NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 31 अलवण जल के संसाधन Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 31 अलवण जल के संसाधन Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 12 Environmental Science Solutions Hindi Medium Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Environmental Science Notes Paper Code: 333.
NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 31 अलवण जल के संसाधन
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अलवण जल के संसाधन
Chapter: 31
| माड्यूल – 8A जल संसाधन प्रबंधन |
पाठगत प्रश्न 29.1
1. पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का कितना भाग अलवण जल है?
उत्तर: पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल लगभग 2.7 % भाग अलवण जल है।
2. पृथ्वी की सतह का करीब तीन चौथाई भाग जल आच्छादित है किंतु इसका कितना भाग अलवण जल है?
उत्तर: पृथ्वी की सतह का करीब तीन चौथाई भाग जल आच्छादित है किंतु इसका 1400 मिलियन किमी से अधिक अलवण जल है।
3. अलवण जल के तीन स्त्रोतों के नाम लिखो।
उत्तर: अलवण जल के तीन स्त्रोतों के नाम है—
(i) झीलें।
(ii) नदियां।
(iii) भूमिगत जल।
पाठगत प्रश्न 29.2
1. इस्तेमाल किए जाने वाले पानी को संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
उत्तर: इस्तेमाल किए जाने वाले पानी को संशोधन की आवश्यकता पड़ती है क्योंकि जल का प्रयोग पीने, नहाने, कपड़े धोने, सफाई आदि में किया जाता है और समुदाय के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए भी है।
2. जल संशोधन के विभिन्न चरण के नाम बताइये?
उत्तर: जल संशोधन के विभिन्न चरण के नाम है—
(क) विशुद्धिकरण या अवसादन स्कंदन एवं उर्णन।
(ख) विष्णक्रमण क्लोरिनेशन ओजोन।
3. फ्लूरोसिस क्या है?
उत्तर: फ्लोरोसिस एक अशक्त बनाने वाला एवं दर्दयुक्त रोग है जो फ्लोराइड के लेने से होता है।
4. सामुदायिक स्तर पर जल से आयरन को किस प्रकार अलग किया जाता है?
उत्तर: वायुमीश्रण— अभिक्रिया सह नि: सादन एवं निस्यंदन प्रक्रिया के क्रमबद्ध चरणों का प्रयोग करके सामुदायिक स्तर पर जल से आयरन को अलग किया जाता है।
5. यदि आर्सेनिकयुक्त जल का सेवन किया जाए तो इससे क्या हानियाँ होती है?
उत्तर: यदि आर्सेनिकयुक्त जल का सेवन किया जाए तो इसके कारण विभिन्न प्रकार के त्वचीय विकार यहां तक कि कैंसर भी हो जाता है।
पाठगत प्रश्न 29.3
1. “जल गुणवत्ता” का क्या अर्थ है?
उत्तर: “जल गुणवत्ता” का अर्थ है— जल के उन भौतिक, रासायनिक या जैविक विशिष्टताओं को जिनके द्वारा उपयोग करने वाला जल की स्वीकारात्मकता का मूल्यांकन कर सकता है।
2. जल गुणवत्ता की अवधारणा, जल के उपयोग के प्रयोजन से अलग है, इसे एक उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर: यह जल की भौतिक, रासायनिक या जैविक गुणवत्ता पर आधारित, मानव स्वास्थ्य के लिए विषालु पदार्थों को हटाना है, हमें जल आपूर्ति के लिए पूरी तरह से शुद्ध एवं पीने योग्य पानी की आवश्यकता है।
3. हमारे देश के दो मुख्य जल गुणवत्ता के मुद्दे क्या हैं? नाम लिखिए।
उत्तर: पूरी तरह से शुद्ध एवं पेय जल की कमी है। रोगजनक प्रदूषण, आक्सीजन अपक्षय इत्यादि या अन्य कोई।
4. यूट्रोफिकेशन (सुपोषण) क्या है?
उत्तर: यूट्रोफिकेशन जो पोषक तत्वों से फॉस्फेटों एवं नाइट्रेटों की अधिकता। जल निकायों में शैवालों की अधिकतम वृद्धि को बढ़ावा देती है।
5. कुछ विशेष जल क्षेत्रों को विशेष सुरक्षा की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर: कुछ विशेष जल क्षेत्रों को विशेष सुरक्षा की आवश्यकता होती है क्योंकि दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण एवं जलीय पर्यावरण की उत्तरजीविता के लिए कुछ विशेष जल क्षेत्रों को विशेष सुरक्षा की आवश्यकता होती है।
पाठगत प्रश्न 29.4
1. जल का एक-एक उपयोग जल को निकालकर एवं जल-धारा के रूप में कीजिए।
उत्तर: (क) घरेलू जल आपूर्ति, सिंचाई।
(ख) जल विद्युत शक्ति, मात्स्यकी एवं नौ संचायन।
2. नदियों पर नहरें और बांध बना लिए जाते हैं, तो इनका क्या लाभ होता है?
उत्तर: नदियों पर नहरें और बाँध बनाए जाने से खेतों को नियमित रूप से पानी मिलता है, जिससे सिंचाई आसान होती है। इसके साथ ही बाँधों में संचित जल से विद्युत का उत्पादन किया जाता है, जो विकास में सहायक होता है।
3. हमारी नदियां को होने वाले दूरगामी पारिस्थितिकी नुकसान के दो कारण बताइए।
उत्तर: हमारी नदियां को होने वाले दूरगामी पारिस्थितिकी नुकसान के दो कारण है— नदी धाराओं की दिशा परिवर्तन एवं लंबे समय तक पर्यावरण बदलाव, प्रदूषण।

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