🪔 Diwali Maha Offer Class 10 & 12 Bundles @ ₹299 ₹599
Ends in:
03d
14h
35m
40s

NCERT Class 11 Economics Important Chapter 5 ग्रामीण विकास

NCERT Class 11 Economics Important Chapter 5 ग्रामीण विकास Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus. to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters NCERT Class 11 Economics Important Chapter 5 ग्रामीण विकास Notes and select need one. NCERT Class 11 Economics Additional Question Answers Download PDF. NCERT Class 11 Economics Important Solutions Hindi Medium.

NCERT Class 11 Economics Important Chapter 5 ग्रामीण विकास

Also, you can read the NCERT book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per Central Board of Secondary Education (CBSE) Book guidelines. CBSE Class 11 Economics Additional Notes Hindi Medium are part of All Subject Solutions. Here we have given NCERT Class 11 Economics Important Notes Hindi Medium, CBSE Class 11 Economics Arthavyavastha ka Vikas Important Solutions for All Chapters, You can practice these here.

Chapter: 5

भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास
IMPORTANT SOLUTIONS

लघु उत्तरीय प्रश्न:

1. ग्रामीण विकास का क्या अर्थ है?

उत्तर: ग्रामीण विकास एक व्यापक शब्द है जो मूलतः ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उन घटकों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने पर बल देता है जो सर्वांगीण विकास में पिछड़ गए हैं।

2. भारत की कितनी जनसंख्या कृषि पर आश्रित है?

उत्तर: आज भी भारत की दो-तिहाई (2/3) जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए कृषि पर आश्रित है।

3. ग्रामीण वित्त व्यवस्था के समन्वय के लिए नाबार्ड (NABARD) की स्थापना कब की गई थी?

उत्तर: सम्पूर्ण ग्रामीण वित्त व्यवस्था के समन्वय के लिए नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) की स्थापना 1982 में की गई थी।

4. एस.एच.जी. (SHG) का पूरा नाम क्या है?

उत्तर: एस.एच.जी. (SHG) का पूरा नाम स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) है।

5. कुडुम्बश्री क्या है?

उत्तर: कुडुम्बश्री केरल में गरीब महिलाओं के लिए 1995 में शुरू किया गया एक निर्धनता निवारक सामुदायिक बचत एवं साख कार्यक्रम है।

6. कृषि विपणन से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: कृषि विपणन वह प्रक्रिया है जिससे देश भर में उत्पादित कृषि पदार्थों का संग्रह, भंडारण, प्रसंस्करण, परिवहन, पैकिंग, वर्गीकरण और वितरण आदि किया जाता है।

7. कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का क्या उद्देश्य है?

उत्तर: न्यूनतम समर्थन मूल्य का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के उचित दाम दिलाना है।

8. ई-नाम (e-NAM) की शुरुआत कब की गई थी?

उत्तर: 2016 में केंद्र सरकार ने ई-नाम (इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाजार) नामक एक अखिल-भारतीय ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया था।

9. कृषि विविधीकरण के दो पहलू कौन-से हैं?

उत्तर: पहला, फसलों के उत्पादन की प्रणाली में परिवर्तन और दूसरा, श्रम शक्ति को खेती से हटाकर अन्य संबंधित कार्यों (जैसे पशुपालन) तथा गैर-कृषि क्षेत्र में लगाना।

10. ‘ऑपरेशन फ्लड’ का संबंध किस उद्योग से है?

उत्तर: ‘ऑपरेशन फ्लड’ का संबंध दुग्ध उत्पादन (डेयरी उद्योग) से है, जिसके अंतर्गत किसान अपना दूध एकत्रित कर सहकारी समितियों के माध्यम से बेचते हैं।

11. भारत में मत्स्य उत्पादन का कितना प्रतिशत अंतर्वर्ती क्षेत्रों से प्राप्त होता है?

उत्तर: भारत में कुल मत्स्य उत्पादन का 75 प्रतिशत अंतर्वर्ती क्षेत्रों (नदियों, झीलों, तालाबों आदि) से प्राप्त होता है।

12. भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में बागवानी क्षेत्र का कितना योगदान है?

उत्तर: भारत के सकल घरेलू उत्पाद में बागवानी क्षेत्र का 6 प्रतिशत योगदान है।

13. जैविक कृषि क्या है?

उत्तर: जैविक कृषि खेती करने की वह पद्धति है जो पर्यावरण संतुलन को पुनः स्थापित करके उसका संरक्षण और संवर्धन करती है, जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग नहीं होता।

14. भारत में पशुधन में सबसे बड़ा अंश किस क्षेत्र का है?

उत्तर: भारत में पशुधन में सबसे बड़ा अंश 58 प्रतिशत मुर्गी पालन का है।

15. सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत कब हुई?

