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NCERT Class 11 Economics Important Chapter 13 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप

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NCERT Class 11 Economics Important Chapter 13 केंद्रीय प्रवृत्ति की माप

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Chapter: 13

अर्थशास्त्र में सांख्यिकी
IMPORTANT SOLUTIONS

लघु उत्तरीय प्रश्न और उत्तर:

1. केंद्रीय प्रवृत्ति की माप का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका उद्देश्य विशाल आँकड़ों के समुच्चय को एक ऐसे एकल मूल्य (single value) में संक्षेप करना है जो संपूर्ण आँकड़ों का प्रतिनिधित्व कर सके।

2. तीन सर्वाधिक प्रचलित केंद्रीय प्रवृत्ति की माप (औसत) कौन-कौन सी हैं?

उत्तर: तीन सर्वाधिक प्रचलित औसत समांतर माध्य, मध्यिका, और बहुलक हैं।

3. विशिष्ट परिस्थितियों में किन अन्य औसतों का प्रयोग किया जाता है?

उत्तर: विशिष्ट परिस्थितियों में ज्यामितीय माध्य और हरात्मक माध्य का प्रयोग किया जाता है।

4. समांतर माध्य कैसे प्राप्त किया जाता है?

उत्तर: सभी प्रेक्षणों के मूल्यों के योग को उनकी कुल संख्या से विभाजित करके समांतर माध्य प्राप्त किया जाता है।

5. समांतर माध्य की एक प्रमुख गणितीय विशेषता क्या है?

उत्तर: समांतर माध्य से मदों के विचलन का योग सदैव शून्य होता है।

6. क्या चरम मूल्य समांतर माध्य को प्रभावित करते हैं?

उत्तर: हाँ, कोई भी चरम मूल्य माध्य को बहुत ऊपर या नीचे धकेल सकता है और यह उनसे बहुत अधिक प्रभावित होता है।

7. कल्पित माध्य विधि का उपयोग क्यों किया जाता है?

उत्तर: जब प्रेक्षणों की संख्या अधिक हो और संख्याएँ भी बड़ी हों, तो गणना में समय बचाने और उसे सरल बनाने के लिए कल्पित माध्य विधि का उपयोग किया जाता है।

8. मध्यिका किसे कहते हैं?

उत्तर: मध्यिका वह स्थितिक मान है जो एक वितरण को दो समान भागों में बाँट देता है।

9. क्या मध्यिका चरम मूल्यों से प्रभावित होती है?

उत्तर: नहीं, चूँकि मध्यिका विभिन्न मानों की स्थिति या स्थान द्वारा निर्धारित होती है, इसलिए यह चरम मूल्यों से अप्रभावित रहती है।

10. चतुर्थक आँकड़ों को कितने भागों में विभाजित करते हैं?

उत्तर: चतुर्थक वे माप हैं जो आँकड़ों को चार बराबर भागों में विभाजित करते हैं।

11. शतमक का क्या अर्थ है?

उत्तर: शतमक वह माप है जो वितरण को 100 बराबर भागों में विभाजित करता है, जिससे 99 विभाजक स्थितियाँ (P1 से P99) प्राप्त होती हैं।

12. बहुलक की परिभाषा क्या है?

उत्तर: बहुलक किसी वितरण का वह सर्वाधिक प्रचलित मान है जो श्रृंखला में सबसे अधिक बार दोहराया जाता है (जिसकी बारंबारता सबसे अधिक होती है)।

13. गुणात्मक आँकड़ों की व्याख्या के लिए सामान्यतः किस औसत का प्रयोग किया जाता है?

उत्तर: गुणात्मक आँकड़ों की व्याख्या के लिए सामान्यतः बहुलक का प्रयोग किया जाता है।

14. यदि किसी आँकड़े में कोई भी मान दोहराया नहीं गया है, तो बहुलक क्या होगा?

उत्तर: यदि वितरण में कोई भी मान अन्य मानों की तुलना में अधिक बार प्रकट नहीं होता (दोहराया नहीं जाता) है, तो उस श्रृंखला में कोई बहुलक नहीं होता है।

15. समांतर माध्य, मध्यिका और बहुलक की सापेक्षिक स्थिति क्या होती है?

उत्तर: मध्यिका सदैव समांतर माध्य और बहुलक के बीच में होती है (या तो माध्य > मध्यिका > बहुलक, या फिर माध्य < मध्यिका < बहुलक)।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न और उत्तर:

1. केंद्रीय प्रवृत्ति की माप से आप क्या समझते हैं? समान्तर माध्य की परिभाषा दें और इसकी दो मुख्य विशेषताएँ बताएँ।

उत्तर: केंद्रीय प्रवृत्ति की माप आँकड़ों का संक्षेपण किसी एक मूल्य में इस प्रकार करता है कि यह एकल मान संपूर्ण आँकड़ों का प्रतिनिधित्व करे। यह आँकड़ों को एक प्रतिनिधि या विशिष्ट मान के रूप में संक्षिप्त करने का एक तरीका है। समान्तर माध्य केंद्रीय प्रवृत्ति का सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला माप है। इसे सभी प्रेक्षणों के मूल्यों के योग को उनकी कुल संख्याओं से विभाजन के रूप में परिभाषित किया जाता है। 

इसकी दो प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:

(i) समान्तर माध्य से मदों के विचलन का योग सदा ‘शून्य’ के बराबर होता है।

(ii) औसत माध्य चरम मूल्यों द्वारा प्रभावित होता है; कोई भी चरम मूल्य, किसी भी तरफ, औसत माध्य को ऊपर या नीचे धकेल सकता है।

