NIOS Class 12 Painting Chapter 1 भारत की प्रागैतिहासिक चित्रकला Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus. to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Painting Chapter 1 भारत की प्रागैतिहासिक चित्रकला Notes and select need one. NIOS Class 12 Painting Chapter 1 भारत की प्रागैतिहासिक चित्रकला Question Answers Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Painting Paper Code: 332.
NIOS Class 12 Painting Chapter 1 भारत की प्रागैतिहासिक चित्रकला
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भारत की प्रागैतिहासिक चित्रकला
Chapter: 1
| Part – 1: सिद्धांत |
| पाठगत प्रश्न 1.1 |
A. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
1. ‘आदिम शिकारी’ शैलचित्र के माध्यम हैं ____________।
उत्तर: आदिम शिकारी’ शैलचित्र के माध्यम हैं मृदा तथा खनिज रंग।
2. ‘आदिम शिकारी’ शैलचित्र में __________, __________ और __________ रंगों का उपयोग है।
उत्तर: आदिम शिकारी’ शैलचित्र में लाल, काला और पीला रंगों का उपयोग है।
3. मिर्ज़ापुर के शैलचित्रों का लोकप्रिय विषय __________ है।
उत्तर: मिर्ज़ापुर के शैलचित्रों का लोकप्रिय विषय शिकार है।
| पाठगत प्रश्न 1.2 |
1. सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(i) पंचमढ़ी शैलचित्रों में प्रयुक्त रंग है:
(क) सफ़ेद और लाल।
(ख) नीला।
(ग) काला।
(घ) पीला।
उत्तर: (क) सफ़ेद और लाल।
2. ‘पंचमढ़ी’ स्थित है:
(क) उत्तर प्रदेश में।
(ख) मध्य प्रदेश में।
(ग) पश्चिम बंगाल में।
(घ) बिहार में।
उत्तर: (ख) मध्य प्रदेश में।
| पाठगत प्रश्न 1.3 |
1. भीमबेटका कहाँ स्थित है?
उत्तर: मध्य प्रदेश में भोपाल के पास।
2. ‘योद्धा’ चित्र किस काल के हैं?
उत्तर: मध्य पाषाण काल।
3. ‘योद्धा’ चित्र में कम-से-कम एक पशु की पहचान कीजिए।
उत्तर: घोड़ा।
| पाठांत प्रश्न |
1. भारत की प्रागैतिहासिक कला किस काल की है?
उत्तर: यह कला मुख्य रूप से पूर्व पाषाण युग (लगभग 40,000 वर्ष पूर्व) से लेकर मध्य पाषाण युग (लगभग 12,000 वर्ष पूर्व) तक की है।
2. शैलचित्रों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: इस अध्याय में मिर्ज़ापुर (जैसे- ‘आदिम शिकारी’), पंचमढ़ी (जैसे- ‘गायों की कतारें’), और भीमबेटका (जैसे- ‘योद्धा’) के प्रमुख शैलचित्रों का उल्लेख किया गया है।
3. भारत में शैलचित्रों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: भारत में आदिमानव द्वारा गुफाओं की छतों और दीवारों पर शैलचित्र बनाए गए थे। इनमें जंगली जानवरों, पालतू पशुओं, शिकार के दृश्यों, पशुओं को चराने और मानव-पशु संबंधों को बहुत ही रोचक ढंग से दर्शाया गया है।
4. प्रागैतिहासिक शैलचित्रों को बनाने की पद्धति तथा उसके लिए प्रयुक्त सामग्री पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: इन चित्रों को बनाने के लिए मुख्य रूप से मृदा तथा खनिज रंगों का उपयोग किया गया था। इनमें लाल (गेरू), काला, पीला और सफ़ेद रंग प्रमुख रूप से प्रयोग किए गए हैं।
5. मिर्ज़ापुर के शैलचित्रों की विषयवस्तु क्या है?
उत्तर: मिर्ज़ापुर के शैलचित्रों में हाथी, बाघ, सूअर जैसे जंगली जानवरों और पालतू पशुओं का चित्रण है, लेकिन इसका सबसे लोकप्रिय विषय ‘शिकार’ है (जैसे भाला लिए घुड़सवार द्वारा बाघ का पीछा करना)।
6. पंचमढ़ी के गुफाचित्रों पर दो पंक्तियाँ लिखिए।
उत्तर: पंचमढ़ी की पहाड़ियाँ मध्य प्रदेश में स्थित हैं। यहाँ के शैलचित्रों की शैली ज्यामितीय है, जैसे ‘गायों की कतारें’ नामक चित्र में पृष्ठभूमि के लिए लाल (गेरू) और आकृतियों के लिए सफ़ेद रंग का प्रयोग किया गया है।
7. भीमबेटका के चित्रों में दर्शाए गए पशुओं के नाम लिखिए।
उत्तर: भीमबेटका के चित्रों में बैल, जंगली भैंसा, जंगली सूअर, हाथी और घोड़ा आदि पशुओं को दर्शाया गया है।
8. आदिमानव विभिन्न प्रजातियों के पशुओं के चित्र क्यों बनाता था?
उत्तर: शिकार आदिमानव के जीवन का एक बहुत व्यावहारिक अनुभव था। वे खतरनाक जानवरों का समूहों में शिकार करते थे, इसीलिए मानव और पशुओं के बीच के इस संबंध तथा संघर्ष को दर्शाने के लिए वे पशुओं के चित्र बनाते थे।
9. भारत के जनजातीय कला के प्रकारों में एक समानता लिखिए।
उत्तर: भीमबेटका की प्रागैतिहासिक चित्रकला की शैली के समान ही चित्र आज भी महाराष्ट्र के वारली आदिवासी चित्रकारों द्वारा बनाए जाते हैं।
10. ‘चित्र में धनुष की आकृति बहुत रोचक है’ – अपने शब्दों में व्याख्या कीजिए।
उत्तर: भीमबेटका के ‘योद्धा’ चित्र में धनुष का चित्रण इसलिए बहुत रोचक माना गया है क्योंकि इससे पहले के शैलचित्रों में धनुष का चित्रण देखने को नहीं मिलता था।

