🪔 Diwali Maha Offer Class 10 & 12 Bundles @ ₹299 ₹599
Ends in:
03d
14h
35m
40s

NCERT Class 11 Economics Chapter 15 सूचकांक

NCERT Class 11 Economics Chapter 15 सूचकांक Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus. to each chapter is provided in the list so that you can easily browse through different chapters NCERT Class 11 Economics Chapter 15 सूचकांक Notes and select need one. NCERT Class 11 Economics Chapter 15 सूचकांक Question Answers Download PDF. NCERT Class 11 Economics Sankhyiki Hindi Medium Solutions.

NCERT Class 11 Economics Chapter 15 सूचकांक

Also, you can read the NCERT book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per Central Board of Secondary Education (CBSE) Book guidelines. CBSE Class 11 Economics Sankhyiki Textual Solutions are part of All Subject Solutions. Here we have given NCERT Class 11 Economics Notes Hindi Medium, CBSE Class 11 Economics Sankhyiki in Hindi Medium Solutions for All Chapters, You can practice these here.

Chapter: 15

अर्थशास्त्र में सांख्यिकी
अभ्यास

1. मदों के सापेक्षिक महत्व को बताने वाले सूचकांक को,

(क) भारित सूचकांक कहते हैं।

(ख) सरल समूहित सूचकांक कहते हैं।

(ग) सरल मूल्यानुपातों का औसत कहते हैं।

उत्तर: (क) भारित सूचकांक कहते हैं।

2. अधिकांश भारित सूचकांकों में भार का संबंध,

(क) आधार वर्ष से होता है।

(ख) वर्तमान वर्ष से होता है।

(ग) आधार एवं वर्तमान वर्ष दोनों से होता है।

उत्तर: (क) आधार वर्ष से होता है।

3. ऐसी वस्तु जिसका सूचकांक में कम भार है, उसकी कीमत में परिवर्तन से सूचकांक में कैसा परिवर्तन होगा,

(क) कम।

(ख) अधिक।

(ग) अनिश्चित।

उत्तर: (क) कम।

4. कोई उपभोक्ता कीमत सूचकांक किस परिवर्तन को मापता है?

(क) खुदरा कीमत।

(ख) थोक कीमत।

(ग) उत्पादकों की कीमत।

उत्तर: (क) खुदरा कीमत।

5. औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता कीमत सूचकांक में किस मद के लिए उच्चतम भार होता है?

(क) खाद्य-पदार्थ।

(ख) आवास।

(ग) कपड़े।

उत्तर: (क) खाद्य-पदार्थ।

6. सामान्यतः मुद्रा-स्फीति के परिकलन में किसका प्रयोग होता है?

(क) थोक कीमत सूचकांक।

(ख) उपभोक्ता कीमत सूचकांक।

(ग) उत्पादक कीमत सूचकांक।

उत्तर: (क) थोक कीमत सूचकांक।

7. हमें सूचकांक की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर: हमें सूचकांक की आवश्यकता होती हैं क्योंकि:

(i) नीति निर्माण: उपभोक्ता कीमत सूचकांक (CPI) या निर्वाह सूचकांक मजदूरी समझौते, आय-नीति, कीमत-नीति, किराया-नियंत्रण, कराधान और सामान्य आर्थिक नीतियों के निर्माण में सहायक होते हैं।

(ii) मुद्रास्फीति की माप: थोक कीमत सूचकांक (WPI) का प्रयोग सामान्य रूप से अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति दर (महंगाई दर) को मापने में किया जाता है।

(iii) क्रय शक्ति और वास्तविक मजदूरी की गणना: उपभोक्ता कीमत सूचकांक का उपयोग मुद्रा की क्रय शक्ति और कर्मचारियों की वास्तविक मजदूरी की गणना करने के लिए किया जाता है।

(iv) उत्पादन में परिवर्तन की जानकारी: औद्योगिक उत्पादन सूचकांक और कृषि उत्पादन सूचकांक हमें औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों के उत्पादन में होने वाले मात्रात्मक परिवर्तनों के बारे में बताते हैं।

(v) निवेशकों का मार्गदर्शन: संवेदी सूचकांक शेयर बाजार में निवेशकों का मार्गदर्शन करता है और अर्थव्यवस्था की मूल दशा के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है।

8. आधार अवधि के वांछित गुण क्या होते हैं?

