NIOS Class 12 Sociology Chapter 37 सांस्कृतिक अनेकता

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NIOS Class 12 Sociology Chapter 37 सांस्कृतिक अनेकता

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Chapter: 37

मॉड्यूल – V: संस्कृति

पाठगत प्रश्न 34.1

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

(अ) अनेकता का अर्थ ______________ होता है।

उत्तर: अनेकता का अर्थ अनेक होता है।

(ब) सांस्कृतिक अनेकता का उत्तम उदाहरण ______________ है।

उत्तर: सांस्कृतिक अनेकता का उत्तम उदाहरण भारत है।

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(स) पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा अपनी पुस्तक ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ में सांस्कृतिक अनेकता को ______________ कहा गया है।

उत्तर: पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा अपनी पुस्तक ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ में सांस्कृतिक अनेकता को ‘विविधता में एकता’ कहा गया है।

(द) भारत _______________ प्रांतों और _______________ संघ शासित क्षेत्रों में विभाजित है।

उत्तर: भारत 28 राज्य प्रांतों और 7 संघ शासित क्षेत्र में विभाजित है।

पाठगत प्रश्न 34.2

एक वाक्य में उत्तर दीजिए: निम्नांकित से आप क्या समझते हैं:

(अ) ‘वैचारिक केन्द्रिकता’ (ईथनोसेंट्रइस्म)।

उत्तर: “वैचारिक केन्द्रिकता” (ईथनोसेंट्रइस्म) एक वह प्रवृत्ति है जिससे व्यक्ति अपने मापदंड से दूसरों की संस्कृति को परखता या उसका निष्कर्ष निकालने लगता है।

(ब) ‘एक-विवाह-पद्धति’ (मोनोगैमी)।

उत्तर: ‘सांस्कृतिक सापेक्षतावाद’ (कल्चरल रिलेटिविज्म) वह नैतिक अवस्था या स्थिति है जिसमें सभी संस्कृतियाँ, एक अलग इकाई होती हुई अपनी अखंडता के कारण बराबर समझी जाती है।

(स) विलिंग सहोदर विवाह (क्रास कजिन मैरिज)।

उत्तर: ‘क्रॉस कजिन’ और ‘पैरलल कजिन’ के उदाहरण दिए जा सकते हैं।

पाठगत प्रश्न 34.3

ठीक उत्तर के लिए ‘सत्य’ और गलत के लिए ‘असत्य’ शब्द लिखिएः

(अ) जब सामाजिक जीवन के नियामक नैतिक मूल्य, प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में आये परिवर्तनों के साथ नहीं चल पाते तो उसे सांस्कृतिक विलम्बन कहते हैं।

उत्तर: सत्य।

(ब) न्यूक्लीयर हथियारों के प्रयोग के नियमन के लिए कुछ स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय आदर्श हैं।

उत्तर: असत्य।

पाठान्त प्रश्न

1. ‘सांस्कृतिक अनेकता’ से आप क्या समझते हैं? एक उपयुक्त उदाहरण दीजिए।

उत्तर: ‘अनेकता’ का अर्थ है बहुत-सी विविधताओं का एक साथ उपस्थित होना। इसी प्रकार सांस्कृतिक अनेकता उस अवस्था को कहते हैं जब किसी समाज या भू-भाग में एक से अधिक सांस्कृतिक समूह साथ रहते हैं, अपनी-अपनी परम्पराओं, रीति-रिवाजों, जीवन-शैलियों, भाषाओं और मान्यताओं को बनाए रखते हुए परस्पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी करते हैं। इसका आशय यह है कि बहुत-से अलग-अलग सांस्कृतिक तत्व एक साथ अस्तित्व में रहते हैं और मिलकर एक व्यापक सांस्कृतिक परिवेश का निर्माण करते हैं।

भारत इसका सबसे प्रभावशाली उदाहरण है। यहाँ विभिन्न  भाषाएँ, वेशभूषाएँ, धर्म, खान-पान, जीवन-शैलियाँ और मान्यताएँ होने के बावजूद सभी समूह एक साझा राष्ट्रीयभावना से जुड़े हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक विविधता के बीच एक अप्रतिम एकता दिखाई देती है। इसी विशेषता को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने ‘अनेकता में एकता’ कहा है।

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