NIOS Class 12 Tourism Chapter 17 मानव संसाधन प्रबंधन – II

NIOS Class 12 Tourism Chapter 17 मानव संसाधन प्रबंधन – II Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Tourism Chapter 17 मानव संसाधन प्रबंधन – II Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 12 Tourism Solutions Hindi Medium Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Tourism Notes Paper Code: 337.

NIOS Class 12 Tourism Chapter 17 मानव संसाधन प्रबंधन – II

Join Telegram channel
Follow us:
facebook sharing button
whatsappp sharing button
instagram sharing button

Also, you can read the NIOS book online in these sections Solutions by Expert Teachers as per National Institute of Open Schooling (NIOS) Book guidelines. These solutions are part of NIOS All Subject Solutions. Here we have given NIOS Class 12 Tourism Notes, NIOS Senior Secondary Course Tourism Solutions in Hindi for All Chapter, You can practice these here.

Chapter: 17

पाठगत प्रश्न 17.1

1. प्रशिक्षण क्या होता है? प्रशिक्षण विभाग के क्या उद्देश्य हैं?

उत्तर: प्रशिक्षण को एक निरंतर सीखने की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें कर्मचारी ज्ञान, व्यवसायिक कौशल प्राप्त करता है और अपने व्यवहार और मनोवृत्ति में सुधार लाता है।

2. किसी कर्मचारी को प्रशिक्षित करने में आप कौन से विभिन्न तरीके प्रयोग कर सकते हैं?

उत्तर: प्रशिक्षण के अनेक तरीके हैं; जैसे- काम पर रहते हुए प्रशिक्षण, काम छोड़ कर प्रशिक्षण, रोल प्लेईंग सेमिनार, व्याख्यान, दृश्य-श्रव्य तकनीक इत्यादि।

3. किसी प्रशिक्षण कार्यक्रम को बनाने, संचालित करने तथा उसका मूल्यांकन करने में कौन से मुद्दों को ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: प्रशिक्षण-कार्यक्रमों का मूल्यांकन करते समय निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए-

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Join Now

(i) स्थान – कार्यस्थल के अंदर बाहर।

(ii) दृश्य-श्रव्य सहायक सामग्री।

(iii) प्रासंगिक प्रशिक्षण-सामग्री।

(iv) सुविधाएँ समय-सारिणी।

पाठगत प्रश्न 17.2

1. पर्यटन विभाग में प्रशिक्षण की जरूरत क्यों होती है?

उत्तर: प्रशिक्षण की आवश्यकता इसलिए होती है कि इसके फलस्वरूप कुल क्षमता में सुधार हो। उत्पादन, उत्पादकता, उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं की मात्रा और गुणवत्ता बढ़े। संसाधनों का कम खर्चीला प्रयोग, उत्पादन की लागत में कमी, कर्मचारियों के उत्साह में वृद्धि, वफ़ादारी और काम से संतोष, दुर्घटनाओं में कमी, अपव्यय में कमी, मशीनों और उपकरणों के व्यर्थ प्रयोग से बचाव, श्रमिकों की अनुपस्थिति में कमी, पर्यवेक्षी बोझ में कमी, कर्मचारियों द्वारा काम के निए तरीके अपनाना, व्यक्तिगत उन्नति तथा कर्मचारी के पदोन्नत होने के अवसरों में बढ़ोतरी तथा ग्राहक सेवा में सुधार जैसे परिणाम देखने को मिलते हैं।

2. ‘कार्य करते हुए’ प्रशिक्षण के किन्हीं चार तरीकों की गणना करके लिखिए।

उत्तर: ‘कार्य करते हुए’ प्रशिक्षण के किन्हीं चार तरीके:

(i) काम पर प्रशिक्षण।

(ii) प्रशिक्षु।

(iii) प्रदर्शन और उदाहरण।

(iv) काम को बदलते रहना (कार्य परिवर्तन)।

3. प्रबंध विकास से कौन-सा उद्देश्य पूरा होता है?

उत्तर: प्रबंधकीय विकास का उद्देश्य प्रबंधकों की आवश्यक संख्या के उपलब्ध होने को सुनिश्चित करना है जिनमें ज़रूरी कौशल हो जो पर्यटन कारोबार की वर्तमान और भावी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें, प्रबंधकों को एक व्यक्ति के रूप में उन्नति करने तथा अधिक बड़े दायित्व को निभाने के लिए प्रोत्साहित करना, सभी स्तरों पर प्रबंधकों के प्रदर्शन को बेहतर बनाना तथा जीवन भर बेहतर कार्य करने की प्रवृत्ति को बनाए रखना होता है। 

4. प्रबंध विकास के पाँच प्रमुख तरीकों को सूचीबद्ध कीजिए।

उत्तर: प्रबंध विकास के पाँच प्रमुख तरीके है:

(i) केस स्टडी।

(ii) इन-बास्केट कार्य।

(iii) प्रबंधकीय खेल।

(iv) संवेदनशीलता आधारित प्रशिक्षण।

(v) संप्रेषणिय विश्लेषण।

5. संवेदनशीलता-प्रशिक्षण से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: संवेदनशली प्रशिक्षण लोगों को तथा स्वयं को एवं दूसरों को सही ढंग से समझने के बारे में होता है। इसके लिए उनमें सामाजिक संवेदनशीलता और व्यवहारिक लचीलापन उत्पन्न करना होता है। यह समझ के अनुसार अनुकूल ढंग से व्यवहार करने की योग्यता है।

6. प्रशिक्षण और विकास के बीच क्या अंतर हैं?

उत्तर: प्रशिक्षण और विकास में आधारभूत अंतर है-

(i) प्रशिक्षण कंपनी के कर्मचारी को अपनी वर्तमान भूमिका और उत्तरदायित्वों को निभाने में अधिक सक्षम एवं प्रभावशाली बनाने में सहायता करता है।

(ii) विकास, व्यक्ति के सकल व्यक्तित्व को सुधारता है ताकि वह किसी भी भावी दायित्व एवं कार्य को विकट स्थिति में निभाने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो।

7. ‘इन बास्केट’ अभ्यास-क्रिया से क्या मापा जाता है?

उत्तर: इन-बास्केट कार्य प्रक्रिया प्रबंधकीय एवं पर्यवेक्षी कार्यों के प्रभावशाली निष्पादन के प्रशासकीय कौशल को मापती है। प्रशिक्षु को प्रबंधक के सामने आने वाली सभी कार्यों को करने का अवसर मिलता है।

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This will close in 0 seconds

Scroll to Top