उत्तर: आधार अवधि किसी भी सूचकांक का वह वर्ष होता है जिससे वर्तमान वर्ष की तुलना की जाती है।

एक वांछित आधार अवधि में निम्नलिखित गुण होने चाहिए:

(i) सामान्य अवधि: आधार अवधि एक ‘सामान्य’ अवधि होनी चाहिए। (अर्थात उस समय युद्ध, अकाल, भूकम्प या गंभीर आर्थिक मंदी जैसी कोई असामान्य स्थिति नहीं होनी चाहिए)।

(ii) चरम मानों से मुक्त: आधार-अवधि के लिए बहुत अधिक या बहुत कम (चरम) मानों को नहीं चुना जाना चाहिए।

(iii) अतीत में अधिक दूर न हो: आधार अवधि वर्तमान समय से बहुत अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। समय के साथ उपभोक्ता की पसंद और वस्तुओं की टोकरी बदल जाती है, पुरानी वस्तुएं विलुप्त हो जाती हैं और नई आ जाती हैं, इसलिए बहुत पुरानी अवधि से तुलना करना भ्रामक हो सकता है।

9. भिन्न उपभोक्ताओं के लिए भिन्न उपभोक्ता कीमत सूचकांकों की अनिवार्यता क्यों होती है?

उत्तर: भिन्न उपभोक्ताओं के लिए भिन्न सूचकांक अनिवार्य हैं क्योंकि विभिन्न उपभोक्ता समूहों के लिए अलग-अलग वस्तुओं का सापेक्षिक महत्व (भार) समान नहीं होता है। प्रत्येक समूह के उपभोग की ‘टोकरी’ अलग होती है। उदाहरण के लिए, पेट्रोल की कीमत में वृद्धि शायद प्रत्यक्ष रूप से किसी निर्धन कृषि मजदूर की जीवन-स्थिति को प्रभावित न करे, लेकिन एक शहरी कर्मचारी के बजट को बहुत प्रभावित करेगी। इसी कारण से औद्योगिक श्रमिकों, कृषि श्रमिकों और शहरी उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग उपभोक्ता कीमत सूचकांक तैयार किए जाते हैं ताकि उनके जीवन निर्वाह पर पड़ने वाले सटीक प्रभाव को मापा जा सके।

10. औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता कीमत सूचकांक क्या मापता है?

उत्तर: औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता कीमत सूचकांक (CPI) उन विशिष्ट वस्तुओं और सेवाओं की खुदरा कीमतों में होने वाले औसत परिवर्तन को मापता है, जिनका उपभोग औद्योगिक श्रमिक करते हैं। यह सूचकांक मापता है कि आधार वर्ष की तुलना में वर्तमान वर्ष में उसी जीवन स्तर को बनाए रखने के लिए (या वस्तुओं की उसी विशिष्ट टोकरी को खरीदने के लिए) एक औद्योगिक श्रमिक के जीवन निर्वाह की लागत (Cost of Living) में कितनी वृद्धि या कमी हुई है।

11. कीमत सूचकांक तथा मात्रा सूचकांक में क्या अंतर है?

उत्तर: कीमत सूचकांक और मात्रा सूचकांक में अंतर निम्नलिखित है—

कीमत सूचकांकमात्रा सूचकांक
यह वस्तुओं की कीमतों में होने वाले परिवर्तन को मापता है।यह वस्तुओं के उत्पादन या मात्रा में होने वाले परिवर्तन को मापता है।
इसका उपयोग महँगाई तथा मूल्य स्तर का अध्ययन करने के लिए किया जाता है।इसका उपयोग उत्पादन स्तर तथा उत्पादन में वृद्धि या कमी का अध्ययन करने के लिए किया जाता है।

12. क्या किसी भी तरह का कीमत परिवर्तन एक कीमत सूचकांक में प्रतिबिंबित होता है?

