NIOS Class 12 Painting Chapter 7 मुग़ल चित्रकला

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NIOS Class 12 Painting Chapter 7 मुग़ल चित्रकला

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Chapter: 7

Part – 1: सिद्धांत
पाठगत प्रश्न 7.1

A. सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

1. उपर्युक्त लघुचित्र (7.1) का विषय क्या है? 

(i) शिकार का दृश्य।

(ii) बाजार का दृश्य।

(iii) व्यस्त सड़क।

(iv) सूर्योदय का दृश्य।

उत्तर: (i) शिकार का दृश्य।

2.  मुग़ल लघुचित्रों में किस शैली का प्रभाव है?

(i) पश्चिमी।

(ii) फारसी।

(iii) आधुनिक।

(iv) इटालियन। 

उत्तर:(ii) फ़ारसी। 

पाठगत प्रश्न 7.2 

1. ‘बाज़ के साथ राजकुमार’ लघुचित्र का माप क्या है? 

उत्तर: इस उत्कृष्ट लघुचित्र की ऊँचाई 14.2 सेमी. और चौड़ाई 8.5 सेमी. है।

2. इस चित्र को बनाने में किस माध्यम का प्रयोग किया गया है? 

उत्तर: इस चित्र को बनाने के लिए कागज़ पर अपारदर्शी जलरंग (टेम्परा) माध्यम का प्रयोग किया गया है। रंगों के साथ-साथ इसमें स्वर्ण (सोना) तथा स्याही का भी बहुत बारीकी से प्रयोग किया गया है।

3. ‘बाज़ के साथ राजकुमार’ नामक चित्र किस चित्रकार ने बनाया है? 

उत्तर: यह चित्र जहाँगीर के दरबार के ख्यातिप्राप्त चित्रकार ‘उस्ताद मंसूर’ ने बनाया है। उस्ताद मंसूर पक्षी-चित्रण, वनस्पति और सूक्ष्म विवरण उकेरने में माहिर माने जाते थे।

पाठगत प्रश्न 7.3 

A. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

1. “बारबेट” पेंटिंग ________ का बेहतरीन उदाहरण है। 

उत्तर:  “बारबेट” पेंटिंग पक्षी का बेहतरीन उदाहरण है। 

2. इस लघुचित्र के चित्रकार का नाम ________ है। 

उत्तर:  इस लघुचित्र के चित्रकार का नाम उस्ताद मंसूर है। 

3.  सुलेखन ________ लिपि में किया गया है। 

उत्तर: सुलेखन फ़ारसी लिपि में किया गया है। 

पाठगत प्रश्न 7.4

A. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

1. जहाँगीर के हाथ में ________ व्यक्तिचित्र है। 

उत्तर: जहाँगीर के हाथ में मदर मैरी (मडोना) व्यक्तिचित्र है। 

2. इस चित्र के चित्रकार का नाम ________ है। 

उत्तर: इस चित्र के चित्रकार का नाम अबुल हसन है। 

पाठांत प्रश्न 

1. लघुचित्र बनाने के लिए किस प्रकार के रंगों का प्रयोग किया गया है? 

उत्तर: मुग़ल लघुचित्रों में मुख्य रूप से पाँच बुनियादी प्राकृतिक रंगों का प्रयोग किया जाता था जो प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त किए जाते थे। ये रंग खनिज पत्थरों, मिट्टी, वनस्पति, लाख और अन्य कीटों से निकाले जाते थे। उदाहरण के लिए, सफेद रंग शंख को जलाकर या चॉक मिट्टी से, पीला रंग पीली मिट्टी से, लाल रंग गेरू या लाल सीसा/सिंदूर से, और हरा रंग वनस्पतियों से प्राप्त किया जाता था।

