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NCERT Class 11 Economics Important Chapter 12 आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण
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आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण
Chapter: 12
| अर्थशास्त्र में सांख्यिकी |
| IMPORTANT SOLUTIONS |
लघु उत्तरीय प्रश्न और उत्तर:
1. सारणी में ‘सारणी संख्या’ का क्या उपयोग होता है?
उत्तर: सारणी की पहचान के लिए इसे एक संख्या दी जाती है, जिससे यदि एक से अधिक सारणियाँ हों तो उन्हें एक-दूसरे से अलग पहचाना जा सके।
2. ‘अवशीर्ष’ सारणी के किस भाग में स्थित होता है?
उत्तर: अवशीर्ष या पंक्ति शीर्षक सारणी के बिल्कुल ऊपर बायीं ओर स्थित होता है और यह सारणी की पंक्तियों का नाम होता है।
3. सारणीबद्ध प्रस्तुतीकरण में आंकड़ों को किस रूप में व्यवस्थित किया जाता है?
उत्तर: सारणीबद्ध प्रस्तुतीकरण में आंकड़ों को पंक्तियों (क्षैतिज) तथा स्तंभों (ऊर्ध्वाधर) के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
4. आंकड़ों के वर्गीकरण के चार मुख्य प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर: आंकड़ों के वर्गीकरण के चार प्रकार हैं: गुणात्मक, मात्रात्मक, कालिक और स्थानिक।
5. समय के आधार पर किए गए वर्गीकरण को क्या कहते हैं?
उत्तर: समय के आधार पर किए गए वर्गीकरण को ‘कालिक वर्गीकरण’ कहते हैं।
6. स्थानिक वर्गीकरण का आधार क्या होता है?
उत्तर: स्थानिक वर्गीकरण का आधार स्थान होता है, जैसे कोई गांव, कस्बा, जिला, राज्य या देश।
7. सारणी में ‘उपशीर्षक’ या ‘स्तंभ शीर्षक’ किसे कहते हैं?
उत्तर: सारणी के प्रत्येक स्तंभ के ऊपर दिए गए नाम को उपशीर्षक या स्तंभ शीर्षक कहते हैं, जो उस स्तंभ की संख्याओं की व्याख्या करता है।
8. ‘अवशीर्ष’ या पंक्ति शीर्षक का क्या अर्थ है?
उत्तर: सारणी की प्रत्येक पंक्ति को दिए गए शीर्षक या नाम को अवशीर्ष या पंक्ति शीर्षक कहते हैं।
9. सांख्यिकीय सारणी में ‘स्रोत’ का क्या महत्व है?
उत्तर: स्रोत यह बताता है कि सारणी में प्रस्तुत किए गए आंकड़े कहाँ से प्राप्त किए गए हैं।
10. ज्यामितीय आरेख की श्रेणी में कौन-कौन से आरेख आते हैं?
उत्तर: दंड आरेख तथा वृत्त आरेख ज्यामितीय आरेख की श्रेणी में आते हैं।
11. दंड आरेख मुख्य रूप से कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर: दंड आरेख तीन प्रकार के होते हैं: सरल दंड आरेख, बहु दंड आरेख और घटक दंड आरेख।
12. वृत्त आरेख में पूरे वृत्त को कितने अंशों में बांटा जाता है?
उत्तर: वृत्त आरेख में पूरे वृत्त को 360 अंशों (360°) में बांटा जाता है।
13. आयत चित्र किस प्रकार के चरों के लिए बनाए जाते हैं?
उत्तर: आयत चित्र केवल संतत चरों के लिए बनाए जाते हैं।
14. बारंबारता बहुभुज का निर्माण कैसे किया जाता है?
उत्तर: आयत चित्र के क्रमिक आयतों के ऊपरी छोर के मध्य बिंदुओं को सीधी रेखाओं से जोड़कर बारंबारता बहुभुज का निर्माण किया जाता है।
15. तोरण को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: तोरण को ‘संचयी बारंबारता वक्र’ के नाम से भी जाना जाता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न और उत्तर:
1. एक अच्छी सांख्यिकीय सारणी के मुख्य अंग कौन-कौन से होते हैं? विस्तार से समझाइए।
उत्तर: एक अच्छी सांख्यिकीय सारणी के निम्नलिखित मुख्य अंग होते हैं:
(i) सारणी संख्या: सारणी की पहचान के लिए इसे एक संख्या दी जाती है (जैसे 4.1, 4.2)।
(ii) शीर्षक: यह सारणी की विषयवस्तु की स्पष्ट और संक्षिप्त व्याख्या करता है।
(iii) उपशीर्षक या स्तंभ शीर्षक: यह सारणी के प्रत्येक स्तंभ के अंतर्गत दी गई संख्याओं की व्याख्या करता है।
(iv) अवशीर्ष या पंक्ति शीर्षक: यह सारणी की प्रत्येक पंक्ति को दिया गया नाम होता है।
(v) सारणी का मुख्य भाग: इसमें वास्तविक आंकड़े (संख्याएँ) दर्ज होते हैं।
