🪔 Diwali Maha Offer Class 10 & 12 Bundles @ ₹299 ₹599
Ends in:
03d
14h
35m
40s

Class 7 Hindi Chapter 3 एक तेजस्वी और दयावान बालक

Class 7 Hindi Chapter 3 एक तेजस्वी और दयावान बालक answer to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapter Assam Board Class 7 Hindi Chapter 3 एक तेजस्वी और दयावान बालक and select needs one.

Class 7 Hindi Chapter 3 एक तेजस्वी और दयावान बालक

Also, you can read the SCERT book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per SCERT (CBSE) Book guidelines. These solutions are part of SCERT All Subject Solutions. Here we have given Assam Board Class 7 Hindi Chapter 3 एक तेजस्वी और दयावान बालक Solutions for All Subject, You can practice these here.

एक तेजस्वी और दयावान बालक

पाठ – 3

अभ्यास–माला

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो:

(क) वीरेश्वर ने साहस का परिचय कैसे दिया?

उत्तर: विरैश्वर ने साहस का परिचय  घोड़े गाड़ी के नीचे आए एक छोटे बच्चे को बचाकर दिया। वीरेश्वर ने बड़ी फुर्ती से उस बच्चे को गाड़ी के नीचे से निकाला था। जिसको देख सभी उसकी प्रशंसा करने लगे।

(ख) नरेंद्रनाथ के गुरु कौन थे? गुरु से वह कैसे मिला?

उत्तर: नरेंद्रनाथ के गुरु रामकृष्ण परमहंस थे। अपने मन में उत्पन्न प्रश्नों के उत्तर ढूंढते हुए एक दिन वे दक्षिणेश्वर काली मंदिर में रामकृष्ण परमहंस से मिले।

(ग) नरेंद्रनाथ ने संन्यास लेने के बाद क्या किय?

उत्तर: नरेंद्रनाथ ने संन्यास लेने के बाद पूरे भारतवर्ष की यात्रा की। इस यात्रा के दौरान विलासिता और प्रजा की दरिद्रता दिखी। अंधविश्वास एवं  कुसंस्कारों को भी देखा, तथा वे अपने मन ही मन इन चीजों से मुक्त एक शक्तिशाली भारत का सपना देखने लगे।

(घ) विश्व धर्म सम्मेलन कब और कहाँ आयोजित हुआ था?

उत्तर: विश्व धर्म सम्मेलन 1893 में अमेरिका के शिकागो शहर में हुआ था।

(ङ) ‘रामकृष्ण मिशन’ नामक संस्था का प्रधान उद्देश्य क्या है?

उत्तर: ‘रामकृष्ण मिशन’ नामक संस्था का प्रधान उद्देश्य समस्त पृथ्वी के गरीब, बेसहारे लोगों की सेवा करना।

(च) स्वामीजी ने युवा शक्ति का आह्वान किसलिए किया था?

उत्तर: स्वामीजी को युवा शक्ति पर पूरा भरोसा था। इसलिए तन–मन से स्वस्थ होकर देश के भविष्य को बदलने की दिशा में काम करने के लिए अपने पूरी युवा शक्ति का आह्वान किया था।

2. पूर्ण वाक्य में उत्तर दो:

(क) वीरेश्वर रास्ते से गुजरते हुए भिखारियों को बुलाकर क्या करता था? 

उत्तर: वीरेश्वर रास्ते से गुजरते हुए भिखारियों को खिड़की से कमरे का सामान दे देता था।

(ख) स्कूल में वीरेश्वर का नाम क्या रखा गया था।

उत्तर: स्कूल में वीरेश्वर का नाम नरेंद्रनाथ रखा था।

(ग) संन्यासी लेने के बाद नरेंद्रनाथ किस नाम से लोकप्रिय हुए?

उत्तर: संन्यासी लेने के बाद नरेंद्रनाथ स्वामी विवेकानन्द नाम से लोकप्रिय हुए।

(घ) अमरीकी मीडिया ने स्वामीजी को किस नाम से नवाजा था?

उत्तर: अमरीकी मीडिया ने स्वामीजी को ‘साइक्लोनिक हिंदू’ नाम से नवाजा था।

पाठ के आस–पास

1. बेसहारे और लाचार लोगों को सहायता पहुँचानेवाली कुछ संस्थाओं के नाम बताओ।

उत्तर: बेसहारे और लाचार लोगों को सहायता पहुँचानेवाली कुछ संस्थाओं के नाम है। 

2. क्या तुमने कभी गरीब और बेसहारे लोगों की सहायता की है? अगर नहीं, तो क्यों नहीं कर पाए, लिखो। अगर सहायता की है, तो कैसे लोगों की और किस प्रकार से सहायता की है, बताओ।

