठन के पंजीकरण की औपचारिकताओं, कार्यक्रम के क्रियान्वयन और प्राप्त फीडबैक के आधार पर समय-समय पर मूल्यांकन करने पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

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