NIOS Class 10 Social Science Chapter 3 मध्यकालीन विश्व

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NIOS Class 10 Social Science Chapter 3 मध्यकालीन विश्व

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Chapter: 3

मॉड्यूल – 1 भारत तथा विश्व विभिन्न युगों में

पाठगत प्रश्न 3.1

खाली जगहों को भरोः

1. मतहत जागीरदार को दिया गया सामंत का अनुदान _____________ कहलाता था।

उत्तर: मतहत जागीरदार को दिया गया सामंत का अनुदान फीफ कहलाता था।

2. जमीन से बंधे और सामंतों के पूरी तरह अधीन मध्यकालीन यूरोप के ये आश्रित किसान _____________ कहलाते हैं।

उत्तर: जमीन से बंधे और सामंतों के पूरी तरह अधीन मध्यकालीन यूरोप के ये आश्रित किसान भूनिदास कहलाते हैं।

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3. समंतों के सीधे प्रबंधन में रहने वाला जायदाद का हिस्सा _____________ कहलाता था।

उत्तर: समंतों के सीधे प्रबंधन में रहने वाला जायदाद का हिस्सा डेमेन्स् कहलाता था।

पाठगत प्रश्न 3.2

1. जमींदारों तथा किसानों के बीच के सम्बन्ध को समझाये।

उत्तर: मध्यकालीन यूरोप में, जमींदारों (सामंतों) और किसानों के बीच का संबंध शोषण और निर्भरता पर आधारित था।

निर्भरता और संरक्षण: राजनीतिक उथल-पुथल और आर्थिक संकट के दौरान, किसानों ने सामंतों से संरक्षण मांगा। संरक्षण के बदले में, किसानों ने अपनी स्वतंत्रता खो दी और ज़मीन से बंध गए, जिन्हें भूनिदास कहा जाता था।

अधिकार और नियंत्रण: सामंतों के पास असीमित राजनीतिक और न्यायिक अधिकार थे, जिनका उपयोग वे किसानों को अपने अधीन रखने के लिए करते थे। सामंतों के पास सशस्त्र शक्ति भी थी, जिसका इस्तेमाल वे किसानों को धमकाने और सताने के लिए करते थे।

लगान/सेवाएं: भूनिदासों को काश्तकार माना जाता था, और उन्हें सामंत को लगान देना होता था। यह लगान मुख्य रूप से श्रम सेवा के रूप में चुकाया जाता था। इसके तहत, उन्हें हफ्ते में कुछ निश्चित दिन सामंत के डेमेन्स् पर बिना वेतन के काम करना पड़ता था। उन्हें वस्तु के रूप में भी शुल्क (अपनी उपज का एक हिस्सा) देना होता था, जो मनमाने ढंग से लगाया जाता था।

2. खेतीहर मजदूर क्या थे?

उत्तर: स्रोत सामग्री के अनुसार, रोमन अभिजातों ने अपनी जीवन शैली को बनाए रखने के लिए मुक्त किसानों, काश्तकारों और खेत मजदूरों पर बोझ बढ़ा दिया था। मध्यकाल के दौरान, कृषि उत्पादन के लिए गुलाम श्रम का उपयोग लगभग समाप्त हो गया था। स्रोत में भूनिदास का विस्तृत वर्णन है, जो ऐसे आश्रित किसान थे जो ज़मीन से बंधे थे और अनिवार्य श्रम सेवा प्रदान करते थे। इस संदर्भ में, ‘खेतीहर मजदूर’ उन श्रमिकों में शामिल थे जिन पर सामंती व्यवस्था में काम का बोझ बढ़ गया था।

3. बताएं किः वक्तव्यः सही है या गलत।

1. दसवीं से लेकर 12वीं सदी के दौरान व्यापार में सुधार हुआ और नगरीय जीवन में वृद्धि हुई।

उत्तर: सही।

2. दसवीं सदी के बाद कृषिगत तकनीकों में सुधार का उपज में इजाफा से कोई ज्यादा सरोकार नहीं था।

उत्तर: गलत।

3. तेरहवीं सदी के बाद सामंती अर्थव्यवस्था में वृद्धि का रुझान उलट गया।

उत्तर: सही।

4. दसवीं सदी के पहले यूरोप में शिक्षा और कला के विकास के लिए बढ़िया दौर था।

उत्तर: गलत।

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