NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 36 ऊर्जा संरक्षण

NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 36 ऊर्जा संरक्षण Solutions Hindi Medium As Per New Syllabus to each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapters NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 36 ऊर्जा संरक्षण Notes in Hindi and select need one. NIOS Class 12 Environmental Science Solutions Hindi Medium Download PDF. NIOS Study Material of Class 12 Environmental Science Notes Paper Code: 333.

NIOS Class 12 Environmental Science Chapter 36 ऊर्जा संरक्षण

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Chapter: 36

माड्यूल- 8B ऊर्जा संरक्षण

पाठगत प्रश्न 31.1

1. ऊर्जा उपभोग के पर्यावरण पर पड़ने वाले दो सबसे महत्वपूर्ण प्रभावों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: ऊर्जा उपभोग के पर्यावरण पर पड़ने वाले दो सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव हे— ऊर्जा का अपक्षय, जीवाश्म ईंधन के जलने से ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन।

2. चार महत्वपूर्ण क्रियाकलापों का उल्लेख कीजिए जिनके लिए आपको दैनिक जीवन में ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

उत्तर: भोजन बनाना, घरों का तापन व शीतलन, टीवी और संगणक (कम्प्यूटर) और वैद्युत यंत्र।

3. आज विश्व में ऊर्जा के क्षेत्र में आर्थिक विकास हेतु सबसे महत्वपूर्ण कारक क्या है?

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उत्तर: आज विश्व में ऊर्जा के क्षेत्र में आर्थिक विकास हेतु सबसे महत्वपूर्ण कारक है जनसंख्या। 

पाठगत प्रश्न 31.2

1. कोई एक उद्देश्य बताइए जिसके लिए समुदाय द्वारा सोलर पम्म स्थापित किया जाना चाहिए।

उत्तर: जल शुद्धिकरण।

2. हमें अपने घरों के साधारण बल्बों को सीएफएल से क्यों बदलना चाहिए?

उत्तर: क्योंकि ये कम विद्युत का उपयोग करते हैं वह अधिक चलते हैं।

3.  कार्यस्थलों पर ऊर्जा की नियमित निगरानी व जाँच क्यों होनी चाहिए?

उत्तर: ऊर्जा संरक्षण को कम करने हेतु कार्यस्थलों पर ऊर्जा की नियमित निगरानी व जाँच होनी चाहिए।

4. कार पूल क्या है? और कार पूल पेट्रोल के संरक्षण में किस प्रकार सहायक है?

उत्तर: कार पूल, कार्यालय तक जाने के लिए कारों की साझेदारी है। अधिक पेट्रोल लगता है जब प्रत्येक व्यक्ति उसी स्थान पर जाने के लिए अपनी-अपनी कारों से जाते हैं।

पाठगत प्रश्न 31.3

1. सीएफएल का पूरा-पूरा नाम लिखें।

उत्तर: सीएफएल का पूरा-पूरा नाम है कॉम्पैक्ट फ्लोरसेन्ट लैम्प।

2. उस उपकरण का नाम लिखें  जो औरोविली, पाण्डिचेरी में वायु को एक ऊर्जा स्रोत की तरह प्रयोग करता है।

उत्तर: वायु पम्प जो औरोविली, पाण्डिचेरी में वायु को एक ऊर्जा स्रोत की तरह प्रयोग करता है।

3. एक ऊर्जा हितैषी शहर की संकल्पना क्या है?

उत्तर: ऊर्जा हितैषी शहर— एक शहर जिसका निर्माण पर्यावरण अनुकूल है तथा जिसके निवासी ऊर्जा संरक्षण हेतु उत्सुक हैं।

पाठगत प्रश्न 31.4

1. ऊर्जा जाँच की क्या भूमिका है?

उत्तर: ऊर्जा जाँच की भूमिका— औद्योगिक ऊर्जा खपत के नियंत्रण तथा क्षति के स्रोतों की पहचान हेतु व्यस्थित दृष्टिकोण।

2. निम्नलिखित प्रत्येक नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन की सीमा लिखियेः 

(i) पन बिजली (ii) भूतापीय ऊर्जा (iii) नाभिकीय ऊर्जा।

उत्तर: (i) पारिस्थितिकी तंत्र/मानव बस्ती विस्थापन/ पर्यावास की हानि/जैव विविधता की हानि/उच्च विकास लागत।

(ii) दुर्गंधमय H2S का निर्मुक्त होना/ जीर्णशीर्ण पाइपलाइन/विषाक्त खनिजों की उत्पत्ति।

(iii) नाभिकीय संयंत्र के निर्माण का काफी खर्चा/सुरक्षा एवं नाभिकीय दुर्घटनाओं का डर/नाभिकीय अपशिष्टों के सुरक्षित निपटान की समस्या।

3. निम्नलिखित प्रत्येक नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन का एक लाभ लिखो: (i) सौर (ii) बायोमास (iii) वायु।

उत्तर: (i) पर्यावरण अनुकूल, सस्ता, अविकसित तथा विकासशील देशों में अधिक प्रचलित।

(ii) प्रदूषण रहित, मुफ्त उपलब्ध।

पाठान्त प्रश्न

1. ऊर्जा संरक्षण क्या है और घरेलू स्तर पर इसे कैसे संरक्षित किया जा सकता है?

उत्तर: ऊर्जा संरक्षण का मतलब है ऊर्जा को समझदारी से इस्तेमाल करना ताकि बचत हो और पर्यावरण पर दबाव कम पड़े। घर में बिजली और उपकरणों का जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करना, ऊर्जा बचाने वाले बल्ब और उपकरण लगाना, सौर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल करना, घर को अच्छी तरह से इन्सुलेट करना और ऊर्जा-कुशल उपकरणों का प्रयोग करना जैसे सरल उपाय ऊर्जा बचाने में मदद कर सकते हैं।

2. भवन निर्माण के दौरान ऊर्जा संरक्षण कैसे संभव है? कुछ ऊर्जा कुशल भवनों को उदाहरण सहित समझाओ।

उत्तर: भवन बनाते समय ऊर्जा बचाने के लिए डिजाइन और निर्माण में सावधानी बरतनी चाहिए। इसके लिए घर की दीवार, छत और खिड़कियों को अच्छी तरह से इन्सुलेट करना, प्राकृतिक रोशनी और हवा का अधिकतम उपयोग करना, सौर पैनल और ऊर्जा बचाने वाले उपकरण लगाना, वर्षा जल का संचयन करना और हरित छत जैसी तकनीक अपनाना फायदेमंद होता है। उदाहरण के लिए, भारत में आईआईटी दिल्ली का सौर ऊर्जा भवन और टीसीएस हैदराबाद का हरित भवन ऐसे ऊर्जा-कुशल भवन हैं जो कम ऊर्जा में ज्यादा सुविधा देते हैं और पर्यावरण की सुरक्षा में मदद करते हैं।

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