NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 16 प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 16 प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 12 Environmental Science Solutions Hindi Medium Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Environmental Science Notes Paper Code: 333.
NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 16 प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
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प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
Chapter: 16
| माड्यूल- 5 पर्यावरणीय संरक्षण |
पाठगत प्रश्न 16.1
1. संसाधनों एवं प्राकृतिक संसाधनों की परिभाषा लिखिए।
उत्तर: संसाधन वे होते हैं जो उपयोगी हो या फिर मनुष्य को अपनी जरूरतों को पूरी करने हेतु उपयोगी बनाये जा सकते हैं। संसाधन के परोक्ष रूप से उपयोग करने हेतु, उपलब्ध हो, प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं।
2. प्राकृतिक संसाधनों के पांच उदाहरण दीजिए।
उत्तर: प्राकृतिक संसाधनों के पांच उदाहरण हैं — शुद्ध हवा, शुद्ध पानी, मृदा, वन, खनिज और जीवाश्मीय ईंधन।
3. हमारे प्राथमिक ऊर्जा स्रोत कौन से हैं? ये प्रकृति में किस प्रकार उत्पन्न होते हैं?
उत्तर: हमारे प्राथमिक ऊर्जा स्रोत अपरिष्कृत तेल (पेट्रोलियम), प्राकृतिक गैस और कोयला है। यह प्रकृति में बन जाते हैं जब पौधे एवं प्लावकों का कठोर चट्टानों के नीचे लाखों वर्षों के दबने के कारण होता है।
4. भारत के उस क्षेत्र का नाम बताइए जहां सबसे अधिक पेट्रोलियम उत्पादन होता है।
उत्तर: भारत का शीर्ष पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र मुंबई हाई है।
5. लिग्नाइट एवं एन्थ्रासाइट क्या है? इनमें क्या अंतर है?
उत्तर: लिग्नाइट भूरा कोयला है जिसमें कम ऊष्मा पदार्थ और एन्थ्रासाइट एक कठोर कोयला है जिसमें उच्च ऊष्मा पदार्थ पाया जाता है।
पाठगत प्रश्न 16.2
1. खनिजों को आप किस प्रकार वर्गीकृत कर सकते हैं।
उत्तर: खनिज वे प्राकृतिक पदार्थ हैं जो पृथ्वी की भूपर्पटी में पाए जाते हैं और मानव जीवन की अनेक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। खनिजों को उनके गुणों, संरचना तथा उपयोग के आधार पर विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है। धात्विक खनिज वे होते हैं जिनसे धातुएँ प्राप्त की जाती हैं। इनमें लौह धात्विक खनिज जैसे लौह अयस्क और मैंगनीज तथा अलौह धात्विक खनिज जैसे तांबा, बॉक्साइट और सीसा शामिल हैं। अधात्विक खनिज वे होते हैं जिनसे धातु प्राप्त नहीं होती, जैसे चूना पत्थर, अभ्रक और जिप्सम, जिनका उपयोग निर्माण और अन्य उद्योगों में किया जाता है। ऊर्जा खनिज वे खनिज हैं जिनका उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाता है, जैसे कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस। इस प्रकार खनिजों का वर्गीकरण उनके स्वभाव और उपयोग के आधार पर किया जाता है, जिससे उनके उचित उपयोग और संरक्षण में सहायता मिलती है।
2. हेमेटाइट, मैग्नेटाइट और लिमोनाइट क्या है?
उत्तर: हेमेटाइट, मैग्नेटाइट और लिमोनाइट यह सभी लौह ( आयरन ) अयस्क हैं। हेमेटाइट और मैग्नेटाइट में काफी मात्रा में लौह – अयस्क और लिमोनाइट निम्न गुणवत्ता वाला अयस्क है।
3. चूना पत्थर किसे कहते हैं? इसका क्या उपयोग है?
उत्तर: चुना पत्थर एक अधात्विक खनिज है। इसका प्रयोग सीमेंट उद्योग, आयरन एवं स्टील उद्योग, चीनी, कागज, और फेरोमेंगनीज उद्योगों में होता हैं।
4. भारत का कौन सा क्षेत्र अभ्रक उत्पादन का सबसे महत्वपूर्ण है।
उत्तर: बिहार और झारखंड भारत के दो सबसे महत्त्वपूर्ण अभ्रक उत्पादक क्षेत्र है।
5. आप किस प्रकार से खनिज संसाधनों की कमी को रोक सकते हैं?
उत्तर: खनिजों का अवक्षय विद्यमान आपूर्ति का पुर्नउपयोग, पुर्नचक्रण, अपशिष्ट रहित, अनुपयोगी, विकल्प को खोजने से हो सकता हैं।
पाठगत प्रश्न 16.3
1. सतत या निरपेक्ष नवीकरणीय संसाधनों एवं सशर्त प्राकृक्तिक संसाधन में अंतर बताइए।
उत्तर: सतत या निरपेक्ष नवीकरणीय प्राकृतिक संसाधन मनुष्य के समय काल में हमेशा के लिए समाप्त हो जाते हैं। सशर्त नवीकरणीय संसाधनों को पुनः उत्पादित या अपरिवर्तित किया जा सकता है ताकि वे समाप्त होने से रह जाये।
2. मृदा किस प्रकार अनवीकरणीय संसाधन बन सकती है?
उत्तर: शीर्ष मृदा की एक इंज परत के बनने में 200 से 1000 साल लगते हैं। मृदा अपरदन मृदा के निर्माण की दर से काफी तेजी से होता है। इस प्रकार ये अनवीकरणीय संसाधन बन जाती है क्योंकि शीर्ष मृदा हमेशा के लिए नष्ट हो जाती है।
3. आधुनिक कृषि के लिए जैव विविधता का बड़ा महत्व कैसे है?
उत्तर: आधुनिक कृषि जैव विविधता को तीन प्रकार से महत्व है-
(i) नई फसलों के स्रोत के रूप में।
(ii) सुधारित नस्लों के प्रजनन के लिए पदार्थ स्रोत के रूप में।
(iii) नए जैव निम्नीकृत कीटनाशकों के स्रोत के रूप में।
(iv) वन, घास के मैदान, समुद्र।
4. उस प्रमुख परितंत्र का नाम बताइए जहां पर स्पीशीजें पायी जाती हैं एवं विकसित होती हैं?
उत्तर: वह प्रमुख परितंत्र आवास (Habitat) कहलाता है, जहाँ जीव-जंतु और पादप स्वाभाविक रूप से पाए जाते हैं, बढ़ते-विकसित होते हैं तथा अपने पर्यावरण के अनुसार अनुकूलित होते हैं।

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