NIOS Class 12 Painting Chapter 11 समकालीन कला एवं कलाकार Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus. to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Painting Chapter 11 समकालीन कला एवं कलाकार Notes and select need one. NIOS Class 12 Painting Chapter 11 समकालीन कला एवं कलाकार Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Painting Paper Code: 332.
NIOS Class 12 Painting Chapter 11 समकालीन कला एवं कलाकार
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समकालीन कला एवं कलाकार
Chapter: 11
| Part – 1: सिद्धांत |
| पाठगत प्रश्न 11.1 |
1. राजा रवि वर्मा का जन्म कहाँ हुआ?
उत्तर: कलिमनूर, जो कि दक्षिणी केरल राज्य का छोटा-सा नगर है।
2. राजा रवि वर्मा अपनी सफलता का श्रेय किसे देते थे?
उत्तर: वे अपनी सफलता का श्रेय अपने विधिवत प्रशिक्षण, पहले तंजावुर की पारंपरिक चित्रकला को और बाद में यूरोपियन कला को देते थे।
3. ‘सुभद्राहरण’ किस महाकाव्य पर आधारित है?
उत्तर: महाभारत।
4. ‘सुभद्राहरण’ में अर्जुन को किस वेश में दर्शाया गया है?
उत्तर: संन्यासी।
| पाठागत प्रश्न 11.2 |
A. सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
1. अवनिन्द्रनाथ टैगोर के जन्मस्थान का नाम है:
(i) बीरभूम (कोलकाता)।
(ii) जोरासांको (कोलकाता)।
(iii) पुरी (ओडिशा)।
(iv) कुल्लू (हिमाचल प्रदेश)।
उत्तर: (ii) जोरासांको (कोलकाता)।
2. ‘सुभद्राहरण’ चित्र का माध्यम है:
(i) पेस्टल रंग।
(ii) पेंसिल का रंग।
(iii) जलरंग।
(iv) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर: (iii) जलरंग।
| पाठागत प्रश्न 11.3 |
A. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें:
1. जामिनी रॉय के जन्म स्थान का नाम _____________ है।
उत्तर: बंगाल के बांकुरा जिले में बेल्यातोर गाँव।
2. जामिनी रॉय ने _____________पारंपरिक तकनीक का उपयोग किया।
उत्तर: जामिनी रॉय ने टेंपरा पारंपरिक तकनीक का उपयोग किया।
3. जामिनी रॉय की चित्रकारी का माध्यम _____________ है।
उत्तर: जामिनी रॉय की चित्रकारी का माध्यम जलरंग है।
| पाठागत प्रश्न 11.4 |
1.अमृता शेरगिल के जन्मस्थान का क्या नाम है?
उत्तर: हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट।
2. अमृता शेरगिल का बचपन कहाँ बीता?
उत्तर: उनके बचपन के आरंभिक वर्ष हंगरी के एक गाँव में बीते।
3. अमृता शेरगिल के बनाए तीन प्रसिद्ध चित्रों के नाम लिखिए।
उत्तर: ‘हिल वुमन’, ‘वुमन एट वॉच’ एवं ‘स्लीप’।
4. ‘दुल्हन का श्रृंगार’ चित्र का माध्यम क्या है?
उत्तर: कैनवास पर तैलरंग।
| पाठागत प्रश्न 11.5 |
1. ‘नाद स्वरम् गणेशयम्’ चित्र के चित्रण का माध्यम क्या है?
उत्तर: कैनवास पर एक्रायलिक रंग।
2. ‘नाद स्वरम् गणेशयम्’ में चित्रित वाद्ययंत्र का नाम लिखिए।
उत्तर: नाद।
3. ‘नाद स्वरम् गणेशयम्’ में प्रयुक्त किए गए पाँच रंगों के नाम लिखिए।
उत्तर: लाल, कत्थई, सलेटी, पीला, हरा एवं काला।
| पाठागत प्रश्न 11.6 |
1. उन भारतीय एवं विदेशी कलाकारों के नाम लिखिए जिन्होंने हेब्बार को सर्वाधिक प्रभावित किया।
उत्तर: पॉल गोगॉं (Paul Gauguin) एवं अमृता शेरगिल।
2. हेब्बार का निधन किस आयु में हुआ?
उत्तर: 85 वर्ष।
3. हेब्बार ने ‘शीर्षकविहीन’ चित्र में किन-किन रंगों का प्रयोग किया?