उत्तर: नहीं, अर्थव्यवस्था में होने वाला हर तरह का कीमत परिवर्तन किसी एक कीमत सूचकांक में प्रतिबिंबित नहीं होता। कोई भी कीमत सूचकांक केवल उन्हीं विशिष्ट वस्तुओं की कीमतों में हुए औसत परिवर्तन को मापता है जिन्हें उस सूचकांक की “टोकरी” में शामिल किया गया है। यदि कोई वस्तु सूचकांक के लिए चुनी गई सूची में नहीं है, तो उसकी कीमत में होने वाला बदलाव उस सूचकांक को प्रभावित नहीं करेगा। साथ ही, सूचकांक केवल एक ‘सामान्य औसत प्रवृत्ति’ का प्रतिनिधित्व करता है, यह किसी एक व्यक्तिगत वस्तु की कीमत के सटीक परिवर्तन को नहीं दर्शाता।

13. क्या शहरी गैर-शारीरिक कर्मचारियों के लिए उपभोक्ता कीमत-सूचकांक भारत के राष्ट्रपति के निर्वाह लागत में परिवर्तन का प्रतिनिधित्व कर सकता है?

उत्तर: नहीं, शहरी गैर-शारीरिक कर्मचारियों के लिए उपभोक्ता कीमत-सूचकांक भारत के राष्ट्रपति के निर्वाह लागत में परिवर्तन का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता है।

कारण: सूचकांक का निर्माण किसी विशिष्ट लक्षित समूह के लिए किया जाता है। सूचकांक की रचना के सिद्धांतों के अनुसार, “विभिन्न उपभोक्ता समूहों के मद (items) समान महत्व वाले नहीं होते हैं”। एक शहरी गैर-शारीरिक कर्मचारी (जैसे कोई क्लर्क या ऑफिस वर्कर) और भारत के राष्ट्रपति के जीवन स्तर, उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की टोकरी (basket of goods) तथा खर्च के तरीकों में बहुत बड़ा अंतर होता है। जिन आवश्यक वस्तुओं पर एक आम कर्मचारी अपना अधिकांश वेतन खर्च करता है, राष्ट्रपति के लिए उन मदों का सापेक्षिक महत्व या भार (weight) बिल्कुल अलग होगा। इसलिए, कर्मचारियों के लिए बनाया गया उपभोक्ता कीमत-सूचकांक राष्ट्रपति के जीवन निर्वाह की लागत में आए बदलाव को सही ढंग से नहीं माप सकता।

14. नीचे एक औद्योगिक केंद्र के श्रमिकों द्वारा 1980 एवं 2005 के दौरान निम्न मदों पर प्रतिव्यक्ति मासिक व्यय को दर्शाया गया है। इन मदों का भार क्रमशः 75, 10, 5, 6 तथा 4 है। 1980 को आधार मानकर 2005 के लिए जीवन निर्वाह लागत का एक भारित सूचकांक तैयार कीजिए।

मदवर्ष 1980 में कीमतवर्ष 2005 की कीमत
खाद्य पदार्थ100200
कपड़े2025
ईंधन एवं बिजली1520
मकान किराया3040
विविध3565

उत्तर: 

मद1980 की कीमत (P₀)2005 की कीमत (P₁)भार (W)R = ​P1​​/P0 ×1 00 WR
खाद्य पदार्थ1002007520015000
कपड़े2025101251250
ईंधन एवं बिजली15205133.33666.65
मकान किराया30406133.33799.98
विविध35654185.71742.84
योग10018459.47

15. निम्नलिखित सारणी को ध्यानपूर्वक पढ़िए एवं अपनी टिप्पणी कीजिए-

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आधार 1993-94)-

उद्योगभार % में1996-19972003-2004
सामान्य सूचकांक100130.8189.0
खनन एवं उत्खनन10.73118.2146.9
विनिर्माण79.58133.6196.6
विद्युत10.69122.0172.6

उत्तर: उपरोक्त तालिका का विश्लेषण करके निम्नलिखित निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं:

(i) खनन और उत्खनन और बिजली उद्योगों की तुलना में विनिर्माण उद्योग का भार सबसे अधिक 79.58% है, जो क्रमशः 10.73% और 10.69% है।

(ii) विनिर्माण उद्योग का उत्पादन 1996-97 और 2003-04 दोनों वर्षों में सबसे अधिक है।

(iii) वर्षों में खनन और उत्खनन और बिजली उद्योगों की तुलना में विनिर्माण उद्योग का विकास अधिक है। खनन और उत्खनन का विकास प्रदर्शन सबसे कम है जबकि विनिर्माण उद्योग का उत्पादन प्रदर्शन है।

(iv) सामान्य सूचकांक 1996-97 की तुलना में वर्ष 2003-04 में तुलनात्मक रूप से अधिक है।

16. अपने परिवार में उपभोग की जाने वाली महत्वपूर्ण मदों की सूची बनाने का प्रयास कीजिए।

