NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Chapter 18 भारत में शिक्षा

NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Chapter 18 भारत में शिक्षा Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Chapter 18 भारत में शिक्षा Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 10 Indian Culture and Heritage Notes Paper Code: 223.

NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Chapter 18 भारत में शिक्षा

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Chapter: 18

पाठगत प्रश्न 18.1

1. शिक्षा का संस्कृति से क्या सम्बन्ध है?

उत्तर: शिक्षा न सिर्फ़ सांस्कृतिक धारणाओं और विचारों का प्रसार करती है, बल्कि इसका निर्माण भी सांस्कृतिक धारणाओं के अनुरूप ही होता है क्योंकि संस्कृति से ही इसका जन्म होता है। इसलिए, संस्कृति में बदलाव आने के साथ ही शिक्षा पद्धति में भी बदलाव आ जाता है।

2. ‘उपनयन’ संस्कार किसे कहते हैं?

उत्तर: प्राचीन काल में अध्ययन की शुरुआत एक धार्मिक अनुष्ठान से होती थी, जिसे ‘उपनयन’ संस्कार (पवित्र सूत्र अनुष्ठान) कहा जाता है। शिक्षा की प्रक्रिया इसी संस्कार के बाद प्रारम्भ होती है।

3. प्राचीन भारत में शिक्षा कहाँ दी जाती थी?

उत्तर: प्राचीन भारत में शिक्षा मुख्य रूप से ‘आश्रमों’ या ‘गुरुकुलों’ (घरेलू विद्यालयों) में दी जाती थी, जहाँ छात्र गुरु के परिवार के सदस्य के रूप में रहते थे।

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4. प्राचीन औषध व्यवस्था का मूलाधार क्या था?

उत्तर: प्राचीन औषध व्यवस्था (आयुर्विज्ञान) का मूलाधार ‘वात’ (वायु), ‘पित्त’ और ‘कफ’ थे। इन तीनों का सही अनुपात में होना स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक माना जाता था।

5. प्राचीन भारत में जैनियों द्वारा किन दो साहित्यिक ग्रन्थों का उपयोग शिक्षा में किया जाता था?

उत्तर: प्राचीन भारत में जैनियों द्वारा शिक्षा के शुरुआती दौर में जिन दो संस्कृत साहित्यिक ग्रन्थों का उपयोग किया जाता था, वे हैं- ‘आदिपुराण’ और ‘यशस्तिलक’।

6. क्या कारण थे जिनके चलते सामान्य लोगों ने प्राचीन काल में शिक्षा से अपने को अलग कर लिया था?

उत्तर: सामान्य लोगों के शिक्षा से अलग होने के मुख्य कारण थे:

1. शिक्षा मुख्य रूप से उच्च जाति या समाज के उच्चवर्गीय तबके का विशेषाधिकार थी।

2. शिक्षा के माध्यम के रूप में ‘संस्कृत’ भाषा का प्रयोग किया जाता था, जो केवल विद्वानों और उच्च वर्ग की भाषा थी, जिससे आम जनता शिक्षा से दूर हो गई।

पाठगत प्रश्न 18.2

खाली स्थान भरें

1. मध्य काल में किन संस्थाओं ने विद्यालयी शिक्षा का प्रावधान किया?

………………………………………………………

उत्तर: मकतब, (विशेष: प्राथमिक शिक्षा देने वाले संस्थानों को ‘मकतब’ कहा जाता था, जबकि उच्च शिक्षा संस्थान ‘मदरसा’ कहलाते थे।)

2. मध्य काल में कौन मदरसों की देखभाल करते थे?

………………………………………………………

उत्तर: राजा (शासन) और सामंतगण (जागीरदार)।

3. मध्य काल के कुछ प्रसिद्ध मदरसों के नाम लिखिए।

………………………………………………………

उत्तर: दिल्ली के मुइज्जी, नासिरी और फिरौजी मदरसे; बीदार का महमूद गवनी का मदरसा; और फतेहपुर सीकरी में अबुल फज़ल का मदरसा।

4. मुस्लिम शिक्षा प्रणाली की प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं?

………………………………………………………

उत्तर: यह भाव में पारम्परिक तथा विषयवस्तु में आस्तिक (या आध्यात्मिक) थी।

5. मध्य काल में पश्चिमी देशों ने किन विधियों को अपनाया?

………………………………………………………

उत्तर: खोज, अवलोकन (पर्यवेक्षण), जांच-पड़ताल (तहकीकात) और परीक्षण (प्रयोग)।

6. अकबर ने शिक्षा में क्या-क्या परिवर्तन किए?

………………………………………………………

उत्तर: उसने शिक्षा में धर्मनिरपेक्ष और वैज्ञानिक व्यवस्था प्रारम्भ की, (विशेष: अकबर ने लोक लेखा प्रशासन, रेखागणित और अन्य विषयों को जोड़ा और रटने के बजाय समझने पर जोर दिया।)

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