उत्तर: छात्र – छात्री खुद करे।

3. किसी सफल व्यक्ति की जीवनी से उनके विद्यार्थी जीवन की दिनचर्या के बारे में पढ़ो और उसके आधार पर आदर्श विद्यार्थी की दिनचर्या पर एक लेख लिखो।

उत्तर: अब्दुल कलाम अपने भाइयों में छोटे थे, दूसरे घर के लिए थोड़ी कमाई भी कर लेता थे, इसलिए इनकी माँ का प्यार इन पर कुछ ज़्यादा ही था। अब्दुल कलाम अख़बार वितरण का कार्य करके प्रतिदिन प्रात: 8 बजे घर लौट आते थे। इनकी माता अन्य बच्चों की तुलना में इन्हें अच्छा नाश्ता देती थीं, क्योंकि यह पढ़ाई और धनार्जन दोनों कार्य कर रहे थे।

3. आओ, समूह में चर्चा करें:

विवेकानंद जी की कौन-कौन सी बातें महापुरुष शंकरदेव से मिलती हैं? 

(आवश्यक हो, तो शिक्षक की सहायता लो)

उत्तर: छात्र – छात्री खुद करे।

आओ, जानें:

1. संधि शब्द का अर्थ है मेल। परस्पर निकटस्थ दो शब्दों के प्रथम की अंत्यध्वनि और दूसरे की आद्यध्वनि के बीच जो मेल होता है उसे संधि कहते हैं।

विद्या + आलय = विद्यालय

पूर्व + उत्तर = पूर्वोत्तर

निम्नलिखित शब्दों का संधि–विच्छेद करो:

(i) हिमालय = हिम + आलय

(ii) मेघालय = ……. + ……..

उत्तर: मेघालय = मेघ + आलय

(iii) विद्यार्थी = ……. + …….

उत्तर: विद्यार्थी = विद + आर्थी

(iv) मोहत्सव = ….. + ……

उत्तर: मोहत्सव = मोह + अत्सव

(v) सूर्यदय = …… + …….

उत्तर: सूर्यदय = सूर + अहदय 

आओ, जानें:

उपसर्ग– जो शब्दांश शब्द के आदि में जुड़कर उसके अर्थ को बदल देता है, उसे उपसर्ग कहते है।

‘अ’ उपसर्ग जोड़कर तीन शब्द बनाए गए हैं-

प्रसन्न अप्रसन्न

भाव – अभाव

सुविधा – असुविधा

आओ, समूह में बैठ कर ‘प्र’, ‘कु’, ‘अ’, ‘वि’ उपसर्ग-युक्त एक-एक शब्द पाठ से छाँटकर लिखें:

जैसे – प्र + गति = प्रगति

रेखांकित उपसर्ग का प्रयोग करके अन्य दो शब्द बनाओ:

(i) विरोध   =  …………, ………..

उत्तर: विशेष, वीरेश्वर।

(ii) उपकार = …………., …………

उत्तर: उपचार, उपकथा।

(iii) सुयोग्य = …………., ………….

उत्तर: सुपंथ, सुशील।

(iv) प्रदीप =  …………., …………

उत्तर: प्रथम, प्रिय।

(v) अभिमान =   …………, …………

उत्तर: अध्ययन, अमरीका।

आओ, जानें:

1. प्रत्यय- जो शब्दांश शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाने के साथ-साथ उसके अ में विशेषता पैदा कर देता है, उसे प्रत्यय कहते हैं।

जैसे– भला + ई = भलाई

अब तुम लोग ‘ईय’ एवं ‘इत’ प्रत्यय लगाकर कुछ नए शब्द बनाओ:

जैसे – राष्ट्र + ईय = राष्ट्रीय

प्रभाव + इत = प्रभावित

‘ईय’‘इत’

उत्तर: 

‘ईय’‘इत’
दर्शन + ईय = दर्शनीयद्रव + इत = द्रवित
जाती + ईय = जातीयप्रमाण + इत = प्रमाणित

2. प्रत्यय जोड़कर शब्द बनाओ:

(i) स्वाधीन + ता = …………

उत्तर: स्वाधीनता।

(ii) दूध + वाला = ………….

उत्तर: दूधवाला।

(iii) पत्र + कार = …………

उत्तर: पत्रकार।

3. आओ, जानें:

यह मोहन का घर है।

वे रमेश के मित्र हैं।

रीना की घड़ी सुंदर है।

ऊपर के वाक्यों में आए ‘का’, ‘के’, ‘की’ का प्रयोग इनके बाद आने वाले शब्दों के लिंग तथा वचन के अनुसार हुआ है। पुल्लिंग एकवचन में ‘का’, पुल्लिंग बहुवचन में ‘के’ तथा स्त्रीलिंग के दोनों वचनों में ‘की’ का प्रयोग किया जाता है।

इसे भी जानो:

मैं, हम, तू और तुम सर्वनाम-शब्दों के साथ का, के, की के स्थान पर रा, डे री का प्रयोग होता है। जैसे मैं मेरा, मेरे, मेरी, हम-हमारा, हमारे, हमारी, तु तेरा, तेरे, तेरी, तुम–तुम्हारा, तुम्हारे, तुम्हारी।

4. निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध रूप में लिखो:

(क) मेरा / मेरी नाम दीपिका है।

उत्तर: मेरा नाम दीपिका है।

(ख) हमारा / हमारे पिताजी आ रहे हैं।

उत्तर: हमारे पिताजी आ रहे हैं।

(ग) तुम्हारे / तुम्हारा दोस्त बाजार जा रहा है।

उत्तर: तुम्हारा दोस्त बाजार जा रहा है।

(घ) भारत का / की / के इतिहास गौरवमय है।

उत्तर: भारत का इतिहास गौरवमय है।

योग्यता विस्तार

1. विद्यार्थी पाठ के आधार पर विवेकानंद जी के जीवन की महत्पूर्ण बातों को छोटे–छोटे कांडों पर लिखकर शिक्षण–कोण में रख देंगे। उदाहरण के लिए–

जन्म – 1863 ई. में 

पिता –  विश्वनाथ दत्त

मृत्यु –  ई. 1902 की 4 जुलाई को

माता – भुवनेश्वरी देव

फिर सभी विद्यार्थी छोटे-छोटे समूहों में बँट जाएंँगे और इन कार्डो पर लिखी गई बातों के आधार पर एक जीवनी प्रस्तुत करेंगे: 

ऐसे ही अन्य महान व्यक्ति के जीवन से जुड़ी सूचनाएँ अथवा किस्से- कहानियाँ आदि छोटे-छोटे काडौँ पर लिखकर शिक्षण-कोण में रखे जा सकते हैं।

उत्तर: छात्र – छात्री खुद करे।

2. शब्द-अंत्याक्षरी का खेल खेलो:

(i) क ……    कलम    मन   नर    रसाल   लता

उत्तर: कलम।

(ii) ग ……     घर    पेड़    गमला   नारी   बच्चे 

उत्तर: गमला।

(iii) ल ……    जंगल   मान    ऊषा   बीरेंद्र  लहर

उत्तर: लहर।

3. आओ, संखियाओं का ज्ञान प्राप्त करें:

५१
इक्कावन
५२
बावन
५३
तिरपन 
५४
चौवन
५५
पचपन
५६
छप्पन
६७
सत्तावन
५८
अट्ठावन
५९
उनसठ
६०
साठ 
६१
इकसठ 
६२
बासठ
६३
तिरसठ
६४
चौसठ
६५
पैसठ
६६
छियासठ
६७
सड़सठ
६८
अड़सठ
६९
उनसत्तर
७०
सत्तर
७१
इकहत्तर 
७२
बहत्तर
७३
तिहत्तर
७४
चौहत्तर
७५
पचहत्तर 
७६
चिहत्तर
७७
सतहत्तर 
७८
अठत्तर
७९
उन्नासी
८०
अस्सी 
८१
इक्यासी
८२
बयासी
८३
तिरासी
८४
चौरासी
८५
पच्चासी 
८६
छियासी
८७
सत्तासी
८८
अट्ठासी
८९
नवासी
९०
नब्बे
९१
इक्कनबे
९२
बनावे 
९३
तिरानवे 
९४
चौरानवे 
९५
पंचानवे
९६
छियानवे 
९७
सत्तनवे
९८
अट्ठनवे
९९
निन्यानवे
१००
सौ

4. आओ, पाठ में आए कुछ शब्दों के अर्थ जानें:

शब्दअर्थ
तेजस्वी
तीव्र
आदत
जरूरतमंद
मजबूर होकर
दिन व दिन
यूनान
निधन
नाजुक
हौसला
लाचार
ओजस्वी 
तमाम
नवाजना 
सर्वोपरि

उत्तर: 

शब्दअर्थ
तेजस्वीतेज वाल, प्रखर बुद्धिवाला, प्रभावशील
तीव्रतेज
आदतअभ्यास
जरूरतमंदजिसे आवश्यक हो
मजबूर होकरविवश होकर, बाध्य होकर
दिन व दिनदिन के बाद दिन
यूनानग्रीस
निधनमृत्यु, देहावसान
नाजुककोमल
हौसलासाहस
लाचारउपयविहीन
ओजस्वी ओजपूर्ण
तमामसारा
नवाजना अलंकृत करना, अर्पित करना
सर्वोपरिसबसे ऊपर 
NEW VIDEO CLASS

Subject Ka Complete Video Solution Dekhein

Step-by-step easy concept explanation aur full questions Answer ke liye watch karein ya app download karein:

4 thoughts on “Class 7 Hindi Chapter 3 एक तेजस्वी और दयावान बालक”

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll to Top