🪔 Diwali Maha Offer Class 10 & 12 Bundles @ ₹299 ₹599
Ends in:
03d
14h
35m
40s

NCERT Class 11 Economics Chapter 12 आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण

NCERT Class 11 Economics Chapter 12 आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus. to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters NCERT Class 11 Economics Chapter 12 आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण Notes and select need one. NCERT Class 11 Economics Chapter 12 आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण Question Answers Download PDF. NCERT Class 11 Economics Sankhyiki Hindi Medium Solutions.

NCERT Class 11 Economics Chapter 12 आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण

Also, you can read the NCERT book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per Central Board of Secondary Education (CBSE) Book guidelines. CBSE Class 11 Economics Sankhyiki Textual Solutions are part of All Subject Solutions. Here we have given NCERT Class 11 Economics Notes Hindi Medium, CBSE Class 11 Economics Sankhyiki in Hindi Medium Solutions for All Chapters, You can practice these here.

Chapter: 12

अर्थशास्त्र में सांख्यिकी
अभ्यास

निम्नलिखित 1 से 4 तक के प्रश्नों के सही उत्तर चुनेंः

1. दंड-आरेख:

(क) एक विमीय आरेख है।

(ख) द्विविम आरेख है।

(ग) विम रहित आरेख है।

(घ) इनमें से कोई नहीं है।

उत्तर: (क) एक विमीय आरेख है।

2. आयत चित्र के माध्यम से प्रस्तुत किए गए आंकड़ों से आलेखी रूप से निम्नलिखित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:

(क) माध्य।

(ख) बहुलक।

(ग) मध्यिका।

(घ) उपर्युक्त सभी।

उत्तर: (ख) बहुलक।

3. तोरणों के द्वारा आलेखी रूप में निम्न की स्थिति जानी जा सकती है:

(क) बहुलक।

(ख) माध्य।

(ग) मध्यिका।

(घ) उपर्युक्त कोई भी नहीं।

उत्तर: (ग) मध्यिका। 

4. अंकगणितीय रेखा चित्र के द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से निम्न को समझने में मदद मिलती है:

(क) दीर्घकालिक प्रवृत्ति।

(ख) आंकड़ों में चक्रीयता।

(ग) आंकड़ों में कालिकता।

(घ) उपर्युक्त सभी।

उत्तर: (घ) उपर्युक्त सभी।

5.निम्नलिखित कथनों में से सही या गलत बताएं:

(i) दंड-आरेख के दंडों की चौड़ाई का एक समान होना जरूरी नहीं है।

उत्तर: सही।

(ii) आयत चित्र में आयतों की चौड़ाई अवश्य एक समान होनी चाहिए।

उत्तर: गलत।

(iii) दंड आयत चित्र में आयतों की चौड़ाई अवश्य एक समान होनी चाहिए।

उत्तर: गलत।

(iv) आयत चित्र की रचना केवल आंकड़ों के संतत वर्गीकरण के लिए की जा सकती है।

उत्तर: सही।

(v) आयत चित्र एवं स्तंभ आरेख आंकड़ों को प्रस्तुत करने के लिए एक जैसी विधियां हैं।

उत्तर: गलत।

(vi) आयत चित्र की मदद से बारंबारता वितरण के बहुलक को आलेखी रूप में जाना जा सकता है।

उत्तर: सही।

(vii) तोरणों से बारंबारता वितरण की मध्यिका को नहीं जाना जा सकता है।

उत्तर: गलत।

6. निम्नलिखित को प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार का आरेख अधिक प्रभावी होता है?

