NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Chapter 14 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Chapter 14 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 10 Indian Culture and Heritage Notes Paper Code: 223.
NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Chapter 14 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी
Also, you can read the NIOS book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per National Institute of Open Schooling (NIOS) Book guidelines. These solutions are part of NIOS All Subject Solutions. Here we have given NIOS Class 10 Business Studies Notes, NIOS Secondary Course Indian Culture and Heritage Solutions in Hindi for All Chapter, You can practice these here.
भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी
Chapter: 14
| पाठगत प्रश्न 14.1 |
1. विज्ञान के विकास का क्या महत्त्व है?
उत्तर: विज्ञान के विकास का मुख्य महत्त्व यह है कि इससे प्रकृति पर मनुष्य की निर्भरता कम हो जाती है। यह समस्याओं पर विजय पाने और जीवन को बेहतर बनाने में मदद करता है।
2. नक्षत्रविज्ञान में आर्यभट्ट का क्या योगदान था?
उत्तर: आर्यभट्ट ने नक्षत्रविज्ञान को वैदिक मान्यताओं से हटाकर एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान किया। उन्होंने बताया कि पृथ्वी गोल है और अपनी धुरी पर घूमती है, तथा ग्रहणों का सही वैज्ञानिक कारण (पृथ्वी और चंद्रमा की छाया) स्पष्ट किया, जो पहले राहु-केतु जैसे अंधविश्वासों से जुड़ा था।
3. आपस्तम्ब कौन था? उसका गणित शास्त्र में क्या योगदान था?
उत्तर: आपस्तम्ब ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी के एक गणितज्ञ थे। उन्होंने व्यावहारिक रेखागणित (practical geometry) का परिचय दिया, जिसमें न्यून कोण, अधिक कोण और समकोण आदि का समावेश था, जिसका उपयोग यज्ञ की वेदियों के निर्माण में किया जाता था।
4. प्राचीन भारत में गणित शास्त्र के क्षेत्र में प्रमुख तीन योगदान क्या थे?
उत्तर: प्राचीन भारत में गणित के क्षेत्र में तीन प्रमुख योगदान थे: (1) चिह्न अंकन पद्धति, (2) दशमलव पद्धति, और (3) शून्य का प्रयोग।
5. किस पुस्तक में प्राचीन भारत में औषधियों के लिए पौधों और जड़ी बूटियों का वर्णन मिलता है?
उत्तर: ‘चरकसंहिता’ में औषधियों के लिए प्रयोग की जाने वाली जड़ी-बूटियों और पौधों का वर्णन मिलता है।
6. सुश्रुत संहिता में कितने शल्य क्रिया के उपकरणों का वर्णन है?
उत्तर: सुश्रुत संहिता में 121 शल्य क्रिया के उपकरणों का वर्णन है।
7. उन दो पुस्तकों के नाम लिखिए जो भारतीय औषध विज्ञान के विकास के लिए पूर्वगामी बनीं?
उत्तर: भारतीय औषध विज्ञान के विकास के लिए आधार बनने वाली दो पुस्तकें ‘चरकसंहिता’ और ‘सुश्रुतसंहिता’ हैं।
8. प्राचीन भारत के शल्यचिकित्सक कितने औषधीय पौधों से परिचित थे?
उत्तर: प्राचीन भारत के शल्यचिकित्सक (सुश्रुत) लगभग 760 औषधीय पौधों से परिचित थे।
पाठगत प्रश्न 14.2
1. मध्यकालीन भारत में कारखानों के क्या कार्य थे?
उत्तर: कारखाने न केवल शाही घरों और सरकारी विभागों के लिए सामान बनाते और आपूर्ति करते थे, बल्कि ये युवकों को तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान करते थे।
2. 13वीं शताब्दी में मृगपक्षी शास्त्र किसने संकलित किया?
उत्तर: 13वीं शताब्दी में ‘मृगपक्षी शास्त्र’ हंसदेव द्वारा संकलित किया गया।
3. मारघ वेधशाला के संस्थापक निदेशक कौन थे?
उत्तर: मारघ वेधशाला के संस्थापक निदेशक नसीरुद्दीन तुसी थे।
4. किसने ‘लीलावती’ का फारसी में अनुवाद करवाया?
उत्तर: फैजी ने ‘लीलावती’ का फारसी में अनुवाद किया।
5. किस मुस्लिम शहंशाह ने गणित एक अध्ययन के विषय के रूप में जारी करवाया?
उत्तर: अकबर ने शैक्षिक व्यवस्था में गणित को एक अध्ययन विषय के रूप में सम्मिलित करने का आदेश दिया।
6. कागज के आविष्कार से पहले साहित्य को कैसे सुरक्षित रखा जाता था?
उत्तर: कागज के आविष्कार से पहले, दक्षिण भारत में साहित्य को ताड़ के पत्तों पर और कश्मीर तथा उत्तरी प्रदेशों में भोजपत्रों पर लिखकर सुरक्षित रखा जाता था।
7. मध्यकालीन अवधि में बन्दूक के गोले दागने का वर्णन किस पुस्तक में मिलता है?
उत्तर: बन्दूक (तोप) के गोले बनाने और दागने का वर्णन ‘तुजुक-ए-बाबरी’ में मिलता है।
8. नूरजहाँ की माँ ने किसका आविष्कार किया?
उत्तर: नूरजहाँ की माँ ने गुलाब के इत्र का आविष्कार किया।
9. आइने अकबरी की विषयवस्तु क्या है?
उत्तर: दिए गए पाठ के अनुसार, ‘आइने अकबरी’ में अकबर के इत्र कार्यालय के नियमों का वर्णन है।
10. जयपुर के महाराज सवाई जयसिंह ल्लू ने कितनी वेधशालाओं की स्थापना की? यह वंधशालाएँ कहाँ-कहाँ स्थित थी?
उत्तर: सवाई जयसिंह II ने पांच वेधशालाओं की स्थापना की। ये वेधशालाएँ दिल्ली, उज्जैन, वाराणसी, मथुरा और जयपुर में स्थित थीं।

Hi! my Name is Parimal Roy. I have completed my Bachelor’s degree in Philosophy (B.A.) from Silapathar General College. Currently, I am working as an HR Manager at Dev Library. It is a website that provides study materials for students from Class 3 to 12, including SCERT and NCERT notes. It also offers resources for BA, B.Com, B.Sc, and Computer Science, along with postgraduate notes. Besides study materials, the website has novels, eBooks, health and finance articles, biographies, quotes, and more.