2. विभिन्न प्रकार के आँकड़ों के लिए कौन-सा औसत सबसे उपयुक्त होता है? उचित उदाहरणों के साथ विवेचना करें।

उत्तर: हालाँकि तीनों ही केंद्रीय प्रवृत्ति के माप हैं, लेकिन इनका चुनाव आँकड़ों की प्रकृति और हमारे उद्देश्य पर निर्भर करता है:

(i) समान्तर माध्य: यह सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला औसत है क्योंकि यह सभी प्रेक्षणों (observations) पर आधारित होता है। लेकिन यह ‘चरम मूल्यों’ से बहुत जल्दी प्रभावित हो जाता है। यदि डेटा में बहुत बड़े या बहुत छोटे मूल्य न हों, तो यह सबसे उपयुक्त है।

(ii) मध्यिका: जब आँकड़ों में अत्यधिक बड़े या छोटे मूल्य मौजूद हों, तब मध्यिका एक बेहतर संक्षेपण है। चूँकि यह केवल स्थिति पर निर्भर करती है, इसलिए यह चरम मूल्यों से अप्रभावित रहती है।

(iii) बहुलक: इसका उपयोग मुख्य रूप से गुणात्मक आँकड़ों या सबसे लोकप्रिय वस्तु का पता लगाने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, एक जूता निर्माता यह जानना चाहता है कि जूतों का कौन-सा आकार सबसे अधिक बिकता है, या किसी शर्ट का कौन-सा स्टाइल सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, तो वहाँ बहुलक ही एकमात्र उपयुक्त माप होगा।

3. भारित समान्तर माध्य क्या है? साधारण माध्य की तुलना में इसकी आवश्यकता कब पड़ती है?

उत्तर: साधारण समान्तर माध्य में सभी मदों को समान महत्व दिया जाता है, लेकिन वास्तविक जीवन में कई बार विभिन्न मदों का महत्व अलग-अलग होता है। ऐसी स्थिति में गणना करते समय उनके महत्व के अनुसार उन्हें ‘भार’ (weight) देना आवश्यक हो जाता है, जिसे भारित समान्तर माध्य कहते हैं। उदाहरण: मान लीजिए कि दो खाद्य पदार्थ हैं- आम और आलू। यदि दोनों की कीमतों में वृद्धि होती है, तो एक उपभोक्ता के लिए उस वस्तु की कीमत में वृद्धि अधिक महत्वपूर्ण होगी जिस पर वह अपने बजट का बड़ा हिस्सा खर्च करता है। यहाँ बजट में वस्तु के हिस्से को ‘भार’ (W) के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। उपभोक्ता के बजट में आम के हिस्से को W1 और आलू के हिस्से को W2 मानकर हम अधिक सटीक औसत निकाल सकते हैं, जो साधारण माध्य से अधिक प्रासंगिक होगा।

4. केंद्रीय प्रवृत्ति से आप क्या समझते हैं? इसके प्रमुख मापों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: केंद्रीय प्रवृत्ति वह सांख्यिकीय माप है जो किसी आँकड़ों के समूह का एक ऐसा प्रतिनिधि मान बताती है जिसके आसपास अधिकांश आँकड़े केंद्रित होते हैं। इसका उद्देश्य बड़े आँकड़ों को सरल, संक्षिप्त तथा अर्थपूर्ण रूप में प्रस्तुत करना होता है। इसके माध्यम से विभिन्न समूहों की तुलना करना और उचित निष्कर्ष निकालना आसान हो जाता है। केंद्रीय प्रवृत्ति के प्रमुख माप समांतर माध्य, माध्यिका तथा बहुलक हैं। समांतर माध्य सभी प्रेक्षणों के योग को उनकी कुल संख्या से भाग देकर प्राप्त किया जाता है। माध्यिका वह मध्य मान है जो आँकड़ों को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर बीच में स्थित होता है और आँकड़ों को दो बराबर भागों में बाँट देता है। बहुलक वह मान होता है जिसकी आवृत्ति सबसे अधिक होती है। इन तीनों मापों का उपयोग आँकड़ों की प्रकृति तथा आवश्यकता के अनुसार किया जाता है।

5. समांतर माध्य क्या है? इसके गुण तथा सीमाओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर: समांतर माध्य केंद्रीय प्रवृत्ति का सबसे अधिक प्रचलित और महत्वपूर्ण माप है। इसे सभी प्रेक्षणों के योग को उनकी कुल संख्या से भाग देकर प्राप्त किया जाता है। इसका सूत्र है, जहाँ ΣX सभी प्रेक्षणों का योग तथा N प्रेक्षणों की कुल संख्या है। समांतर माध्य का उपयोग इसलिए अधिक किया जाता है क्योंकि यह सभी प्रेक्षणों पर आधारित होता है, इसका मान निश्चित एवं स्पष्ट होता है तथा यह बीजगणितीय गणनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसके माध्यम से विभिन्न आँकड़ों की तुलना करना भी सरल हो जाता है। हालांकि इसकी कुछ सीमाएँ भी हैं। यह अत्यधिक बड़े या छोटे मानों से प्रभावित हो जाता है, इसलिए चरम मान होने पर वास्तविक स्थिति का सही प्रतिनिधित्व नहीं कर पाता। गुणात्मक आँकड़ों के लिए इसका उपयोग उपयुक्त नहीं माना जाता तथा कई बार प्राप्त औसत वास्तविक आँकड़ों में उपस्थित भी नहीं होता। इसलिए समांतर माध्य का उपयोग आँकड़ों की प्रकृति को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

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