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NCERT Class 11 Economics Chapter 8 भारत और इसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव

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NCERT Class 11 Economics Chapter 8 भारत और इसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव

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Chapter: 8

भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास
अभ्यास

1. क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों के बनने के कारण दीजिए।

उत्तर: क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों के बनने के निम्नलिखित हैं:

(i) सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए।

(ii) व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए।

(iii) वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए।

(iv) एक-दूसरे के विकास अनुभवों से सीखने के लिए।

(v) संसाधनों का बेहतर उपयोग और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए।

(vi) क्षेत्रीय शांति, सहयोग और विकास को मजबूत करने के लिए।

2. वे विभिन्न साधन कौन से हैं जिनकी सहायता से देश अपनी घरेलू व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने का प्रयत्न कर रहे हैं?

उत्तर: देश अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए आर्थिक सुधार, औद्योगिकीकरण, कृषि विकास, आधारभूत संरचना का विस्तार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य में निवेश, विदेशी व्यापार और विदेशी निवेश को बढ़ावा, नई तकनीकों का उपयोग तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक आर्थिक समूहों में भागीदारी जैसे उपाय अपनाते हैं। इन साधनों से उत्पादन, रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है।

3. वे समान विकासात्मक नीतियां कौन-सी हैं जिनका कि भारत और पाकिस्तान ने अपने-अपने विकासात्मक पथ के लिए पालन किया है?

उत्तर: भारत और पाकिस्तान ने अपने विकास पथ पर लगभग एक समान नीतियां अपनाईं, जो इस प्रकार हैं:

(i) पंचवर्षीय योजनाएं: दोनों ही देशों ने आर्थिक विकास के लिए पंचवर्षीय योजनाओं का सहारा लिया। (भारत ने 1951-56 में और पाकिस्तान ने 1956 में अपनी प्रथम पंचवर्षीय योजना की घोषणा की थी)।

(ii) सार्वजनिक क्षेत्र पर जोर: दोनों देशों ने विकास के लिए एक वृहत सार्वजनिक क्षेत्रक (Large Public Sector) का सृजन किया।

(iii) सामाजिक विकास: दोनों ही देशों ने सामाजिक विकास पर सार्वजनिक व्यय को प्राथमिकता दी।

(iv) मिश्रित अर्थव्यवस्था: दोनों देशों ने ऐसी मिश्रित अर्थव्यवस्था का मॉडल अपनाया जिसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र दोनों का सह-अस्तित्व हो।

4. 1958 में प्रारंभ की गई चीन के ‘ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ (Great Leap Forward) अभियान की व्याख्या कीजिए।

उत्तर: 1958 में चीन ने ‘ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ अभियान शुरू किया जिसका मुख्य उद्देश्य देश का तीव्र औद्योगिकीकरण करना था। लोगों को अपने घरों के आसपास छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कम्यून की स्थापना की गई, जहाँ लोग सामूहिक रूप से खेती और उत्पादन का कार्य करते थे। लेकिन यह अभियान सफल नहीं हो सका। सूखे, उत्पादन में गिरावट तथा अन्य समस्याओं के कारण चीन को भारी आर्थिक कठिनाइयों और अकाल का सामना करना पड़ा।

5. चीन की तीव्र औद्योगिक संवृद्धि 1978 में उसके सुधारों के आधार पर हुई थी। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: हाँ, मैं इस कथन से सहमत हूँ। 1978 में चीन ने आर्थिक सुधारों की शुरुआत की। सबसे पहले कृषि क्षेत्र में सुधार किए गए और कम्यून प्रणाली को समाप्त कर भूमि परिवारों को उपयोग के लिए दी गई। इसके बाद उद्योगों को अधिक स्वतंत्रता दी गई, विदेशी निवेश को प्रोत्साहित किया गया तथा विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZs) स्थापित किए गए। इन सुधारों से उत्पादन, निर्यात और औद्योगिक विकास में तेजी आई तथा चीन विश्व की प्रमुख औद्योगिक अर्थव्यवस्था बन गया।

6. पाकिस्तान द्वारा अपने आर्थिक विकास के लिए किए गए विकासात्मक पहलों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: पाकिस्तान के आर्थिक विकास के लिए की गई प्रमुख विकासात्मक पहलें निम्नलिखित हैं—

(i) आयात प्रतिस्थापन नीति: 1950 और 60 के दशक में पाकिस्तान ने उद्योगों पर आधारित आयात प्रतिस्थापन की नीति अपनाई और उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण के लिए प्रत्यक्ष आयात नियंत्रण लागू किया।

(ii) हरित क्रांति: हरित क्रांति और यंत्रीकरण से कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में सरकारी निवेश बढ़ा, जिससे खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि हुई।

(iii) राष्ट्रीयकरण और अ-राष्ट्रीयकरण: 1970 के दशक में पूंजीगत वस्तुओं के उद्योगों का राष्ट्रीयकरण किया गया। लेकिन 1970 और 1980 के दशक के अंत में नीति बदली गई और अ-राष्ट्रीयकरण करके निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित किया गया।

(iv) विदेशी वित्तीय सहायता: पश्चिमी राष्ट्रों से वित्तीय सहायता प्राप्त की गई और मध्य-पूर्व के देशों में काम करने वाले प्रवासियों से भी लगातार पैसा मिला, जिससे नए निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बना।

7. चीन में ‘एक संतान’ नीति का महत्वपूर्ण निहितार्थ क्या है?