(vi) माप की इकाई: यह स्पष्ट करती है कि आंकड़े किस इकाई (जैसे करोड़, प्रतिशत, रुपये) में मापे गए हैं।
(vii) स्रोत एवं टिप्पणी: आंकड़े कहाँ से लिए गए हैं (स्रोत) और यदि आंकड़ों की कोई विशेष व्याख्या करनी हो तो उसे टिप्पणी के रूप में नीचे लिखा जाता है।
2. सारणीयन में प्रयुक्त वर्गीकरण के चारों प्रकारों (गुणात्मक, मात्रात्मक, कालिक और स्थानिक) का सोदाहरण वर्णन करें।
उत्तर: आंकड़ों का वर्गीकरण चार प्रकार से किया जाता है:
(i) गुणात्मक वर्गीकरण: जब आंकड़ों को किसी गुण या विशेषता (जैसे- सामाजिक स्थिति, राष्ट्रीयता, लिंग) के आधार पर बांटा जाता है। उदाहरण- लिंग (स्त्री/पुरुष) के आधार पर साक्षरता दर।
(ii) मात्रात्मक वर्गीकरण: जब वर्गीकरण ऐसी विशेषताओं पर हो जिन्हें मापा जा सके, जैसे- आयु, कद, वजन, या उत्पादन। उदाहरण- 20-30, 30-40 आयु वर्ग के अनुसार उत्तरदाताओं की संख्या।
(iii) कालिक वर्गीकरण: इसमें वर्गीकरण का आधार समय (घंटे, दिन, वर्ष आदि) होता है। उदाहरण- वर्ष 1995 से 2000 तक की वार्षिक बिक्री के आंकड़े।
(iv) स्थानिक वर्गीकरण: जब वर्गीकरण स्थान (गांव, कस्बा, जिला, देश) के आधार पर किया जाता है। उदाहरण- विभिन्न देशों (जैसे USA, जर्मनी, चीन) को किए गए निर्यात का प्रतिशत।
3. दंड आरेख क्या है? बहु दंड आरेख और घटक दंड आरेख में क्या अंतर है?
उत्तर: दंड आरेख एक ज्यामितीय आरेख है जिसमें समान अंतराल और चौड़ाई वाले आयताकार दंडों का समूह आंकड़ों को दर्शाता है। दंड की ऊंचाई आंकड़े के परिमाण को प्रकट करती है।
बहु दंड आरेख: इसका प्रयोग दो या उससे अधिक आंकड़ा-समुच्चयों की एक साथ तुलना के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, विभिन्न वर्षों में आयात और निर्यात के आंकड़ों की एक साथ तुलना करना।
घटक दंड आरेख: इसका प्रयोग किसी वस्तु या कुल मात्रा के विभिन्न घटकों (हिस्सों) की तुलना करने के लिए किया जाता है। इसमें एक ही दंड को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया जाता है (जैसे- कुल जनसंख्या में साक्षर और निरक्षर का अनुपात या आय में खाने, किराये और शिक्षा का खर्च)।
4. आयत चित्र और दंड आरेख के बीच मुख्य अंतर क्या हैं?
उत्तर: आयत चित्र और दंड आरेख के बीच कई महत्वपूर्ण भिन्नताएं हैं:
रिक्ति (Spacing): आयत चित्र में दो आसन्न आयतों के बीच कोई खाली स्थान नहीं होता, जबकि दंड आरेख में क्रमिक दंडों के बीच रिक्त स्थान छोड़ा जाता है।
चरों का प्रकार: दंड आरेख विविक्त और संतत दोनों प्रकार के चरों के लिए बनाए जा सकते हैं, जबकि आयत चित्र केवल संतत चरों के लिए ही बनाए जाते हैं।
क्षेत्रफल का महत्व: दंड आरेख में दंडों की केवल ऊंचाई महत्वपूर्ण होती है, चौड़ाई (क्षेत्रफल) नहीं। इसके विपरीत, आयत चित्र एक द्विविम आरेख है जिसमें आयतों का क्षेत्रफल वर्ग की बारंबारता के अनुपात में होता है (चौड़ाई और ऊंचाई दोनों का महत्व है)।
बहुलक: आयत चित्र की मदद से बारंबारता वितरण के बहुलक का मान आरेखीय रूप से ज्ञात किया जा सकता है, जबकि दंड आरेख में ऐसा नहीं होता।
5. तोरण किसे कहते हैं? इसके प्रकारों का उल्लेख करते हुए इसकी उपयोगिता स्पष्ट करें।
उत्तर: तोरण को ‘संचयी बारंबारता वक्र’ के नाम से भी जाना जाता है।
यह दो प्रकार का होता है:
‘से कम’ प्रकार का तोरण: इसमें संचयी बारंबारताओं को वर्ग अंतरालों की ऊपरी सीमा के सामने Y-अक्ष पर आलेखित किया जाता है। यह वक्र कभी घटता नहीं है।
‘से अधिक’ प्रकार का तोरण: इसमें संचयी बारंबारताओं को वर्ग अंतरालों की निम्नतम सीमा (Lower limit) के सामने आलेखित किया जाता है। यह वक्र कभी बढ़ता नहीं है।
उपयोगिता: तोरण का सबसे प्रमुख सांख्यिकीय उपयोग यह है कि ‘से कम’ और ‘से अधिक’ प्रकार के दोनों तोरणों का प्रतिच्छेद बिंदु बारंबारता वितरण की मध्यिका को निर्धारित करता है।
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