NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 30 ऊर्जा के अनवीकरणीय स्रोत

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NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 30 ऊर्जा के अनवीकरणीय स्रोत

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Chapter: 30

माड्यूल- 8B ऊर्जा संरक्षण

पाठगत प्रश्न 28.1

1. कोयला निर्माण की विधि बताइये।

उत्तर: दलदल में पादप पदार्थों दब जाते हैं एवं पानी के अंदर कई सदियों पहले जमा हुए थे, पीट कहलाता है। रेत एवं मृदा के अवसाद पीट के ऊपर जमा हो गये थे। अवसादों का भार एवं पृथ्वी से निकली ऊष्मा से पीट मृदु कोयला (बिटूमिनस कोयला) से कठोर कोयला (ऐंथ्रेसाइट) में बदल जाती है।

2. कोयले के प्रमुख उपयोग बताइये।

उत्तर: कोयले का प्रयोग घरेलू उपयोग हेतु ईंधन के रूप में किया जाता है। यह लोकोमोटिव इंजनों एवं उद्योगों में विभिन्न प्रकार की भट्टियों में प्रयोग किया जाता है। तापीय ऊर्जा संयंत्रों में विद्युत उत्पादन के लिए ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है।

पाठगत प्रश्न 28.2

1. कच्चे तेल के आसवन विधि द्वारा कौन-कौन से प्रमुख अंशों को प्राप्त किया जाता है?

उत्तर: उत्पाद या अंश गैस, गैसोलीन (पेट्रोल), हवाई जहाज का ईंधन, केरोसीन, डीजल तेल, नेफ्था, ग्रीस एवं एस्फाल्ट है।

2. पारम्परिक प्राकृतिक गैस का संघटन क्या है? ईंधन के रूप इसका एक लाभ बताइए।

उत्तर: प्राकृतिक गैस मीथेन का मिश्रण है, जिसमें कुछ मात्रा में भारी हाइड्रोकार्बन जैसे ईथेन एवं ब्यूटेन पाये जाते हैं।

प्राकृतिक गैस के लाभ: 

(क) यह परोक्ष रूप से घरों में खाना पकाने के लिए उपयोग में आती है। 

(ख) यह धुआंरहित जलती है और जलने पर किसी भी प्रकार की विषैली गैस नहीं उत्पन्न करती है। 

पाठगत प्रश्न 28.3

1. रेडियोएक्टिव प्रदूषण का क्या अर्थ है?

उत्तर: नाभिकीय पदार्थों से ऊर्जा उत्पादन का लाभ है क्योंकि इनसे बहुत कम प्रदूषण होता है। इसके लिए कम खनन की आवश्यकता पड़ती है क्योंकि ये नाभिकीय ईंधन ऊर्जा का सांद्रित रूप है एवं नाभिकीय ईंधन के परिवहन का खर्च कोयले की तुलना में काफी कम है।

2. नाभिकीय विखंडन एवं नाभिकीय संलयन अभिक्रियाओं के बीच विभेद कीजिए।

उत्तर: नाभिकीय विखंडन होता है क्योंकि रेडियोएक्टिव खजिनों के परमाणु में नाभिक होते हैं जो अस्थायी होते हैं और विखंडित होने या टूटने पर उनमें से ऊर्जा निकलती है। नाभिकीय संलयन में दो छोटे परमाणु मिलकर एक बड़ा परमाणु बनाते हैं, जिसके कारण अपरिमित मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है।

3. कोयले एवं तेल के ऊपर नाभिकीय पदार्थों का ऊर्जा के रूप में क्या लाभ है?

उत्तर: रेडियोएक्टिव तत्व का यदि समुचित रूप से निपटान नहीं किया जाय तो मृदा और जल में विघटित होकर रेडियोएक्टिव प्रदूषण का कारण बनते हैं, जो मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर कभी खत्म न होने वाला प्रभाव छोड़ते हैं।

पाठान्त प्रश्न

1. आप व्यक्तिगत स्तर पर जीवाश्म ईंधनों के उपभोग को कम करने के लिए क्या करेंगे?

उत्तर: व्यक्तिगत स्तर पर जीवाश्म ईंधन के उपभोग को कम करने के लिए हम निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:

(i) निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना, जिससे पेट्रोल/डीजल की खपत कम हो। सीएनजी (CNG) जैसे स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों का प्रयोग करना क्योंकि यह पेट्रोल और डीजल का एक अच्छा विकल्प है।

(ii) बिजली की बचत करना, क्योंकि भारत में बिजली का एक बड़ा हिस्सा कोयले (जीवाश्म ईंधन) से बनता है।

(ii) नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों (जैसे सौर ऊर्जा) के उपयोग को बढ़ावा देना, क्योंकि जीवाश्म ईंधन सीमित हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं।

2. जीवाश्म ईंधन किस प्रकार निर्मित होते हैं?

उत्तर: जीवाश्म ईंधन का निर्माण लाखों वर्ष पूर्व पृथ्वी पर पाए जाने वाले पौधों और जंतुओं के अवशेषों से हुआ है:

(i) कोयला: यह उन पादप पदार्थों (पौधों) का परिणाम है जो लगभग 300 मिलियन वर्ष पूर्व दलदलों में दब गए थे। समय के साथ इन पर मिटटी और चट्टानों की परतें जमती गईं। पृथ्वी की अत्यधिक ऊष्मा और दबाव के कारण ये अवशेष पीट (Peat) और अंततः कोयले में परिवर्तित हो गए।

(ii) तेल और प्राकृतिक गैस: इनका निर्माण उन पौधों और जंतुओं के अवशेषों से हुआ जो कभी समुद्र में पाए जाते थे। लाखों वर्षों तक ये अवशेष कीचड़ और चट्टानों के नीचे दबे रहे और उच्च दाब व उच्च ताप के कारण धीरे-धीरे तेल और गैस में बदल गए।

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