उत्तर: (i) खाद्यान्न (चावल, आटा, दाल आदि)।

(ii) दूध एवं दुग्ध उत्पाद।

(iii) सब्जियाँ एवं फल।

(iv) कपड़े।

(v) ईंधन एवं रसोई गैस।

(vi) बिजली एवं पानी।

(vii) मकान किराया/रख-रखाव।

(viii) शिक्षा।

(ix) चिकित्सा।

(x) परिवहन एवं संचार।

(xi) घरेलू उपयोग की वस्तुएँ।

(xii) मनोरंजन एवं अन्य विविध खर्च।

17. यदि एक व्यक्ति का वेतन आधार वर्ष में 4000 रु प्रतिवर्ष था और उसका वर्तमान वर्ष में वेतन 6000 रु है। उसके जीवन-स्तर को पहले जैसा ही बनाए रखने के लिए उसके वेतन में कितनी वृद्धि होनी चाहिए, यदि उपभोक्ता कीमत सूचकांक 400 हो।

उत्तर:

18. जून 2005 में उपभोक्ता कीमत सूचकांक 125 था। खाद्य सूचकांक 120 तथा अन्य मदों का सूचकांक 135 था। खाद्य पदार्थों को दिया जाने वाला भार कुल भार का कितना प्रतिशत है?

उत्तर:

मदअनुक्रमणिकातौलWI
भोजन120W₁120 W₁
अन्य सामग्री135W₂135 W₂
∑W = 100∑WI = 120W₁ + 135W₂

कुल वजन होने दें = 100

W₁ भोजन के वजन को दर्शाता है।

W₂ अन्य वस्तुओं के वजन को दर्शाता है।

इसलिए, W₁ + W₂ = 100 …(i)

CPI = 125

13500 = 135W1 + 135W2

12500 = 120W1 + 135W2

1000 = 15W1

इसलिए,

W1 = 1000/15 = 66.67

समीकरण में W1 के मान को प्रतिस्थापित करना (1)

W1 + W2 = 100

या,

66.67 + W2 = 100

W2 = 33.33

भोजन को दिए गए कुल भार का प्रतिशत 66.67% और अन्य वस्तुओं का 33.33 प्रतिशत है।

19. किसी शहर में एक मध्यवर्गीय पारिवारिक बजट में जाँच-पड़ताल से निम्नलिखित जानकारी प्राप्त होती है:

मदों पर व्ययखाद्य पदार्थ 35%ईंधन 10%कपड़ा 20%किरायाविविध
2004 में कीमत (रु में)1500250750300400
1995 में कीमत (रु में)1400200500200250

1995 की तुलना में 2004 में निर्वाह सूचकांक का मान क्या होगा?

उत्तर:

मदवजन Wकीमत में 1995 P₀कीमत में 2004 P₁R = P1/P0 × 100WR
भोजन35140015001500/1400 × 100 = 107.143,749.90
ईंधन10200250250/200 × 100 = 1251,250
कपड़े20500750750/500 × 100 = 1503,000
किराया15200300300/200 × 100 = 1502,250
विविध20250400400/250 × 100 = 1603,200
∑W = 100∑WR = 13,449.9

रहने की लागत सूचकांक = 134.50

इस प्रकार, 1995 और 2004 के दौरान कीमतों में 34.50% की वृद्धि हुई।

20. दो सप्ताह तक अपने परिवार के (प्रति इकाई) दैनिक व्यय, खरीदी गई मात्रा तथा दैनिक खरीदारी को अभिलेखित कीजिए। कीमत में आए परिवर्तन आपके परिवार को किस तरह से प्रभावित करते हैं?

उत्तर:

मदप्रति इकाई कीमत (₹)दैनिक खरीदी गई मात्रादैनिक व्यय (₹)
चावल60/किग्रा2 किग्रा120
दूध60/लीटर2 लीटर120
सब्जियाँ40/किग्रा2 किग्रा80
रोटी/आटा40/किग्रा2 किग्रा80
रसोई गैस (औसत)——40
फल80/किग्रा1 किग्रा80
अन्य वस्तुएँ——100
कुल दैनिक व्यय₹620

कीमतों में परिवर्तन का प्रभाव:

(i) आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से दैनिक एवं मासिक खर्च बढ़ जाता है।