उत्तर: चीन की ‘एक संतान’ नीति का मुख्य उद्देश्य जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करना था। इस नीति के कारण जनसंख्या वृद्धि दर में उल्लेखनीय कमी आई और प्रजनन दर भी घट गई। लेकिन इसके साथ ही कुछ नकारात्मक प्रभाव भी सामने आए, जैसे वृद्ध जनसंख्या का अनुपात बढ़ना, श्रमशक्ति में कमी तथा लिंगानुपात में असंतुलन। बाद में इन समस्याओं को देखते हुए चीन ने इस नीति में बदलाव किया।

8. चीन, पाकिस्तान और भारत के मुख्य जनांकिकीय संकेतकों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: चीन, पाकिस्तान और भारत के मुख्य जनांकिकीय संकेतक इस प्रकार हैं:

(i) अनुमानित जनसंख्या (मिलियन में): भारत की जनसंख्या 1428 मिलियन, चीन की 1411 मिलियन और पाकिस्तान की 240 मिलियन है। (यद्यपि चीन भौगोलिक रूप से सबसे बड़ा है, पर इसका जनसंख्या घनत्व सबसे कम है)।

(ii) जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि दर (%): पाकिस्तान में जनसंख्या वृद्धि दर सबसे अधिक (1.96%) है, उसके बाद भारत (0.81%) का स्थान है, जबकि चीन की वृद्धि दर नकारात्मक (-0.10%) है।

(iii) जनसंख्या का घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): भारत में यह 473, पाकिस्तान में 300 और चीन में 150 है।

(iv) लिंगानुपात: पाकिस्तान का लिंगानुपात 948, भारत का 930 और चीन का 898 है। तीनों देशों में महिलाओं के पक्ष में यह अनुपात कम है।

(v) प्रजनन दर: पाकिस्तान में यह दर 3.4 है, भारत में 2.0 और चीन में सबसे कम 1.2 है।

(vi) नगरीकरण (%): चीन में नगरीकरण सबसे उच्च स्तर (65%) पर है, जबकि पाकिस्तान में 38% और भारत में 36% है।

9. भारत और चीन के सकल घरेलू उत्पाद या सकल वर्धित मूल्य के लिए क्षेत्रीय योगदान के विपरीत तुलना करें। यह क्या दर्शाता है?

उत्तर: भारत और चीन की अर्थव्यवस्था में क्षेत्रीय योगदान में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। चीन में उद्योग (द्वितीयक क्षेत्र) का योगदान अधिक है, जबकि भारत में सेवा क्षेत्र (तृतीयक क्षेत्र) का योगदान सबसे अधिक है। दोनों देशों में कृषि क्षेत्र का योगदान समय के साथ कम हुआ है, लेकिन भारत में आज भी कृषि पर बड़ी आबादी निर्भर है। यह तुलना दर्शाती है कि चीन का औद्योगीकरण भारत की तुलना में अधिक तेज़ी से हुआ, जबकि भारत में सेवा क्षेत्र का विकास अधिक तेज़ रहा।

10. मानव विकास के विभिन्न संकेतकों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: मानव विकास के विभिन्न संकेतक हैं:

(i) मानव विकास सूचकांक (HDI) मूल्य और HDI के आधार पर विश्व में रैंक।

(ii) जन्म के समय जीवन प्रत्याशा (वर्षों में)।

(iii) विद्यालय में बिताए गए औसत वर्ष (15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लिए)।

(iv) प्रति व्यक्ति सकल आय (PPP अमेरिकी डॉलर में)।

(v) राष्ट्रीय गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों का प्रतिशत।

(vi) शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर।

(vii) आधारभूत स्वच्छता सेवाओं और आधारभूत पेयजल स्रोतों तक पहुँच वाली जनसंख्या का प्रतिशत।

