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NCERT Class 11 Home Science Chapter 1 परिचय

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NCERT Class 11 Home Science Chapter 1 परिचय

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Chapter: 1

मानव पारिस्थितिकी और परिवार विज्ञान भाग – I

अभ्यास

(क) क्या आप गृहविज्ञान विषय के बारे में जानते हैं?

यदि आपका उत्तर ‘नहीं’ है तो कृपया अपने अध्यापक से पूछें।

उन पाँच शब्दों/संकल्पनाओं की सूची बनाइए जिन्हें आप गृहविज्ञान के साथ जोड़ते हैं।

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उत्तर: गृहविज्ञान के साथ जोड़े जाने वाले पाँच शब्द या संकल्पनाएँ निम्नलिखित हो सकते हैं:

1. गृहविज्ञान के क्षेत्र में मानव पारिस्थितिकी और परिवार विज्ञान के विकास के संक्षिप्त इतिहास पर चर्चा की गई है।

2. महिलाओं की भूमिकाओं और दायित्वों के विषय में जागरूकता लाने के लिए संस्थापकों ने अनुभव किया कि भारत की युवा महिलाओं को गृहविज्ञान की शिक्षा दी जानी चाहिए।

3. गृहविज्ञान से सामाजिक और शैक्षिक असमानताओं को दूर किया जा सकता है।

4. गृहविज्ञान एक अंतरविषयक क्षेत्र माना जाता है।

5. गृहविज्ञान जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने और इसमें वृद्धि के लिए अनिवार्य है।

(ख) वर्ष के अंत में जब आप यह पुस्तक ‘मानव पारिस्थितिकी और परिवार विज्ञान’ का अध्ययन कर चुकेंगे तब उन पाँच अध्ययन क्षेत्रों की सूची बनाएँ, जिन्हें आप विषय के साथ जोड़ेंगे।

1. _______________।

2. _______________।

3. _______________।

4. _______________।

5. _______________।

उत्तर: वर्ष के अंत में ‘मानव पारिस्थितिकी और परिवार विज्ञान’ का अध्ययन करने के बाद आप निम्नलिखित पाँच अध्ययन क्षेत्रों को इस विषय के साथ जोड़ सकते हैं:

1. मानव विकास।

2. भोजन और पोषण।

3. संसाधन प्रबंधन।

4. कपड़े और पौशाकें।

5. संचार और विस्तार।

समीक्षात्मक प्रश्न

1. ‘मानव पारिस्थितिकी’ और ‘परिवार विज्ञान’ को समझाएँ।

उत्तर: “मानव पारिस्थितिकी और परिवार विज्ञान” –

1. मानव पारिस्थितिकी का अर्थ: पारिस्थितिकी” की व्याख्या दो तरीकों से की गई है। एक, जीवविज्ञान की वह शाखा जिसमें जीवधारियों और उनके पर्यावरण के आपसी संबंध का अध्ययन किया जाता है। दूसरे, यह जीव और पर्यावरण के बीच उसके बहुआयामी संबंधों को बताता है। प्रस्तुत संदर्भ में, जीवविज्ञान का आशय है, “मानव” और इसीलिए “मानव” शब्द के बाद “पारिस्थितिकी” शब्द को जोड़ दिया गया है।

2. मानव पारिस्थितिकी: इस विषय के माध्यम से मानव पर्यावरण के साथ उसके संबंध का अध्ययन किया जाता है। इसके अतिरिक्त पारिस्थितिकी के उन भौतिक, आर्थिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक तत्वों का भी अध्ययन करेंगे जिनका सक्रिय संबंध बच्चों, किशोरों और वयस्कों के साथ है।

3. परिवार विज्ञान: परिवार विज्ञान की अभिव्यक्ति इस शीर्षक का उतना ही महत्वपूर्ण भाग है। जितना कि अधिकांश व्यक्तियों के जीवन में उनका परिवार प्रमुख होता है। परिवार में बच्चों का पालन-पोषण किया जाता है, ताकि वे एक वयस्क के रूप में अपनी स्वतंत्र पहचान को अर्जित एवं विकसित कर सकें। इस विषय का अध्ययन करते हुए, छात्राओं को परिवार के संदर्भ में “व्यक्ति” की भूमिका समझने का मार्गदर्शन किया जाएगा। 

व्यक्ति समाज की एक महत्त्वपूर्ण सामाजिक इकाई है। ‘मानव पारिस्थितिकी और परिवार विज्ञान’ में शिक्षण अधिगम प्रक्रिया का एक समेकित मार्ग अपनाया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें परिवारों के सदस्यों के रूप में मानवों और समाज के पर्यावरण के बीच पारस्परिक क्रियाओं को भी समझाया गया है। यह उनकी पारिस्थितिकी के साथ सह क्रियात्मक संबंध बनाता है, जिसके अंतर्गत भौतिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक संसाधन शामिल हैं।

2. क्या आप सहमत हैं कि किशोरावस्था एक व्यक्ति के जीवन का “निर्णायक मोड़” है।

उत्तर: हाँ, मैं सहमत हूँ कि किशोरावस्था एक व्यक्ति के जीवन का “निर्णायक मोड़” है। इस अवधि में शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से व्यक्ति में महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं, जो उसके भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। किशोर अपने आसपास की दुनिया को समझने का प्रयास करते हैं, जिससे उनके सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है। इसी दौरान भोजन, कपड़े, संचार साधन और अन्य संसाधन उनकी जीवनशैली और व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। मानव पारिस्थितिकी और परिवार विज्ञान जैसे विषय किशोरों को अपने परिवेश को समझने और जीवन-प्रबंधन के कौशल विकसित करने में सहायता करते हैं। बदलते समय के साथ गृहविज्ञान जैसे विषय को भी आधुनिक संदर्भों में ढाला गया है, ताकि यह केवल घर और महिलाओं से जुड़े कार्यों तक सीमित न रहकर व्यापक ज्ञान और कौशल प्रदान कर सके। इस प्रकार किशोरावस्था में सही मार्गदर्शन और शिक्षा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 

3. उन जानी-मानी महिलाओं के नाम बताएँ, जिन्होंने भारत में सर्वप्रथम गृहविज्ञान विषय को महाविद्यालयों में आरंभ करने की संकल्पना की।

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