NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 29 भू-जल के स्रोत Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 29 भू-जल के स्रोत Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 12 Environmental Science Solutions Hindi Medium Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Environmental Science Notes Paper Code: 333.
NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 29 भू-जल के स्रोत
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भू-जल के स्रोत
Chapter: 29
| माड्यूल – 8A जल संसाधन प्रबंधन |
पाठगत प्रश्न 28.1
1. भू-जल क्या है?
उत्तर: पृथ्वी की सतह और इसके नीचे पाया जाने वाला पानी को भू–जल कहा जाता है।
2. यह कहाँ से प्राप्त किया जाता है?
उत्तर: यह वर्षा के पानी का कुछ भाग जो धीरे-धीरे रिसकर भूमि की सतह से छिद्रित मृदा एवं चट्टानों की सघन पर्तो के भीतर चला जाता है।
3. जलभृत (Aquifer) क्या है?
उत्तर: भू-स्थिर जल से बना निकाय, जलभृत (एक्वीफर) कहलाता है।
4. जल तालिका से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: जल तालिका भूमिगत सतह की ऊपरी पर्त होती है जिसमें मृदा या चट्टानें स्थायी रूप से पानी के साथ बनी रहती है।
पाठगत प्रश्न 28.3
1. प्रत्येक में पानी बचाने वाले दो तरीकों को बतायेंः
(क) बाथरूम में।
उत्तर: (i) दांत साफ करते एवं दाढ़ी बनाते समय मग का प्रयोग करें।
(ii) पानी का कम प्रयोग करें।
(iii) साबुन एवं शैम्पू लगाते समय नल को बंद कर दें।
(ख) रसोईघर में।
उत्तर: (i) पीने के पानी को फ्रिज में भंडारित करके रखें।
(ii) फलों एवं सब्जियों को बेसिन में धोयें (कोई अन्य)
2. पानी के न्यायोचित उपयोग के कोई अन्य दो तरीकें बतायें जबकि आप बागवानी एवं भूदृश्य संबधी काम कर रहे हैं।
उत्तर: बागवानी एवं भूदृश्य से जुड़े काम करते समय पानी के न्यायोचित उपयोग के दो अन्य तरीके इस प्रकार हैं—
(i) ड्रिप सिंचाई प्रणाली का प्रयोग: ड्रिप सिंचाई में पानी सीधे पौधों की जड़ों तक धीरे-धीरे पहुँचता है, जिससे पानी की बर्बादी नहीं होती और पौधों को आवश्यक मात्रा में ही जल मिलता है।
(ii) सुबह या शाम के समय सिंचाई करना: सुबह जल्दी या शाम को पानी देने से वाष्पीकरण कम होता है, जिससे कम पानी में अधिक लाभ मिलता है और जल संरक्षण होता है।
3. पानी के दो अन्य न्यायोचित उपयोगों को बताइये।
उत्तर: पानी के दो अन्य न्यायोचित उपयोग है-
(i) घरों में जल बचाने वाले उपकरणों को लगवायें।
(ii) पानी बचत योजना का विकास करें।
पाठगत प्रश्न 28.4
1. कृत्रिम पुनः आवेश क्या है?
उत्तर: कृत्रिम पुनः आवेश ऐसी प्रक्रिया है जिसमें सतह पर उपस्थित पानी की अत्यधिक मात्रा को सीधे जमीन में प्रवेश करा दिया जाता है या तो सतह पर फैले पानी को पुर्नभरण कुओं द्वारा या फिर प्राकृतिक दशाओं में बदलाव करके अंतस्यंदन को बढ़ाकर।
2. कृत्रिम रूप से भूमि से पानी निकालने की दो विधियां बताइए।
उत्तर: कृत्रिम रूप से भूमि से पानी निकालने की दो विधियां है — इसमें पानी को फैलाकर, रिचार्ज पिट्स एवं शॉफ्ट अथवा खाईयां एवं पुर्नभरण कुओं द्वारा पानी को जमीन के अंदर भेजा जाता है।
3. कृत्रिम पुनः आवेश के दो लाभ तथा दोष बताइये।
उत्तर: कृत्रिम पुनः आवेश के मुख्य लाभ यह हैं कि इससे भू-जल स्तर बढ़ता है और पानी की कमी वाले क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुनिश्चित होती है, साथ ही पानी प्राकृतिक रूप से शुद्ध होकर भू-जल में पहुँचता है, जिससे जल की गुणवत्ता बेहतर होती है। इसके दोषों में अधिक खर्च शामिल है, क्योंकि उपकरण और निर्माण पर खर्च करना पड़ता है, और यदि सतही जल या वर्षा का पानी प्रदूषित हो, तो भू-जल में भी प्रदूषण पहुँच सकता है।
पाठगत प्रश्न 28.5
1. खनन गतिविधियों के कारण किस प्रकार भू-जल प्रभावित होता है?
उत्तर: खनन गतिविधियों के कारण खान – ड्रेनेज डिस्चार्ज, ठोस माइन टेलिंग, प्रक्रम जल, स्लज लगून, तेल क्षेत्र रिसाव से समूह एकत्रीकरण स्टेशन इत्यादि द्वारा भू-जल प्रभावित होता है।
2. भूमिगत जल को दूषित करने वाले दो तत्वों के नाम लिखो।
उत्तर: भूमिगत जल को दूषित करने वाले दो तत्वों के नाम है — औद्योगिक एवं कृषिकीय गतिविधियां।
3. भूमिगत जल की गुणवत्ता में आई गिरावट के दो कारण बताइए।
उत्तर: भूमिगत जल की गुणवत्ता में आई गिरावट के कारण हे — अनसीवर सफाई, सीवेज, पानी के निकास की उपयुक्त व्यवस्था न होना, ठोस अपशिष्टों का निष्कासन, वायुवीय फाल आउट, लैण्ड-फिल अपशिष्ट, घर की खराब रखरखाव व्यवस्था इत्यादि।

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