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NIOS Class 12 History Chapter 27 20वीं शताब्दी में सामाजिक रूपांतरण

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NIOS Class 12 History Chapter 27 20वीं शताब्दी में सामाजिक रूपांतरण

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Chapter: 27

मॉड्यूल – 5 20वीं शताब्दी का विश्व

पाठराव प्रश्न 27.1

1. जनसंख्या वृद्धि किस प्रकार दो विश्व युद्धों से प्रभावित हुई?

उत्तर: बड़ी संख्या में लोग मारे गए, विवाह टले तथा पारिवारिक जीवन का किवंस।

2. किस प्रकार राजनीतिक पहलुओं ने जर्मनी में जनसंख्या पलायन को प्रभावित किया?

उत्तर: नाजी नीतियों ने यहूदियी, अल्पसंख्यकों तथा जर्मनी के राजनीतिक कैदियों के पलायन को जन्म दिया, वहीं युद्ध उपरांत पुनर्वास ने तुर्की के मजदूरी का जर्मनी में प्रशस कराया।

3. शहरीकरण से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: औद्योगीकरण तथा शहरों में बेहतर आर्थिक सुविधाओं के चलते ग्रामीण जनसंख्या का शहार में पातायन।

4. विकासशील देशों के कुछ कसे शहरों के नाम बताए?

उत्तर: कलकत्ता, दिल्ली, मुम्बई, संघई, कैरी इत्यादि।

पाठराव प्रश्न 27.2

1. पूँजीवादी औद्योगीकरण के फलस्वरूप कौन से दो वर्षों का उदय हुआ?

उत्तर: मध्यवर्ग, श्रमिक वर्ष।

2. मध्य वर्ग में कौन-से व्यक्ति सम्मिलित थे?

उत्तर: उद्योगपछि बैंकर, वकील, डॉक्टर, इंजीनियर, अध्यापक तथा अन्य कामकाजी वर्ग।

3. बड़े कारखानों के उदय ने श्रमिकों को किस प्रकार प्रभावित किया?

उत्तर: कुछ रोजगार बड़े कुछ ने बेरोजगारी का शाषना किया, कारखाने में सम मूल्य कामगारों के मरते में परिवर्तन।

4. पूँजीवादी औद्योगीकरण ने महिलाओं के रोजगार के क्षेत्र में क्या प्रभाव डाले?

उत्तर: घर के बाहर रोजगार, असमान वेतन, कारखाना अनुशासन। 

पाठराव प्रश्न 27.2

1. 20वीं शताब्दी में महिलाओं द्वारा अपनाई गई गई नौकरियां क्या थी?

उत्तर: कारखाने का काम शिक्षक कार्यालय, तया दुकाने।

2. 1990 की तम उदार नीतियों ने महिलाओं को किस प्रकार प्रभावित किया?

उत्तर: बेरोजगारी में वृद्धि संगठित क्षेत्रों में तथा घरेलू काम के लिए धकेल दिया जाता।

3. कारखानाने काम के ढंग को किस प्रकार बदला?

उत्तर: जगह ढंग काम के घंटे, अनुशासन।

4. आउट – सोर्सिंग के द्वारा आए बदलावों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर: बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने काम का कुछ हिस्सा तीसरी दुनिया के देशों में स्थानांतरित कर देती है जहां बेहन कम है तथा नहीं में सरकार के ऊपर करी में छूट का दबाव बना पाए।

पाठात प्रश्न

1. पश्चिमी यूरोप तथा उत्तरी अमेरिका में जनसंख्या वृद्धि के मुख्य कारण पर प्रकाश कालिए।

उत्तर: पश्चिमी यूरोप और उत्तरी अमेरिका में जनसंख्या वृद्धि के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

(i) चिकित्सा सुविधाओं का विकास जिससे मृत्यु दर कम हुई।

(ii) स्वच्छता और पोषण में सुधार।

(iii) औद्योगिक विकास से जीवन स्तर में वृद्धि।

(iv) शिशु मृत्यु दर में कमी।

(v) बेहतर आवास और स्वास्थ्य सेवाएँ।

2. आधुनिक कुलीन वर्ग से क्या तात्पर्य है?

उत्तर: पूँजीवादी औद्योगीकरण का परिणाम आधुनिक सामाजिक वर्ग के रूप में सामने आया जिससे हमारा तात्पर्य उस सामाजिक वर्ग से है जो रूपांतरित होने से पहले हुआ करता था तथा पूँजीवादी अर्थव्यवस्था तथा समाज का अभिन्न अंग था। दो नए वर्गों का उदय हुआ-मध्य वर्ग तथा श्रमिक वर्ग। पूर्व-पूँजीवाद व्यवस्थाएं भूमि की संपत्ति तथा भूमि के स्वामित्व के द्वारा संचालित होती थीं। जैसे ही यह संसार के हर क्षेत्र में फैला, दोनो पूँजीवादी उद्योगीकरण से बहुत बुरी तरह प्रभावित हुए। जनसंख्या तथा शहरीकरण में परिवर्तन के फलस्वरूप पूरे विश्व में सामाजिक ढांचे में बदलाव एक समान नहीं थे तथा न ही अचानक आए थे।

3. तीसती दुनिया के देशों में कृषि संबंधी आपदा के प्रभावों का वर्णन कारें।

उत्तर: तीसरी दुनिया के देश विशेषकर एशिया तथा अफ्रीका की सरकारों द्वारा आत्मसमर्पण ने कृषि संबंधी विपदाओं को बढ़ाया तथा किसानों के लिए परेशानी वाली स्थिति उत्पन्न कर दी थी। भूमिहीनता बढ़ रही थी तथा व्यावसायिक कृषि के बढ़ने का अर्थ था फसलों का स्थानातंरण होना। निर्यात करने वाली फसलों के प्रति यूरोप के पूँजीवादी देशों की मांग ने खाद्यान्न फसलों के उत्पादन को कम कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप किसान वर्ग ने खाद्य पदार्थों के उपयोग को भी कम कर दिया जो कि यह हजारों किसान वर्गों की आत्महत्या की वजह बनी और समर्थन मूल्य, लागत का कम मूल्य तथा सिंचाई के लिए पानी और बिजली के लिए आंदोलन में सहायक रही। चीन अपनी कृषि व्यवस्था को राजनीतिक प्रणाली के साथ जोड़ने में सक्षम रहा। किंतु दो दशकों के भूमि सुधार असंतोष को बढ़ावा दे रहे थे क्योंकि औद्योगिक उद्देश्यों के लिए कृषि भूमि की माँग थी।

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