उत्तर: पीला, कत्थई, नारंगी, नीला एवं सलेटी।
| पाठांत प्रश्न |
1. प्रसिद्ध भारतीय समकालीन चित्रकारों के नाम लिखिए।
उत्तर: भारतीय समकालीन कला के इतिहास में कई प्रसिद्ध चित्रकारों ने अपना योगदान दिया है। इनमें राजा रवि वर्मा, अवनिन्द्रनाथ टैगोर, जामिनी रॉय, अमृता शेरगिल, एम.एफ. हुसैन और के.के. हेब्बार प्रमुख रूप से गिने जाते हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न कला समूहों के चित्रकार भी बहुत प्रसिद्ध रहे, जैसे- ‘बंगाल स्कूल’ के नंदलाल बोस, शारदा उकील, चुगताई और असित हालदार।’कलकत्ता ग्रुप’ (1943) के मूर्तिकार प्रदोषदास गुप्ता और चित्रकार पारितोष सेन, गोपाल घोष, निरोडे मजूमदार व जैनुल आबदीन।’प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप’ के सैयद हैदर रज़ा, फ्रांसिस न्यूटन सूजा, एच.ए. गाडे और के.एच. आरा।
2. राजा रवि वर्मा पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: राजा रवि वर्मा का जन्म 29 अप्रैल 1848 को केरल के एक छोटे-से नगर किलिमनूर के शाही महल में हुआ था। उन्होंने 5 वर्ष की छोटी उम्र में ही अपने घर की दीवारों पर पशुओं और दैनिक जीवन के चित्र उकेरना शुरू कर दिया था।
प्रशिक्षण: वे अपनी सफलता का श्रेय तंजावुर की पारंपरिक कला के प्रशिक्षण और बाद में सीखी गई यूरोपीय तैलरंग कला को देते थे।
चित्रण शैली और विषय: वे तैलरंग (oil colour) की मोटी परत से चमकदार आभूषणों, ज़री के काम और त्वचा की कोमल छटाओं का बहुत यथार्थवादी चित्रण करते थे। उन्होंने रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों तथा भारतीय मिथकों के आधार पर चित्र बनाए।
प्रसिद्ध चित्र: ‘नल दमयंती’, ‘शांतनु और गंगा’, ‘राधा एवं माधव’, ‘अर्जुन और सुभद्रा’ (सुभद्राहरण), ‘सीता स्वयंवर’ आदि। 2 अक्टूबर 1906 को उनका निधन हुआ।
3. ‘प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप’ अधिक लोकप्रिय क्यों हुआ?
उत्तर: ‘प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप’ (Progressive Artist Group) इसलिए बहुत अधिक लोकप्रिय हुआ क्योंकि इस समूह के साहसी चित्रकारों ने तत्कालीन भारतीय चित्रकला को एक नया अर्थ और बिल्कुल नई दिशा प्रदान की।इन कलाकारों के सबसे प्रिय विषय भूदृश्य (Landscapes), प्रकृति और व्यक्तिचित्र (Portraits) हुआ करते थे।इस समूह में एम.एफ. हुसैन, सैयद हैदर रज़ा, फ्रांसिस न्यूटन सूजा, एच.ए. गाडे और के.एच. आरा जैसे दिग्गज चित्रकार शामिल थे, जिन्होंने 1947 में अपनी पहली सामूहिक प्रदर्शनी आयोजित करके भारतीय कला जगत में एक नई क्रांति ला दी थी।
4. जामिनी रॉय की चित्रण-शैली के बारे में लिखिए।
उत्तर: जामिनी रॉय की चित्रण शैली पूरी तरह से बंगाल की लोककला और जीवंत आदिवासी कला पर आधारित थी। वे बांकुरा के मिट्टी के खिलौनों और कालीघाट के पटचित्रों से अत्यधिक प्रभावित थे।
रंग और तकनीक: वे मिट्टी के प्राकृतिक रंग स्वयं तैयार करते थे, जैसे- सलेटी के लिए नदी की गाद, लाल के लिए सिन्दूर, सफेद के लिए चूना और काले के लिए काजल। वे रंगों को इमली के गोंद या अंडे की सफेदी में मिलाकर पारंपरिक ‘टेंपरा’ (Tempera) तकनीक का प्रयोग करते थे। कैनवास तैयार करने के लिए वे गाय के गोबर का प्रयोग करते थे।
प्रमुख विशेषताएँ: उनके चित्रों में गहरी और मोटी बाह्य रेखाएँ (outlines), मछली के आकार की बड़ी-बड़ी आँखें, छोटा मुँह और नाक होती थीं। रेखाओं का कम प्रयोग और सादगी उनकी कला को बहुत ही आकर्षक बनाती थी।
