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NIOS Class 12 Business Studies Chapter 6 प्रबंधन के मूल सिद्धांत
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प्रबंधन के मूल सिद्धांत
Chapter: 6
| माड्यूल-2 व्यवसाय प्रबंधन और इसके कार्य |
पाठगत प्रश्न 6.1
1. अपने शब्दों में प्रबंधन की परिभाषा व्यक्त करें।
उत्तर: किसी परिणाम (आउटपुट) की उत्पति के लिए विभिन्न संसाधनों (इनपुट) के उपयोग की प्रक्रिया को प्रबंधन कहा जाता है।
2. प्रत्येक के लिए नीचे प्रस्तुत संकेत के उपयोग से निम्नलिखित अपूर्ण शब्दों को पूरा करें। प्रत्येक खाली स्थान में केवल एक ही अक्षर लिखा जा सकता है। प्रथम प्रश्न उदाहरण के रूप में है।
संकेत:
(क) इसकी आवश्यकता प्रत्येक संगठन में होती है।
(ख) यह एक अप्रत्यक्ष बल है।
(ग) यह व्यक्तियों के समूह के गठन के कार्य करती है।
(घ) प्रबंधन का इससे अच्छा उपाय कोई नहीं है. इस प्रकार यह भिन्न होती है
(ङ) यह एक प्रकार की जारी प्रक्रिया है।
(क) प्रबंधन________र्व ____________ पी है (सर्वव्यापी)।
उत्तर: प्रबंधन सर्वव्यापी है।
(ख) प्रबंधन एक _________मू ____________ प्रक्रिया है।
उत्तर: अमूर्त।
(ग) प्रबंधक एक _________ माजि ______________ प्रक्रिया है।
उत्तर: सामाजिक।
(घ) प्रबंधन एक स्थि _________प ______________ क प्रक्रिया है।
उत्तर: स्थितिपरक।
(ङ) प्रबंधन एक अ ____________ नव ___________ त प्रक्रिया है।
उत्तर: अनवरत।
3. प्रबंधन के किन्हीं तीन उद्देश्यों को सूचीबद्ध करें।
उत्तर: (क) संसाधनों का इष्टतम उपयोग।
(ख) उत्पादकता में बढ़ोतरी।
(ग) उचित लाभ।
(घ) क्रेडिट साख।
(ङ) परिवर्तित परिवेश की चुनौतियों का सामना (कोई तीन)।
पाठगत प्रश्न 6.2
1. नीचे प्रस्तुत वर्णन प्रबंधन का कला, विज्ञान अथवा पेशे का स्वरूप है। प्रत्येक वर्णन की पहचान करें और उससे संबंधित संख्या को नीचे दिए गए बॉक्स में लिखें।
(क) इसमें ज्ञान का एक प्रक्रियाबद्ध निकाय है जिसमें विचार, सिद्धांत एवं व्यक्तियों का समावेश होता है।
उत्तर: विज्ञान।
(ख) इसकी प्रकृति रचनात्मक प्रकार की है।
उत्तर: कला।
(ग) इसकी उपयोज्यता सार्वभौमिक होनी चाहिए।
उत्तर: विज्ञान।
(घ) प्रबंधन की कोई सर्वश्रेष्ठ विधि नहीं है।
उत्तर: कला।
(ङ) ज्ञान की प्राप्ति की सदा से ही कोई औपचारिक विधि होती है।
उत्तर: व्यवसाय (पेशा)।
| कला | विज्ञान | व्यवसाय |
| (ख), (घ) | (क) (ग) | (ङ) |
2. कॉलम-1 में दी गई अभिव्यक्तियों का मिलान कॉलम II में दी गई प्रस्तुति से करें:
| कॉलम–1 | कॉलम–II |
| (क) व्यवस्था के रूप में प्रबंधन | (i) प्रबंधकों का समूह |
| (ख) प्रक्रिया के रूप में प्रबंधन | (ii) व्यावसायिकों के लिए आचार संहिता |
| (ग) समूह के रूप में प्रबंधन | (iii) अभ्यास एवं अनुसंधान के माध्यम से विकास एवं उद्भव |
| (घ) पेशे के रूप में प्रबंधन | (iv) परस्पर संबंधित क्रियाकलापों की श्रृंखला |
उत्तर:
| कॉलम–1 | कॉलम–II |
| (क) व्यवस्था के रूप में प्रबंधन | (iii) अभ्यास एवं अनुसंधान के माध्यम से विकास एवं उद्भव |
| (ख) प्रक्रिया के रूप में प्रबंधन | (iv) परस्पर संबंधित क्रियाकलापों की श्रृंखला |
| (ग) समूह के रूप में प्रबंधन | (i) प्रबंधकों का समूह |
| (घ) पेशे के रूप में प्रबंधन | (ii) व्यावसायिकों के लिए आचार संहिता |
पाठगत प्रश्न 6.3
1. नीचे दी तालिका में प्रबंधन के कार्य, स्थिति एवं विभिन्न स्तर दिए गए हैं। प्रत्येक कॉलम में किसी एक के उपयोग से सार्थक वाक्यों का निर्माण करें :-
| प्रबंधन का स्तर | स्थिति | कार्य |
| (क) उच्च | (क) निदेशक मंडल एवं मुख्य कार्यकारी / कार्यपालक | (iii) लक्ष्यों को परिभाषित करना तथा नीतियों का निर्माण करना |
| (ख) मध्यम | (ख) विभाग प्रमुख एवं प्रबंधक | (i) विभागीय लक्ष्यों की पहचान करना तथा उनके संबंध में निम्न स्तर का मार्गदर्शन करना |
| (ग) निम्न | (ग) पर्यवेक्षक एवं फोरमैन | (ii) परिचालनों का संचालन करना तथा पर्यवेक्षण करना |
उत्तर: (क) उच्च स्तर – निदेशक मंडल एवं मुख्य कार्यकारी/कार्यपालक संगठन के लक्ष्यों को परिभाषित करते हैं तथा नीतियों का निर्माण करते हैं।
(ख) मध्यम स्तर – विभाग प्रमुख एवं प्रबंधक विभागीय लक्ष्यों की पहचान करते हैं तथा उनके संबंध में निम्न स्तर का मार्गदर्शन करते हैं।
(ग) निम्न स्तर – पर्यवेक्षक एवं फोरमैन परिचालनों का संचालन करते हैं तथा पर्यवेक्षण करते हैं।

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