(viii) कुपोषण के शिकार (Stunting) बच्चों का प्रतिशत।

11. स्वतंत्रता संकेतक की परिभाषा दीजिए। स्वतंत्रता संकेतकों के कुछ उदाहरण दीजिए।

उत्तर: स्वतंत्रता संकेतक से तात्पर्य उन सूचकों से है जो किसी देश की सामाजिक व राजनीतिक निर्णय-प्रक्रिया में लोगों की लोकतांत्रिक भागीदारी की सीमा को मापते हैं। मानव विकास सूचकांक में आमतौर पर इन्हें पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता है, जबकि इनके बिना मानव विकास का मापन अधूरा रहता है। 

उदाहरण: नागरिक अधिकारों के संवैधानिक संरक्षण की सीमा, न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए संवैधानिक संरक्षण की सीमा और देश में विधि-सम्मत शासन का लागू होना।

12. उन विभिन्न कारकों का मूल्यांकन कीजिए जिनके आधार पर चीन में आर्थिक विकास में तीव्र वृद्धि (तीव्र आर्थिक विकास) हुई।

उत्तर: चीन की तीव्र आर्थिक वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से 1978 में शुरू किए गए सुधार और पूर्व की कुछ नीतियां जिम्मेदार थीं।

जिनका मूल्यांकन इस प्रकार है:

(i) चरणबद्ध आर्थिक सुधार: चीन ने सुधारों को एक साथ लागू करने के बजाय चरणों में लागू किया। पहले कृषि, विदेशी व्यापार और निवेश क्षेत्र में सुधार हुए और बाद में औद्योगिक क्षेत्र में।

(ii) कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव: कम्यून (सामूहिक) भूमि को छोटे भूखंडों में बांटकर परिवारों को दिया गया। कर चुकाने के बाद किसान पूरी आय रख सकते थे। इससे कई लोग समृद्ध हुए, जिससे ग्रामीण उद्योगों का तेजी से विकास हुआ और आगे के सुधारों को मजबूत आधार मिला।

(iii) विकेंद्रीकृत नियोजन और प्रयोग: प्रत्येक सुधार को पहले छोटे स्तर पर प्रयोग के रूप में लागू किया गया। सफल होने पर ही उन्हें बड़े पैमाने पर अपनाया गया, जिससे आर्थिक और राजनीतिक लागतों का सही आकलन हो सका।

(iv) बुनियादी ढांचे का पहले से मौजूद होना: 1978 के सुधारों से पहले ही शिक्षा और स्वास्थ्य (जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं) के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का व्यापक प्रसार हो चुका था, जिसने विकास के लिए स्वस्थ मानव संसाधन प्रदान किया।

(v) सामाजिक सुरक्षा कायम रखना: सामुदायिक भू-स्वामित्व को बनाए रखते हुए किसानों को सिर्फ कृषि करने की अनुमति दी गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई।

(vi) विदेशी निवेश (SEZ): विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए चीन ने विशेष आर्थिक क्षेत्रों (Special Economic Zones) की स्थापना की।

(vii) दोहरी कीमत निर्धारण: किसानों और औद्योगिक इकाइयों को एक निश्चित मात्रा में माल सरकारी कीमतों पर खरीदना/बेचना होता था, और शेष वे बाजार मूल्य पर बेच सकते थे। इससे बाजार अर्थव्यवस्था का धीरे-धीरे प्रवेश हुआ।

13. भारत, चीन और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्थाओं से संबंधित विशेषताओं को तीन शीर्षकों के अंतर्गत समूहित कीजिए।

एक संतान का नियम।

निम्न प्रजनन दर।

नगरीकरण का उच्च स्तर।

मिश्रित अर्थव्यवस्था।

अति उच्च प्रजनन दर।

भारी जनसंख्या।

जनसंख्या का अत्यधिक घनत्व।

उत्तर:

भारतचीनपाकिस्तान
मिश्रित अर्थव्यवस्थाएक संतान का नियमअति उच्च प्रजनन दर
भारी जनसंख्यानिम्न प्रजनन दरजनसंख्या का अत्यधिक घनत्व
जनसंख्या का अत्यधिक घनत्वनगरीकरण का उच्च स्तर

14. पाकिस्तान में धीमी संवृद्धि तथा पुनः निर्धनता के कारण बताइए।

उत्तर: पाकिस्तान में धीमी संवृद्धि तथा पुनः निर्धनता के कारण निम्नलिखित हैं:

(i) कृषि क्षेत्र की अस्थिरता: पाकिस्तान में कृषि वृद्धि और खाद्य आपूर्ति संस्थागत या तकनीकी परिवर्तनों पर आधारित न होकर अच्छी फसल पर निर्भर थी। जब फसल अच्छी होती थी तो अर्थव्यवस्था ठीक रहती थी, और खराब होने पर गिर जाती थी।

(ii) विदेशी सहायता और ऋण पर निर्भरता: पाकिस्तान विदेशी ऋणों और सहायता पर बहुत अधिक निर्भर हो गया था, जिससे पुराने ऋणों को चुकाने में कठिनाई बढ़ने लगी।