(क) वर्ष-विशेष की मासिक वर्षा।

उत्तर: सरल दंड-आरेख या अंकगणितीय रेखा चित्र (काल-श्रेणी आलेख)। कारण: स्रोत के अनुसार, दंड आरेखों (स्तंभों) का प्रयोग सामान्यतः काल-श्रेणी के आंकड़ों (समय के अनुसार, जैसे विभिन्न महीनों के आंकड़े) को दर्शाने के लिए किया जाता है। इसी प्रकार, लंबी अवधि या समय के आधार पर आंकड़ों की प्रवृत्ति दर्शाने के लिए अंकगणितीय रेखा चित्र का भी उपयोग किया जाता है।

(ख) धर्म के अनुसार दिल्ली की जनसंख्या का संघटन।

उत्तर: वृत्त आरेख या घटक दंड-आरेख (Component Bar Diagram)। कारण: स्रोत स्पष्ट करता है कि जब हमें किसी वस्तु या मात्रा के विभिन्न घटकों (जैसे कुल जनसंख्या में अलग-अलग हिस्सों का अनुपात) के आकारों की तुलना करनी होती है, तो ‘घटक दंड-आरेख’ का उपयोग किया जाता है। इसी प्रकार, ‘वृत्त आरेख’ भी एक घटक आरेख है, जो किसी क्षेत्र को आनुपातिक रूप से उन घटकों में विभाजित करता है जिन्हें वह दर्शाता है।

(ग) एक कारखाने में लागत-घटक।

उत्तर: वृत्त आरेख या घटक दंड-आरेख। कारण: कारखाने की कुल लागत किन-किन अलग-अलग हिस्सों या मदों से मिलकर बनी है, इसके व्यय के विभिन्न घटकों को स्पष्ट रूप से दर्शाने के लिए घटक दंड-आरेख या वृत्त आरेख सबसे अधिक प्रभावी होते हैं।

7. मान लीजिए, आप भारत में शहरी गैर-कामगारों की संख्या में वृद्धि तथा भारत में शहरीकरण के निम्न स्तर पर बल देना चाहते हैं, जैसा कि उदाहरण 4-2 में दिखाया गया है, तो आप उसका सारणीयन कैसे करेंगे?

उत्तर: यदि मुझे भारत में शहरी गैर-कामगारों की संख्या में वृद्धि तथा शहरीकरण के निम्न स्तर को प्रमुखता से दिखाना हो, तो मैं आँकड़ों का सारणीयन इस प्रकार करूँगा कि पहले शहरी एवं ग्रामीण जनसंख्या को अलग-अलग दिखाया जाए और फिर उनमें कामगार तथा गैर-कामगारों की संख्या प्रस्तुत की जाए। इससे यह स्पष्ट होगा कि शहरी क्षेत्रों में गैर-कामगारों की संख्या अधिक है तथा भारत की अधिकांश जनसंख्या अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।

सारणी: भारत की जनसंख्या का कार्य-स्थिति एवं निवास के आधार पर वर्गीकरण (करोड़ में)

निवासकामगारगैर-कामगारकुल
शहरी91928
ग्रामीण314374
कुल4062102

8. यदि किसी बारंबारता सारणी में समान वर्ग अंतरालों की तुलना में वर्ग अंतराल असमान हों, तो आयत-चित्र बनाने की प्रक्रिया किस प्रकार भिन्न होगी?

उत्तर: जब बारंबारता वितरण में सभी वर्ग-अंतराल समान (Equal Class Intervals) होते हैं, तब आयत-चित्र में प्रत्येक आयत की चौड़ाई समान होती है और आयत की ऊँचाई सीधे बारंबारता (Frequency) के अनुसार ली जाती है।

किन्तु जब वर्ग-अंतराल असमान हों, तब केवल बारंबारता के आधार पर आयत नहीं बनाए जा सकते। ऐसी स्थिति में पहले प्रत्येक वर्ग की बारंबारता घनत्व ज्ञात की जाती है।

इसके बाद आयतों की ऊँचाई बारंबारता घनत्व के अनुसार निर्धारित की जाती है, जबकि उनकी चौड़ाई वास्तविक वर्ग-अंतराल के बराबर रखी जाती है। इससे प्रत्येक आयत का क्षेत्रफल उस वर्ग की वास्तविक बारंबारता के अनुपात में रहता है और आयत-चित्र सही रूप से आँकड़ों को प्रदर्शित करता।