5. अमृता शेरगिल के जीवन वृत्तांत पर संक्षेप में लिखिए।
उत्तर: भारत की प्रसिद्ध चित्रकार अमृता शेरगिल का जन्म 30 जनवरी 1913 को हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में हुआ था।
बचपन और शिक्षा: उनका बचपन हंगरी के एक गाँव में बीता और 1921 में उनका परिवार भारत के शिमला में आ बसा, जहाँ एक इटालियन मूर्तिकार से उन्होंने कला की प्रारंभिक शिक्षा ली। बाद में वे पेरिस गईं और लुसिएँ सिमोन के मार्गदर्शन में चित्रकला सीखी, जहाँ उन पर यूरोपीय चित्रकारों पॉल सीजेन और पॉल गोगॉं का गहरा प्रभाव पड़ा।
भारत वापसी: 1934 में वे भारत लौटीं, जहाँ उन्होंने अजंता और मुग़ल लघुचित्रों से प्रभावित होकर भारतीय विषयों पर चित्र बनाए।
विवाह और निधन: 1938 में उन्होंने अपने एक हंगेरियन रिश्तेदार डॉ. विक्टर एगन से विवाह किया और गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) तथा बाद में लाहौर में रहीं। मात्र 28 वर्ष की आयु में 1941 में उनका निधन हो गया।
6. एम.एफ. हुसैन को ‘पिकासो ऑफ इंडिया’ के नाम से क्यों जाना गया?
उत्तर: एम.एफ. हुसैन भारतीय समकालीन कला के सबसे लोकप्रिय और महान प्रतीक थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सिनेमा के होर्डिंग पेंटर के रूप में की थी। उन्होंने अपनी एक बिल्कुल स्वतंत्र और निजी शैली विकसित की, जिसमें सरल व गाढ़ी रेखाओं, चमकीले रंगों और बेधड़क तूलिका आघातों (bold brush strokes) का प्रयोग होता था। उनके चित्रों में भारतीय महाकाव्यों, मिथकों और आधुनिक जीवन का बहुत सुंदर समन्वय होता था। अपनी इसी आधुनिक, मुक्त शैली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अर्जित अपार प्रसिद्धि के कारण वे पिकासो के समान एक महान दर्जा रखते हैं।
7. उस पेरिस अकादमी का नाम लिखिए जहाँ हेब्बार ने कला की उच्च शिक्षा प्राप्त की।
उत्तर: के.के. हेब्बार (K.K. Hebbar) ने मुम्बई के जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स से पढ़ाई के बाद, पेरिस की ‘जूलियन अकादमी’ (Julian Academy) में जाकर चित्रकला की उच्च शिक्षा प्राप्त की थी।
8. भारत सरकार द्वारा हेब्बार को दिया गया सर्वोच्च पुरस्कार कौन सा था?
उत्तर: भारत सरकार द्वारा के.के. हेब्बार को उनकी कला के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था, जिनमें ‘पद्मश्री’ और ‘पद्मभूषण’ शामिल हैं। इन सब में पद्मभूषण भारत सरकार द्वारा उन्हें दिया गया सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार है।
9. ‘नाद स्वरम गणेशयम’ चित्रकला किससे प्रभावित है?
उत्तर: एम.एफ. हुसैन द्वारा बनाए गए ‘नाद स्वरम् गणेशयम’ चित्रकला के अग्रभाग (foreground) एवं पृष्ठभाग (background) की चित्रण-शैली प्रसिद्ध यूरोपीय चित्रकार पॉल सीजेन (Paul Cezanne) के चित्रों से बहुत अधिक प्रभावित है।
10. गणेशजी चित्रकला की भुजाओं के रंग लिखिए।
उत्तर: एम.एफ. हुसैन की चित्रकला ‘नाद स्वरम् गणेशयम’ में गणेशजी की दो भुजाओं को अलग-अलग रंगों से रँगा गया है। उनकी एक भुजा पीले रंग से और दूसरी भुजा लाल रंग से चित्रित की गई है।
11. ‘नाद स्वरम् गणेशयम’ पेंटिंग का आकार क्या है?
उत्तर: एम.एफ. हुसैन द्वारा कैनवास पर एक्रायलिक रंगों से बनाई गई ‘नाद स्वरम् गणेशयम’ (2004) पेंटिंग का वास्तविक आकार 40.2 × 54.8 से.मी. है।