(iii) विदेशी मुद्रा आय के अस्थिर स्रोत: विदेशी मुद्रा के लिए पाकिस्तान मुख्य रूप से मध्य-पूर्व में काम करने वाले अपने श्रमिकों द्वारा भेजे गए धन (प्रेषण) और अस्थिर कृषि उत्पादों के निर्यात पर निर्भर था, न कि विनिर्मित वस्तुओं के स्थायी निर्यात पर।

(iv) राजनीतिक अस्थिरता: राजनीतिक अस्थिरता भी पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में गिरावट और धीमी वृद्धि का एक प्रमुख कारण रही है।

15. कुछ विशेष मानव विकास संकेतकों के संदर्भ में भारत, चीन और पाकिस्तान के विकास की तुलना कीजिए और उसका वैषम्य बताइए।

उत्तर: भारत, चीन और पाकिस्तान की तुलना करने पर स्पष्ट होता है कि मानव विकास के अधिकांश संकेतकों में चीन सबसे आगे है। चीन में जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) अधिक, शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) कम तथा साक्षरता दर (Literacy Rate) भारत और पाकिस्तान दोनों से बेहतर है। इसका मुख्य कारण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा जनसंख्या नियंत्रण पर चीन द्वारा अधिक ध्यान दिया जाना है।

भारत मानव विकास के क्षेत्र में चीन से पीछे है, लेकिन अधिकांश संकेतकों में पाकिस्तान से बेहतर स्थिति में है। भारत में जीवन प्रत्याशा अपेक्षाकृत अधिक है, साक्षरता दर बेहतर है तथा शिशु मृत्यु दर पाकिस्तान की तुलना में कम है। हालांकि, भारत को अभी भी गरीबी, बेरोजगारी, कुपोषण तथा स्वास्थ्य सेवाओं की असमान उपलब्धता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

पाकिस्तान तीनों देशों में मानव विकास के अधिकांश संकेतकों में सबसे पीछे है। वहाँ साक्षरता दर कम, शिशु मृत्यु दर अधिक, जनसंख्या वृद्धि दर अधिक तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है। राजनीतिक अस्थिरता, कम सामाजिक निवेश तथा आर्थिक समस्याओं के कारण पाकिस्तान का मानव विकास स्तर अपेक्षाकृत निम्न रहा है।

16. पिछले दो दशकों में चीन और भारत में देखी गई संवृद्धि दर की प्रवृत्तियों पर टिप्पणी दीजिए।

उत्तर: पिछले दो दशकों में भारत और चीन की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की संवृद्धि दर (Growth Rate) में भिन्न-भिन्न प्रवृत्तियां (Trends) देखी गई हैं:

चीन की संवृद्धि दर में निरंतर गिरावट: 1980 के दशक में चीन की संवृद्धि दर दहाई अंकों (10.3%) में थी, लेकिन हाल के वर्षों में इसमें लगातार गिरावट के संकेत मिले हैं। 2015-17 के दौरान चीन की वृद्धि दर 6.8% थी, जो 2024 में घटकर 5.0% रह गई है। चीन की इस आर्थिक वृद्धि का मुख्य आधार इसका विनिर्माण (औद्योगिक) और सेवा क्षेत्र रहा है।

भारत की संवृद्धि दर में उतार-चढ़ाव: चीन के विपरीत, भारत की संवृद्धि दर में पहले वृद्धि देखी गई और हाल ही में इसमें थोड़ी कमी आई है। 1980-90 में भारत की औसत वृद्धि दर 5.7% थी, जो 2015-17 के दौरान बढ़कर 7.3% हो गई, लेकिन 2024 में यह थोड़ी घटकर 6.5% पर आ गई है। भारत की यह संवृद्धि मुख्य रूप से इसके सेवा क्षेत्र पर निर्भर रही है।

17. निम्नलिखित रिक्त स्थानों को भरिए:

(क) 1956 में ___________ की प्रथम पंचवर्षीय योजना शुरू हुई थी। (पाकिस्तान/चीन)

उत्तर: 1956 में पाकिस्तान की प्रथम पंचवर्षीय योजना शुरू हुई थी।

(ख) मातृमृत्यु दर ____________ में अधिक है। (चीन/पाकिस्तान)

उत्तर: मातृमृत्यु दर पाकिस्तान में अधिक है।

(ग) निर्धनता रेखा से नीचे रहने वाले लोगों का अनुपात ___________ में अधिक है। (भारत/पाकिस्तान)

उत्तर: निर्धनता रेखा से नीचे रहने वाले लोगों का अनुपात भारत में अधिक है।

(घ) ___________ में आर्थिक सुधार 1978 में शुरू किए गए थे। (चीन/पाकिस्तान)

उत्तर: चीन में आर्थिक सुधार 1978 में शुरू किए गए थे।

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