NCERT Class 9 Hindi Important Chapter 3 संवादहीन

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NCERT Class 9 Hindi Important Chapter 3 संवादहीन

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Chapter: 3

IMPORTANT QUESTION ANSWER

लघु प्रश्न-उत्तर:

1. ‘संवादहीन’ कहानी के लेखक कौन हैं?

उत्तर: ‘संवादहीन’ कहानी के लेखक प्रसिद्ध साहित्यकार शेखर जोशी हैं।

2. शेखर जोशी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

उत्तर: शेखर जोशी का जन्म सन 1932 में उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) के अल्मोड़ा जिले में हुआ था।

3. ‘संवादहीन’ कहानी का मुख्य विषय क्या है?

उत्तर: संवादहीन कहानी का मुख्य विषय एक वृद्ध ग्रामीण स्त्री (ताई) का अकेलापन, समाज में बुजुर्गों का पलायन से उपजा दर्द और मनुष्य-पक्षी के बीच का आत्मीय संबंध है।

4. ताई के घर के सूनेपन का मुख्य कारण क्या था?

उत्तर: ताई के बहू-बेटे गाँव का मोह छोड़कर शहर में जा बसे थे और बेटियाँ शादी करके अपने घर चली गई थीं, जिसके कारण उनका बड़ा सा घर सूना हो गया था।

5. ताई के इस भयंकर अकेलेपन का सहारा कौन बना?

उत्तर: ताई के अकेलेपन का सहारा एक प्यारा-सा पहाड़ी तोता बना, जिसका नाम मिट्ठू था।

6. ताई के लिए यह पहाड़ी तोता कौन लेकर आया था?

उत्तर: गाँव का गनपत नाम का व्यक्ति ताई के सूनेपन को दूर करने के लिए वह तोता लेकर आया था।

7. मिट्ठू सुबह-सुबह ताई को भोर की झपकी से जगाने के लिए क्या बोलता था?

उत्तर: मिट्ठू बोलता था— “हर हर गंगे! हर हर गंगे!! सीताराम बोल! सीताराम बोल!! मिट्ठू राम राम!”।

8. जब ताई थककर मिट्ठू से पूछतीं “मिट्ठू! अब कैसे कटेगी?”, तो मिट्ठू क्या जवाब देता था?

उत्तर: मिट्ठू पूरी ताकत से उन्हें दिलासा देते हुए कहता था— “कटेगी! कटेगी!! कटेगी!!!”।

9. ताई अलस दोपहरी में मिट्ठू को किसकी कहानियाँ सुनाती थीं?

उत्तर: ताई मिट्ठू को अपने वैभवशाली बीते दिनों, ज़मींदार साहब के रोबीले चेहरे, दरबार की रौनक और शादी-ब्याह की कहानियाँ सुनाती थीं।

10. ताई और मिट्ठू के बीच नोक-झोंक होने पर वे एक-दूसरे को क्या कहते थे?

उत्तर: ताई खीझकर कहती थीं, “मेरी जान खाने को आ गया है, मर जा!” तो मिट्ठू भी पलटकर कहता, “मर जा! मर जा! मर जा!”।

11. ताई को अचानक कौन-सा धर्म-संकट आ पड़ा था?

उत्तर: गाँव के लोग प्रयागराज कुंभ-स्नान के लिए जा रहे थे। ताई भी जाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें मिट्ठू को पीछे छोड़ने और उसकी सुरक्षा की चिंता थी।

12. ताई की यह चिंता किसने दूर की?

उत्तर: जगन मास्टर की पत्नी ने ताई के लौटने तक मिट्ठू को अपने घर रखने की जिम्मेदारी ली।

13. जगन मास्टर का स्वभाव कैसा था?

उत्तर: जगन मास्टर स्वतंत्र विचारों वाले, आदर्शवादी व्यक्ति थे, जो किसी की स्वतंत्रता में बाधा डालना और पक्षी को पिंजरे में रखना पाप समझते थे।

14. जगन मास्टर मिट्ठू को पिंजरे से बाहर क्यों निकालते थे?

उत्तर: क्योंकि उन्हें मिट्ठू को कैद देखकर अपराधबोध होता था। वे उसे खुली हवा में छोड़कर अपने ‘पाप’ का प्रायश्चित करना चाहते थे।

15. असली मिट्ठू पिंजरे से बाहर कैसे उड़ गया?

उत्तर: एक दिन जगन मास्टर ने कमरे का दरवाजा बंद किया, लेकिन मिट्ठू की नज़र खुले रोशनदान पर पड़ गई और वह फुर्र से बाहर उड़ गया।

16. मिट्ठू के उड़ने पर घबराए गाँव वालों ने क्या उपाय निकाला?

उत्तर: गनपत ने सुझाव दिया कि ताई को सदमे से बचाने के लिए बिल्कुल असली मिट्ठू की ही शक्ल-सूरत का एक दूसरा तोता लाकर रख दिया जाए।

17. जगन मास्टर नए तोते को दिन-रात क्या रटाने की कोशिश कर रहे थे?

उत्तर: जगन मास्टर खाना-पीना छोड़कर नए तोते को ‘राम-राम, सीताराम, हर-हर गंगे’ रटाने की कोशिश कर रहे थे।

18. कुंभ-स्नान से लौटकर ताई सीधे कहाँ गईं?

उत्तर: कुंभ-स्नान से लौटकर ताई सीधे अपने घर न जाकर जगन मास्टर के दरवाजे पर पहुँचीं ताकि वे जल्दी से अपने मिट्ठू से मिल सकें।

19. ताई को देखकर नए मिट्ठू ने क्या प्रतिक्रिया दी?

उत्तर: नए मिट्ठू ने ताई को देखकर कोई हरकत नहीं की, वह कुछ नहीं बोला और बस चुपचाप इधर-उधर ताकता रहा।

20. इस कहानी का अंत किस प्रकार का है?

उत्तर: इस कहानी का अंत ‘यथार्थवादी’ और ‘दुखांत’ है, क्योंकि ताई का एकमात्र सहारा मिट्ठू जा चुका है और वे फिर से खामोश अकेलेपन में घिर जाती हैं।

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