2. मुग़ल लघुचित्रों पर किस शैली का प्रभाव पड़ा है? विस्तार से लिखिए। 

उत्तर: मुग़ल लघुचित्रों पर सबसे अधिक प्रभाव ‘ईरानी (फ़ारसी) शैली’ और ‘भारतीय कला’ के सामंजस्य का पड़ा है। हुमायूँ के समय ईरानी चित्रकार मीर सैय्यद अली और अब्द-अल-समद भारत आए थे। इसके अतिरिक्त, विदेशी यात्रियों द्वारा मुग़ल दरबार में लाए गए यूरोपीय चित्रों और उत्कीर्ण कलाकृतियों का भी मुग़ल कला पर बहुत प्रभाव पड़ा। यूरोपीय प्रभाव के कारण ही मुग़ल चित्रों में ‘शेडिंग’ (छायांकन) और ‘परिप्रेक्ष्यता’ (Perspective – गहराई दिखाना) जैसे नए तत्वों का विकास हुआ।

3. ‘गैंडे का शिकार करते बाबर’ लघुचित्र के बारे में लिखिए। 

उत्तर: यह चित्र 1530 ई. में एक अज्ञात चित्रकार द्वारा कागज़ पर जलरंग से बनाया गया था, जो ‘बाबरनामा’ की पाण्डुलिपि से लिया गया है। इसमें बाबर को गैंडे का शिकार करते हुए दर्शाया गया है। चित्रकार ने चित्र में गहराई (Perspective) पैदा करने के लिए पृष्ठभूमि की आकृतियों को छोटा और हल्के रंग का बनाया है, जबकि अग्रभूमि की आकृतियाँ बड़ी हैं। पशु-पक्षियों, पेड़-पौधों, और हाथी की झूल का चित्रण प्रवाहमयी रेखाओं द्वारा बहुत ही यथार्थवादी और ऊर्जावान ढंग से किया गया है।

4. ‘बाज़ के साथ राजकुमार’ नामक चित्र के विषय में संक्षेप में लिखिए। 

उत्तर: यह चित्र जहाँगीर काल का एक अद्वितीय लघुचित्र है जिसे उस्ताद मंसूर ने कागज़ पर अपारदर्शी जलरंग (टेम्परा) से बनाया है। चित्र में एक राजकुमार ने हाथ में दस्ताना पहना है और वह आकाश की सपाट पृष्ठभूमि में बाज़ को साधे हुए खड़ा है। चित्र में क्षितिज रेखा नहीं है, लेकिन बादलों और पक्षियों से आकाश का आभास होता है। बाज़ के पंखों को हवा में फैला दिखाकर चित्रकार ने इसमें त्रियामी (3D) प्रभाव उत्पन्न किया है, और राजकुमार के चेहरे पर बाज़ के प्रति सराहना का भाव है।

5. किन्हीं दो मुग़ल लघुचित्रों के शीर्षक तथा उनके बनाने वाले चित्रकारों के नाम लिखिए। 

उत्तर: (i) बाज़ के साथ राजकुमार – इस चित्र के चित्रकार ‘उस्ताद मंसूर’ हैं।

(ii) मैडोना का चित्र लिए जहाँगीर – इस चित्र के चित्रकार ‘अबुल हसन’ हैं।

6. मुग़ल-कला क्या है? उसकी मुख्य विशेषताओं का उल्लेख करिए। 

उत्तर: भारत में 16वीं और 17वीं सदी के मध्य मुग़ल शासकों (मुख्यतः अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ) के संरक्षण में जो चित्रकला शैली फली-फूली, उसे मुग़ल चित्रकला कहते हैं। इसकी मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: यथार्थपूर्ण चित्रण, अत्यंत सावधानीपूर्वक किया गया परिष्कृत रेखांकन, संयोजन में निपुणता, तथा कोमल और समृद्ध रंगयोजना। यह कला मुख्य रूप से राजसी ठाठ-बाट, व्यक्तिचित्र (Portraiture), शिकार के दृश्य और प्रकृति (पशु-पक्षियों व फूलों) के गहरे निरीक्षण से जुड़ी हुई है।

7. ‘बारबेट’ लघुचित्र में किस तरह के रंगों का इस्तेमाल किया गया है? 

उत्तर: इस लघुचित्र में पूर्ण रूप से प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया गया है, जो खनिज पत्थर, मिट्टी, वनस्पति, लाख और अन्य कीटों से प्राप्त किए गए थे। चित्रकार उस्ताद मंसूर ने इस उत्कृष्ट कलाकृति को बनाने के लिए मुख्य रूप से पाँच बुनियादी रंगों का प्रयोग किया है।

8. ‘बारबेट’ लघुचित्र कहाँ प्रदर्शित किया गया है? 