(ii) परिवार को कुछ गैर-जरूरी वस्तुओं की खरीद कम करनी पड़ती है।

(iii) बचत में कमी आती है और परिवार का बजट प्रभावित होता है।

(iv) महँगाई बढ़ने पर जीवन-यापन की लागत बढ़ जाती है।

(v) यदि आय में वृद्धि नहीं होती, तो परिवार का जीवन-स्तर प्रभावित होता है।

21. निम्नलिखित आँकड़े दिए गए हैं-

वर्षऔद्योगिक श्रमिकों का CPI(1982 = 100)कृषि श्रमिक का CPI(1986–87 = 100)थोक कीमत सूचकांक(1993–94 = 100)
1995–96313234121.6
1996–97342256127.2
1997–98366264132.8
1998–99414293140.7
1999–00428306145.3
2000–01444306155.7
2001–02463309161.3
2002–03482319166.8
2003–04500331175.9

स्रोत: आर्थिक सर्वेक्षण, भारत सरकार, 2004–2005

(क) सूचकांकों के सापेक्षिक मानों पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर: दिए गए वर्षों में औद्योगिक श्रमिकों का उपभोक्ता कीमत सूचकांक (CPI) सबसे अधिक है तथा इसमें लगातार वृद्धि हुई है। यह 1995–96 में 313 से बढ़कर 2003–04 में 500 हो गया। कृषि श्रमिकों का CPI भी प्रत्येक वर्ष बढ़ा है, परंतु इसका स्तर औद्योगिक श्रमिकों के CPI से कम रहा। यह 234 से बढ़कर 331 हो गया। इसी प्रकार, थोक कीमत सूचकांक (WPI) भी 121.6 से बढ़कर 175.9 हो गया। तीनों सूचकांकों में निरंतर वृद्धि यह दर्शाती है कि इस अवधि में कीमतों तथा महँगाई में लगातार वृद्धि हुई। सभी वर्षों में औद्योगिक श्रमिकों का CPI सबसे अधिक, कृषि श्रमिकों का CPI उससे कम तथा थोक कीमत सूचकांक सबसे कम रहा।

(ख) क्या ये तुलना योग्य हैं?

उत्तर: नहीं, ये सूचकांक प्रत्यक्ष रूप से तुलना योग्य नहीं हैं, क्योंकि इनके आधार वर्ष अलग-अलग हैं तथा इनका उद्देश्य और क्षेत्र भी भिन्न है। औद्योगिक श्रमिकों और कृषि श्रमिकों के CPI अलग-अलग उपभोक्ता वर्गों के लिए तैयार किए जाते हैं, जबकि थोक कीमत सूचकांक (WPI) थोक स्तर की कीमतों को दर्शाता है। इसलिए इनकी प्रत्यक्ष तुलना नहीं की जा सकती, केवल इनकी सामान्य प्रवृत्ति (Trend) की तुलना की जा सकती है।

22. एक परिवार का कुछ महत्वपूर्ण मदों पर मासिक व्यय तथा उन पर लागू वस्तु एवं सेवा कर (GST) इस प्रकार है:

मदमासिक व्यय (रु.)वस्तु एवं सेवा कर की दर (%)
अनाज15000
अण्डा2500
मछली, मीट2500
दवाइयाँ505
रसोई गैस505
यातायात1005
मक्खन5012
बोतल ट्रेफपेस्ट1012
टमाटर केचप4012
बिस्किट7518
केक, पेस्ट्री2518
ब्रांडेड जूस10018
धुलाई मशीन, वैक्यूम क्लीनर, कार100018

इस परिवार के लिए औसत कर दर की गणना करें।

उत्तर:

मदमासिक व्यय (w)वस्तु एवं सेवा कर की (GST) दर (%) (X)WX
अनाज150000
अंडे25000
मछली का मांस25000
दवाइयाँ5052.5
बायोगैस5052.5
परिवहन10055
मक्खन50126
बबूल10121.2
टमाटर की चटनी40124.8
बिस्कुट751813.5
केक, पेस्ट्री25184.5
ब्रांडेड गार्मेंट्स1001818
वैक्यूम क्लीनर, कार100018180
कुल3500238

सभी परिवार के लिए औसत कर दर: 238/3500 = 0.068%

NEW VIDEO CLASS

Subject Ka Complete Video Solution Dekhein

Step-by-step easy concept explanation aur full questions Answer ke liye watch karein ya app download karein:

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll to Top