NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 20 आधुनिक कृषि

NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 20 आधुनिक कृषि Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 20 आधुनिक कृषि Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 12 Environmental Science Solutions Hindi Medium Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Environmental Science Notes Paper Code: 333.

NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 20 आधुनिक कृषि

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Also, you can read the NIOS book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per National Institute of Open Schooling (NIOS) Book guidelines. These solutions are part of NIOS All Subject Solutions. Here we have given NIOS Class 12 Environmental Science Notes, NIOS Senior Secondary Course Environmental Science Solutions in Hindi for All Chapter, You can practice these here.

Chapter: 20

माड्यूल – 6 दीर्घोपयोगी विकास

पाठगत प्रश्न 20.1

1. हरित क्रांति की परिभाषा दीजिए।

उत्तर: खाद, कीटनाशकों और अच्छी सिंचाई की बड़ी मात्रा के प्रयोग से गेहूं व धान की नई किस्मों में महत्वपूर्ण वृद्धि।

2. ‘शर्बती सोनोरा’, डॉ. स्वामीनाथन द्वारा किस प्रकार निर्मित किया गया था?

उत्तर: ‘सर्बती सोनोरा’ एक्स-रे और गामा-रे की किरणों के माध्यम से सोनारा-64 द्वारा निर्मित गेहूं की एक उत्तम किस्म।

3. ‘फर्टिलाइजर’ (उर्वरक) की परिभाषा दीजिए।

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उत्तर: उर्वरक वे पदार्थ हैं जिन्हें हम भूमि में पौधों के स्वस्थ विकास के लिए प्रयोग करते हैं।

4. प्राकृतिक खादों के प्रयोग के क्या-क्या लाभ हैं?

उत्तर: कार्बनिक (जैविक) खाद पर्यावरण की दृष्टि से ‘मैत्रीपूर्ण’ हैं व भूमि को पोषकों से भरपूर करती है।

पाठगत प्रश्न 20.2

1. बीमारियों से लड़ने में सक्षम बीजों की किस्मों के क्या-क्या लाभ हैं?

उत्तर: रोगमुक्त पौधों को कीटनाशकता नहीं पड़ती, जिससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण से बच जाता है, बल्कि कीटनाशकों को खरीदने पर पैसों का खर्च भी बच जाता हैं।

2. कम्बाइन हार्वेस्टरों, हल व भूमि समतलक जैसे यंत्रों के क्या-क्या कार्य हैं?

उत्तर: संयुक्त हार्वेस्टरों: वे पौधों का फसलीकरण तो करते ही हैं, तथा अनाज को गहन प्रक्रिया से पौधे से अलग भी करते हैं।

हल: बीज बोने से पहले ये यंत्र भूमि को स्वस्थ और हवादार बनाने में कार्य करते हैं।

भूमि समतलक: जोतने के बाद, और बीज बोने से पहले, ये यंत्र भूमि को समतलक बनाते हैं।

3.खारेपन, सूखे या पानी से भरी स्थितियों से जूझने में सक्षम बीजों की किस्मों के प्रतिपालक का क्या महत्व है?

उत्तर: पौधों को विभिन्न स्थितियों के अधीन उगाकर जोताई के क्षेत्र का विस्तार किया जा सकता है।

4. किन्हीं तीन महत्वपूर्ण कृषि प्रणालियों के विषय में लिखिए व उनके लाभ भी बताइये।

उत्तर: मशरूम कृषि, मधुमक्खी पालन, कृषि या मुर्गीपालन कृषि आदि नये प्रकार की कृषि प्रणालियां हैं, जो धन और रोजगार दोनों का अवसर प्रदान करती हैं।

पाठगत प्रश्न 20.3

1. किन्हीं तीन स्थानीय व विदेशी नस्लों की गायों के नाम लिखिए।

उत्तर: स्थानीय नस्लों की गायों के नाम है — साहीवाल, थारपरकर, लाल सिंधी।

विदेशी नस्लों की गायों के नाम है — जर्सी, भूरी स्विस, होलस्टाइन, फ्रीजियन।

2. प्रतिदिन की दर से, हमारे देश की गायों के कम दूध के उत्पादन के मुख्य कारण क्या हैं?

उत्तर: हमारे देश में दूध के कम उत्पादन के मुख्य कारण है — निम्न स्तर का चारा, भोज–आहार की कमी, कम दूध देने वाली स्थानीय नस्ले।

3. फुट एण्ड माउथ रोग, रिण्डरपेस्ट और ऐन्थैक्स जैसी बीमारियों के कारक जीवाणुओं और रोग लक्षणों को बताइए।

उत्तर: पाद और मुखपका रोग का कारक वायरस है और इसके लक्षण इस प्रकार हैं— मुंह और पांव पर छाले, थूक का अधिक निकलना, भूख में कमी, बुखार व कंपकपी लगना।

रिण्डरपेस्ट का कारक बैक्टीरिया है— जिसमें आंखों व नाक बहती रहती है। भूख में कमी आती है, कब्ज के बाद जोरदार पतले दस्त हो जाते हैं। एंथ्रेक्स का कारक बैक्टीरिया है जिसके लक्षण इस प्रकार हैं— शरीर का फूलना, बुखार, दूध के बहाव के बहाव में कमी।

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