उत्तर: मुग़ल चित्रकला का यह बेहतरीन और ऐतिहासिक ‘बारबेट’ लघुचित्र वर्तमान समय में लंदन (यू.के.) के ‘विक्टोरिया एण्ड अल्बर्ट म्यूज़ियम’ (Victoria and Albert Museum) के संग्रह में सुरक्षित रखा गया है और वहीं प्रदर्शित है।

9. ‘बारबेट’ चित्रकला के संरक्षक कौन थे? 

उत्तर: इस चित्रकला के संरक्षक मुग़ल सम्राट जहाँगीर थे। जहाँगीर एक महान प्रकृति प्रेमी थे और उनके ही संरक्षण और मार्गदर्शन में उनके दरबार के चित्रकारों (विशेषकर उस्ताद मंसूर) द्वारा पशु-पक्षियों और फूलों के सबसे अधिक और उत्कृष्ट चित्र बनाए गए थे।

10. ‘बारबेट’ लघुचित्र का माध्यम क्या है? 

उत्तर: इस चित्र को बनाने का माध्यम कागज़ पर ‘टेंपरा’ (Tempera) है। टेंपरा अपारदर्शी जलरंगों (Opaque watercolors) की एक तकनीक है, जिसमें प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है।

11. ‘बारबेट’ चित्रकला का काल लिखिए। 

उत्तर: यह चित्रकला ‘जहाँगीर-काल’ से संबंधित है। मुग़ल कला के इतिहास में जहाँगीर का काल वह समय था जब सूक्ष्म प्रकृति-अध्ययन और पक्षियों के यथार्थवादी चित्रण को सबसे अधिक महत्व दिया गया।

12. ‘बारबेट’ में किन रंगों का इस्तेमाल होता है? 

उत्तर: चित्रकार ने इस पेंटिंग में बेहद चमकदार और गहरे रंगों का इस्तेमाल किया है, जिनका विवरण इस प्रकार है:

पंख: पक्षी के पंखों में पीली मिट्टी के रंग के साथ नीले रंग की बहुत सुंदर छटा दिखाई गई है।

गला और सिर: बारबेट (नीली गर्दन वाला हिमालयी पक्षी) के गले पर नीला रंग और सिर पर चमकदार लाल रंग लगाया गया है, जो इस चित्र के मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं।

पृष्ठभूमि और रेखाएं: इसकी पृष्ठभूमि हल्के रंग की (सफ़ेद) है, जिसके किनारे (बॉर्डर) पर काली स्याही से फ़ारसी लिपि में सुंदर सुलेखन किया गया है। इसके अलावा चित्र की बाह्य रेखाओं का अंकन ब्रश द्वारा हरे रंग से किया गया है।

13. जहाँगीर किसलिए जाना जाता है? 

उत्तर: सम्राट जहाँगीर एक महान कला-पारखी और कला-संग्राहक (Art Collector) के रूप में जाना जाता है। उसे अपनी कला की समझ पर बहुत गर्व था। वह एक उच्च कोटि का प्रकृति प्रेमी भी था। उसके शासन काल में दरबार के दृश्यों, व्यक्तिचित्रों के अलावा विशेष रूप से पशु-पक्षियों तथा फूलों के अत्यंत उत्कृष्ट चित्र बनाए गए।

14. ‘बारबेट’ लघुचित्र में सूक्ष्मता को किस प्रकार प्रस्तुत किया गया है? 

उत्तर: उस्ताद मंसूर ने इस चित्र में सूक्ष्मता दर्शाने के लिए पेड़ के तनों, शाखाओं और पत्तियों को बहुत कोमल रेखाओं और प्राकृतिक रंगों से उकेरा है। चित्र में गहराई लाने के लिए आगे की पत्तियों को बड़ा और पीछे की पत्तियों को छोटा चित्रित किया गया है। पक्षी का सिर टहनी की ओर झुका हुआ है, उसकी चोंच नुकीली है और आँखें गोल व सतर्क दिखाई गई हैं, जो चित्रकार के असाधारण और सूक्ष्म प्रकृति-अध्ययन (Detailed Nature Study) को प्रमाणित करता है।

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