NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 19 दीर्घोपयोगी विकास की संकल्पना Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 19 दीर्घोपयोगी विकास की संकल्पना Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 12 Environmental Science Solutions Hindi Medium Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Environmental Science Notes Paper Code: 333.
NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 19 दीर्घोपयोगी विकास की संकल्पना
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दीर्घोपयोगी विकास की संकल्पना
Chapter: 19
| माड्यूल – 6 दीर्घोपयोगी विकास |
पाठगत प्रश्न 19.1
1. दीर्घोपयोगी विकास को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: एक ऐसा विकास जो वर्तमान की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ आगामी पीढ़ियों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने की क्षमता को बनाए रखता है।
2. वे कौन सी दो मुख्य बातें हैं जिनको दीर्घोपयोगी विकास पाने के लिए ध्यान में रखना आवश्यक है?
उत्तर: ये दो बाते हैं:
(i) यह प्राकृतिक संपदा हमारे वर्तमान काल की उत्तरजीविता व आगामी पीढ़ियों की उत्तरजीविता, दोनों के लिए आवश्यक हैं।
(ii) वर्तमान के किसी भी विकास संबंधी कार्यक्रम को, उसके भविष्य के परिणामों को ध्यान में रखना होगा।
3. महात्मा गांधी द्वारा ‘पर्याप्तता’ से संबंधित कथन का बयान कीजिए।
उत्तर: हमारी यह पृथ्वी, हर व्यक्ति की आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त है, परन्तु हर व्यक्ति के लालच के लिए नहीं।
4. पर्यावरण के ‘अधिकतम भार उठाने की क्षमता’ से आप क्या समझते हैं।
उत्तर: पर्यावरण की, निरंतर भार उठाने की, एक सीमा होती है। अर्थात अधिकतम मात्रा में जितनी प्राकृतिक संपदा निकाली जा रही है और किस अधिकतम मात्रा में उसे प्रदूषित किया जा रहा है।
पाठगत प्रश्न 19.2
1. पर्यावरण की गिरावट के पीछे एक मुख्य कारण बताइये तथा छः सार्वजनिक सा बताइए।
उत्तर: सार्वजनिक संपदा का आवश्यकता से अधिक प्रयोग या दोहन, अथवा वायु, जल, भूमि, वन, नदियों व पर्वतों जैसी संपदा की निःशुल्क उपलब्धि।
2. जनसंख्या विस्फोट का सबसे गंभीर परिणाम क्या है?
उत्तर: गरीबी जनसंख्या विस्फोट का सबसे गंभीर परिणाम है।
3. अपने मुहल्ले, राज्य या शहर की एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपदा का नाम लीजिए, जिसके पूर्ण विनाश से शहर के नागरिकों के लिए जल के अभाव का खतरा पैदा हो गया है।
उत्तर: यमुना नदी का इस बुरी तरह दोहन किया गया है कि उसका अस्तित्व ही लगभग समाप्त हो गया है। वह एक गंदी नदी के रूप में परिवर्तित हो चुकी है।
पाठगत प्रश्न 19.3
1. जैविक विविधता किस प्रकार से स्वास्थ्य के संभावी स्रोत होने को प्रदर्शित करती है?
उत्तर: यह धन संपदा इन रूपों में (क) नए पौधे (ख) औषधि प्रदान करने वाले पौधे (ग) पेट्रोलियम का विकल्प या कोई अन्य।
2. “जैविक विविधता को हानि संसार का सबसे चिन्ताजनक विषय है।” क्योंकि हम यह समझ नहीं पा रहे हैं कि हम क्या खो रहे हैं। संक्षिप्त में इस कथन को समझाइए।
उत्तर: शायद हम उन उपयोगी पौधों, पशुओं व जीवों को खो रहे हैं, जो हमें एच.आई.वी. और कैंसर से लड़ने वानी औषधियों को प्रदान कर सकते थे।
3. जैविक विविधता के विनाश के मुख्य कारण क्या हैं? केवल दो कारण लिखिए।
उत्तर: इस गिरावट के मुख्य कारण हैं- मानव जाति की प्राकृतिक संबंध का बढ़ता उपभोग और प्रदूषण।
पाठांत प्रश्न
1. पर्यावरण की वहन क्षमता (कैरिंग कपैसिटी) की परिभाषा दीजिए व उसकी व्याख्या कीजिए।
उत्तर: पर्यावरण की वहन क्षमता से तात्पर्य उस क्षमता से है जो पर्यावरण के अधिकतम उपयोग या उस पर मानवीय क्रियाकलापों के भार अथवा दबाव को सहन कर सकती है। इसकी व्याख्या एक प्रणाली की ‘अधिकतम भार सहने की क्षमता’ के रूप में की जा सकती है। जैसे किसी गाड़ी में अधिकतम सवारी बिठाने की एक सीमा होती है जिसके बाद वह टूट सकती है, ठीक उसी प्रकार पर्यावरण द्वारा संसाधनों के दोहन और प्रदूषण को सोखने की भी एक सीमा होती है। यदि इस सीमा से अधिक भार डाला जाए, तो पर्यावरण का विनाश हो सकता है।
2. “पर्यावरण का बिना नाश किए आर्थिक व औद्योगिक विकास” इस प्रकार के विकास को क्या नाम दिया गया है?
उत्तर: इस प्रकार के विकास को दीर्घोपयोगी विकास (Sustainable Development) नाम दिया गया है। यह ऐसा विकास है जिससे न केवल वर्तमान की आवश्यकताएं पूरी होती हैं, बल्कि आगामी पीढ़ियों की आवश्यकताओं की पूर्ति की क्षमता भी बनी रहती है।
3.मानव द्वारा पृथ्वी की संसाधनों के प्रयोग के विषय में महात्मा गांधी ने क्या कहा था?
उत्तर: महात्मा गांधी ने कहा था कि “यह पृथ्वी हर व्यक्ति की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त देती है, परन्तु उसके लालच के लिए नहीं”।

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