उत्तर: भारत सरकार द्वारा सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत अक्टूबर 2014 में की गई थी।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:

1. ग्रामीण विकास में साख (ऋण) का क्या महत्व है? स्पष्ट करें।

उत्तर: कृषि अर्थव्यवस्था समय-समय पर उच्च उत्पादकता प्राप्त करने के लिए मुख्य रूप से पूंजी के प्रयोग पर निर्भर करती है। खेतों में बीजारोपण से लेकर फसल पकने और आमदनी होने तक की अवधि बहुत लंबी होती है। इस कारण किसानों को बीज, उर्वरक और औजार खरीदने के लिए ऋण लेना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, किसानों को अपने पारिवारिक निर्वाह खर्च, शादी, मृत्यु तथा धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी मुख्य रूप से कर्ज का ही सहारा लेना पड़ता है। इसलिए, कृषि कार्यों को निरंतर चलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए साख व्यवस्था का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

2. कृषि विपणन व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार द्वारा कौन-से चार प्रमुख उपाय किए गए हैं?

उत्तर: कृषि विपणन के विभिन्न पहलुओं को सुधारने के लिए सरकार ने निम्नलिखित चार प्रमुख उपाय किए हैं:

(i) बाजार का नियमन: पारदर्शी विपणन दशाओं का निर्माण करने के लिए बाजारों का नियमन किया गया, जिससे किसान और उपभोक्ता दोनों लाभान्वित हुए हैं।

(ii) आधारिक संरचना का विकास: भौतिक संरचनाओं जैसे- सड़कों, रेलमार्गों, गोदामों, शीतगृहों और प्रसंस्करण इकाइयों का निर्माण किया गया।

(iii) सहकारी विपणन: सरकार ने सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने का प्रयास किया है।

(iv) नीतिगत साधन: किसानों को उपज का उचित दाम दिलाने और गरीबों को रियायती दर पर वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, भारतीय खाद्य निगम द्वारा बफर स्टॉक और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अपनाया गया।

3. आजीविका को धारणीय बनाने के लिए कृषि का विविधीकरण क्यों आवश्यक है?

उत्तर: कृषि विविधीकरण की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि सिर्फ खेती के आधार पर आजीविका कमाने में जोखिम बहुत अधिक होता है। विविधीकरण द्वारा न केवल खेती से जुड़े जोखिम को कम किया जा सकता है, बल्कि ग्रामीण जन समुदाय को उत्पादक और वैकल्पिक धारणीय आजीविका के नए अवसर भी सुलभ होते हैं। रबी की फसल के मौसम में अपर्याप्त सिंचाई वाले क्षेत्रों में लाभदायक रोजगार दुर्लभ हो जाता है। अतः श्रम शक्ति को पशुपालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन जैसे संबद्ध कार्यों और गैर-कृषि रोजगार में लगाने से ग्रामीण लोगों की आय बढ़ती है और वे विषमताओं का बेहतर सामना कर पाते हैं।

4. जैविक कृषि क्या है और इसके क्या लाभ हैं?

उत्तर: जैविक कृषि खेती की वह पद्धति है जो पर्यावरण संतुलन को पुनः स्थापित करके उसका संरक्षण और संवर्धन करती है। यह हानिकारक रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों से मुक्त होती है।

इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

(i) कम लागत: यह महंगे आगतों (जैसे संकर बीज, रासायनिक उर्वरक) के स्थान पर सस्ते स्थानीय जैविक आगतों पर निर्भर है, जिससे निवेश पर प्रतिफल अधिक मिलता है।

(ii) निर्यात से आय: विश्व बाजार में जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण इनके निर्यात से अच्छी आय होती है।

(iii) बेहतर स्वास्थ्य: जैविक विधि से उत्पादित भोजन में रासायनिक भोजन की तुलना में पोषक तत्व अधिक होते हैं और यह रसायनों से मुक्त होता है।

(iv) रोजगार सृजन: इसमें श्रम का प्रयोग पारंपरिक कृषि की अपेक्षा अधिक होता है, जिससे भारत जैसे देश में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।

5. ग्रामीण विकास और खाद्य सुरक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) का क्या योगदान हो सकता है?

उत्तर: 21वीं सदी में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा में निर्णायक योगदान दे सकती है। सूचनाओं और उपयुक्त सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके सरकार समय रहते खाद्य असुरक्षा की आशंका वाले क्षेत्रों का पूर्वानुमान लगा सकती है, जिससे संभावित विपत्तियों को कम या समाप्त किया जा सकता है। कृषि क्षेत्र में यह तकनीक उदीयमान तकनीकों, कीमतों, मौसम और विभिन्न फसलों के लिए मिट्टी की उपयुक्तता से जुड़ी जानकारी तेजी से प्रसारित कर सकती है। इसके अलावा, ज्ञान संचय और रचनात्मकता को बढ़ावा देकर सूचना प्रौद्योगिकी ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न करने की क्षमता भी रखती है।

NEW VIDEO CLASS

Subject Ka Complete Video Solution Dekhein

Step-by-step easy concept explanation aur full questions Answer ke liye watch karein ya app download karein:

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll to Top