NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Chapter 12 प्रस्तुति कलाएँ – संगीत, नृत्य तथा नाटक

NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Chapter 12 प्रस्तुति कलाएँ – संगीत, नृत्य तथा नाटक Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Chapter 12 प्रस्तुति कलाएँ – संगीत, नृत्य तथा नाटक Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 10 Indian Culture and Heritage Notes Paper Code: 223.

NIOS Class 10 Indian Culture and Heritage Chapter 12 प्रस्तुति कलाएँ – संगीत, नृत्य तथा नाटक

Join Telegram channel
Follow us:
facebook sharing button
whatsappp sharing button
instagram sharing button

Also, you can read the NIOS book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per National Institute of Open Schooling (NIOS) Book guidelines. These solutions are part of NIOS All Subject Solutions. Here we have given NIOS Class 10 Business Studies Notes, NIOS Secondary Course Indian Culture and Heritage Solutions in Hindi for All Chapter, You can practice these here.

Chapter: 12

पाठगत प्रश्न 12.1

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

1. प्रस्तुति कलाओं के कितने विभिन्न रूप हैं?

उत्तर: प्रस्तुति कलाओं के मुख्य रूप संगीत, नृत्य तथा नाटक हैं।

2. मनोरंजन और मन बहलाने के अतिरिक्त प्रस्तुति कला के अन्य क्या प्रभाव हैं?

उत्तर: मनोरंजन के अलावा, प्रस्तुति कलाएँ जन-सामान्य को शिक्षित करने (जनशिक्षा) और धर्म तथा समाज सुधार आंदोलनों को प्रसारित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम रही हैं।

3. पूरी तरह प्रस्तुति कलाओं को समर्पित प्राचीनतम ग्रन्थ कौनसा है?

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Join Now

उत्तर: प्रस्तुति कलाओं का विशिष्ट वर्णन करने वाला सबसे प्राचीन ग्रंथ भरतमुनि द्वारा रचित ‘नाट्यशास्त्र’ है, जिसे ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी और ईसा पश्चात दूसरी शताब्दी के बीच संकलित किया गया था।

4. आठवीं तथा नौवीं शताब्दी के मध्य प्रस्तुति कलाओं के विषय में रचित ग्रन्थ का नाम लिखें।

उत्तर: आठवीं और नौवीं शताब्दी के बीच मातंग मुनि द्वारा रचित ग्रंथ का नाम ‘बृहद्देशी’ है।

5. हमें किस पुस्तक में पहली बार रागों के नाम मिलते हैं? जिसमें उनकी विस्तार पूर्वक चर्चा है।

उत्तर: ‘बृहद्देशी’ पुस्तक में ही पहली बार ‘रागों’ का नामकरण मिलता है और उन पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई है।

6. ‘संगीतरत्नाकर’ में कितने रागों को बताया गया है?

उत्तर: 13वीं शताब्दी में सारंगदेव द्वारा रचित ‘संगीतरत्नाकर’ में 264 रागों का वर्णन किया गया है।

7. जयदेव की ‘गीतगोविंद’ का क्या विषय है?

उत्तर: जयदेव की ‘गीतगोविंद’ का विषय राधा और कृष्ण के प्रेम-प्रसंग हैं।

8. तमिल के जिस दो कवियों ने अपनी कविताओं को संगीत में निबद्ध किया, उनके नाम लिखें।

उत्तर: तमिल के शैववादी ‘नयनार’ और वैष्णववादी ‘अलवार’ संतों ने अपनी कविताओं की रचना संगीत के आधार पर की।

9. किसने किताबे-नवरस लिखी?

उत्तर: ‘किताबे-नवरस’ 17वीं शताब्दी में इब्राहिम आदिलशाह द्वितीय द्वारा लिखी गई थी।

10. मालवा के शासक वाजबहादुर तथा उनकी पत्नी रूपमती का संगीत में क्या योगदान था?

उत्तर: मालवा के शासक बाजबहादुर और उनकी पत्नी रूपमती ने संगीत में नए रागों की रचना करके योगदान दिया।

पाठगत प्रश्न 12.2

1. भारतीय शास्त्रीय संगीत के दो भाग कौन से हैं?

उत्तर: भारतीय शास्त्रीय संगीत के दो मुख्य भाग हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत (जो उत्तर भारत में लोकप्रिय है) और कर्नाटक संगीत (जो दक्षिण भारत में प्रसिद्ध है) हैं।

2. हिन्दुस्तानी संगीत की विभिन्न शैलियां क्या हैं?

उत्तर: हिन्दुस्तानी संगीत की विभिन्न शैलियों में ध्रुपद, ठुमरी, ख्याल और टप्पा आदि शामिल हैं।

3. हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में ‘घराना’ क्या है?

उत्तर: ‘घराना’ संगीतकारों की वंशानुगत संबद्धता से जुड़ा हुआ शब्द है, जो गुरु-शिष्य परंपरा द्वारा निर्धारित होता है और किसी विशेष संगीत शैली के सार को सूचित करता है।

4. भारत के कुछ प्रसिद्ध हिन्दुस्तानी संगीत घरानों के नाम बतायें।

उत्तर: भारत के कुछ प्रसिद्ध घरानों में ग्वालियर घराना, किराना घराना और जयपुर घराना शामिल हैं।

5. कर्नाटक संगीत में ‘कृति’ क्या है?

उत्तर: कर्नाटक संगीत में मुख्य रचनाओं को ‘कृति’ कहा जाता है, जो आमतौर पर भक्ति प्रकृति की होती हैं।

6. भारत के कर्नाटक संगीत के कुछ संगीत रचनाकारों के नाम बतायें।

उत्तर: कर्नाटक संगीत के प्रमुख रचनाकारों में श्याम शास्त्री, त्यागराज, मुत्थुस्वामी दीक्षितर और पुरंदरदास के नाम शामिल हैं।

7. कर्नाटक संगीत में कौन से सहायक मुख्य वाद्य यन्त्र प्रयोग किए जाते हैं?

उत्तर: कर्नाटक संगीत में प्रयुक्त होने वाले मुख्य वाद्य यंत्र बांसुरी, वीणा, नादस्वरम, मृदंगम और घटम हैं।

8. हिन्दुस्तानी संगीत तथा कर्नाटक संगीत दोनों में समान दो लक्षण कौन से हैं?

उत्तर: : 1. कर्नाटक संगीत का ‘आलपन’ हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के ‘आलाप’ के समान है।

2. दोनों संगीत विधाएं ‘ताल’ (या तालम) पर जोर देती हैं।

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This will close in 0 seconds

Scroll to Top