9. भारतीय चीनी कारखाना संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2001 के पहले पखवाड़े के दौरान 3,87,7000 टन चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि ठीक इसी अवधि में पिछले वर्ष (2000 में) 3,78,7000 टन चीनी का उत्पादन हुआ था। दिसम्बर 2001 में घरेलू खपत के लिए चीनी मिलों से 2,83,000 टन चीनी उठाई गई और 41,000 टन चीनी निर्यात के लिए थी, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में घरेलू खपत की मात्रा 1,54.000 टन थी और निर्यात शून्य था।

(क) उपर्युक्त आंकड़ों को सारणीबद्ध रूप में प्रस्तुत करें।

उत्तर: सारणी: दिसंबर (प्रथम पखवाड़ा) 2000 एवं 2001 में चीनी का उत्पादन, घरेलू खपत एवं निर्यात

विवरणवर्ष 2000 (टन)वर्ष 2001 (टन)
चीनी का उत्पादन37,87,00038,77,000
घरेलू खपत के लिए उठाई गई चीनी1,54,0002,83,000
निर्यात के लिए चीनी041,000

(ख) मान लीजिए, आप इस आंकड़े को आरेख के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं तो आप कौन सा आरेख चुनेंगे और क्यों?

उत्तर: मैं बहु दंड-आरेख (Multiple Bar Diagram) का चयन करूँगा, क्योंकि इसमें दो वर्षों (2000 एवं 2001) के उत्पादन, घरेलू खपत तथा निर्यात की तुलना एक ही आरेख में स्पष्ट एवं सरल रूप से की जा सकती है। इससे दोनों वर्षों के आँकड़ों में हुए परिवर्तन को आसानी से समझा जा सकता है।

(ग) इन आंकड़ों को आरेखी रूप में प्रस्तुत करें।

उत्तर: आरेख बनाने की विधि:

(i) अक्षों का निर्धारण: एक X-अक्ष (क्षैतिज रेखा) और एक Y-अक्ष (ऊर्ध्वाधर रेखा) खींचें।

(ii) X-अक्ष (X-axis): इस पर समय को दर्शाएं। यहाँ दो समूह बनाएँ— पहला “दिसंबर 2000” और कुछ दूरी छोड़कर दूसरा “दिसंबर 2001″।

(iii) Y-अक्ष (Y-axis): इस पर ‘चीनी की मात्रा (टन में)’ दर्शाएं। आँकड़ों के अनुसार एक उचित पैमाना (Scale) लें।

(iv) दंड (Bars) बनाना:

“दिसंबर 2000” वाले स्थान पर एक साथ जुड़े हुए 3 स्तंभ (Bars) बनाएँ: पहला उत्पादन (3,78,7000) का, दूसरा घरेलू खपत (1,54,000) का और तीसरा निर्यात (0) का (चूँकि यह 0 है, इसलिए यहाँ कोई स्तंभ नहीं उठेगा)।

इसी तरह, “दिसंबर 2001” वाले स्थान पर भी 3 स्तंभ बनाएँ: उत्पादन (3,87,7000), घरेलू खपत (2,83,000) और निर्यात (41,000) के लिए।

(v) संकेत: तीनों प्रकार के स्तंभों को अलग-अलग रंगों या छाया (Shades) से भरें। आरेख के कोने में एक बॉक्स बनाकर दर्शाएं कि कौन सा रंग ‘उत्पादन’ को, कौन सा ‘घरेलू खपत’ को और कौन सा ‘निर्यात’ को दर्शाता है।

10. निम्नलिखित सारणी में कारक लागत पर सकल घरेलू उत्पाद में क्षेत्रकवार अनुमानित वास्तविक संवृद्धि दर को (पिछले वर्ष से प्रतिशत परिवर्तन) प्रस्तुत किया गया है।

वर्षकृषि एवं संबद्ध क्षेत्रकउद्योगसेवाएँ
1994–955.09.27.0
1995–96–0.911.810.3
1996–979.66.07.1
1997–98–1.95.99.0
1998–997.24.08.3
1999–20000.86.98.2

उपयुक्त आँकड़ों को बहु काल-श्रेणी आरेख द्वारा प्रस्तुत करें।

उत्तर: 

NEW VIDEO CLASS

Subject Ka Complete Video Solution Dekhein

Step-by-step easy concept explanation aur full questions Answer ke liye watch karein ya app download karein:

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll to Top