NIOS Class 10 Social Science Chapter 7 औपनिवेशिक भारत में धार्मिक एवं सामाजिक जागृति

NIOS Class 10 Social Science Chapter 7 औपनिवेशिक भारत में धार्मिक एवं सामाजिक जागृति Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 10 Social Science Chapter 7 औपनिवेशिक भारत में धार्मिक एवं सामाजिक जागृति Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 10 Social Science Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 10 Social Science Notes Paper Code: 213.

NIOS Class 10 Social Science Chapter 7 औपनिवेशिक भारत में धार्मिक एवं सामाजिक जागृति

Join Telegram channel
Follow us:
facebook sharing button
whatsappp sharing button
instagram sharing button

Also, you can read the NIOS book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per National Institute of Open Schooling (NIOS) Book guidelines. These solutions are part of NIOS All Subject Solutions. Here we have given NIOS Class 10 Social Science Notes, NIOS Secondary Course Social Science Solutions in Hindi Medium for All Chapter, You can practice these here.

Chapter: 7

मॉड्यूल – 1 भारत तथा विश्व विभिन्न युगों में

पाठगत प्रश्न 7.1

1. किसी दो सामाजिक प्रथाओं की सूची बनाएं जिनके विरूद्ध समाज सुधार आंदोलन शुरू किये गये।

उत्तर: समाज सुधार आंदोलन निम्नलिखित सामाजिक प्रथाओं के विरुद्ध शुरू किये गये थे:

(i) सती प्रथा: जिसमें एक विधवा स्त्री को उसके पति की चिता पर खुद को जलाने के लिए मजबूर किया जाता था।

(ii) बाल विवाह (विशेष रूप से कन्या बाल-विवाह): जिसमें लड़कियों की अक्सर बहुत कम उम्र में शादी कर दी जाती थी।

2. जाति व्यवस्था अतार्किक तथा अवैज्ञानिक क्यों मानी जाती थी?

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Join Now

उत्तर: समाज सुधारकों के अनुसार जाति व्यवस्था को अतार्किक तथा अवैज्ञानिक माना जाता था क्योंकि यह मानवता के बुनियादी नियमों के खिलाफ थी। अधिकांश सुधारकों ने जाति प्रथा को वेदों और धर्मग्रंथों के विरुद्ध भी माना था।

3. समाज सुधारकों द्वारा “धर्म में कठोरता” की आलोचना के क्या आधार थे?

उत्तर: समाज सुधारकों द्वारा “धर्म में कठोरता” (धर्म में कठोरता तथा अंधविश्वासी प्रथाओं) की आलोचना के निम्नलिखित आधार थे:

(i) सुधारकों को भारतीय परंपरा और दर्शन का गहन ज्ञान तथा शास्त्रों का अच्छा ज्ञान था।

(ii) उन्होंने शास्त्रों से उद्धृत करके यह बताया कि 19वीं सदी के दौरान प्रचलित प्रथाओं को शास्त्रों से किसी भी प्रकार की मंजूरी नहीं मिली है।

(iii) उन्होंने महसूस किया कि लोकप्रिय धर्म अंधविश्वासों से भरा पड़ा था और यह पुरोहितों के हाथों शोषण का एक मंत्र बन गया था।

(iv) बुद्धिवादी लोगों ने अंधविश्वासों से भरे लोकप्रिय धर्म पर अनेक प्रश्न उठाए।

(v) उन्होंने शास्त्रों में कठोरता और अंधविश्वास को नहीं पाया।

(vi) सुधारक चाहते थे कि समाज तर्कसंगत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को स्वीकार करे।

4. नीचे दिए गए अंश को पढ़ें तथा प्रश्नों के उत्तर दें:

डा. भीम राव अंबेडकर एक गरीब महार परिवार के थे, जो अछूत जाति मानी जाती थी। उन्होंने भारत में कालेज की शिक्षा प्राप्त की और बाद में कोलंबिया विश्वविद्यालय तथा लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अपने अध्ययन तथा शोधकार्य के लिए डिग्री तथा डॉक्टर की उपाधि प्राप्त की।डा. अंबेडकर भारतीय संविधान की मौजूदा समिति के अध्यक्ष थे। सामाजिक और वित्तीय कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद डा. अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन सामाजिक भेदभाव के विरूद्ध लड़ने में व्यतीत किया। सन् 1990 में उनको मरणोपरांत “भारत रत्न” से सम्मानित किया गया।

1. शिक्षा के अलावा कुछ और चीज जिसने डा. अम्बेडकर को समाज में व्याप्त भेदभाव से लड़ने के लिए सक्षम बनाया।

उत्तर: शिक्षा के अलावा, साहस, दृढ़ संकल्प, प्रेरणा और लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दृष्टि ने डॉ. अम्बेडकर को समाज में व्याप्त भेदभाव से लड़ने के लिए सक्षम बनाया। सामाजिक और वित्तीय कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद, डॉ. अम्बेडकर ने अपना पूरा जीवन सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध लड़ने में व्यतीत किया था।

पाठगत प्रश्न 7.2

1. रिक्त स्थान में सही उत्तर भरें।

(i) वह _________ पूर्व और पश्चिम के विचारों को संश्लेषण का प्रतिनिधित्व नहीं करते थे।

(क) स्वामी विवेकानंद।

(ख) राममोहन राय।

(ग) दयानंद सरस्वती।

(घ) ईश्वरचंद विद्यासागर।

उत्तर: (ग) दयानंद सरस्वती।

(ii) वे वेदों की अचूक प्रभाव पर विशेष जोर नहीं देते थे?

(क) स्वामी विवेकानंद।

(ख) रामकृष्ण परमहंस।

(ग) दयानंद सरस्वती।

(घ) सैयद अहमद खान।

उत्तर: (घ) सैयद अहमद खान।

(iii) पवित्र स्थानों की अष्ट महतों के वर्चस्व तथा नियंत्रण से मुक्त करने के लिए आआंदोलन शुरू कर दिया।

(क) अकाली आंदोलन।

(ख) जाति मधार आआंदोलन।

(ग) शद्धि आआंदोलन।

(घ) सत्याग्रह आंदोलन।

उत्तर: (क) अकाली आंदोलन।

2. निम्नलिखित को मिलाए:

(i) ब्रह्म ममाज(क) स्वामी विवेकानंद
(ii) आर्य समाज(ख) एनी बसेंट
(iii) रामकृष्ण मिशन(ग) स्वामी दयानंद सरस्वती
(iv) थियोसोफिकल सोसायटी(घ) ज्योतिबा फुले
(v) अकाली आंदोलन(ई) पंडिता रमाबाई
(vi) सत्य शोधक समाज(च) राजा राम मोहन राय
(vii) अलीगढ़ आंदोलन(छ) सिख
(viii) आर्य महिला समाज(ज) न्यायमूर्ति महादेव गोविंद रानाडे
(प) सर सैयद अहमद खान
(च) दादाभाई नौरोजी

उत्तर:

(i) ब्रह्म ममाज(च) राजा राम मोहन राय
(ii) आर्य समाज(ग) स्वामी दयानंद सरस्वती
(iii) रामकृष्ण मिशन(क) स्वामी विवेकानंद
(iv) थियोसोफिकल सोसायटी(ख) एनी बसेंट
(v) अकाली आंदोलन(छ) सिख
(vi) सत्य शोधक समाज(घ) ज्योतिबा फुले
(vii) अलीगढ़ आंदोलन(प) सर सैयद अहमद खान
(viii) आर्य महिला समाज(ई) पंडिता रमाबाई

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This will close in 0 seconds

Scroll to Top